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  • देश में बिजली की खपत ऑल टाइम हाई पर, रोज बन रहे नए रिकॉर्ड, नौतपा से पहले ऊर्जा व्यवस्था पर दबाव बढ़ा

    देश में बिजली की खपत ऑल टाइम हाई पर, रोज बन रहे नए रिकॉर्ड, नौतपा से पहले ऊर्जा व्यवस्था पर दबाव बढ़ा


    नई दिल्ली। देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी का असर अब बिजली व्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। लगातार बढ़ते तापमान के बीच बिजली की मांग रोज नए रिकॉर्ड बना रही है और स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि इस बार मांग सरकारी अनुमान से भी आगे निकल गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, क्योंकि अभी नौतपा की शुरुआत होना बाकी है, जिसे साल का सबसे गर्म दौर माना जाता है।

    गुरुवार को देश में बिजली की अधिकतम मांग 270 गीगावॉट के आंकड़े को पार करते हुए 270.82 गीगावॉट तक पहुंच गई। यह पहली बार है जब बिजली की खपत सरकार द्वारा लगाए गए अनुमान से ऊपर चली गई है। इससे पहले ऊर्जा मंत्रालय ने इस गर्मी में अधिकतम मांग 270 गीगावॉट तक रहने का अनुमान जताया था, लेकिन लगातार बढ़ती गर्मी और एयर कंडीशनर, कूलर व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के अधिक इस्तेमाल ने खपत को और ऊपर पहुंचा दिया।

    पिछले चार दिनों से बिजली की मांग लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। सोमवार को जहां मांग 257 गीगावॉट से अधिक दर्ज की गई थी, वहीं मंगलवार और बुधवार को भी इसमें लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली। गुरुवार को यह अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई, जिसने ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और विभागों की चिंता बढ़ा दी है।

    देश के कई हिस्सों में तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में गर्म हवाओं और तेज धूप ने लोगों का जीवन प्रभावित कर दिया है। इसी वजह से घरों, दफ्तरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बिजली की खपत तेजी से बढ़ रही है। दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी कम नहीं होने के कारण कूलिंग उपकरण लगातार चल रहे हैं, जिससे बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि असली चुनौती अभी बाकी है, क्योंकि नौतपा की शुरुआत 25 मई से होने जा रही है। यह वह अवधि होती है जब सूर्य की तीव्रता अपने चरम पर पहुंच जाती है और देश के कई हिस्सों में लू का प्रकोप बढ़ जाता है। ऐसे में आने वाले दिनों में बिजली की मांग और अधिक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

    ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान समय में बिजली आपूर्ति का सबसे बड़ा हिस्सा थर्मल पावर से आ रहा है, जबकि सौर, पवन और जल विद्युत भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। सरकार और ऊर्जा एजेंसियां लगातार आपूर्ति की निगरानी कर रही हैं ताकि बढ़ती मांग के बीच किसी प्रकार की बड़ी समस्या उत्पन्न न हो।

    हालांकि अभी तक देशभर में मांग के अनुसार बिजली आपूर्ति बनाए रखने का दावा किया जा रहा है, लेकिन लगातार बढ़ते लोड ने आने वाले दिनों के लिए चिंता बढ़ा दी है। यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो ऊर्जा क्षेत्र पर दबाव और अधिक बढ़ सकता है। फिलहाल पूरे देश की नजर इस बात पर टिकी है कि नौतपा के दौरान बिजली व्यवस्था इस रिकॉर्डतोड़ मांग को कितनी प्रभावी तरीके से संभाल पाती है।

  • एसी का तापमान 26 डिग्री सेट करने पर बिजली बिल में 30 फीसदी तक की कमी..

    एसी का तापमान 26 डिग्री सेट करने पर बिजली बिल में 30 फीसदी तक की कमी..


    भोपाल : गर्मी में बिजली की खपत बढ़ने से बिजली बिल अधिक आता है, लेकिन कुछ तरीके अपना कर बिजली बिल में कमी की जा सकती है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि एक शोध से यह साबित हुआ है कि एसी का तापमान 26 डिग्री पर सेट करने से बिजली बिल में 30 प्रतिशत तक कमी हो सकती है। शोध के अनुसार, प्रत्येक डिग्री तापमान में वृद्धि के परिणामस्वरूप स्प्लिट एसी की ऊर्जा खपत में 6 प्रतिशत की कमी आती है।

    मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अनुसार गर्मियों के दौरान एयर कंडीशनर के लगातार चलने के कारण बिजली का बिल चिंता का एक बड़ा कारण है। लेकिन एयर कंडीशनर का समझदारी से उपयोग करके आप इसे काफी हद तक कम कर सकते हैं। विद्युत वितरण कंपनी के द्वारा जारी सुझावों में सबसे महत्वपूर्ण है कि एसी को ऊंचे लेकिन आरामदायक तापमान पर चलाना चाहिए। विभिन्न एजेंसियों के शोधों से साबित हुआ है कि एसी के तापमान को 26 डिग्री सेल्सियस पर सेट करने से बिजली के बिल को 30 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है।

    दरसअल कमरे को तुरंत ठंडा करने के लिए तापमान को 18 डिग्री तक कम करना एक आम गलतफहमी है। जबकि 26 डिग्री सेल्सियस तक कम करने में लगने वाला समय वही रहता है, चाहे आप एसी का तापमान 18 या 26 डिग्री सेल्सियस पर सेट करें। जब आप कम तापमान सेट करते हैं, तो कमरे के तापमान को कम करने के लिए कंप्रेसर को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। इसके परिणामस्वरूप अधिक बिल आता है। यहां तक कि अगर आप थर्मोस्टेट को 18 डिग्री पर सेट करने के बाद कुछ मिनटों के भीतर एसी बंद कर देते हैं, तो विभिन्न लीक के माध्यम से ठंडी हवा के फैलने से तापमान तेजी से बढ़ जाएगा, जिससे आपका प्रयास व्यर्थ हो जाएगा।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आप थर्मोस्टेट को 26 डिग्री सेल्सियस पर सेट करते हैं और टाइमर को 2 घंटे के लिए सेट करते हैं और साथ में सीलिंग फैन चला देते हैं, तो यह आमतौर पर अच्छी नींद के लिए आरामदायक तापमान बनाए रखता है। इसलिए समझदारी से काम लेते हुए एसी को 26 डिग्री पर सेट करें तथा सीलिंग फैन एक या दो पाइंट पर जरूर चलाएं, ऐसा करने से बिजली बिल में कमी आ सकती है।