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  • इंदौर में हाथी के हमले से गई ऑटो चालक की जान एक्सपर्ट ने बताया कब और क्यों सबसे ज्यादा आक्रामक हो जाता है गजराज

    इंदौर में हाथी के हमले से गई ऑटो चालक की जान एक्सपर्ट ने बताया कब और क्यों सबसे ज्यादा आक्रामक हो जाता है गजराज


    इंदौर । इंदौर में हाथी के हमले में एक ऑटो चालक की दर्दनाक मौत के बाद लोगों के बीच दहशत का माहौल है। इस घटना ने न केवल सार्वजनिक स्थानों पर हाथियों की मौजूदगी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं बल्कि वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके व्यवहार को समझने की जरूरत भी सामने ला दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि हाथी सामान्य परिस्थितियों में शांत स्वभाव का होता है लेकिन कुछ विशेष अवस्थाओं में वह बेहद आक्रामक और खतरनाक हो सकता है।

    घटना रविवार को राजनगर क्षेत्र में हुई जहां एक हाथी ने अचानक ऑटो चालक विजय होलकर पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हाथी ने पहले अपनी सूंड से उन्हें उठाकर जमीन पर पटक दिया और इसके बाद कई बार पैरों से कुचल दिया। गंभीर रूप से घायल विजय को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने महावत के खिलाफ मामला दर्ज किया हालांकि बाद में उसे छोड़ दिया गया। पूरे मामले की जांच जारी है।

    इंदौर चिड़ियाघर के प्रभारी और वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. उत्तम यादव के अनुसार हाथी के अचानक आक्रामक होने के पीछे सबसे बड़ा कारण उसका मस्त काल हो सकता है। यह एक प्राकृतिक अवस्था होती है जिसमें विशेष रूप से नर हाथियों के शरीर में हार्मोनल परिवर्तन तेजी से होते हैं। इस दौरान उनका व्यवहार सामान्य से बिल्कुल अलग हो जाता है और वे बिना किसी स्पष्ट उकसावे के भी हमला कर सकते हैं।

    विशेषज्ञ बताते हैं कि मस्त काल के दौरान हाथी की कनपटी के पास स्थित ग्रंथियों से लगातार स्राव निकलता है और बार बार पेशाब आना भी इस अवस्था का प्रमुख संकेत होता है। यदि ऐसे लक्षण दिखाई दें तो महावत को तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए और हाथी को भीड़भाड़ वाले इलाके से हटाकर सुरक्षित और एकांत स्थान पर रखना चाहिए। इस दौरान हाथी अपने महावत तक पर हमला कर सकता है इसलिए अतिरिक्त सावधानी जरूरी होती है।

    वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि हाथी अत्यंत संवेदनशील और बुद्धिमान जीव है। तेज आवाज भीड़ पटाखों का शोर अपरिचित वातावरण या लगातार तनाव भी उसे असहज बना सकता है। यदि ऐसे हालात में वह पहले से मस्त काल में हो तो उसके हिंसक होने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। इसलिए धार्मिक आयोजनों जुलूसों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में हाथियों को शामिल करते समय सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करना आवश्यक है।

    इंदौर में पहले भी हाथियों से जुड़े हादसे सामने आ चुके हैं। ऐसे मामलों के बाद यह सवाल और गंभीर हो जाता है कि क्या हाथियों की नियमित स्वास्थ्य जांच उनके व्यवहार की निगरानी और सुरक्षा प्रबंधन पर्याप्त रूप से किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि महावतों को हाथियों के व्यवहार और मस्त काल की पहचान का विशेष प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए ताकि समय रहते संभावित खतरे को टाला जा सके।

    इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वन्यजीवों के साथ किसी भी तरह की लापरवाही गंभीर परिणाम ला सकती है। हाथी भले ही शांत और समझदार जीव माना जाता हो लेकिन उसकी प्राकृतिक प्रवृत्तियों को नजरअंदाज करना इंसानों और स्वयं पशु दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए सुरक्षा नियमों का पालन और वैज्ञानिक समझ के साथ वन्यजीवों का प्रबंधन ही ऐसे हादसों को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है।

  • गुड़ खिलाना पड़ा भारी इंदौर में हाथी ने ऑटो ड्राइवर को बेरहमी से कुचला सीसीटीवी में कैद हुई दिल दहला देने वाली घटना

    गुड़ खिलाना पड़ा भारी इंदौर में हाथी ने ऑटो ड्राइवर को बेरहमी से कुचला सीसीटीवी में कैद हुई दिल दहला देने वाली घटना


    इंदौर । इंदौर में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। एक बेकाबू हाथी ने ऑटो चालक पर अचानक हमला कर उसे सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया और फिर पैरों से कुचल दिया। गंभीर रूप से घायल चालक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना का सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने मामले में महावत को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है जबकि हाथी को लेकर भी संबंधित विभाग को सूचना भेजी गई है।

    यह घटना शनिवार शाम करीब चार बजकर अठारह मिनट पर राजनगर पुलिस चौकी के पास हुई। मृतक की पहचान 49 वर्षीय विजय उर्फ लक्ष्मण राव होलकर के रूप में हुई है जो पेशे से ऑटो रिक्शा चालक थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विजय हाथी को गुड़ खिलाने के लिए उसके पास पहुंचे थे। इसी दौरान हाथी अचानक उग्र हो गया और उसने हमला कर दिया।

    पुलिस के मुताबिक हाथी को उज्जैन से जैन समाज के एक मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए इंदौर लाया गया था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद महावत हाथी को लेकर इलाके में घूम रहा था और भिक्षावृत्ति कर रहा था। इसी दौरान विजय ने हाथी को रोककर उसे गुड़ खिलाना शुरू किया। कुछ ही क्षणों में हाथी ने आक्रामक रूप अपनाया और विजय को सूंड से उठाकर सड़क पर पटक दिया। इसके बाद उसने अपने पैरों से उन्हें बुरी तरह कुचल दिया जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

    घटना होते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा तफरी मच गई। लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए किसी तरह हाथी को नियंत्रित किया और घायल विजय को वहां से हटाकर अस्पताल पहुंचाया। पहले उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए वर्मा यूनियन अस्पताल रेफर किया गया लेकिन रात करीब साढ़े सात बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। विजय अपने पीछे पत्नी एक बेटा और अन्य परिजनों को छोड़ गए हैं।

    घटना के बाद चंदन नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की। थाना प्रभारी तिलक करोले ने बताया कि महावत को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। साथ ही इंदौर चिड़ियाघर के अधिकारियों को भी घटना की जानकारी दे दी गई है ताकि हाथी की स्थिति और उसके व्यवहार का परीक्षण किया जा सके।

    पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जानकारी में यह बात भी सामने आई है कि घटना के समय मृतक शराब के नशे में हो सकता था। हालांकि इसकी पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।

    गौरतलब है कि इंदौर में हाथी के हमले की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी शहर के सीतलामाता बाजार और पाटनीपुरा क्षेत्र में हाथियों के हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ताजा हादसे के बाद सार्वजनिक स्थानों पर हाथियों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोग ऐसे आयोजनों और हाथियों की आवाजाही के दौरान सख्त सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।