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  • मौसम साफ फिर भी शहर अंधेरे में डूबा, MPEB ऑफिस बंद मिला

    मौसम साफ फिर भी शहर अंधेरे में डूबा, MPEB ऑफिस बंद मिला


    नई दिल्ली । रीवा शहर में गुरुवार रात बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। नौतपा की भीषण गर्मी और करीब 44 डिग्री तापमान के बीच घंटों बिजली गुल रहने से लोगों की रात भारी परेशानी में गुजरी। हालात इतने खराब रहे कि नगर निगम अध्यक्ष व्यंकटेश पांडेय के बंगले और उनके मोहल्ले तक में रात 10 बजे से गई बिजली सुबह तक वापस नहीं आई। उमस और गर्मी से परेशान लोग पूरी रात छतों, गलियों और सड़कों पर समय बिताने को मजबूर हो गए। खास बात यह रही कि शहर में कहीं भी आंधी या तूफान जैसी स्थिति नहीं थी, फिर भी बिजली आपूर्ति ठप रही।

    शहर के पड़रा, समान, ढेकहा, अमहिया, सिरमौर चौराहा, बिछिया, विश्वविद्यालय रोड और पुरानी बस्ती सहित कई इलाकों में या तो बार-बार ट्रिपिंग होती रही या पूरी रात बिजली सप्लाई बहाल ही नहीं हो सकी। लगातार कटौती के कारण लोगों के घरों में लगे इन्वर्टर भी जवाब दे गए। बिजली नहीं होने से पानी की मोटरें बंद रहीं और सुबह तक कई इलाकों में जल संकट की स्थिति बन गई। लोगों को पीने के पानी तक के लिए परेशान होना पड़ा।

    बिजली संकट के बीच विद्युत विभाग का रवैया भी लोगों के गुस्से का कारण बना। उपभोक्ता लगातार हेल्पलाइन नंबर पर फोन करते रहे, लेकिन वहां से सिर्फ संबंधित जेई से संपर्क करने की सलाह दी जाती रही। लोगों का आरोप है कि संबंधित जूनियर इंजीनियर का मोबाइल पूरी रात स्विच ऑफ रहा। रात करीब 12 बजे जब मीडिया टीम ने MPEB कार्यालय का जायजा लिया तो वहां ताला लगा मिला। मौके पर कोई जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं था। इससे नाराज लोग दफ्तर के बाहर ही विभागीय अधिकारियों के खिलाफ गुस्सा जाहिर करते नजर आए।

    स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। समान निवासी राजेश तिवारी ने बताया कि भीषण गर्मी के कारण पूरा परिवार रातभर छत पर बैठा रहा। अमहिया निवासी पूजा मिश्रा ने कहा कि उमस से छोटे बच्चे पूरी रात रोते रहे, लेकिन बिजली बहाल नहीं हुई। ढेकहा के मोहम्मद आरिफ का कहना है कि नौतपा जैसी स्थिति में इतनी लंबी बिजली कटौती लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। वहीं बिछिया निवासी संगीता पटेल ने बताया कि रातभर बिजली न होने के कारण सुबह पानी की मोटर नहीं चल सकी और घरों में पानी खत्म हो गया।

    अब तक इस पूरे मामले में बिजली विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। दूसरी तरफ नागरिकों का कहना है कि जब नगर निगम अध्यक्ष के इलाके तक में पूरी रात अंधेरा छाया रहा, तो आम लोगों की परेशानी का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। शहरवासियों ने बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

  • शाजापुर के काशी नगर में ट्रांसफार्मर में आग, इलाके की बिजली गुल

    शाजापुर के काशी नगर में ट्रांसफार्मर में आग, इलाके की बिजली गुल


    मध्यप्रदेश । शाजापुर जिले के काशी नगर क्षेत्र में बुधवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पुलिस लाइन के पास मुख्य मार्ग पर लगे एक ट्रांसफार्मर में अचानक आग लग गई। रात करीब 10:30 बजे ट्रांसफार्मर से पहले चिंगारियां निकलती दिखाई दीं और देखते ही देखते उसमें भीषण आग भड़क उठी। घटना के बाद आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया और लोग घरों से बाहर निकल आए।

    स्थानीय लोगों ने तुरंत बिजली कंपनी और प्रशासन को सूचना दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विद्युत विभाग ने तत्काल इलाके की बिजली सप्लाई बंद कर दी, ताकि कोई बड़ा हादसा न हो सके। इसके बाद कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और ट्रांसफार्मर सुधार का काम शुरू किया।

    घटना के बाद क्षेत्र में देर रात तक बिजली गुल रही, जिससे भीषण गर्मी के बीच लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। गर्मी और उमस के कारण लोग घरों में बेचैन नजर आए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि काशी नगर इलाके में ट्रांसफार्मर पर लगातार क्षमता से अधिक लोड डाला जा रहा है, जिसकी वजह से इस तरह की घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं।

    रहवासियों के अनुसार, यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले सोमवार को भी विजयनगर इलाके में एक डीपी जलने की घटना सामने आई थी। लगातार ट्रांसफार्मर जलने से लोगों में बिजली व्यवस्था को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि हर बार अस्थायी मरम्मत कर दी जाती है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा।

    भीषण गर्मी के इस दौर में बिजली की बढ़ती मांग के कारण ट्रांसफार्मरों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। एसी, कूलर और पंखों के अधिक इस्तेमाल से विद्युत लोड क्षमता से ज्यादा पहुंच रहा है, जिससे ट्रांसफार्मर गर्म होकर फुंक रहे हैं। इसका असर शहर की बिजली व्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है।

    स्थानीय लोगों ने बिजली कंपनी से मांग की है कि क्षेत्र में अधिक क्षमता वाले नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएं और पुराने उपकरणों का समय पर रखरखाव किया जाए। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में और बड़े हादसे हो सकते हैं।

    घटना के बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों ने देर रात तक सुधार कार्य जारी रखा। विभाग की ओर से आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही ट्रांसफार्मर को पूरी तरह ठीक कर बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।

    गर्मी के इस मौसम में लगातार सामने आ रही ट्रांसफार्मर जलने की घटनाओं ने बिजली व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में अब लोगों को प्रशासन और बिजली कंपनी से स्थायी समाधान की उम्मीद है, ताकि बार-बार होने वाली इन घटनाओं से राहत मिल सके।