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  • सीहोर में बिजली विभाग ने कबूतर का रेस्क्यू किया हाई टेंशन तारों में फंसा था पक्षी

    सीहोर में बिजली विभाग ने कबूतर का रेस्क्यू किया हाई टेंशन तारों में फंसा था पक्षी



    सीहोर ।
    सीहोर शहर की ब्रह्मपुरी कॉलोनी में बिजली विभाग के कर्मचारियों ने एक अद्वितीय मानवता का उदाहरण पेश करते हुए हाई टेंशन लाइन में फंसे कबूतर की जान बचाई। यह घटना तब हुई जब बच्चों की पतंग के धागे में उलझकर एक कबूतर हाई टेंशन तारों में फंस गया। इस कारण उसकी जान को गंभीर खतरा था लेकिन बिजली विभाग की टीम ने तत्परता और सावधानी से इस पक्षी को बचाया और एक मिसाल कायम की।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कबूतर तारों में फंसा हुआ तड़प रहा था और उसकी स्थिति बेहद खतरनाक थी। नीचे खड़े लोग पक्षी को बचाना चाहते थे लेकिन हाई टेंशन लाइनों के कारण वे उसे छूने की हिम्मत नहीं कर पा रहे थे। यह स्थिति एक गंभीर संकट का रूप ले चुकी थी क्योंकि यदि समय रहते कोई कदम नहीं उठाया गया तो पक्षी की जान जा सकती थी।

    इसी दौरान एक जागरूक नागरिक ने इस मामले की सूचना बिजली विभाग को दी। सूचना मिलते ही विभाग की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सबसे पहले कर्मचारियों ने इलाके की बिजली सप्लाई बंद करवाई ताकि किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रिक शॉक लगने से कबूतर को नुकसान न पहुंचे।

    इसके बाद कर्मचारियों ने पूरी सावधानी के साथ उच्च दबाव वाली तारों में उलझे पतंग के धागे को हटाया और कबूतर को सुरक्षित रूप से तारों से बाहर निकाला। इस पूरी प्रक्रिया में कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर यह काम किया क्योंकि हाई टेंशन तारों से छेड़छाड़ करना अत्यधिक खतरनाक हो सकता था।

    कबूतर को सुरक्षित बाहर निकाले जाने के बाद आसपास खड़े लोग राहत की सांस लेकर बिजली विभाग के कर्मचारियों की सराहना करने लगे। यह घटना न केवल एक अद्वितीय रेस्क्यू ऑपरेशन को दर्शाती है बल्कि यह भी साबित करती है कि छोटे प्रयास जब संवेदनशीलता और जिम्मेदारी से किए जाते हैं तो किसी की जान को बचाने में मदद कर सकते हैं।

    बिजली विभाग के कर्मचारियों ने यह दिखाया कि अगर हम सभी संवेदनशील और जागरूक रहें तो समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। इस घटना के बाद लोग इसे एक महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में याद करेंगे और यह साबित करेगा कि एक छोटे से प्रयास से हम किसी की जान बचा सकते हैं। यह घटना एक बार फिर से यह स्पष्ट करती है कि समाज में मानवता और जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित करना बेहद आवश्यक है ताकि किसी भी संकट का सामना करने में हम सक्षम हो सकें।

  • राज्यपाल श्री पटेल ने की जनमन अभियान की समीक्षा, दवा वितरण और बिजली आपूर्ति पर दिए निर्देश

    राज्यपाल श्री पटेल ने की जनमन अभियान की समीक्षा, दवा वितरण और बिजली आपूर्ति पर दिए निर्देश

    मध्य प्रदेश /राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा वितरित किए जाने वाली दवा की मात्रा मोबाइल यूनिट रूट चार्ट के अनुसार की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि रोगी को दवा की आवश्यकता और मेडिकल यूनिट के पुन: आगमन की अवधि की गणना के अनुसार दवा का वितरण होना चाहिए, जिससे यूनिट के दोबारा आने तक रोगी के पास दवा की उपलब्धता बनी रहे। राज्यपाल श्री पटेल शुक्रवार को लोक भवन में जनजातीय प्रकोष्ठ की पीएम जनमन योजना की समीक्षा बैठक में जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री दीपक खांडेकर एवं अन्य सदस्य भी मौजूद थे।

    राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि जनमन योजना के तहत हितग्राहियों को मिले आवास में विद्युत कनेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। आवास वार विद्युत कनेक्शनों की उपलब्धता की जानकारी संकलित कर, जिन घरों में विद्युत कनेक्शन नहीं है, उनको चिह्नित किया जाए। विद्युत कनेक्शन कराने की व्यवस्था की जाए। राज्यपाल श्री पटेल को बताया गया कि लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जनमन योजना अंतर्गत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा 9 लाख 52 हजार से अधिक रोगियों का पंजीकरण किया गया है। इनमें 4 लाख 75 हजार 375 पी.व्ही.टी.जी. हितग्राही और 4 लाख 76 हजार 647 अन्य हितग्राही शामिल हैं। यूनिट द्वारा 95 हजार 360 सिकल सेल और 15 हजार 811 की टी.बी. स्क्रीनिंग की गई। 7 लाख से अधिक रोगियों की डायग्नोस्टिक जाँच भी की है।

    बैठक में बताया गया है कि पीएम जनमन योजना, प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक प्रदेश के 24 जिलों में संचालित है। योजना के तहत पी.व्ही.टी.जी. की 6 हजार से अधिक बसाहटों के 13 लाख 43 हजार से अधिक पी.व्ही.टी.जी. आबादी को लाभान्वित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गतहितग्राही मूलक सात योजनाओं आधार कार्ड, जनधन बैंक खाता, आयुष्मान भारत, जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिटकार्ड,पीएम किसान सम्मान निधि और राशन कार्ड में सैचुरेशन की स्थिति है। कुल 1 लाख 30 हजार 521 प्रधानमंत्री आवास पूर्ण हो गए है। मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा वर्तमान में 147 समूह जल प्रदाय योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।पीएम जनमन कार्यक्रम के अंतर्गत 48 समूह जल प्रदाय योजनाओं में से अनूपपुर एवं बालाघाट जिले की योजनाओं का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।

    संचालन एवं संधारण के शेष कार्यों को समय सीमा में पूर्ण कर लिया जायेगा। दतिया, कटनी, सिवनी एवं उमरिया जिले की 6 योजनाओं के कार्य लगभग पूर्ण हो चुके है। शेष कार्य समय सीमा में पूर्ण किये जाने के कार्य प्रगतिरत है। बैठक में हर घर नल से जल, बहुउद्देशीय केन्द्र, आंगनवाड़ी निर्माण, छात्रावास, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क, हर घर बिजली, हर घर बिजली-ऑफ ग्रिड, वनधन विकास केन्द्र और मोबाइल नेटवर्क कार्यों की प्रगति की जानकारी दी है। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य विभाग श्री गुलशन बामरा, आयुक्त एवं संचालक, जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजना श्री सतेन्द्र सिंह राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।