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  • छतरपुर स्टेशन पर दर्दनाक हादसा, ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंसा युवक

    छतरपुर स्टेशन पर दर्दनाक हादसा, ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंसा युवक


    छतरपुर छतरपुर रेलवे स्टेशन पर गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा उस समय हो गया जब जम्मू से लौट रहे 19 वर्षीय युवक रामप्रसाद अहिरवार ट्रेन से उतरते समय प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच फंस गया। यह घटना कुरुक्षेत्र ट्रेन के रुकने के दौरान करीब सुबह 6:30 से 7 बजे के बीच हुई, जिससे स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई।

    ट्रेन से उतरते समय बिगड़ा संतुलन

    जानकारी के अनुसार, ग्राम पाली निवासी रामप्रसाद अहिरवार जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म पर रुकी, नीचे उतरने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह सीधे ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच की खाली जगह में जा गिरा। युवक अचानक फंस गया, जिससे मौके पर मौजूद यात्रियों में हड़कंप मच गया।

    समय रहते रोकी गई ट्रेन, टला बड़ा हादसा

    घटना के तुरंत बाद यात्रियों और रेलवे स्टाफ ने शोर मचाकर लोको पायलट को सूचना दी। समय रहते ट्रेन को रोक दिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से बच गया। अगर ट्रेन थोड़ा भी आगे बढ़ जाती तो स्थिति जानलेवा हो सकती थी।

    15–20 मिनट चला रेस्क्यू ऑपरेशन

    घटना के बाद रेलवे कर्मचारी और स्थानीय लोगों ने मिलकर राहत कार्य शुरू किया। करीब 15 से 20 मिनट तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में सब्बल और अन्य उपकरणों की मदद से प्लेटफॉर्म के किनारे का हिस्सा तोड़ा गया, जिसके बाद युवक को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों की सांसें थमी रहीं।

    गंभीर चोटों के साथ अस्पताल में भर्ती

    हादसे में रामप्रसाद को जांघ और कमर में गंभीर चोटें आई हैं। तत्काल एंबुलेंस की मदद से उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। ड्यूटी डॉक्टर के अनुसार फिलहाल उसकी हालत स्थिर है, लेकिन चोटें गंभीर होने के कारण उसे निगरानी में रखा गया है।

    रेलवे सुरक्षा पर उठे सवाल

    इस घटना के बाद रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। यात्रियों का कहना है कि कई स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं होते, जिससे ऐसे हादसे होने का खतरा बना रहता है। वहीं रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की बात कही है।

    यह घटना एक बार फिर ट्रेन से उतरते समय सावधानी बरतने की जरूरत और रेलवे सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की आवश्यकता को उजागर करती है।

  • सीहोर-भोपाल मार्ग पर भीषण टक्कर, ट्रैवलर और कार चालक गंभीर घायल

    सीहोर-भोपाल मार्ग पर भीषण टक्कर, ट्रैवलर और कार चालक गंभीर घायल

    सीहोर। मध्यप्रदेश के सीहोर-भोपाल मार्ग पर गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। राजपूत ढाबे के पास ट्रैवलर और स्विफ्ट कार के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में स्विफ्ट कार का चालक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
    टक्कर इतनी भीषण, कार का अगला हिस्सा चकनाचूर
    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी तेज थी कि स्विफ्ट कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए कार चालक को बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भिजवाया।
    सड़क निर्माण की लापरवाही बनी हादसे की वजह
    ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का कहना है कि इस दुर्घटना के पीछे सड़क निर्माण में बरती जा रही लापरवाही मुख्य कारण है। सड़क का एक हिस्सा अधूरा पड़ा है, जिससे एक साइड काफी नीची हो गई है और वहां गिट्टियां बिखरी हुई हैं।
    ऐसी स्थिति में वाहन चालक खराब हिस्से से बचने के लिए पक्की और ऊंची सड़क पर ही चलना चाहते हैं। इसी कारण दोनों ओर से आने वाले वाहन एक ही लेन में आ जाते हैं, जिससे आमने-सामने टक्कर का खतरा बढ़ जाता है।
    लगातार हादसों से लोगों में आक्रोश
    स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं। बावजूद इसके निर्माण कार्य की गति धीमी है और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सड़क को दुरुस्त किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
    प्रशासन पर उठे सवाल
    इस घटना के बाद निर्माण एजेंसियों और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि समय रहते सड़क की स्थिति नहीं सुधारी गई, तो यह मार्ग और अधिक खतरनाक साबित हो सकता है।
  • 132 केवी टावर पर चढ़े युवक से मचा हड़कंप, पुलिस और बिजली विभाग मौके पर

    132 केवी टावर पर चढ़े युवक से मचा हड़कंप, पुलिस और बिजली विभाग मौके पर


    शहडोल । मध्य प्रदेश के शहडोल और अनूपपुर जिले की सीमा पर बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक युवक 132 केवी हाई वोल्टेज ट्रांसमिशन टावर पर चढ़ गया। ग्राम बटुरा के पास हुई इस घटना ने ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया और प्रशासन को तुरंत हरकत में आना पड़ा।
     35 मीटर ऊंचाई पर घंटों चला ड्रामा

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक करीब 25 से 35 मीटर ऊंचे टावर पर चढ़ गया था। भीषण गर्मी के बावजूद वह टावर पर ऊपर-नीचे होता रहा। उसकी हरकतें बेहद खतरनाक थीं, जिससे नीचे खड़े लोगों की सांसें थम गईं।

     बिजली सप्लाई तुरंत की गई बंद

    घटना की गंभीरता को देखते हुए बिजली विभाग ने तुरंत टावर से गुजर रही हाई वोल्टेज लाइन की सप्लाई बंद कर दी। यदि ऐसा नहीं किया जाता, तो करंट लगने से बड़ा हादसा हो सकता था।

    पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर

    सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। टावर के नीचे बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। रेस्क्यू टीम युवक को समझाने और सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास में जुटी रही।

    मानसिक स्थिति पर उठे सवाल

    ग्रामीणों के अनुसार युवक की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं लग रही थी। वह बार-बार खतरनाक हरकतें कर रहा था और टावर के शीर्ष तक पहुंच गया था। इसी कारण उसे नीचे उतारना रेस्क्यू टीम के लिए चुनौतीपूर्ण बना रहा।

     जांच जारी

    फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवक कौन है और किन कारणों से उसने यह कदम उठाया। साथ ही उसकी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उसे सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिशें जारी रहीं।

  • जिंदगी की जंग लड़ रहा भागीरथ बोरवेल से सुरक्षित निकालने की कोशिशें तेज

    जिंदगी की जंग लड़ रहा भागीरथ बोरवेल से सुरक्षित निकालने की कोशिशें तेज


    उज्जैन । मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर तहसील अंतर्गत ग्राम झालरिया में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है जहां 3 साल का मासूम बच्चा बोरवेल में गिर गया। घटना के बाद से ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं और बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास तेजी से जारी हैं।

    जानकारी के अनुसार बच्चा भागीरथ अपने परिवार के साथ भेड़ चराने के लिए क्षेत्र में आया था। खेलते-खेलते वह खुले पड़े बोरवेल के पास पहुंच गया जहां पहले ढक्कन लगा हुआ था लेकिन बताया जा रहा है कि जानवरों के चरने के दौरान वह ढक्कन हट गया और इसी कारण यह हादसा हो गया।

    हादसा गुरुवार रात करीब 8 से 9 बजे के बीच हुआ जिसके बाद तुरंत प्रशासन, पुलिस और रेस्क्यू टीमों को सूचना दी गई। घटना के बाद से रातभर लगातार राहत और बचाव कार्य चलता रहा और मशीनों की मदद से ऑपरेशन को तेज किया गया।

    पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि बच्चे को करीब 75 फीट की गहराई पर लोकेट कर लिया गया है। बोरवेल के अंदर कैमरे और विशेष उपकरण डालकर बच्चे की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि हर पल की जानकारी मिल सके और उसे सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

    रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज करने के लिए मौके पर 5 पोकलेन और जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं। इसके साथ ही बोरवेल के पास समानांतर गड्ढा खोदकर टनल बनाने का काम भी तेजी से किया जा रहा है ताकि वैकल्पिक रास्ते से बच्चे तक पहुंचा जा सके।

    प्रशासन ने पूरे इलाके को घेराबंदी कर दिया है और किसी भी तरह की भीड़ को रोकने के निर्देश दिए हैं ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा न आए। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे मौके पर न जुटें और राहत कार्य में सहयोग करें।

    मासूम भागीरथ, जो राजस्थान के पाली जिले के निवासी बताए जा रहे हैं, अपने परिवार के साथ कुछ दिनों से इस क्षेत्र में रुके हुए थे। फिलहाल पूरे प्रशासन का ध्यान केवल एक ही लक्ष्य पर है किसी भी तरह बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालना।

    यह हादसा एक बार फिर खुले बोरवेल की खतरनाक स्थिति और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। राहत टीमों का ऑपरेशन लगातार जारी है और सभी की नजर अब सिर्फ इस बात पर है कि मासूम को कब तक सुरक्षित बाहर निकाला जा सकेगा।