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  • शिकायतों पर नहीं हुई सुनवाई, सड़क पर उतरीं छात्राएं तो दौड़ी बिजली कंपनी

    शिकायतों पर नहीं हुई सुनवाई, सड़क पर उतरीं छात्राएं तो दौड़ी बिजली कंपनी


    शिवपुरी। शिवपुरी जिले के पिछोर कस्बे की पाल कॉलोनी में चार दिनों तक बिजली आपूर्ति ठप रहने से लोगों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। लगातार शिकायतों और अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो कॉलोनी की छात्राएं सड़क पर उतर आईं। गुरुवार रात बिजली वितरण कंपनी के कार्यालय के सामने उन्होंने चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। करीब आधे घंटे तक मुख्य मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा और जैसे ही मामला प्रशासन तक पहुंचा बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी हरकत में आ गए। इसके बाद टूटी हुई बिजली लाइन की मरम्मत का काम शुरू किया गया और बिजली बहाल करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई।

    जानकारी के अनुसार पाल कॉलोनी की घरेलू बिजली लाइन टूट जाने के कारण पूरे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति पिछले चार दिनों से बंद थी। लगातार अंधेरे में रहने से लोगों को पीने के पानी घरेलू कामकाज और गर्मी से राहत पाने जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा था। सबसे ज्यादा परेशानी उन छात्राओं को हो रही थी जो परीक्षा और नियमित पढ़ाई की तैयारी कर रही थीं। बिजली नहीं होने के कारण रात में पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही थी और मोबाइल फोन तक चार्ज नहीं हो पा रहे थे जिससे ऑनलाइन पढ़ाई और जरूरी संपर्क भी बाधित हो रहे थे।

    प्रदर्शन में शामिल छात्राओं ने बताया कि वे समय पर बिजली बिल जमा करती हैं लेकिन इसके बावजूद विभाग उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा था। उन्होंने कई बार बिजली वितरण कंपनी के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई और जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों को फोन भी किए लेकिन किसी ने समस्या का समाधान नहीं किया। उनका आरोप था कि कई अधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे थे और शिकायतों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा था। इसी उपेक्षा से नाराज होकर छात्राओं ने सामूहिक रूप से विरोध प्रदर्शन करने का फैसला लिया।

    गुरुवार रात प्रियंका लोधी सहित दर्जनभर छात्राएं बिजली कंपनी के कार्यालय पहुंचीं और मुख्य मार्ग पर बैठकर चक्काजाम शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने साफ कहा कि जब तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होगी तब तक वे सड़क से नहीं हटेंगी। अचानक हुए प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और करीब आधे घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों ने भी छात्राओं की मांगों का समर्थन करते हुए विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

    स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन भी सक्रिय हो गया। एसडीएम ममता शाक्य के निर्देश पर पुलिस और बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने छात्राओं से बातचीत कर उन्हें जल्द समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया। इसके साथ ही बिजली कर्मचारियों ने तत्काल टूटी लाइन की मरम्मत का काम शुरू कर दिया। जैसे ही मरम्मत कार्य शुरू हुआ छात्राओं ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि विभाग ने शुरुआती शिकायतों पर ही कार्रवाई कर दी होती तो लोगों को चार दिनों तक अंधेरे में नहीं रहना पड़ता और सड़क पर उतरकर विरोध करने की नौबत भी नहीं आती। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आम लोगों की समस्याओं का समाधान आखिर शिकायतों से होगा या फिर प्रदर्शन के बाद ही प्रशासन और विभाग जागेंगे।

  • सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को मिली रफ्तार: उज्जैन में बन रहे 4 नए सबस्टेशन, 750 मेगावाट बिजली आपूर्ति का लक्ष्य

    सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को मिली रफ्तार: उज्जैन में बन रहे 4 नए सबस्टेशन, 750 मेगावाट बिजली आपूर्ति का लक्ष्य

    मध्यप्रदेश । उज्जैन शुक्रवार को एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय ऊर्जा एवं आवास-शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर शहर के दौरे पर पहुंचेंगे। दोनों नेता विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ-साथ राज्य की महत्वपूर्ण विकास और जनकल्याण योजनाओं की समीक्षा भी करेंगे।

    जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ओंकारेश्वर दौरे के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद इंदौर एयरपोर्ट पर उन्हें विदाई देंगे। इसके बाद वे केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ इंदौर में निर्धारित कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और वहां से उज्जैन के लिए रवाना होंगे। दोनों नेताओं के शाम करीब 4:30 बजे उज्जैन पहुंचने की संभावना है।

    उज्जैन पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। कार्यक्रमों में कपिला गौशाला का दौरा भी प्रस्तावित माना जा रहा है। प्रशासन ने दोनों नेताओं के दौरे को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए हैं।

    दौरे का मुख्य केंद्र प्रशासनिक संकुल भवन में आयोजित होने वाली दो महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय समीक्षा बैठकें रहेंगी। पहली बैठक शाम 6 बजे आयोजित होगी, जिसमें स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रदेश में चल रहे कार्यों और उपलब्धियों की समीक्षा की जाएगी। बैठक में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता से जुड़े विभिन्न प्रोजेक्ट्स, कचरा प्रबंधन, साफ-सफाई अभियान और जनभागीदारी के प्रयासों पर चर्चा की जाएगी।

    इसके बाद दूसरी बैठक पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) को लेकर होगी। इस बैठक में प्रदेश में बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाने, बिजली नुकसान कम करने, अधोसंरचना विकास और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने से जुड़े कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा। ऊर्जा क्षेत्र की इस महत्वपूर्ण योजना की समीक्षा में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।

    केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की मौजूदगी को देखते हुए इन बैठकों को विशेष महत्व दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि दोनों नेता प्रदेश में चल रही प्रमुख योजनाओं की प्रगति का आकलन करने के साथ आगामी कार्ययोजनाओं पर भी चर्चा करेंगे।

    उज्जैन में होने वाली ये बैठकें न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि प्रदेश में स्वच्छता, शहरी विकास और ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं को गति देने की दिशा में भी अहम मानी जा रही हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि इन बैठकों से कई परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नई दिशा तय होगी।

  • मंदसौर में स्मार्ट मीटरों के खिलाफ फूटा जनाक्रोश, ढाई घंटे प्रदर्शन के बाद विभाग को सौंपा ज्ञापन

    मंदसौर में स्मार्ट मीटरों के खिलाफ फूटा जनाक्रोश, ढाई घंटे प्रदर्शन के बाद विभाग को सौंपा ज्ञापन


    मध्य प्रदेश । मंदसौर में स्मार्ट मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं का असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है। बुधवार को शहर के सरदार वल्लभभाई पटेल चौराहे पर बड़ी संख्या में नागरिकों, किसानों, व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों ने स्मार्ट मीटरों के विरोध में करीब ढाई घंटे तक प्रदर्शन किया। दोपहर 12:15 बजे शुरू हुआ यह प्रदर्शन लगभग 2:30 बजे तक चला, जिसमें लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी जताते हुए अपनी विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।

    प्रदर्शन का नेतृत्व जिला पंचायत सदस्य दीपक सिंह गुर्जर ने किया। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि स्मार्ट मीटरों की स्थापना के बाद क्षेत्र के अनेक उपभोक्ताओं को बढ़े हुए बिजली बिलों का सामना करना पड़ रहा है। आम लोगों की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का संतोषजनक समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई तो लोगों का आक्रोश और बढ़ सकता है।

    प्रदर्शनकारियों का सबसे बड़ा आरोप यह था कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि देखने को मिली है। उपभोक्ताओं का कहना है कि उनकी बिजली खपत में कोई विशेष बढ़ोतरी नहीं हुई, फिर भी बिल पहले की तुलना में काफी अधिक आ रहे हैं। इससे मध्यमवर्गीय परिवारों, किसानों और छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। लोगों ने मांग की कि ऐसे सभी मामलों की जांच कर बिलों का पुनर्मूल्यांकन किया जाए और जहां आवश्यक हो, वहां संशोधित बिल जारी किए जाएं।

    स्मार्ट मीटरों की कार्यप्रणाली को लेकर भी लोगों ने सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मीटर रीडिंग, पल्स रेट और बिल तैयार करने की प्रक्रिया को लेकर उपभोक्ताओं के बीच पर्याप्त जानकारी नहीं है। पारदर्शिता के अभाव में लोगों के मन में भ्रम और अविश्वास की स्थिति बन रही है। कई उपभोक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि बिना पूर्व सूचना उनके बिजली कनेक्शन काट दिए गए, जिससे उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ा।

    प्रदर्शन के दौरान सोलर ऊर्जा उपभोक्ताओं की समस्याएं भी प्रमुखता से उठाई गईं। दीपक सिंह गुर्जर ने कहा कि कई लोगों ने लाखों रुपये खर्च कर सोलर प्लांट स्थापित किए हैं, लेकिन इसके बावजूद उनके हजारों रुपये के बिजली बिल आ रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि यदि सोलर ऊर्जा अपनाने के बाद भी राहत नहीं मिल रही, तो ऐसी योजनाओं का लाभ आम उपभोक्ताओं को कैसे मिलेगा।

    प्रदर्शनकारियों ने स्मार्ट मीटरों को हटाकर पुराने मीटर दोबारा लगाने की मांग भी की। उनका कहना था कि वर्तमान व्यवस्था लोगों को सुविधा देने के बजाय नई परेशानियां खड़ी कर रही है। साथ ही बिजली बिल जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाने और शिकायतों के निपटारे के लिए विशेष व्यवस्था बनाने की मांग भी रखी गई।

    प्रदर्शन के बाद विद्युत विभाग के अधिकारियों ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया कि बिजली बिल जमा करने की अंतिम तिथि 18 जून से बढ़ाकर 30 जून कर दी गई है। इसके अलावा 30 जून से पहले एक विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें उपभोक्ता अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। विभाग ने भरोसा दिलाया कि जांच के बाद आवश्यक होने पर बिलों में संशोधन भी किया जाएगा।

    हालांकि प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 30 जून तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। ऐसे में अब सभी की निगाहें विभाग द्वारा किए जाने वाले सुधारात्मक कदमों पर टिकी हुई हैं।

  • दमोह में बिजली बकायेदारों पर सख्ती, विभाग ने शुरू की कुर्की और जब्ती की कार्रवाई

    दमोह में बिजली बकायेदारों पर सख्ती, विभाग ने शुरू की कुर्की और जब्ती की कार्रवाई


    दमोह । दमोह शहर में बिजली बिल बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ बिजली विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग के अनुसार शहर में लगभग 7 हजार उपभोक्ताओं पर करीब 4 करोड़ 68 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया है, जिसे वसूलने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
    बिजली विभाग द्वारा कनेक्शन काटने की कार्रवाई के बावजूद कई उपभोक्ता अवैध रूप से बिजली का उपयोग करते पाए गए हैं। ऐसे मामलों में विभाग ने सख्ती दिखाते हुए चार नामजद आरोपियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कर जांच के लिए मामला सौंपा है। ये आरोपी अवैध रूप से लाइन से छेड़छाड़ कर बिजली का उपयोग कर रहे थे।
    विभाग ने बकाया राशि जमा न करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 146 एवं 147 के तहत आरआरसी नोटिस जारी कर कुर्की की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।इसी क्रम में अधीक्षण अभियंता के निर्देशन में 24 अप्रैल को विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान फीडर नंबर 24 में कार्रवाई करते हुए शिवशक्ति मंदिर के पास रहने वाली माया/देवेंद्र जाटव, जिन पर 64 हजार रुपये बकाया था, तथा मल्लपुरा नया बाजार क्षेत्र के निवासी दयाशंकर/डल्लू प्रसाद अहिरवार, जिन पर 42,178 रुपये बकाया था, के दो वाहनों को जब्त किया गया।
    अधीक्षण अभियंता ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और बकाया भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं की संपत्ति कुर्क कर नीलामी तक की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि सहायक अभियंताओं को तहसीलदार की शक्तियां प्रदान की गई हैं, जिससे राजस्व वसूली की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
    अपील:
    बिजली विभाग ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने लंबित बिजली बिलों का शीघ्र भुगतान करें, अन्यथा उन्हें सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

  • सीहोर में बिजली चोरी पकड़ते ही भड़का उपभोक्ता, स्मार्ट मीटर उखाड़कर तोड़ा; विभागीय टीम से बदसलूकी का वीडियो वायरल

    सीहोर में बिजली चोरी पकड़ते ही भड़का उपभोक्ता, स्मार्ट मीटर उखाड़कर तोड़ा; विभागीय टीम से बदसलूकी का वीडियो वायरल


    सीहोर । मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची विद्युत विभाग की टीम पर हमला और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। रूटीन चेकिंग के दौरान जब टीम ने एक उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़ कर बिजली चोरी करते पकड़ा तो आरोपी ने आपा खो दिया और साक्ष्य मिटाने के इरादे से मीटर ही उखाड़कर फेंक दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    जानकारी के अनुसार विद्युत विभाग की टीम क्षेत्र में स्मार्ट मीटर की निगरानी और नियमित जांच के लिए पहुंची थी। इसी दौरान एक मकान में लगे स्मार्ट मीटर में संदिग्ध गतिविधि पाई गई। तकनीकी जांच में मीटर से छेड़छाड़ कर अवैध रूप से बिजली उपयोग करने के संकेत मिले। टीम ने जैसे ही कार्रवाई शुरू की संबंधित उपभोक्ता भड़क उठा।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरोपी ने पहले टीम की कार्रवाई का विरोध किया और फिर दीवार पर लगे स्मार्ट मीटर को जबरन उखाड़कर जमीन पर पटक दिया जिससे वह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बताया जा रहा है कि यह कदम कथित रूप से चोरी के साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उठाया गया। इसके बाद आरोपी ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें ड्यूटी करने से रोकने की कोशिश की।

    घटना के दौरान वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया। वायरल वीडियो में आरोपी को आक्रामक रवैये में देखा जा सकता है जबकि विभागीय कर्मचारी स्थिति संभालने का प्रयास करते नजर आते हैं। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है।

    विद्युत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर सरकारी संपत्ति है और उसे नुकसान पहुंचाना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। साथ ही ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के साथ बदसलूकी और कार्य में बाधा डालना भी दंडनीय है। विभाग द्वारा संबंधित उपभोक्ता के खिलाफ बिजली अधिनियम की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।

    अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी तरह की दबंगई या विरोध के बावजूद कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे। वहीं स्थानीय पुलिस से भी संपर्क कर मामले में कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही गई है।

    यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि बिजली चोरी रोकने की कार्रवाई के दौरान विभागीय कर्मचारियों को किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। फिलहाल वायरल वीडियो को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित किया गया है और पूरे मामले की जांच जारी है।

  • जन्मदिन की पार्टी बनी जानलेवा: नशे में युवक ने चढ़ा हाईटेंशन लाइन टावर, घंटों तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

    जन्मदिन की पार्टी बनी जानलेवा: नशे में युवक ने चढ़ा हाईटेंशन लाइन टावर, घंटों तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन


    अनूपपुर । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के राजेन्द्रग्राम थाना क्षेत्र स्थित ग्राम दूधमनिया में एक युवक के जन्मदिन की पार्टी ने जानलेवा मोड़ ले लिया। शराब के नशे में धुत होकर युवक हाईटेंशन लाइन के टावर पर चढ़ गया, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया। यह घटना उस वक्त हुई जब युवक अपने रिश्तेदार के यहां जन्मदिन मनाने गया था और अत्यधिक शराब सेवन के बाद उसने पास ही गुजर रही हाईटेंशन लाइन के टावर पर चढ़ने की साहसिक, लेकिन खतरनाक हरकत कर दी।

    युवक इतनी ऊंचाई तक पहुंच गया कि नीचे उतरने से इंकार कर दिया। इस घटना को देखकर गांववाले घबराए और तुरंत डायल 112 पर सूचना दी। जैसे ही पुलिस को खबर मिली, राजेन्द्रग्राम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं उतरा। स्थिति गंभीर होते देख पुलिस ने विद्युत विभाग से संपर्क किया और हाईटेंशन लाइन की सप्लाई बंद कराई। इसके बाद रेस्क्यू टीम को बुलाया गया।

    घंटों की कड़ी मशक्कत और रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतारा गया। अंत में युवक को समझाइश देने के बाद उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया।घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पुलिस और प्रशासन की तत्परता से जान बचाई जा सकी, लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया कि नशे में युवकों को किसी भी तरह की जोखिम से बचाना कितना जरूरी है।

  • सीहोर में बिजली विभाग ने कबूतर का रेस्क्यू किया हाई टेंशन तारों में फंसा था पक्षी

    सीहोर में बिजली विभाग ने कबूतर का रेस्क्यू किया हाई टेंशन तारों में फंसा था पक्षी



    सीहोर ।
    सीहोर शहर की ब्रह्मपुरी कॉलोनी में बिजली विभाग के कर्मचारियों ने एक अद्वितीय मानवता का उदाहरण पेश करते हुए हाई टेंशन लाइन में फंसे कबूतर की जान बचाई। यह घटना तब हुई जब बच्चों की पतंग के धागे में उलझकर एक कबूतर हाई टेंशन तारों में फंस गया। इस कारण उसकी जान को गंभीर खतरा था लेकिन बिजली विभाग की टीम ने तत्परता और सावधानी से इस पक्षी को बचाया और एक मिसाल कायम की।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कबूतर तारों में फंसा हुआ तड़प रहा था और उसकी स्थिति बेहद खतरनाक थी। नीचे खड़े लोग पक्षी को बचाना चाहते थे लेकिन हाई टेंशन लाइनों के कारण वे उसे छूने की हिम्मत नहीं कर पा रहे थे। यह स्थिति एक गंभीर संकट का रूप ले चुकी थी क्योंकि यदि समय रहते कोई कदम नहीं उठाया गया तो पक्षी की जान जा सकती थी।

    इसी दौरान एक जागरूक नागरिक ने इस मामले की सूचना बिजली विभाग को दी। सूचना मिलते ही विभाग की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सबसे पहले कर्मचारियों ने इलाके की बिजली सप्लाई बंद करवाई ताकि किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रिक शॉक लगने से कबूतर को नुकसान न पहुंचे।

    इसके बाद कर्मचारियों ने पूरी सावधानी के साथ उच्च दबाव वाली तारों में उलझे पतंग के धागे को हटाया और कबूतर को सुरक्षित रूप से तारों से बाहर निकाला। इस पूरी प्रक्रिया में कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर यह काम किया क्योंकि हाई टेंशन तारों से छेड़छाड़ करना अत्यधिक खतरनाक हो सकता था।

    कबूतर को सुरक्षित बाहर निकाले जाने के बाद आसपास खड़े लोग राहत की सांस लेकर बिजली विभाग के कर्मचारियों की सराहना करने लगे। यह घटना न केवल एक अद्वितीय रेस्क्यू ऑपरेशन को दर्शाती है बल्कि यह भी साबित करती है कि छोटे प्रयास जब संवेदनशीलता और जिम्मेदारी से किए जाते हैं तो किसी की जान को बचाने में मदद कर सकते हैं।

    बिजली विभाग के कर्मचारियों ने यह दिखाया कि अगर हम सभी संवेदनशील और जागरूक रहें तो समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। इस घटना के बाद लोग इसे एक महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में याद करेंगे और यह साबित करेगा कि एक छोटे से प्रयास से हम किसी की जान बचा सकते हैं। यह घटना एक बार फिर से यह स्पष्ट करती है कि समाज में मानवता और जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित करना बेहद आवश्यक है ताकि किसी भी संकट का सामना करने में हम सक्षम हो सकें।