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  • सागर: ANA बिल्डर सहित कई प्रोजेक्ट पर चला प्रशासन का बुलडोजर एक्शन

    सागर: ANA बिल्डर सहित कई प्रोजेक्ट पर चला प्रशासन का बुलडोजर एक्शन


    सागर । सागर जिले में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए शुक्रवार देर शाम बड़ी कार्रवाई की। राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने पगारा और भैंसा क्षेत्रों में दबिश देकर नियम विरुद्ध विकसित की जा रही कॉलोनियों में बने पक्के निर्माण और बाउंड्रीवॉल को जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर दिया।

    प्रशासन की टीम सबसे पहले ग्राम भैंसा पहुंची, जहां खसरा नंबर 138 पर ANA बिल्डर द्वारा अवैध कॉलोनी विकसित किए जाने की जानकारी सामने आई थी। कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद निर्माण कार्यों को बिना किसी देरी के तोड़ दिया गया। इस परियोजना से जुड़े पार्टनर सिमरजीत सिंह, आशु और अमरदीप के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।

    इसके बाद टीम ने ग्राम पगारा में कार्रवाई को आगे बढ़ाया, जहां खसरा नंबर 831 पर लाल जैन द्वारा अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी। यहां भी प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से निर्माण कार्य रुकवाते हुए बाउंड्रीवॉल और अन्य संरचनाओं को जेसीबी से गिरा दिया।

    प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन जमीनों पर अब किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं किया जा सकेगा और आगे की प्लॉटिंग या विकास गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न न हो सके।

    इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अमन मिश्रा ने किया। उनके साथ तहसीलदार राहुल गौंड, नितिन यादव, संजय जैन, निरंजन कुर्मी, आशुतोष गौतम और पटवारी उमाशंकर पांडे सहित कैंट थाना पुलिस बल मौजूद रहा।

    प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध कॉलोनी काटने वाले बिल्डर्स में हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है। अधिकारियों ने साफ संकेत दिए हैं कि जिले में अवैध प्लॉटिंग और नियम विरुद्ध निर्माण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

    स्थानीय प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति और विकास प्राधिकरण की स्वीकृति के किसी भी प्रकार की कॉलोनी विकसित करना पूरी तरह अवैध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

  • कब्जा हटाने की कार्रवाई के बाद तनाव: सरपंच प्रतिनिधि को धमकी, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू

    कब्जा हटाने की कार्रवाई के बाद तनाव: सरपंच प्रतिनिधि को धमकी, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू


    शाजापुर । शाजापुर जिले के हिरपुर भज्जा भरड़ क्षेत्र में शासकीय जमीन से अवैध कब्जा हटाने को लेकर दो पक्षों के बीच गंभीर विवाद हो गया। सोमवार रात हुए इस घटनाक्रम का वीडियो मंगलवार को सामने आने के बाद मामला और तूल पकड़ गया। विवाद के बाद सरपंच प्रतिनिधि सवाई सिंह ने कोतवाली थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    घर के सामने पहुंचकर गाली-गलौज और हंगामे का आरोप
    फरियादी सवाई सिंह (49), पिता हीरालाल, निवासी हिरपुर भज्जा भरड़ ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि 25 मई 2026 की रात करीब 10 बजे लखन अहिरवार, उनकी मां रामकुंवर बाई और पत्नी उनके घर के सामने पहुंचे। आरोप है कि तीनों शासकीय जमीन से गुमटी हटाने के मुद्दे को लेकर हंगामा करने लगे और जोर-जोर से गाली-गलौज की।
    सवाई सिंह के अनुसार, उस समय वह अपने साथी जगदीश सोलिया के साथ गांव से घर लौटे थे। उन्होंने जब गाली-गलौज का विरोध किया, तो आरोपियों ने कथित तौर पर उन्हें भी अपशब्द कहे और माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    जान से मारने की धमकी देने का आरोप
    शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने सरपंच प्रतिनिधि को झूठे केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी। इस घटना से पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई, हालांकि मौके पर मौजूद लोगों ने विवाद को देखा और स्थिति को शांत करने की कोशिश की।

    मौके पर मौजूद लोगों ने देखा पूरा घटनाक्रम
    घटना के दौरान ब्रम्हानंद गोवा, शुभम (भवानी सिंह के पुत्र) और जगदीश सोलिया मौके पर मौजूद थे। इन गवाहों की मौजूदगी में पूरा विवाद हुआ। बताया जा रहा है कि इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और हंगामा साफ दिखाई दे रहा है।

    पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू
    कोतवाली पुलिस ने सवाई सिंह की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों के अनुसार, शासकीय जमीन से कब्जा हटाने को लेकर लंबे समय से तनाव की स्थिति बनी हुई थी, जो अब खुले विवाद में बदल गई।

  • जबलपुर में बुलडोजर एक्शन पर ब्रेक हाईकोर्ट ने कलेक्टर और निगम कमिश्नर को नोटिस भेजा

    जबलपुर में बुलडोजर एक्शन पर ब्रेक हाईकोर्ट ने कलेक्टर और निगम कमिश्नर को नोटिस भेजा


    जबलपुर । मध्यप्रदेश के जबलपुर में मदन महल पहाड़ी से विस्थापित किए जा रहे लोगों के पुनर्वास को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बड़ा हस्तक्षेप करते हुए अंतरिम रोक लगा दी है इस फैसले के बाद प्रशासनिक कार्रवाई पर फिलहाल विराम लग गया है और पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है कोर्ट ने इस संबंध में जबलपुर कलेक्टर और नगर निगम कमिश्नर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है

    मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रशासन से यह स्पष्ट करने को कहा है कि जिन स्थानों पर विस्थापितों को बसाया जा रहा है वहां मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं याचिकाकर्ताओं की ओर से यह दलील दी गई कि प्रस्तावित पुनर्वास स्थल पर रहने के लिए आवश्यक सुविधाओं का अभाव है जिससे विस्थापितों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है

    इस महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई संजीव सचदेवा और विनय सराफ की खंडपीठ में हुई जहां अदालत ने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए संतोषजनक जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 अप्रैल को निर्धारित की गई है जिस पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं

    दरअसल मदन महल पहाड़ी क्षेत्र में लंबे समय से अतिक्रमण की समस्या बनी हुई थी जिसे हटाने के लिए प्रशासन ने बड़े स्तर पर अभियान चलाया था यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत की जा रही है जिसका उद्देश्य पहाड़ी के प्राकृतिक स्वरूप को संरक्षित करना और अवैध कब्जों को हटाना है

    जानकारी के अनुसार 7 मार्च 2026 से इस अभियान को दोबारा शुरू किया गया और प्रशासन ने पुरवा क्षेत्र में ICMR के सामने स्थित करीब 700 अवैध कब्जों को हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई की इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों को हटाकर जबलपुर के तेवर क्षेत्र में पुनर्वासित करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी

    हालांकि विस्थापितों ने पुनर्वास स्थल की स्थिति को लेकर गंभीर आपत्तियां जताई हैं उनका कहना है कि वहां न तो पर्याप्त पानी की व्यवस्था है और न ही अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं ऐसे में बिना समुचित व्यवस्था के उन्हें वहां बसाना उनके जीवन स्तर को और अधिक कठिन बना सकता है

    हाईकोर्ट का यह निर्णय इस बात को रेखांकित करता है कि विकास और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के साथ साथ मानवीय पहलुओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता अदालत ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि पुनर्वास केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं बल्कि उसमें विस्थापितों के सम्मानजनक जीवन के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए

    फिलहाल प्रशासन इस मामले में अपना पक्ष तैयार करने में जुटा हुआ है और कोर्ट के निर्देशों के अनुसार आवश्यक जानकारी प्रस्तुत करने की तैयारी कर रहा है वहीं प्रभावित लोगों को भी उम्मीद है कि अदालत उनके हितों की रक्षा करेगी और उन्हें उचित सुविधाओं के साथ सुरक्षित पुनर्वास मिलेगा आने वाली सुनवाई इस पूरे मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है

  • शिकायत के बाद सख्त कार्रवाई: जगदीश नगर में 12 अवैध रो हाउस ढहाए, नगर निगम की बड़ी कार्रवाई

    शिकायत के बाद सख्त कार्रवाई: जगदीश नगर में 12 अवैध रो हाउस ढहाए, नगर निगम की बड़ी कार्रवाई


    इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर में अवैध निर्माण के खिलाफ नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बाणगंगा क्षेत्र के जगदीश नगर में बन रहे रो-हाउस को जमींदोज कर दिया। शिकायत मिलने के बाद निगम की रिमूवल टीम सोमवार को मौके पर पहुंची और अवैध कॉलोनी में बन रहे 12 रो-हाउस पर पोकलेन मशीन चलाकर उन्हें तोड़ दिया। कार्रवाई के दौरान 3 पोकलेन मशीन और 70 से अधिक निगमकर्मी मौजूद रहे, जिससे इलाके में हलचल मच गई।

    शिकायत के बाद जांच, फिर चला बुलडोजर

    नगर निगम के रिमूवल अधिकारी अंकेश बिरथरिया ने बताया कि कॉलोनी सेल विभाग को सर्वे नंबर 242/1 पर अवैध कॉलोनी काटने और रो-हाउस निर्माण की शिकायत मिली थी। जांच में पाया गया कि बिना अनुमति के निर्माण कार्य चल रहा है। इसके बाद भवन अनुज्ञा से संबंधित प्रक्रिया पूरी कर कार्रवाई का निर्णय लिया गया। बताया जा रहा है कि शुभम साहू नामक व्यक्ति द्वारा यह निर्माण कराया जा रहा था।

    6 तैयार, 6 निर्माणाधीन-सभी पर चला पोकलेन

    अधिकारियों के मुताबिक, यहां कुल 12 रो-हाउस बनाए जा रहे थे, जिनमें से 6 लगभग तैयार हो चुके थे और उनमें पुट्टी तक का काम पूरा हो गया था, जबकि 6 निर्माणाधीन थे। अच्छी बात यह रही कि इन रो-हाउस में कोई रह नहीं रहा था, जिससे कार्रवाई के दौरान किसी तरह का विरोध या जनहानि नहीं हुई। ये मकान 5 से 10 हजार वर्गफीट क्षेत्र में बनाए जा रहे थे।

    कमिश्नर के निर्देश के बाद तेज हुई कार्रवाई

    हाल ही में नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद से निगम की टीम लगातार ऐसे मामलों पर नजर रख रही है और अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आगे भी इस तरह की कॉलोनियों पर कार्रवाई जारी रहेगी।

    अवैध निर्माण पर सख्ती का संदेश

    इस कार्रवाई के जरिए नगर निगम ने साफ संदेश दिया है कि बिना अनुमति निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। शहर में अवैध कॉलोनियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन अब किसी भी तरह की लापरवाही के मूड में नहीं है।