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  • हाईटेक सिस्टम फेल? शहडोल में खुलेआम बिजली चोरी, ईमानदार उपभोक्ता परेशान..

    हाईटेक सिस्टम फेल? शहडोल में खुलेआम बिजली चोरी, ईमानदार उपभोक्ता परेशान..


    मध्य प्रदेश /शहडोल जिले में बिजली व्यवस्था को आधुनिक और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जाने की प्रक्रिया को एक बड़ा कदम माना जा रहा था, लेकिन जमीनी स्तर पर तस्वीर कुछ और ही दिखाई दे रही है। हाईटेक सिस्टम की मौजूदगी के बावजूद ग्रामीण इलाकों में बिजली चोरी का पुराना तरीका ‘कटिया कनेक्शन’ आज भी खुलेआम जारी है, जिससे बिजली विभाग की चुनौती और भी बढ़ गई है।

    जिले के कई ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में लोग मीटर बायपास कर सीधे लाइन से बिजली का उपयोग कर रहे हैं। यह अवैध तरीका अब आम होता जा रहा है, जहां घरेलू उपयोग से लेकर भारी उपकरणों तक को बिना किसी रोक-टोक के चलाया जा रहा है। इस स्थिति ने न केवल बिजली आपूर्ति व्यवस्था को प्रभावित किया है, बल्कि पूरे नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव भी डाल दिया है।

    बिजली चोरी का सबसे बड़ा असर ट्रांसफार्मरों और सप्लाई सिस्टम पर देखने को मिल रहा है। ओवरलोडिंग के कारण बार-बार बिजली गुल होना, लो वोल्टेज और तकनीकी खराबी जैसी समस्याएं अब सामान्य हो चुकी हैं। इसका सीधा असर उन उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है, जो नियमित रूप से बिल का भुगतान कर रहे हैं और नियमों का पालन कर रहे हैं। छोटे व्यापारी और आम परिवार इस असंतुलित व्यवस्था से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

    स्थानीय लोगों के बीच यह भी चर्चा का विषय है कि इस तरह की गतिविधियां लंबे समय से चल रही हैं, लेकिन सख्त कार्रवाई अपेक्षाकृत कम दिखाई देती है। कई जगहों पर खुलेआम तारों में हुक लगाकर बिजली लेने की घटनाएं देखी जा सकती हैं, जिससे विभागीय निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

    दूसरी ओर बिजली विभाग का कहना है कि समय-समय पर जांच अभियान चलाए जाते हैं और अवैध कनेक्शन हटाने की कार्रवाई भी की जाती है। साथ ही स्मार्ट मीटर को इस समस्या के समाधान के रूप में देखा जा रहा है, जिससे भविष्य में बिजली चोरी पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।

    हालांकि जमीनी स्थिति और दावों के बीच बड़ा अंतर साफ नजर आता है। आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के बावजूद बिजली चोरी की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी है। इससे यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या तकनीक अकेले इस समस्या को हल कर सकती है या इसके लिए सख्त प्रशासनिक कार्रवाई और सामाजिक जागरूकता भी जरूरी है।

  • सीहोर में बिजली चोरी पकड़ते ही भड़का उपभोक्ता, स्मार्ट मीटर उखाड़कर तोड़ा; विभागीय टीम से बदसलूकी का वीडियो वायरल

    सीहोर में बिजली चोरी पकड़ते ही भड़का उपभोक्ता, स्मार्ट मीटर उखाड़कर तोड़ा; विभागीय टीम से बदसलूकी का वीडियो वायरल


    सीहोर । मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची विद्युत विभाग की टीम पर हमला और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। रूटीन चेकिंग के दौरान जब टीम ने एक उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़ कर बिजली चोरी करते पकड़ा तो आरोपी ने आपा खो दिया और साक्ष्य मिटाने के इरादे से मीटर ही उखाड़कर फेंक दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    जानकारी के अनुसार विद्युत विभाग की टीम क्षेत्र में स्मार्ट मीटर की निगरानी और नियमित जांच के लिए पहुंची थी। इसी दौरान एक मकान में लगे स्मार्ट मीटर में संदिग्ध गतिविधि पाई गई। तकनीकी जांच में मीटर से छेड़छाड़ कर अवैध रूप से बिजली उपयोग करने के संकेत मिले। टीम ने जैसे ही कार्रवाई शुरू की संबंधित उपभोक्ता भड़क उठा।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरोपी ने पहले टीम की कार्रवाई का विरोध किया और फिर दीवार पर लगे स्मार्ट मीटर को जबरन उखाड़कर जमीन पर पटक दिया जिससे वह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बताया जा रहा है कि यह कदम कथित रूप से चोरी के साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उठाया गया। इसके बाद आरोपी ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें ड्यूटी करने से रोकने की कोशिश की।

    घटना के दौरान वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया। वायरल वीडियो में आरोपी को आक्रामक रवैये में देखा जा सकता है जबकि विभागीय कर्मचारी स्थिति संभालने का प्रयास करते नजर आते हैं। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है।

    विद्युत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर सरकारी संपत्ति है और उसे नुकसान पहुंचाना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। साथ ही ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के साथ बदसलूकी और कार्य में बाधा डालना भी दंडनीय है। विभाग द्वारा संबंधित उपभोक्ता के खिलाफ बिजली अधिनियम की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।

    अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी तरह की दबंगई या विरोध के बावजूद कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे। वहीं स्थानीय पुलिस से भी संपर्क कर मामले में कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही गई है।

    यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि बिजली चोरी रोकने की कार्रवाई के दौरान विभागीय कर्मचारियों को किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। फिलहाल वायरल वीडियो को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित किया गया है और पूरे मामले की जांच जारी है।