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  • सिलाव की मंजुला ने 'PMFME' योजना से खड़ा किया 10 लाख का मसाला उद्योग, 30 से अधिक को रोजगार

    सिलाव की मंजुला ने 'PMFME' योजना से खड़ा किया 10 लाख का मसाला उद्योग, 30 से अधिक को रोजगार


    नई दिल्ली। बिहार के सिलाव प्रखंड के सरीचक गांव की मंजुला कुमारी ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से महिलाओं के लिए स्वावलंबन की नई कहानी लिखी है। कभी छोटे स्तर पर हल्दी पीसकर लोकल मार्केट में बेचने वाली मंजुला ने अब ‘पीएमएफएमई’ (प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन) योजना की मदद से 10 लाख रुपए की लागत से सरीचक एंटरप्राइजेज नामक मसाला उद्योग स्थापित किया है। इस उद्योग के माध्यम से उन्होंने 30 से अधिक लोगों को रोजगार दिया है और इलाके के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। मंजुला ने बाजार में उपलब्ध मसालों से अलग शुद्धता और गुणवत्ता पर खास जोर दिया है। उनकी यूनिट में हल्दी, मिर्च, धनिया और गरम मसाले पीसने के लिए अलग-अलग मशीनें लगी हैं, ताकि ग्राहकों को 100 प्रतिशत शुद्ध मसाले मिल सकें।

    मंजुला कुमारी ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि वह पहले से ही हल्दी का छोटा व्यवसाय करती थीं, लेकिन बढ़ती मांग पूरी करना मुश्किल था। इसी बीच, जीविका कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें पीएमएफएमई योजना की जानकारी मिली। मंजुला ने बड़े स्तर पर व्यवसाय शुरू करने की सोच से आवेदन किया और बड़गांव के केनरा बैंक से 7.21 लाख रुपये का लोन प्राप्त किया। अपनी जमा पूंजी के साथ उन्होंने कुल 10 लाख रुपए से अपनी यूनिट लगाई। उन्होंने बताया कि आमतौर पर लोग एक ही मशीन में सारे मसाले पीसते हैं, लेकिन उनकी हल्दी मशीन पूरी तरह अलग है। इसके अलावा उनके पास जीरा, धनिया, मिर्च, गोलकी और विभिन्न गरम व सब्जी मसाले तैयार करने की सुविधाएं हैं।

    शुरुआत में माल बेचने की कठिनाइयों को मंजुला ने स्मार्ट रणनीति से हल किया। हर गांव में उनका स्टाफ (जीविका से जुड़ी महिलाएं) मांग लेकर सप्लाई करती हैं। वर्तमान में 30 लोग डिस्ट्रीब्यूशन में और 3 लोग पिसाई व पैकेजिंग में काम कर रहे हैं। आज उनके मसाले सिलाव प्रखंड के स्कूलों, राजगीर के बड़े होटलों और हाल ही में खुले मॉल तक सप्लाई हो रहे हैं। इस सफलता पर मंजुला कुमारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशेष प्रशंसक बन गई हैं और योजना के तहत उन्हें लगभग ढाई लाख रुपये की अनुदान राशि भी मिली। उनका सपना है कि जीवन में कम से कम एक बार प्रधानमंत्री से मुलाकात हो।

  • पीएमकेवीवाई 4.0 से देश में कौशल क्रांति 38 क्षेत्रों में 27 लाख से अधिक युवाओं को मिला प्रशिक्षण

    पीएमकेवीवाई 4.0 से देश में कौशल क्रांति 38 क्षेत्रों में 27 लाख से अधिक युवाओं को मिला प्रशिक्षण


    नई दिल्ली।केंद्र सरकार ने बताया है कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 के तहत देशभर में बड़े स्तर पर युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है सात दिसंबर 2025 तक इस योजना के अंतर्गत कुल 27.08 लाख युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है यह प्रशिक्षण 38 अलग अलग क्षेत्रों में दिया गया है और इसमें 36 राज्य तथा 732 जिले शामिल हैं

    कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के अनुसार अप्रैल 2024 से सात दिसंबर 2025 के बीच आईटी और आईटीईएस एयरोस्पेस और एविएशन कृषि रबर चमड़ा पर्यटन और होटल उद्योग जैसे क्षेत्रों में 7.5 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है यह कार्य 34 राज्यों और 670 जिलों में किया गया जिससे योजना की व्यापक पहुंच स्पष्ट होती हैमंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना उसकी प्रमुख अल्पकालिक प्रशिक्षण योजना है जो चार चरणों में लगातार विकसित हुई है एक छोटी योजना के रूप में शुरू होकर यह अब मांग आधारित और रोजगार उन्मुख कौशल प्रशिक्षण प्रणाली बन चुकी है

    युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए 77 विशेष कोर्स और 102 नई जॉब भूमिकाएं शुरू की गई हैं इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंडस्ट्री 4.0 ग्रीन जॉब्स और डिजिटल सेवाओं जैसे आधुनिक क्षेत्र शामिल हैं जो तेजी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था की मांग को पूरा करते हैंसरकार ने बताया कि देशभर में 15,500 से अधिक संस्थान पीएमकेवीवाई 4.0 को लागू कर रहे हैं इनमें 7,000 से ज्यादा स्किल हब स्कूलों कॉलेजों और आईटीआई में संचालित हो रहे हैं इसके अलावा आईआईटी आईआईएम एनआईटी आईआईआईटी सरकारी संस्थान और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां भी पहली बार इस योजना से जुड़ी हैं

    अप्रैल 2024 से सितंबर 2025 के बीच इस योजना पर 1,652.89 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं वहीं पीएमकेवीवाई 4.0 के तहत 200 करोड़ रुपए का अलग बजट प्रशिक्षकों और मूल्यांकनकर्ताओं का राष्ट्रीय समूह तैयार करने के लिए निर्धारित किया गया है इसके नियम पाठ्यक्रम और प्रमाणन व्यवस्था एनसीवीईटी द्वारा तय की गई है और इन्हें स्किल इंडिया डिजिटल हब पर उपलब्ध कराया गया है

    मंत्रालय के अनुसार अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 तक 34,505 प्रशिक्षकों और 13,844 मूल्यांकनकर्ताओं को प्रमाणित किया गया हैआईटीआई को देश में व्यावसायिक शिक्षा की रीढ़ बताते हुए मंत्रालय ने कहा कि 2014 से 2025 के बीच आईटीआई की संख्या 9,977 से बढ़कर 14,682 हो गई है इस दौरान 4,605 नए आईटीआई स्थापित किए गए वहीं छात्रों की संख्या 9.5 लाख से बढ़कर 14 लाख से अधिक हो गई है जो कौशल शिक्षा पर बढ़ते भरोसे को दर्शाता है