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  • मीना कुमारी के आखिरी दिनों का सबसे भावुक किस्सा, मौत के बिस्तर पर मोहम्मद रफी से सुना था अपना पसंदीदा गीत

    मीना कुमारी के आखिरी दिनों का सबसे भावुक किस्सा, मौत के बिस्तर पर मोहम्मद रफी से सुना था अपना पसंदीदा गीत


    नई दिल्ली ।  हिंदी सिनेमा में अपने अभिनय और खूबसूरती से छाप छोड़ने वाली मीना कुमारी का आखिरी वक्त बुरा गुजरा। एक्ट्रेस लीवर सिरोसिस से पीड़ित थीं। और लंबे इलाज के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका। लेकिन जब वो बीमार, बिस्तर पर पड़ी थीं तो अक्सर एक गाना सुना करती थीं। उन्हें हमेशा से लगता था कि ये गाना उनकी निजी जिंदगी से जुड़ा हुआ है।
    वो एक ऐसा गीत था जो तकलीफ भरे दिनों में मीना कुमारी को राहत की सांस देता था। मीना जब-जब इस गीत को गुनगुनाया करतीं तो अपने आधे ग़मों को भूल जाया करती थीं। मीना कुमारी का इस गाने से इतना गहरा जुड़ाव था कि जब मोहम्मद रफी उनसे मिलने आए तो एक्ट्रेस ने उनसे ये गाना गाने की रिक्वेस्ट की थी।
    बुरे दिनों में मीना कुमारी का साथी था ये गाना
    1961 में मीना कुमारी की एक रिलीज हुई थी जिसका नाम था प्यार का सागर। इस फिल्म में मीना के साथ एक्टर राजेंद्र कुमार लीड रोल में थे। इस फिल्म में वैसे कई खूबसूरत गाने थे लेकिन ‘मुझे प्यार की जिंदगी देने वाले, कभी गम न देना खुशी देने वाले’। इस गाने को मोहम्मद रफी और आशा भोसले ने गाया था। ये गाना मीना कुमारी के दर्द की दवा बन गया था। अपना अकेलापन, दर्द भूलने के लिए अक्सर एक्ट्रेस इसी गाने को गुनगुनाया करती थीं।
    ये वो समय था जब मीना बहुत बीमार पड़ चुकी थीं, मौत से लड़ रही थीं। उन्हें फिल्मों के सेट पर नहीं बल्कि घर के एक कमरे में पड़े बिस्तर पर बीमार हालत में देखा जाता था। उनके आखिरी समय में फिल्मी जगत के कई कलाकार उनसे मिलने पहुंचा करते थे। एक दिन सिंगर मोहम्मद रफी भी पहुंचे। और मौत के बिस्तर पर मीना ने मोहम्मद रफी से वो गाना गाने की रिक्वेस्ट कर दी जो उनके दिल के बहुत करीब था।

    आत्मा में उतर चुका था मोहम्मद रफी का ये गीत
    बीमार, मौत से लड़ रही मीना कुमारी की इस इच्छा को मोहम्मद रफी ने टाला नहीं। वो उनके सिरहाने बैठे थे। उन्होंने उसी दर्द, और फीलिंग्स के साथ मीना के सामने गाया ‘मुझे प्यार की जिंदगी देने वाले, कभी गम न देना खुशी देने वाले’। ये गाना मीना की आत्मा में उतर चुका था।
    ऐसे बना था ये गाना

    इस गाने को बनाने की भी एक अलग कहानी है। फिल्म प्यार का सागर में कुल 8 गाने थे। इन सभी गानों को रवि और प्रेम धवन ने कंपोज़ किया था। असद भोपाली ने गीत लिखे थे। इन गानों को आशा भोसले। शमशाद बेगम, मोहम्मद रफी और मुकेश ने गाए थे। फिल्म का गाना ‘ ‘मुझे प्यार की जिंदगी देने वाले, कभी गम न देना खुशी देने वाले’ गाने को अगले दिन फिल्माया जाना था,
    लेकिन उस वक़्त तक रिकॉर्डिंग नहीं हुई थी।
    प्रेम धवन ने गाने को लिखा था और सिंगर मोहम्मद रफी को गाना रिकॉर्डिंग के लिए उसी दिन बुला लिया गया। लेकिन फीमेल सिंगर के लिए आशा भोसले और लता मंगेशकर से संपर्क नहीं हो पा रहा था। ऐसे में कंपोजर रवि ने सुमन कल्यानपुर से बात की गई। उन्होंने आने का वादा किया लेकिन वो स्टूडियो पहुंची नहीं। बहुत इंतजार के बाद अंत में एक बार फिर आशा भोसले से संपर्क किया गया और उनसे इस गाने को लेकर बात पक्की हो गई। आशा भोसले और मोहम्मद रफी ने मिलकर इस गाने को गया। अगले दिन गाने की शूटिंग को गई। मीना कुमारी और राजेंद्र इस गाने में नजर आए थे।
  • फरहाना भट्ट का दर्दभरा सच: करियर के लिए परिवार से अलग होने का लिया कठिन फैसला, बोलीं- यह आसान नहीं था

    फरहाना भट्ट का दर्दभरा सच: करियर के लिए परिवार से अलग होने का लिया कठिन फैसला, बोलीं- यह आसान नहीं था


    नई दिल्ली ।कश्मीर की रहने वाली और रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ से चर्चा में आईं फरहाना भट्ट ने अपने निजी जीवन से जुड़ा एक बेहद भावुक और कठिन अनुभव साझा किया है। उन्होंने बताया कि अपने सपनों को पूरा करने की राह में उन्हें ऐसा फैसला लेना पड़ा, जो किसी भी इंसान के लिए आसान नहीं होता। फरहाना के अनुसार, इस सफर में उन्हें अपने परिवार से दूरी बनानी पड़ी और कई भावनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

    फरहाना भट्ट ने कहा कि जीवन में जब व्यक्ति अपने लक्ष्य की ओर बढ़ता है तो कई बार उसे ऐसे मोड़ पर खड़ा होना पड़ता है, जहां निजी रिश्ते और करियर के बीच चुनाव करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने स्वीकार किया कि अपने सपनों को प्राथमिकता देने का निर्णय उनके लिए बेहद कठिन था, लेकिन उन्होंने हिम्मत के साथ आगे बढ़ने का रास्ता चुना।

    उनका कहना है कि इस फैसले ने उन्हें मानसिक और भावनात्मक रूप से काफी प्रभावित किया, लेकिन इसी अनुभव ने उन्हें और मजबूत भी बनाया। फरहाना ने बताया कि जब इंसान अकेले अपने संघर्षों का सामना करता है, तो वह अपने भीतर एक नई शक्ति को पहचानता है, जो आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

    रियलिटी शो के दौरान फरहाना अपने बेबाक अंदाज और स्पष्ट राय के कारण सुर्खियों में रहीं। हालांकि शो के बाद उन्हें कई बार आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपने काम और करियर पर ध्यान केंद्रित रखा। उन्होंने म्यूजिक वीडियो और अन्य प्रोजेक्ट्स के जरिए मनोरंजन जगत में अपनी नई पहचान बनाने की कोशिश की है।

    फरहाना का यह बयान उन लोगों के लिए एक भावनात्मक संदेश की तरह देखा जा रहा है, जो अपने सपनों और पारिवारिक अपेक्षाओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कठिन फैसले अक्सर व्यक्ति को उसके लक्ष्य के और करीब ले जाते हैं, भले ही उस रास्ते में दर्द और अकेलापन क्यों न झेलना पड़े।

    उनकी यह कहानी मनोरंजन जगत में संघर्ष और व्यक्तिगत त्याग की एक झलक पेश करती है, जहां सफलता के पीछे कई अनकहे संघर्ष छिपे होते हैं।

  • राहुल गांधी का खुलासा: मां के कमरे में पूरी रात जागकर बिताया समय

    राहुल गांधी का खुलासा: मां के कमरे में पूरी रात जागकर बिताया समय


    नई दिल्ली।कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी मां सोनिया गांधी की तबीयत को लेकर भावुक बयान दिया है। सोनिया गांधी को अस्वस्थ होने के कारण सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां राहुल गांधी पूरी रात उनके साथ अस्पताल के कमरे में मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि वह अपनी मां के कमरे में एक छोटे से सोफे पर सोए और एक बेटे की तरह उनकी सेहत को लेकर बेहद चिंतित थे।

    केरल रैली छोड़ मां के पास रहे

    राहुल गांधी ने केरल में आयोजित एक रैली को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए कहा कि वह वहां आना चाहते थे, लेकिन मां की तबीयत को देखते हुए उन्हें दिल्ली में ही रुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि एक बेटे के तौर पर उनका फर्ज था कि वह अपनी मां के साथ रहें। उन्होंने भरोसा जताया कि केरल के लोग उनकी स्थिति को समझेंगे।

    नर्स की सेवा से मिली तसल्ली

    राहुल गांधी ने अस्पताल में बिताई रात का जिक्र करते हुए एक खास अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि केरल की एक नर्स हर घंटे आकर सोनिया गांधी की जांच करती थी, उनका हाथ थामती थी और मुस्कुराकर उनका हौसला बढ़ाती थी। राहुल ने कहा कि पूरी रात उन्हें उसी नर्स की सेवा भावना से तसल्ली मिलती रही। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि ऐसी नर्सें न सिर्फ मरीजों की देखभाल करती हैं, बल्कि उनके परिवार को भी मानसिक सहारा देती हैं।

    नर्सों की सेवा भावना की सराहना

    राहुल गांधी ने कहा कि जब पूरी दुनिया सो रही होती है, तब केरल की नर्सें और स्वास्थ्यकर्मी पूरी रात जागकर लोगों की सेवा करते हैं। उन्होंने सुबह नर्स से पूछा कि क्या वह सोती है, तो उसने जवाब दिया कि वह पूरी रात काम करती है। राहुल ने इसे समर्पण और सेवा का बेहतरीन उदाहरण बताया और कहा कि ऐसे लोग समाज की असली ताकत हैं।

    भाजपा-एलडीएफ पर भी साधा निशाना

    अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने राजनीतिक मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने आरोप लगाया कि केरल में भाजपा और एलडीएफ के बीच मिलीभगत है। उनका कहना था कि राज्य में असल मुकाबला यूडीएफ और भाजपा-एलडीएफ गठजोड़ के बीच है। उन्होंने यह भी दावा किया कि दोनों दलों की नीतियों में ज्यादा अंतर नहीं है और वे जनता के प्रति जवाबदेह नहीं हैं।