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  • केंद्र का बड़ा फैसला: पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10 रुपये प्रति लीटर घटाई

    केंद्र का बड़ा फैसला: पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10 रुपये प्रति लीटर घटाई


    नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच आम जनता को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी घटाने का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटकर 3 रुपये प्रति लीटर रह गई है, जबकि डीजल पर इसे पूरी तरह खत्म कर शून्य कर दिया गया है।

    यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है, जब अमेरिका और इजरायल-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा है। सरकार का उद्देश्य इस वैश्विक अस्थिरता का असर सीधे आम उपभोक्ताओं पर पड़ने से रोकना है।

    निर्यात पर टैक्स, घरेलू बाजार को प्राथमिकता

    डीजल और ATF पर लगाया गया अतिरिक्त शुल्क सरकार ने घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए रणनीतिक कदम भी उठाए हैं। डीजल के निर्यात पर 21.5 रुपये प्रति लीटर और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) पर 29.5 रुपये प्रति लीटर का टैक्स लगाया गया है। इसके साथ ही, 2022 की एक पुरानी अधिसूचना को रद्द करते हुए आयातित ATF पर एक्साइज ड्यूटी में भी राहत दी गई है। इससे एविएशन सेक्टर को भी कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।

    OMC पर बढ़ा दबाव, भारी नुकसान का अनुमान

    कंपनियों को प्रति लीटर 48.8 रुपये तक का नुकसान रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को वर्तमान में ईंधन की बिक्री पर लगभग 48.8 रुपये प्रति लीटर तक का नुकसान हो रहा है। इसका मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी है। उम्मीद जताई जा रही है कि एक्साइज ड्यूटी में कटौती के बाद कंपनियां इस नुकसान को आंशिक रूप से समायोजित करेंगी और उपभोक्ताओं को राहत देने में मदद करेंगी।

    ब्रेंट क्रूड 101 डॉलर के पार, 40% की बढ़ोतरी

    मध्य पूर्व तनाव का सीधा असर, वैश्विक बाजार में उथल-पुथल पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। बीते एक महीने में ब्रेंट क्रूड करीब 40% बढ़कर 101 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। इसका असर पूरी दुनिया में ईंधन की कीमतों पर पड़ा है, लेकिन भारत में सरकार के हस्तक्षेप के चलते कीमतों को स्थिर बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।

    देश में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता, घबराने की जरूरत नहीं

    74 दिनों का भंडार, सरकार ने अफवाहों से बचने की दी सलाह पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में है। भारत के पास कुल 74 दिनों का भंडार है, जिसमें से करीब 60 दिनों का वास्तविक स्टॉक उपलब्ध है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के दुष्प्रचार या अफवाहों पर ध्यान न दें, क्योंकि सभी रिटेल पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त ईंधन उपलब्ध है।

  • ऊर्जा और कृषि पर सरकार का फोकस, Narendra Modi बोले—भारत आत्मनिर्भरता की राह पर


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने अपनी तैयारी मजबूत कर ली है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने संसद में स्पष्ट किया कि देश के पास उर्वरकों का पर्याप्त भंडार मौजूद है और आयात के स्रोतों को भी विविध बनाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में किसानों को किसी भी संकट से बचाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि खरीफ सीजन के लिए उर्वरकों की उपलब्धता पूरी तरह सुनिश्चित की गई है, जिससे खेती पर किसी तरह का नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। साथ ही ‘मेक इन इंडिया’ के तहत देश में ही उर्वरकों के उत्पादन को बढ़ावा दिया गया है, जिससे आयात पर निर्भरता कम हो रही है और किसानों को समय पर खाद मिल रही है।

    किसानों को राहत, सौर पंप और योजनाओं से मजबूती

    प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार ने किसानों की लागत घटाने और उन्हें ऊर्जा के वैकल्पिक साधन देने के लिए बड़े स्तर पर काम किया है। डीजल पर निर्भरता कम करने के लिए अब तक 22 लाख से ज्यादा सौर पंप किसानों को दिए जा चुके हैं। इससे न सिर्फ किसानों का खर्च कम हुआ है, बल्कि ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता भी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले से ही उर्वरकों की जरूरत का आकलन कर लिया है और पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा है, ताकि किसी भी वैश्विक संकट का असर किसानों तक न पहुंचे। यह कदम देश की खाद्य सुरक्षा को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है।

    इथेनॉल मिश्रण से घटा तेल आयात, ऊर्जा सुरक्षा को बल

    ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत को बड़ी सफलता इथेनॉल मिश्रण से मिल रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि इथेनॉल ब्लेंडिंग के कारण देश हर साल लगभग 4.5 करोड़ बैरल तेल के आयात को कम करने में सफल हो रहा है। यह न सिर्फ विदेशी मुद्रा की बचत कर रहा है, बल्कि वैश्विक तेल बाजार में उतार चढ़ाव से भी देश को बचा रहा है। सरकार वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में केंद्र ने राज्यों को 15,000 ई बसें भी उपलब्ध कराई हैं, जिससे स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा मिल रहा है।

    ऊर्जा और औद्योगिक क्षेत्र के लिए रणनीति, अर्थव्यवस्था मजबूत

    प्रधानमंत्री ने कहा कि ऊर्जा किसी भी अर्थव्यवस्था की रीढ़ होती है और पश्चिम एशिया वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का प्रमुख स्रोत है। ऐसे में सरकार ने संभावित व्यवधानों से निपटने के लिए व्यापक रणनीति बनाई है। हाल ही में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की बैठक में उर्वरकों के वैकल्पिक स्रोतों, बिजली संयंत्रों में पर्याप्त कोयला भंडार और जरूरी आयात के स्रोतों में विविधता लाने पर चर्चा की गई। रसायन, फार्मास्यूटिकल्स और पेट्रोकेमिकल्स जैसे क्षेत्रों के लिए भी नई रणनीतियां तैयार की जा रही हैं। साथ ही भारतीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए नए निर्यात बाजार विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि देश की अर्थव्यवस्था किसी भी वैश्विक संकट में मजबूत बनी रहे।