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  • India Hockey Team: अर्जेंटीना ने दूसरे राउंड में हराया, भारतीय टीम अब सातवें स्थान के लिए बेल्जियम से भिड़ेगी

    India Hockey Team: अर्जेंटीना ने दूसरे राउंड में हराया, भारतीय टीम अब सातवें स्थान के लिए बेल्जियम से भिड़ेगी

    नई दिल्ली ।भारतीय पुरुष हॉकी टीम का 2026 विश्व कप में खिताब जीतने का सपना अर्जेंटीना के खिलाफ 3-5 की हार के साथ समाप्त हो गया। दूसरे राउंड के इस महत्वपूर्ण मुकाबले में भारतीय टीम को सेमीफाइनल की उम्मीद बनाए रखने के लिए जीत की जरूरत थी, लेकिन अर्जेंटीना ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाते हुए मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। भारत ने अंतिम चरण में वापसी की कोशिश की, लेकिन शुरुआती नुकसान की भरपाई नहीं कर सका।

    मुकाबले की शुरुआत भारतीय टीम के लिए अच्छी नहीं रही। अर्जेंटीना ने शुरुआती मिनटों में ही गोल करके भारत पर दबाव बना दिया। भारतीय खिलाड़ियों को अपनी रक्षापंक्ति संभालने और गेंद पर नियंत्रण बनाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अर्जेंटीना ने लगातार हमले किए और भारतीय सर्किल में कई बार प्रवेश करते हुए गोल करने के अवसर बनाए।

    अर्जेंटीना ने इसके बाद अपनी बढ़त को और मजबूत किया। भारतीय टीम को लगातार दो गोल का नुकसान झेलना पड़ा, जिससे मुकाबले में वापसी की चुनौती बढ़ गई। भारत ने जवाबी हमलों के जरिए दबाव बनाने का प्रयास किया और सुखजीत सिंह ने गोल कर टीम की उम्मीदों को कुछ हद तक जीवित रखा। हालांकि अर्जेंटीना ने अपनी आक्रामक रणनीति में कोई बड़ी कमी नहीं आने दी।

    दूसरे और तीसरे क्वार्टर में भी अर्जेंटीना का दबदबा बना रहा। भारतीय डिफेंस को लगातार हमलों का सामना करना पड़ा। अर्जेंटीना ने पेनल्टी कॉर्नर और तेज आक्रमण का प्रभावी इस्तेमाल करते हुए भारतीय गोलपोस्ट पर खतरा बनाए रखा। टॉमस डोमेन ने भी गोल कर अर्जेंटीना की बढ़त को मजबूत किया और भारत के लिए मुकाबला और कठिन हो गया।

    अंतिम क्वार्टर में भारतीय टीम ने आक्रामक रुख अपनाया। सुखजीत सिंह ने अपना दूसरा गोल किया, जबकि हार्दिक सिंह ने पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलकर भारत के स्कोर को तीन तक पहुंचाया। इन गोलों के बाद भारतीय टीम ने दबाव बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन अर्जेंटीना की बढ़त इतनी मजबूत थी कि मुकाबले का परिणाम बदलना संभव नहीं हो सका।

    अर्जेंटीना की ओर से जोआक्विन टोस्कानी ने दो गोल किए, जबकि निकोलस डेला टोरे और टॉमस डोमेन ने भी टीम के लिए महत्वपूर्ण गोल दागे। अर्जेंटीना ने पूरे मुकाबले में आक्रमण और रक्षात्मक संयोजन के बीच बेहतर संतुलन बनाए रखा। भारत को कई मौकों पर गोल करने के अवसर मिले, लेकिन उन्हें निर्णायक परिणाम में बदलने में टीम सफल नहीं रही।

    इस हार के साथ भारत की सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद पूरी तरह समाप्त हो गई। दूसरे राउंड में भारतीय टीम के लिए मुकाबले बेहद चुनौतीपूर्ण रहे और लगातार हार ने उसकी स्थिति कमजोर कर दी। अर्जेंटीना के खिलाफ मुकाबला भारत के लिए करो या मरो जैसा था, लेकिन टीम अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी।

    विश्व कप में खिताब की दौड़ से बाहर होने के बाद भारतीय टीम के सामने अब टूर्नामेंट का समापन बेहतर स्थिति में करने की चुनौती है। भारत सातवें और आठवें स्थान के लिए मुकाबला खेलेगा, जहां उसका सामना बेल्जियम से होना है। टीम की कोशिश इस मुकाबले में जीत दर्ज कर विश्व कप अभियान का सकारात्मक अंत करने की होगी।

  • 9 फरवरी को बंधक श्रम उन्मूलन दिवस के अवसर पर नयी श्रमिक संहिताओं पर कार्यशाला

    9 फरवरी को बंधक श्रम उन्मूलन दिवस के अवसर पर नयी श्रमिक संहिताओं पर कार्यशाला


    भोपाल! श्रम विभाग ने 9 फरवरी को ‘बंधक श्रम उन्मूलन दिवस’ पर कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेन्शन सेंटर (मिंटो हॉल) में कार्यशाला का आयोजन किया है। उद्घाटन सुबह 10 बजे श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल करेंगे। कार्यशाला में राज्य स्तरीय एक्शन प्लान का विमोचन भी होगा।

    पूरे मध्य प्रदेश में महीनेभर चलेगा अभियान

    बंधक श्रम (बंधुआ मजदूरी) कराने वालों के विरुद्ध मध्यप्रदेश का श्रम विभाग 9 फरवरी ‘बंधक श्रम उन्मूलन दिवस’ से विशेष अभियान भी शुरू करने जा रहा है। उल्लेखनीय है कि श्रम मंत्री की पहल पर विभाग ने बाल एवं बंधक श्रम को रोकने और जागरुकता लाने एक विशेष ‘वेदा पहल’ की शुरुआत की है।

    कार्यशाला के प्रमुख चार बिंदु

    पहला: बाल एवं कुमार श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत राज्य एक्शन प्लान के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा होगी। इसमें अधिनियम के अंतर्गत निरीक्षण, पहचान, बचाव एवं पुनर्वास की प्रक्रिया पर चर्चा की जाएगी।

    दूसरा: बंधुआ श्रम (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 के क्रियान्वयन के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर अधिनियम की उपलब्धियों एवं वर्तमान चुनौतियों पर विचार किया जाएगा।

    तीसरा: नई चार श्रम संहिताओं के माध्यम से श्रमिकों, विशेषकर महिलाओं के अधिकारों, सुरक्षा एवं सामाजिक संरक्षण से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी।

    चौथा: राज्य एक्शन प्लान के माध्यम से विभागीय समन्वय, प्रवर्तन व्यवस्था एवं जनजागरूकता को सुदृढ़ करने की रणनीति प्रस्तुत की जाएगी।

    श्रम विभाग के अनुसार, कार्यशाला का उद्देश्य कानून, नीति और जमीनी क्रियान्वयन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है, ताकि राज्य में बाल एवं बंधुआ श्रम के उन्मूलन की दिशा में प्रभावी और ठोस परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें।