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  • ऊर्जा सुरक्षा में बड़ी उपलब्धि, भारत ने फिर पार किया 1 अरब टन कोयला उत्पादन का आंकड़ा

    ऊर्जा सुरक्षा में बड़ी उपलब्धि, भारत ने फिर पार किया 1 अरब टन कोयला उत्पादन का आंकड़ा


    नई दिल्ली देश की ऊर्जा ऊर्जा को पूरा करने की दिशा में भारत ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। लगातार दूसरे वर्ष भारत ने 1 अरब टन (बिलियन टन) कोयला उत्पादन का लक्ष्य पार कर लिया है, जो आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम उठाने पर विचार कर रहा है।

    20 मार्च को ऐतिहासिक लक्ष्य प्राप्त हुआ

    कोयला मंत्रालय के अनुसार, 20 मार्च को यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई। मंत्रालय ने इसे ऊर्जा क्षेत्र में स्थिरता और औद्योगिक विकास के लिए बेहद अहम बताया है। यह सफलता न केवल प्लाज्मा बिजली की मांग को पूरा करने में मदद करेगी, बल्कि प्लांट को प्लांटेशन की आपूर्ति भी सुनिश्चित करेगी।

    सहयोग और रणनीति से मिली सफलता

    मंत्रालय का कहना है, इस उपलब्धि के पीछे बेहतर योजना, प्रभावशाली इंजीनियर और मजबूत शक्तिशाली चेन शेयरों की अहम भूमिका है। कोयला उत्पादन एवं वितरण में सभी हितधारकों के बीच इस लक्ष्य को संभव बनाया गया।

    सेक्टर सेक्टर में भी सुधार

    वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी में देश के आठ प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की संयुक्त यूनिट 2.3% बढ़ी है।

    कोयला उत्पादन: 2.3% वृद्धि
    बिजली उत्पादन: 0.5% वृद्धि
    ये दस्तावेज हैं कि देश की दृष्टि मजबूत संरचना मजबूत हो रही है।

    थर्मल पावर प्लांट्स के पास ऑटोमोबाइल स्टॉक

    पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बावजूद देश के ताप विद्युत संयंत्रों के पास करीब 53.41 मिलियन टन कोयला भंडार मौजूद है, जिसकी करीब 23 दिन की जरूरत है। इसके अलावा, खदानों के पास भी अतिरिक्त भंडार रखा जा रहा है, ताकि भविष्य की मांग को आसानी से पूरा किया जा सके।

    जमाकर्ता की भूमिका सुनिश्चित करने में

    कोल इंडिया लिमिटेड भी छोटे, मध्यम और सभी बड़े उद्योगों के लिए मजबूत कोयला खदानों के लिए सक्रिय कदम उठा रही है।

    आत्मनिर्भर भारत की ओर मजबूत कदम

    इस उपलब्धि में यह शामिल है कि भारत ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। स्थिर आपूर्ति, बेहतर प्रबंधन और व्यापक उत्पादन क्षमता देश की आर्थिक प्रगति को भी नई गति दे रही है।

  • अबू धाबी में इंडियन ऑयल का ऐतिहासिक सफलता, तेल के नए भंडार की खोज

    अबू धाबी में इंडियन ऑयल का ऐतिहासिक सफलता, तेल के नए भंडार की खोज

    नई दिल्ली। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को जानकारी दी कि भारत की तेल कंपनियों को अबू धाबी में एक बड़ी सफलता मिली है। यहां इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) और भारत पेट्रो रिसोर्सेज लिमिटेड (बीपीसीएल) का संयुक्त उपक्रम, ऊर्जा भारत प्राइवेट लिमिटेड (यूबीपीएल), शिलैफ और हबशन क्षेत्रों में हल्के कच्चे तेल का भंडार खोजने में सफल रहा।

    प्रधानमंत्री मोदी के ऊर्जा आत्मनिर्भरता प्रयास में योगदान

    केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में नया मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि यह सफलता भारतीय इंजीनियरों और वैज्ञानिकों की मेहनत और तकनीकी क्षमता को दिखाती है। इससे न केवल भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि विदेशी निर्भरता कम करने में भी मदद मिलेगी।

    देश में तेल और गैस खोज के नए कदम

    भारत में तेल और गैस की खोज के लिए ‘मिशन अन्वेषण’ पहल शुरू की गई है, जो देश के इतिहास का सबसे बड़ा सर्वेक्षण कार्यक्रम है। इसके तहत 20,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में सर्वे किया जाना है, जिसमें से अब तक 8,000 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र का सर्वे पूरा हो चुका है। इसके अलावा अब 10 लाख वर्ग किलोमीटर समुद्री क्षेत्र को तेल खोज के लिए खोला गया है और 99 प्रतिशत प्रतिबंधित क्षेत्र हटा दिए गए हैं।

    ओपन एकरेज लाइसेंसिंग प्रोग्राम और निवेश संभावनाएं

    ओपन एकरेज लाइसेंसिंग प्रोग्राम के तहत देशी और विदेशी कंपनियों को तेल और गैस क्षेत्रों में निवेश करने का अवसर मिल रहा है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश में 25 नए तेल और गैस क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं, 154 क्षेत्र सक्रिय हैं, और अब तक 14 नई खोजें सफल रही हैं। आने वाला समय निवेश और भागीदारी के नए रिकॉर्ड बना सकता है।

    यूबीपीएल की इस खोज ने इंडियन ऑयल और बीपीसीएल के संयुक्त प्रयासों को सार्थक किया है। भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को ध्यान में रखते हुए यह खोज रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आने वाले वर्षों में इसके सकारात्मक असर से देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।