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  • रिकॉर्ड और ट्रॉफियां नहीं वापसी की ताकत बनाती है महान युवराज सिंह का बेन स्टोक्स के लिए भावुक संदेश

    रिकॉर्ड और ट्रॉफियां नहीं वापसी की ताकत बनाती है महान युवराज सिंह का बेन स्टोक्स के लिए भावुक संदेश


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर बेन स्टोक्स के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह ने उन्हें भावुक अंदाज में विदाई दी है। युवराज ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लंबा संदेश साझा करते हुए स्टोक्स के शानदार करियर के साथ उनकी संघर्ष से उबरने की क्षमता की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी की महानता केवल रिकॉर्ड या ट्रॉफियों से नहीं बल्कि हर कठिन दौर के बाद फिर मजबूती से खड़े होने की ताकत से तय होती है।

    युवराज सिंह ने अपने संदेश में स्टोक्स के करियर के कई यादगार पलों का जिक्र किया। उन्होंने विश्व कप फाइनल में खेली गई ऐतिहासिक पारी और हेडिंग्ले टेस्ट में नाबाद 135 रन की पारी को क्रिकेट इतिहास की सबसे यादगार पारियों में से एक बताया। युवराज ने कहा कि इन पारियों ने यह साबित कर दिया कि असंभव दिखने वाली परिस्थितियों में भी जीत हासिल की जा सकती है।

    युवराज ने स्टोक्स की मानसिक मजबूती की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषय पर खुलकर बात करने का साहस हर खिलाड़ी में नहीं होता लेकिन स्टोक्स ने इसे पूरी ईमानदारी से दुनिया के सामने रखा। इसके अलावा अपने पिता को खोने जैसे निजी दुख के बावजूद उन्होंने जिस तरह हर बार खुद को संभाला और मैदान पर वापसी की वह प्रेरणादायक है।

    पूर्व भारतीय ऑलराउंडर ने लिखा कि वह खुद भी अपने करियर में सफलता और संघर्ष के कई दौर से गुजर चुके हैं इसलिए वह स्टोक्स के सफर को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के शिखर पर पहुंचने और फिर कठिन परिस्थितियों का सामना करने का अनुभव उन्होंने भी किया है और स्टोक्स में उन्हें वही जज्बा दिखाई दिया।

    युवराज ने कहा कि यही गुण किसी अच्छे खिलाड़ी को महान खिलाड़ी बनाता है। रिकॉर्ड टूटते रहते हैं ट्रॉफियां भी समय के साथ इतिहास का हिस्सा बन जाती हैं लेकिन मुश्किलों के बाद दोबारा उठ खड़े होने की क्षमता हमेशा याद रखी जाती है। उन्होंने स्टोक्स को दो विश्व कप जीतने वाला खिलाड़ी और ऐसा कप्तान बताया जिसने अपनी टीम में यह भरोसा जगाया कि कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।

    35 वर्षीय बेन स्टोक्स ने वर्ष 2011 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। अपने 15 साल लंबे करियर में उन्होंने इंग्लैंड के लिए 122 टेस्ट 114 वनडे और 43 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 7273 रन और 252 विकेट दर्ज हैं जबकि वनडे में उन्होंने 3463 रन बनाने के साथ 74 विकेट भी हासिल किए। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उन्होंने 585 रन बनाए और 26 विकेट अपने नाम किए।

    स्टोक्स इंग्लैंड के सबसे प्रभावशाली ऑलराउंडरों में गिने जाते हैं। दो विश्व कप जीतने के अलावा एशेज सीरीज में उनके कई यादगार प्रदर्शन और कप्तान के रूप में इंग्लैंड की टेस्ट टीम में लाए गए बदलाव उन्हें आधुनिक दौर के महान क्रिकेटरों में शामिल करते हैं। युवराज सिंह का संदेश भी इसी बात का प्रमाण है कि स्टोक्स का प्रभाव केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं बल्कि क्रिकेट जगत के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।

  • नाइटक्लब विवाद के बीच इंग्लैंड टीम में बड़ा बदलाव, बेन स्टोक्स और गस एटकिंसन दूसरे टेस्ट से बाहर

    नाइटक्लब विवाद के बीच इंग्लैंड टीम में बड़ा बदलाव, बेन स्टोक्स और गस एटकिंसन दूसरे टेस्ट से बाहर


    नई दिल्ली । न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी दूसरे टेस्ट मैच से पहले इंग्लैंड क्रिकेट टीम में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। टीम के नियमित कप्तान बेन स्टोक्स और तेज गेंदबाज गस एटकिंसन को दूसरे टेस्ट के लिए घोषित स्क्वॉड में शामिल नहीं किया गया है। यह निर्णय हाल ही में सामने आए कथित नाइटक्लब विवाद और उससे जुड़ी जांच के बीच लिया गया है। वहीं, अनुभवी बल्लेबाज जो रूट को टीम की अंतरिम कप्तानी सौंपी गई है।

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह मामला पहले टेस्ट मैच में इंग्लैंड की जीत के बाद हुए जश्न से जुड़ा है। बताया गया है कि खिलाड़ी पहले ड्रेसिंग रूम और बाद में लंदन के एक पब में मौजूद थे। इसके बाद कुछ खिलाड़ी चेल्सी स्थित एक नाइटक्लब पहुंचे, जहां देर रात कथित रूप से एक झड़प की घटना सामने आई। रिपोर्ट्स में बेन स्टोक्स, गस एटकिंसन, इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) की सुरक्षा टीम के एक सदस्य और एक रग्बी खिलाड़ी का नाम सामने आया है।

    हालांकि उपलब्ध रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि स्टोक्स और एटकिंसन सीधे तौर पर किसी शारीरिक झड़प में शामिल नहीं थे। घटना में सुरक्षा दल का एक सदस्य घायल हुआ था, लेकिन मामले में पुलिस हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं पड़ी और फिलहाल किसी आपराधिक कार्रवाई की संभावना भी नहीं जताई गई है। इसके बावजूद घटना ने इंग्लैंड क्रिकेट के भीतर अनुशासन और टीम संस्कृति को लेकर बहस छेड़ दी है।

    ईसीबी और संबंधित संस्थाएं इस मामले की जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने तक स्टोक्स और एटकिंसन को दूसरे टेस्ट की टीम से बाहर रखा गया है। रिपोर्टों के अनुसार एटकिंसन की अनुपस्थिति को औपचारिक निलंबन नहीं माना जा रहा, बल्कि यह कदम जांच प्रक्रिया और खिलाड़ी के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

    इस बीच जो रूट को टीम की कमान सौंपना इंग्लैंड क्रिकेट के लिए एक सुरक्षित और अनुभवी विकल्प माना जा रहा है। रूट इससे पहले 2017 से 2022 के बीच इंग्लैंड की टेस्ट टीम की कप्तानी कर चुके हैं और उनके नेतृत्व में टीम ने कई महत्वपूर्ण जीत दर्ज की थीं। ऐसे में न्यूजीलैंड के खिलाफ अहम मुकाबले में उनकी वापसी को टीम के लिए सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

    रिपोर्टों के मुताबिक बेन स्टोक्स फिलहाल मामले पर सार्वजनिक टिप्पणी करने से बच रहे हैं और उन्होंने अपनी स्थिति तथा भविष्य को लेकर विचार करने के लिए कुछ निजी समय मांगा है। दूसरी ओर क्रिकेट प्रशंसकों और विशेषज्ञों की नजरें ईसीबी की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे आगे की तस्वीर साफ हो सकेगी।

    यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब इंग्लैंड क्रिकेट टीम पहले से ही अपने प्रदर्शन, अनुशासन और टीम संस्कृति को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रही है। दिलचस्प बात यह है कि पहले टेस्ट से पहले मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम ने खिलाड़ियों को देर रात तक बाहर रहने और अनुशासनहीनता से बचने की सलाह दी थी। अब दूसरे टेस्ट से ठीक पहले सामने आए इस विवाद ने टीम प्रबंधन के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।

    न्यूजीलैंड के खिलाफ द ओवल में 17 जून से शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड की टीम नए नेतृत्व में मैदान पर उतरेगी। इस मुकाबले के साथ-साथ सभी की नजरें जांच के नतीजों और बेन स्टोक्स की भविष्य की भूमिका पर भी बनी रहेंगी।

  • IPL से जुड़ी फ्रेंचाइजी का संकेत, The Hundred में पाक खिलाड़ियों की राह मुश्किल?

    IPL से जुड़ी फ्रेंचाइजी का संकेत, The Hundred में पाक खिलाड़ियों की राह मुश्किल?


    नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के तनावपूर्ण कूटनीतिक रिश्तों की छाया अब वैश्विक फ्रेंचाइजी क्रिकेट पर भी पड़ती नजर आ रही है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक इंग्लैंड की 100 गेंदों की लीग द हंड्रेड के आगामी सत्र में उन टीमों द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर विचार नहीं किया जा सकता जिनका स्वामित्व आंशिक रूप से Indian Premier League से जुड़ी फ्रेंचाइजियों के पास है। अगले महीने प्रस्तावित खिलाड़ी नीलामी से पहले यह संकेत क्रिकेट जगत में हलचल पैदा कर रहा है।

    21 जुलाई से 16 अगस्त तक खेले जाने वाले इस टूर्नामेंट के नए सीजन में निजी निवेश बढ़ने के कारण खिलाड़ियों की सैलरी में उल्लेखनीय इजाफा होने की संभावना है। ऐसे में अगर आईपीएल से जुड़ी फ्रेंचाइजियां पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नजरअंदाज करती हैं तो वे संभावित आर्थिक लाभ से वंचित रह सकते हैं। हालांकि इसे किसी आधिकारिक प्रतिबंध के रूप में घोषित नहीं किया गया है लेकिन मौजूदा भारत-पाक संबंधों की पृष्ठभूमि में इसे रणनीतिक रुख के तौर पर देखा जा रहा है।

    ब्रिटिश मीडिया संस्थान BBC की एक रिपोर्ट के अनुसार इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कथित तौर पर एक खिलाड़ी एजेंट को संकेत दिया कि उसके पाकिस्तानी खिलाड़ियों में रुचि केवल उन्हीं टीमों तक सीमित रह सकती है जिनका आईपीएल से कोई संबंध नहीं है। हालांकि इस मुद्दे पर न तो बोर्ड और न ही किसी फ्रेंचाइजी की ओर से आधिकारिक पुष्टि की गई है जिससे स्थिति अभी अटकलों के दायरे में है।

    द हंड्रेड में कुल आठ टीमें हिस्सा लेती हैं और इनमें से कई में आईपीएल से जुड़ी कंपनियों की हिस्सेदारी है। उदाहरण के तौर पर मैनचेस्टर ओरिजिनल्स ओवल इनविंसिबल्स सदर्न ब्रेव और नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स जैसी टीमों में भारतीय निवेशकों की भागीदारी बताई जाती है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि इन टीमों की चयन नीति पर आईपीएल की कारोबारी प्राथमिकताओं और राजनीतिक संवेदनशीलताओं का असर पड़ सकता है।

    गौरतलब है कि 2008 के बाद से पाकिस्तानी खिलाड़ी आईपीएल का हिस्सा नहीं रहे हैं। यदि इसी तरह का रुख आईपीएल से जुड़ी विदेशी फ्रेंचाइजियों में भी अपनाया जाता है तो अंतरराष्ट्रीय टी20 बाजार में पाक खिलाड़ियों के अवसर सीमित हो सकते हैं। एक अन्य एजेंट ने इसे भारतीय निवेश वाली टी20 लीगों में अनलिखा नियम तक करार दिया है हालांकि औपचारिक रूप से ऐसा कोई नियम सार्वजनिक नहीं है।

    विशेषज्ञ मानते हैं कि आधुनिक फ्रेंचाइजी क्रिकेट अब केवल खेल तक सीमित नहीं रहा बल्कि यह बहु-अरब डॉलर का वैश्विक व्यावसायिक मॉडल बन चुका है। निवेशकों के हित ब्रांड छवि राजनीतिक समीकरण और बाजार रणनीति ये सभी कारक टीम चयन को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि अंतिम तस्वीर नीलामी के दौरान ही साफ होगी लेकिन फिलहाल संकेत यही हैं कि द हंड्रेड के आगामी सत्र में पाकिस्तानी खिलाड़ियों के लिए राह पहले जितनी सहज नहीं दिख रही।

  • करन के कसी यॉर्कर ने नेपाल का सपना तोड़ा, इंग्लैंड ने 4 रन से जीता रोमांचक मुकाबला

    करन के कसी यॉर्कर ने नेपाल का सपना तोड़ा, इंग्लैंड ने 4 रन से जीता रोमांचक मुकाबला


    नई दिल्ली । टी20 वर्ल्ड कप 2026 के पांचवें मुकाबले में वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड और नेपाल के बीच जबरदस्त रोमांचक मुकाबला हुआ। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड ने जैकब बेथेल55 और कप्तान हैरी ब्रूक53 की आक्रामक पारियों की बदौलत 20 ओवर में 7 विकेट पर 184 रन का मजबूत स्कोर बनाया। बेथेल ने अपने टी20 विश्व कप डेब्यू पर 35 गेंदों में चार चौके और चार छक्के की मदद से अर्धशतक जड़ा, जबकि ब्रूक ने 32 गेंदों में चार छक्के और तीन चौके लगाकर टीम को आगे बढ़ाया। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 71 रन की अहम साझेदारी कर इंग्लैंड की पारी को मजबूती दी।

    नेपाल की तरफ से शेर मल्ला ने फिल सॉल्ट1 को अपने दूसरे ओवर की पहली गेंद पर ही कैच आउट कर टीम को पहला सफलता दिलाई। इसके बाद नंदन यादव ने जोस बटलर 26 का विकेट लिया, जबकि संदीप लामिछाने ने टॉम बैंटन को एलबीडब्ल्यू आउट कर इंग्लैंड को तीसरी सफलता दिलाई। हालांकि इंग्लैंड ने कमजोर शुरुआत के बावजूद अंत में जोरदार बल्लेबाजी की और अंतिम तीन ओवरों में 45 रन जोड़कर 184 का लक्ष्य सेट किया। विल जैक्स ने 18 गेंदों में 39* रन बनाकर पारी को मजबूती दी। नेपाल के गेंदबाजों ने अनुशासन दिखाया, लेकिन इंग्लैंड की आक्रामक बल्लेबाजी के सामने वे ज्यादा टिक नहीं सके।

    जवाब में नेपाल की शुरुआत भी आक्रामक रही। कुशल भुर्तेल ने 17 गेंदों में 29 रन बनाए, लेकिन 6वें ओवर में विल जैक्स को कैच थमा बैठे। पहले झटके के बाद कप्तान रोहित पौडेल39 और दीपेंद्र सिंह ऐरी39 ने तीसरे विकेट के लिए 82 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर पारी को संभाला। 14वें ओवर में पौडेल ने अनुभवी राशिद खान पर जबरदस्त हमला किया और स्विच-हिट के जरिए शानदार शॉट खेला। लेकिन ड्रिंक्स ब्रेक के बाद नेपाल की लय टूट गई और 15वें ओवर में ऐरी गलत शॉट खेलकर आउट हो गए। इसके बाद पौडेल भी लियाम डॉसन की गेंद पर कैच हो गए।

    अंतिम ओवरों में लोकेश बाम ने 20 गेंदों में नाबाद 39 रन बनाकर नेपाल को जीत के बेहद करीब पहुंचा दिया। उन्होंने 18वें ओवर में जॉफ्रा आर्चर पर दो छक्के और 19वें ओवर में ल्यूक वुड पर लगातार दो चौके लगाए। लेकिन आखिरी ओवर में नेपाल को 10 रन चाहिए थे, और सैम करन की कसी हुई यॉर्कर ने नेपाल की उम्मीदों को तोड़ दिया। नेपाल इस ओवर में सिर्फ 5 रन ही जोड़ सका और मैच 4 रन से हार गया। इंग्लैंड की जीत में सैम करन की नर्वस फिनिश और कसी गेंदबाजी निर्णायक साबित हुई। नेपाल ने दिल जीतने वाला प्रदर्शन किया, लेकिन अनुभव और दबाव के सामने वह 184 का पीछा नहीं कर पाया।

  • चोट का झटका: इंग्लैंड के तीसरे तेज गेंदबाज एटकिंसन सिडनी में नहीं खेलेंगे

    चोट का झटका: इंग्लैंड के तीसरे तेज गेंदबाज एटकिंसन सिडनी में नहीं खेलेंगे


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज गस एटकिंसन चोट के कारण एशेज 2025 की निर्णायक कड़ीसिडनी टेस्टसे बाहर हो गए हैं। बाएं जांघ की मांसपेशियों में खिंचाव के चलते एटकिंसन 4 जनवरी से सिडनी में होने वाले मुकाबले में चयन के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे। यह जानकारी इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने मेडिकल जांच के बाद साझा की।

    एटकिंसन को यह चोट मेलबर्न में खेले गए चौथे टेस्ट के दौरान लगी थी। ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में अपने पांचवें ओवर की अंतिम गेंद डालते समय उन्होंने असहजता महसूस की और तुरंत मैदान छोड़ दिया। अगले दिन कराए गए स्कैन में मांसपेशियों में खिंचाव की पुष्टि हुई। टीम मैनेजमेंट ने सुरक्षित विकल्प के तौर पर उन्हें सिडनी टेस्ट से बाहर रखने का फैसला किया।इस सीरीज में एटकिंसन चोटों के कारण बाहर होने वाले इंग्लैंड के तीसरे तेज गेंदबाज हैं। इससे पहले मार्क वुड घुटने की समस्या और जोफ्रा आर्चर साइड स्ट्रेन के कारण स्वदेश लौट चुके हैं। लगातार चोटों ने इंग्लैंड की तेज गेंदबाजी आक्रमण को कमजोर किया है। हालांकि टीम प्रबंधन का कहना है कि मौजूदा स्क्वॉड में पर्याप्त विकल्प मौजूद हैं।

    दिलचस्प बात यह है कि एटकिंसन की गैरमौजूदगी के बावजूद इंग्लैंड ने मेलबर्न टेस्ट में ऐतिहासिक जीत दर्ज की। टीम ने ऑस्ट्रेलिया को दूसरी पारी में केवल 132 रन पर समेटा और 175 रनों का लक्ष्य चार विकेट शेष रहते हासिल किया। यह जनवरी 2011 के बाद विदेशी धरती पर इंग्लैंड की पहली एशेज टेस्ट जीत थीजिसने टीम का मनोबल काफी बढ़ाया।सिडनी टेस्ट के लिए टीम ने किसी नए खिलाड़ी को शामिल नहीं करने का निर्णय लिया है। टीम प्रबंधन के अनुसारमैथ्यू पॉट्स अब तक इस सीरीज में नहीं खेले हैं और तेज गेंदबाजी के विकल्प के तौर पर उपलब्ध हैं। इसके अलावा मार्क वुड के बाहर होने के बाद मैथ्यू फिशर को पहले ही सीनियर स्क्वॉड में जोड़ा जा चुका है।

    स्पिन विभाग में भी रणनीतिक विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। यदि इंग्लैंड अतिरिक्त स्पिनर के साथ उतरने का फैसला करता हैतो शोएब बशीर को मौका मिल सकता है। हालांकि सिडनी की पिच को देखते हुए तेज गेंदबाजों पर निर्भरता बनाए रखने की संभावना अधिक मानी जा रही है।एटकिंसन के लिए चोटें नया विषय नहीं हैं। इससे पहले भी वह हैमस्ट्रिंग समस्या के कारण भारत के खिलाफ शुरुआती टेस्ट नहीं खेल पाए थे। हालांकि वापसी पर उन्होंने प्रभावशाली प्रदर्शन किया था। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उनका प्रदर्शन औसत रहा और तीन टेस्ट में कुल छह विकेट लिए।अब निगाहें सिडनी टेस्ट पर हैंजहां इंग्लैंड चोटों के बावजूद सीरीज का समापन मजबूती से करने की कोशिश करेगा। यह मुकाबला न केवल सीरीज के नतीजे के लिएबल्कि इंग्लैंड के भविष्य के तेज गेंदबाजी संयोजन के लिए भी अहम माना जा रहा है।

  • जोफ्रा आर्चर का पांच विकेट हॉल बेकार ऑस्ट्रेलिया ने तीसरे एशेज टेस्ट में कसा शिकंजा

    जोफ्रा आर्चर का पांच विकेट हॉल बेकार ऑस्ट्रेलिया ने तीसरे एशेज टेस्ट में कसा शिकंजा


    नई दिल्ली । तीसरे एशेज टेस्ट के दूसरे दिन इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच विकेट लिए। हालांकि इस गेंदबाजी प्रदर्शन के बावजूद ऑस्ट्रेलिया ने मैच पर अपनी पकड़ मजबूत रखी और इंग्लैंड को बैकफुट पर धकेल दिया।

    एडिलेड में खेले जा रहे इस टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। हालांकि ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत अच्छी नहीं रही लेकिन एलेक्स कैरी 106 और उस्मान ख्वाजा 82 की शानदार पारियों ने ऑस्ट्रेलिया को 371 रनों के स्कोर तक पहुंचाया। इस बीच मिचेल स्टार्क 54 और जोश इंग्लिस 32 ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया जिससे इंग्लैंड की टीम को कठिन चुनौती का सामना करना पड़ा।

    इंग्लैंड के लिए जोफ्रा आर्चर ने मैच के दूसरे दिन जबरदस्त गेंदबाजी की और पांच विकेट हॉल लिया लेकिन इसके बावजूद इंग्लैंड को ऑस्ट्रेलिया के विशाल स्कोर का पीछा करने में मुश्किलें आ रही हैं। इसके अलावा ब्रायडन कार्स और विल जैक्स ने भी 2-2 विकेट हासिल किए लेकिन इंग्लैंड की टीम ने जल्द ही अपने सभी विकेट गंवा दिए और 371 रनों के स्कोर पर आउट हो गई।

    इंग्लैंड के लिए अब संघर्ष और भी बढ़ गया क्योंकि पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए उनकी शुरुआत खराब रही। 37 रन पर पहला विकेट गिरने के बाद इंग्लैंड की स्थिति और भी नाजुक हो गई। इंग्लैंड ने अगले 5 रनों में 2 और विकेट खो दिए जिससे उनकी पारी पर संकट मंडराता दिख रहा है।

    इस सीरीज में इंग्लैंड पहले ही दो मैच हार चुका है और यदि वे इस टेस्ट मैच में भी हार जाते हैं तो वे एशेज ट्रॉफी हारने के कगार पर पहुंच जाएंगे। इस स्थिति में इंग्लैंड के लिए सीरीज को बचाने के लिए इस मैच में दमदार वापसी करना आवश्यक होगा। हालांकि दो मुकाबले अभी बाकी हैं लेकिन ऑस्ट्रेलिया के पास 3-0 की बढ़त के साथ एशेज ट्रॉफी की ओर कदम बढ़ाए हुए हैं।