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  • इंग्लैंड के लिए नहीं खेल सके फिर भी करियर में मचाया धमाल, 32 की उम्र में 512 विकेट लेकर लिया संन्यास

    इंग्लैंड के लिए नहीं खेल सके फिर भी करियर में मचाया धमाल, 32 की उम्र में 512 विकेट लेकर लिया संन्यास


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के घरेलू क्रिकेट के अनुभवी तेज गेंदबाज क्रेग माइल्स ने महज 32 साल की उम्र में प्रोफेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। करीब 15 साल लंबे करियर में 500 से ज्यादा विकेट लेने वाले माइल्स ने यह फैसला अपनी मानसिक सेहत को प्राथमिकता देते हुए लिया। उनके संन्यास की खबर सामने आने के बाद क्रिकेट जगत में उनकी उपलब्धियों के साथ उनके इस फैसले की भी चर्चा हो रही है। माइल्स ने ग्लूस्टरशायर काउंटी क्लब की वेबसाइट पर एक भावुक खुले पत्र के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी।

    क्रेग माइल्स ने जून 2026 में विटैलिटी ब्लास्ट के दौरान ग्लूस्टरशायर के लिए अपना आखिरी मुकाबला खेला था। इसके बाद वह क्रिकेट से दूर हो गए। इस दौरान उन्होंने अपने करियर और मानसिक स्थिति को लेकर काफी विचार किया। लगातार क्रिकेट खेलने के दबाव और खुद से रखी गई ऊंची उम्मीदों ने उनके लिए मुश्किलें बढ़ा दी थीं। आखिरकार उन्होंने महसूस किया कि अब अपनी मानसिक सेहत को नजरअंदाज करके खेल को जारी रखना सही नहीं होगा।

    माइल्स ने बताया कि क्रिकेट छोड़ने का निर्णय उनके लिए आसान नहीं था। करियर के शुरुआती दौर में भी उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा था लेकिन तब वह खराब फॉर्म या मुश्किल दौर को खेल का हिस्सा मानकर आगे बढ़ जाते थे। इस बार परिस्थितियां अलग थीं। उन्हें महसूस होने लगा था कि वह उस मानसिक स्थिति में नहीं हैं जहां अपने तय किए हुए स्तर के मुताबिक ट्रेनिंग और प्रदर्शन कर सकें।

    तेज गेंदबाज ने अपने करियर में खुद से काफी ऊंचे मानक तय किए थे। जब प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं होता था तो वह अपनी क्षमता पर सवाल उठाने लगते थे। लगातार आत्मसंदेह और मानसिक दबाव ने उनके लिए खेल को पहले जैसा सहज नहीं रहने दिया। ऐसे में उन्होंने क्रिकेट से दूरी बनाने के बजाय पूरी तरह संन्यास लेने का फैसला किया ताकि अपनी सेहत और जिंदगी के दूसरे पहलुओं पर ध्यान दे सकें।

    क्रेग माइल्स का घरेलू क्रिकेट करियर शानदार रहा है। उन्होंने महज 16 साल की उम्र में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में पदार्पण किया था। इसके बाद उन्होंने ग्लूस्टरशायर के लिए लंबे समय तक बेहतरीन प्रदर्शन किया। 15 साल के करियर में उन्होंने 111 फर्स्ट क्लास मुकाबले 57 लिस्ट ए मैच और 71 टी20 मुकाबले खेले। इन सभी प्रारूपों को मिलाकर उनके नाम कुल 512 विकेट दर्ज हैं। इतनी बड़ी उपलब्धि के बावजूद उन्हें इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने का मौका नहीं मिला।

    माइल्स के करियर में वनडे कप और काउंटी चैंपियनशिप जैसे खिताब भी शामिल रहे। संन्यास के समय उन्होंने अपने करियर की उपलब्धियों पर गर्व जताया और कहा कि अब वह इन सफलताओं को पहले से बेहतर नजरिए से देख पा रहे हैं। ग्लूस्टरशायर के क्रिकेट निदेशक जॉन लुईस ने भी उनके फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अपनी परेशानियों के बारे में खुलकर बात करना कमजोरी नहीं बल्कि साहस और मजबूत चरित्र की निशानी है।

    क्रेग माइल्स का फैसला यह संदेश भी देता है कि खेल में उपलब्धियां कितनी भी बड़ी क्यों न हों लेकिन मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। 512 विकेट और लंबा घरेलू करियर उनके प्रदर्शन की गवाही देते हैं। अब वह क्रिकेट के मैदान से बाहर एक नई जिंदगी की शुरुआत करेंगे।

  • श्रीलंका की पारी 145 रन पर सिमटी फिर इंग्लैंड ने 47 गेंद बाकी रहते जीता मैच: बैंटन ने 52 रन की नाबाद पारी खेली

    श्रीलंका की पारी 145 रन पर सिमटी फिर इंग्लैंड ने 47 गेंद बाकी रहते जीता मैच: बैंटन ने 52 रन की नाबाद पारी खेली


    नई दिल्ली। कार्डिफ में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में इंग्लैंड ने श्रीलंका को 6 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। श्रीलंका ने शुरुआत में तेजी दिखाई लेकिन शुरुआती साझेदारी टूटने के बाद उसकी पारी लड़खड़ा गई। पूरी टीम 20 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 145 रन ही बना सकी। इसके जवाब में इंग्लैंड ने बेहद आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 12.1 ओवर में 146 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

    श्रीलंका की पारी की शुरुआत पाथुम निसांका और लाहिरू उदारा ने तेज अंदाज में की। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 5.3 ओवर में 56 रन जोड़कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। निसांका ने 21 गेंदों पर 4 चौकों और एक छक्के की मदद से 37 रन बनाए। उदारा ने 20 गेंदों पर 21 रन की पारी खेली। शुरुआती साझेदारी टूटने के बाद श्रीलंका के विकेट लगातार गिरते रहे और टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी।

    कप्तान चरिथ असालंका ने 31 गेंदों पर 3 चौकों की मदद से 31 रन बनाए जबकि वानिंदु हसरंगा ने 22 गेंदों पर 2 चौकों और एक छक्के की मदद से 27 रन जोड़े। इंग्लैंड की ओर से लियाम डॉसन सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने अपने चार ओवर में 32 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। जोफ्रा आर्चर और जेमी ओवरटन को दो दो विकेट मिले जबकि सोनी बाकेर और आदिल रशीद को एक एक सफलता मिली।

    146 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने पहले ही ओवरों से आक्रामक रुख अपनाया। जोस बटलर और ए डोनाल्ड ने पहले विकेट के लिए 4.4 ओवर में 51 रन जोड़ दिए। डोनाल्ड ने 13 गेंदों पर 21 रन बनाए जबकि बटलर ने 16 गेंदों पर 30 रन की तेज पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों के लगातार आउट होने से इंग्लैंड को कुछ झटका लगा लेकिन टीम की रन गति पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ा।

    पिछले मुकाबले में शतक लगाने वाले इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने भी तेजी से रन जुटाए। उन्होंने केवल 8 गेंदों पर तीन छक्कों की मदद से 23 रन बनाए लेकिन 79 रन के स्कोर पर तीसरे विकेट के रूप में आउट हो गए। इसके बाद टॉम बैंटन ने मोर्चा संभाला और श्रीलंकाई गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।

    बैंटन ने महज 24 गेंदों पर नाबाद 52 रन की शानदार पारी खेली। उनकी पारी में चार छक्के और दो चौके शामिल रहे। उनका साथ विल जैक्स ने दिया जो 3 रन बनाकर नाबाद लौटे। इंग्लैंड ने 12.1 ओवर में चार विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस तरह टीम ने 47 गेंद शेष रहते मुकाबला जीत लिया।

    शानदार गेंदबाजी के लिए लियाम डॉसन को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। लगातार दूसरी जीत के साथ इंग्लैंड ने सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। अब तीसरा टी20 मुकाबला औपचारिकता भर रह गया है जिसमें श्रीलंका की कोशिश सीरीज का अंतिम मैच जीतकर सम्मान बचाने की होगी।

  • पाकिस्तान पर जीत से जो रूट का डंका: स्ट्रॉस का रिकॉर्ड तोड़ा, एशियाई टीमों के खिलाफ सबसे सफल इंग्लिश कप्तान बने

    पाकिस्तान पर जीत से जो रूट का डंका: स्ट्रॉस का रिकॉर्ड तोड़ा, एशियाई टीमों के खिलाफ सबसे सफल इंग्लिश कप्तान बने


    नई दिल्ली। इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 194 रनों से बड़ी जीत दर्ज की। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। मुकाबले में पाकिस्तान की बल्लेबाजी एक बार फिर इंग्लिश गेंदबाजों के सामने बिखर गई लेकिन इस जीत के साथ इंग्लैंड के कप्तान जो रूट के नाम एक बड़ी उपलब्धि भी जुड़ गई। रूट अब एशियाई टीमों के खिलाफ सबसे ज्यादा टेस्ट जीत दर्ज करने वाले इंग्लैंड के कप्तान बन गए हैं। उन्होंने इस मामले में इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस को पीछे छोड़ दिया है।

    जो रूट की कप्तानी में इंग्लैंड ने एशियाई टीमों के खिलाफ अब तक 15 टेस्ट जीत दर्ज की हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड एंड्रयू स्ट्रॉस के नाम था जिन्होंने अपनी कप्तानी के दौरान एशियाई टीमों के खिलाफ 14 जीत हासिल की थीं। इस सूची में इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एलिस्टर कुक 12 जीत के साथ तीसरे स्थान पर हैं। पाकिस्तान के खिलाफ लॉर्ड्स में मिली जीत ने रूट को इस रिकॉर्ड में सबसे ऊपर पहुंचा दिया है और उनकी कप्तानी के सफर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ दी है।

    लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड ने पाकिस्तान के सामने जीत के लिए 389 रनों का बड़ा लक्ष्य रखा था। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम दूसरी पारी में सिर्फ 194 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। पाकिस्तान की ओर से सऊद शकील ने जरूर संघर्ष किया और 97 रनों की शानदार पारी खेली लेकिन उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त सहयोग नहीं मिला। शान मसूद ने 26 रन बनाए जबकि अली उस्मान 16 रन बनाकर आउट हुए। मोहम्मद अब्बास 13 रन बनाकर नाबाद रहे लेकिन टीम को जीत की मंजिल तक नहीं पहुंचा सके।

    इंग्लैंड की तेज गेंदबाजी ने पाकिस्तान की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। ओली रॉबिन्सन ने दूसरी पारी में चार विकेट हासिल किए जबकि जोश टंग ने तीन और जोफ्रा आर्चर ने दो बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। रॉबिन्सन ने पूरे मुकाबले में कुल आठ विकेट झटके और उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। आर्चर और टंग ने भी दोनों पारियों को मिलाकर पांच-पांच विकेट अपने नाम किए।

    इस मुकाबले में इंग्लैंड ने शुरुआत से ही पाकिस्तान पर दबाव बनाए रखा। पाकिस्तान की टीम पहली पारी में भी बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी थी और दूसरी पारी में 389 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक बार फिर उसका बल्लेबाजी क्रम लड़खड़ा गया। सऊद शकील को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज लंबे समय तक क्रीज पर टिक नहीं सका। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने लगातार विकेट निकालकर पाकिस्तान की वापसी की उम्मीदों को खत्म कर दिया।

    सीरीज का पहला टेस्ट भी इंग्लैंड ने एक पारी और 103 रनों से अपने नाम किया था। अब दो मुकाबलों में लगातार जीत के बाद इंग्लैंड सीरीज पर कब्जा कर चुका है। तीसरा और आखिरी टेस्ट 9 सितंबर से एजबेस्टन के मैदान पर खेला जाएगा। पाकिस्तान के सामने अब सम्मान बचाने की चुनौती होगी जबकि इंग्लैंड की नजर सीरीज में क्लीन स्वीप करने पर रहेगी। इस बीच जो रूट के लिए लॉर्ड्स की जीत खास बन गई है क्योंकि उन्होंने कप्तानी के रिकॉर्ड में एंड्रयू स्ट्रॉस को पीछे छोड़कर एशियाई टीमों के खिलाफ इंग्लैंड के सबसे सफल कप्तान का तमगा हासिल कर लिया है।

  • लॉर्ड्स में भी पाकिस्तान की किरकिरी: इंग्लैंड ने 194 रन से रौंदा, टेस्ट इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा शर्मनाक हाल

    लॉर्ड्स में भी पाकिस्तान की किरकिरी: इंग्लैंड ने 194 रन से रौंदा, टेस्ट इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा शर्मनाक हाल


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। लीड्स के बाद लॉर्ड्स में भी पाकिस्तान को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 194 रनों से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। इस हार के साथ पाकिस्तान के नाम टेस्ट क्रिकेट में ऐसा रिकॉर्ड दर्ज हो गया जो टीम कभी नहीं चाहेगी। पाकिस्तान की पूरी टीम लगातार चौथी पारी में 200 रन के आंकड़े को पार करने में नाकाम रही और टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि पाकिस्तान लगातार चार पारियों में 200 से कम रन पर ऑलआउट हुआ है।

    लॉर्ड्स टेस्ट की पहली पारी में पाकिस्तान की टीम महज 110 रन पर सिमट गई थी। इससे पहले लीड्स टेस्ट की पहली पारी में पाकिस्तान ने 171 रन बनाए थे जबकि दूसरी पारी में पूरी टीम सिर्फ 135 रन पर ढेर हो गई थी। लॉर्ड्स में दूसरी पारी में भी बल्लेबाजों ने निराश किया और 389 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की टीम 194 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह लगातार चार पारियों में पाकिस्तान का स्कोर 200 रन तक भी नहीं पहुंच सका। लॉर्ड्स टेस्ट की दोनों पारियों को मिलाकर पाकिस्तान के बल्लेबाज सिर्फ 529 गेंदों का सामना कर सके।

    पाकिस्तान की दूसरी पारी में सऊद शकील ने अकेले मोर्चा संभालने की कोशिश की। उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 97 रन की पारी खेली और टीम को लक्ष्य के करीब ले जाने का प्रयास किया लेकिन दूसरे छोर से उन्हें किसी बल्लेबाज का पर्याप्त साथ नहीं मिला। कप्तान बाबर आजम का प्रदर्शन एक बार फिर निराशाजनक रहा। वह दोनों पारियों में प्रभाव नहीं छोड़ सके और पूरे मैच में उनके बल्ले से कुल 14 रन ही निकले। शान मसूद ने दूसरी पारी में 26 रन बनाए लेकिन टीम को संकट से बाहर नहीं निकाल सके। पाकिस्तान के छह बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा तक नहीं छू सके।

    इंग्लैंड के गेंदबाजों ने पाकिस्तान की कमजोर बल्लेबाजी का पूरा फायदा उठाया। ओली रॉबिन्सन ने दोनों पारियों में शानदार गेंदबाजी करते हुए मैच में कुल आठ विकेट अपने नाम किए। जोफ्रा आर्चर और जोश टंग ने भी पाकिस्तान के बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा और दोनों गेंदबाजों ने मैच में पांच-पांच विकेट हासिल किए। इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों के सामने पाकिस्तान की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखरी हुई नजर आई और टीम एक बार फिर बड़े लक्ष्य का पीछा करने में नाकाम रही।

    पाकिस्तान के लिए विदेश में टेस्ट क्रिकेट का प्रदर्शन भी चिंता बढ़ाने वाला है। दक्षिण अफ्रीका इंग्लैंड न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में 2018 से खेले गए 18 टेस्ट मैचों में पाकिस्तान को 16वीं हार मिली है। टीम को इन देशों में आखिरी टेस्ट जीत 2018 में मिली थी। लगातार खराब प्रदर्शन ने पाकिस्तान की बल्लेबाजी और टीम संयोजन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    दूसरे टेस्ट में मिली इस हार ने न केवल पाकिस्तान को सीरीज गंवा दी बल्कि टीम के टेस्ट इतिहास में एक बेहद खराब रिकॉर्ड भी जोड़ दिया। इंग्लैंड ने लगातार दो टेस्ट जीतकर अपना दबदबा कायम कर लिया है। अब पाकिस्तान की नजर तीसरे और आखिरी टेस्ट पर होगी जहां टीम कम से कम सम्मान बचाने के इरादे से मैदान में उतरेगी। वहीं इंग्लैंड की कोशिश सीरीज का आखिरी मुकाबला जीतकर पाकिस्तान का पूरी तरह सफाया करने की होगी।

  • इंग्लैंड की जीत से बदली WTC Points Table की तस्वीर: पाकिस्तान की हालत खस्ता, श्रीलंका खिसका और इंग्लिश टीम ने लगाई छलांग

    इंग्लैंड की जीत से बदली WTC Points Table की तस्वीर: पाकिस्तान की हालत खस्ता, श्रीलंका खिसका और इंग्लिश टीम ने लगाई छलांग


    नई दिल्ली। इंग्लैंड ने लॉर्ड्स टेस्ट में पाकिस्तान को 194 रनों से करारी शिकस्त देकर न सिर्फ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली बल्कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की प्वाइंट्स टेबल में भी अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। लीड्स के बाद लॉर्ड्स में लगातार दूसरी जीत दर्ज करने वाली इंग्लैंड की टीम अब डब्ल्यूटीसी अंक तालिका में एक पायदान ऊपर पहुंच गई है। इस जीत के बाद इंग्लैंड का जीत प्रतिशत बढ़कर 34.44 हो गया है और टीम छठे स्थान पर पहुंच गई है। इंग्लैंड की इस छलांग का सीधा असर श्रीलंका पर पड़ा है जो एक स्थान नीचे खिसककर सातवें नंबर पर पहुंच गया है। दूसरी ओर पाकिस्तान के लिए स्थिति लगातार खराब होती जा रही है और टीम महज 16.67 के जीत प्रतिशत के साथ अंक तालिका में सबसे निचले पायदान पर बनी हुई है।

    डब्ल्यूटीसी प्वाइंट्स टेबल में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा बरकरार है। ऑस्ट्रेलियाई टीम 80 के जीत प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर मौजूद है जबकि साउथ अफ्रीका 75 प्रतिशत जीत के साथ दूसरे नंबर पर है। न्यूजीलैंड 72.22 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर काबिज है। बांग्लादेश 55.56 प्रतिशत के साथ चौथे नंबर पर बना हुआ है। भारतीय टीम 51.52 प्रतिशत जीत प्रतिशत के साथ पांचवें स्थान पर है। इंग्लैंड की लॉर्ड्स टेस्ट में जीत के बाद टेबल में एक अहम बदलाव देखने को मिला और वह श्रीलंका को पीछे छोड़ते हुए छठे स्थान पर पहुंच गई।

    लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड ने शुरुआत से ही पाकिस्तान पर दबाव बनाए रखा। पहली पारी में इंग्लिश टीम ने 290 रन बनाए। इसके जवाब में पाकिस्तान की बल्लेबाजी बुरी तरह लड़खड़ा गई और पूरी टीम सिर्फ 110 रन पर सिमट गई। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने पाकिस्तानी बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया और पहली पारी में ही मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली।

    इसके बाद इंग्लैंड ने दूसरी पारी में 208 रन बनाए और पाकिस्तान के सामने जीत के लिए 389 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम से बड़ी पारी की उम्मीद थी लेकिन इंग्लैंड के गेंदबाजों ने एक बार फिर अपना दम दिखाया। ओली रॉबिन्सन जोफ्रा आर्चर और जोश टंग की शानदार गेंदबाजी के सामने पाकिस्तान की दूसरी पारी भी ज्यादा देर नहीं टिक सकी। पूरी टीम 194 रन पर ऑलआउट हो गई और इंग्लैंड ने 194 रनों से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

    इस जीत के साथ इंग्लैंड ने तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का तीसरा और आखिरी टेस्ट 9 सितंबर से बर्मिंघम के एजबेस्टन क्रिकेट मैदान पर खेला जाएगा। इंग्लैंड की नजर अब सीरीज में क्लीन स्वीप के साथ डब्ल्यूटीसी अभियान में अपनी स्थिति और मजबूत करने पर होगी जबकि पाकिस्तान के सामने वापसी की बड़ी चुनौती होगी।

  • ओली रॉबिन्सन का कहर और पाकिस्तान की बेबसी लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड की बड़ी जीत से सीरीज पर कब्जा

    ओली रॉबिन्सन का कहर और पाकिस्तान की बेबसी लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड की बड़ी जीत से सीरीज पर कब्जा


    नई दिल्ली। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड ने पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे टेस्ट में शानदार प्रदर्शन करते हुए 194 रन की बड़ी जीत दर्ज की और तीन मैचों की टेस्ट सीरीज पर कब्जा जमा लिया। इंग्लैंड की इस जीत के साथ पाकिस्तान के लिए सीरीज का संघर्ष और भी मुश्किल हो गया है। चौथे दिन ही मुकाबला अपने नाम करने वाली इंग्लैंड की टीम ने पाकिस्तान के सामने जीत के लिए 389 रन का विशाल लक्ष्य रखा था लेकिन पाकिस्तानी बल्लेबाज एक बार फिर इंग्लैंड के गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सके और पूरी टीम 194 रन पर सिमट गई।

    पाकिस्तान की इस पारी में सऊद शकील ने जरूर संघर्ष का जज्बा दिखाया लेकिन वह भी शतक पूरा नहीं कर सके। पाकिस्तान ने महज 14 रन के स्कोर पर अपने तीन विकेट गंवा दिए थे जिसके बाद सऊद शकील ने शान मसूद के साथ मिलकर पारी को संभालने की कोशिश की। दोनों बल्लेबाजों ने करीब चार घंटे तक इंग्लैंड के गेंदबाजों का सामना किया और 97 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। शकील ने 97 रन की पारी खेली जो इस सीरीज में अब तक किसी भी बल्लेबाज का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर रहा। हालांकि वह दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से बाउंड्री पर कैच आउट हो गए और उनका शतक केवल तीन रन से रह गया।

    इंग्लैंड की जीत के सबसे बड़े नायक तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन रहे। उन्होंने पूरे मुकाबले में शानदार गेंदबाजी करते हुए कुल आठ विकेट अपने नाम किए। दूसरी पारी में रॉबिन्सन ने केवल 24 रन देकर चार पाकिस्तानी बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। उन्होंने पहले शान मसूद की साझेदारी को तोड़ा और इसके बाद मोहम्मद रिजवान को आउट किया। रिजवान का विकेट रॉबिन्सन के टेस्ट करियर का 99वां विकेट भी रहा।

    पाकिस्तान की बल्लेबाजी के प्रदर्शन पर नजर डालें तो पूरी सीरीज में टीम संघर्ष करती दिखाई दी है। इंग्लैंड के खिलाफ पाकिस्तान अब तक किसी भी पारी में 200 रन का आंकड़ा पार नहीं कर पाया है। लॉर्ड्स टेस्ट में भी यही कहानी दोहराई गई और बड़ा लक्ष्य मिलने के बाद टीम दबाव में बिखर गई। बल्लेबाजी की इस कमजोरी ने इंग्लैंड के लिए मुकाबले को अपेक्षाकृत आसान बना दिया।

    पाकिस्तान के लिए मुश्किलें उस समय और बढ़ गईं जब सलामी बल्लेबाज इमाम उल हक चोट के कारण मैच में बल्लेबाजी के लिए उतर ही नहीं सके। मुकाबले के पहले दिन उनकी बाईं पिंडली में खिंचाव आ गया था। उनकी अनुपस्थिति के कारण पाकिस्तान को मैच में 20 की जगह केवल 18 विकेट ही लेने थे जिससे इंग्लैंड के लिए जीत की राह और आसान हो गई।

    अब दोनों टीमों की नजरें सीरीज के तीसरे और आखिरी टेस्ट पर होंगी। यह मुकाबला 9 सितंबर से बर्मिंघम में खेला जाएगा। इंग्लैंड सीरीज पर कब्जा करने के बाद अब क्लीन स्वीप के इरादे से मैदान में उतरेगा जबकि पाकिस्तान के सामने अपनी साख बचाने की चुनौती होगी। लॉर्ड्स की हार के बाद पाकिस्तान को आखिरी टेस्ट में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

  • टी20 में टीम इंडिया का बुरा हाल, 76 रन पर ऑलआउट, इंग्लैंड ने दर्ज की 125 रन की बड़ी जीत

    टी20 में टीम इंडिया का बुरा हाल, 76 रन पर ऑलआउट, इंग्लैंड ने दर्ज की 125 रन की बड़ी जीत


    नई दिल्ली । नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में भारतीय टीम को इंग्लैंड के हाथों 125 रन की करारी हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही भारत पांच मैचों की टी20 सीरीज में 0-2 से पिछड़ गया है। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 201 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया, लेकिन जवाब में भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई और पूरी टीम महज 76 रन पर ऑलआउट हो गई।

    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी रही। फिल साल्ट और जोस बटलर ने पहले विकेट के लिए 43 रन जोड़कर टीम को मजबूत आधार दिया। बटलर ने 36 रन बनाए, जबकि फिल साल्ट ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 44 गेंदों में 70 रन की बेहतरीन पारी खेली। इस दौरान उन्होंने सात चौके और तीन छक्के लगाए। कप्तान हैरी ब्रूक ने 16 रन का योगदान दिया, जबकि जैकब बेथेल ने 13 रन बनाए। अंतिम ओवरों में सैम करन ने 24 गेंदों पर नाबाद 41 रन की तेजतर्रार पारी खेलकर इंग्लैंड का स्कोर 200 के पार पहुंचा दिया।

    भारत की ओर से गेंदबाजी में हर्षित राणा और प्रिंस यादव ने दो-दो विकेट हासिल किए, जबकि अक्षर पटेल को एक सफलता मिली। हालांकि भारतीय गेंदबाज इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाने में सफल नहीं हो सके।

    202 रन के कठिन लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत तेज जरूर रही। अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी ने पहले दो ओवर से पहले ही 23 रन जोड़ दिए, लेकिन इसके बाद बल्लेबाजी क्रम पूरी तरह ढह गया। अभिषेक शर्मा 10 रन बनाकर आउट हुए, जबकि वैभव सूर्यवंशी 13 रन की छोटी लेकिन तेज पारी खेलकर पवेलियन लौट गए।

    इसके बाद कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिक नहीं सका। ईशान किशन ने 13 रन और अक्षर पटेल ने 10 रन बनाए। इनके अलावा कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर पाया। पूरी भारतीय टीम सिर्फ 11.4 ओवर में 76 रन पर सिमट गई, जो टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के सबसे निराशाजनक प्रदर्शनों में से एक रहा।

    इंग्लैंड की ओर से जोश टंग ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 28 रन देकर चार विकेट झटके। जोफ्रा आर्चर ने तीन विकेट हासिल किए, जबकि अनुभवी स्पिनर आदिल रशीद ने दो विकेट अपने नाम किए। विल जैक्स को भी एक सफलता मिली।

    सीरीज का पहला मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था, जबकि दूसरा मैच इंग्लैंड ने चार विकेट से जीता था। अब तीसरे मैच में मिली बड़ी जीत के बाद मेजबान टीम ने सीरीज में 2-0 की मजबूत बढ़त बना ली है। शेष दो मुकाबले 9 और 11 जुलाई को क्रमशः ब्रिस्टल और साउथैम्प्टन में खेले जाएंगे, जहां भारत के सामने सीरीज बचाने की बड़ी चुनौती होगी।

  • ताश के पत्तों की तरह बिखरी टीम इंडिया, टी20 इतिहास की सबसे बड़ी हार से दहला भारतीय क्रिकेट

    ताश के पत्तों की तरह बिखरी टीम इंडिया, टी20 इतिहास की सबसे बड़ी हार से दहला भारतीय क्रिकेट


    नई दिल्ली । नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर भारतीय क्रिकेट टीम को टी20 अंतरराष्ट्रीय इतिहास की सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड ने तीसरे टी20 मुकाबले में हर विभाग में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 125 रन से शिकस्त दी। 202 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम सिर्फ 76 रन पर ऑलआउट हो गई। यह रनों के अंतर से भारत की टी20 इंटरनेशनल में अब तक की सबसे बड़ी हार है।

    इससे पहले भारत को वर्ष 2019 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 80 रन से हार मिली थी, लेकिन नॉटिंघम में मिली 125 रन की हार ने वह रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। इतना ही नहीं, 76 रन का स्कोर भारत का टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दूसरा सबसे कम टीम स्कोर भी रहा। इससे पहले 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय टीम 74 रन पर सिमट गई थी।

    लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत बेहद खराब रही। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा केवल 10 रन बनाकर जोश टंग का शिकार बने। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने कुछ आकर्षक शॉट जरूर लगाए, लेकिन वह भी सिर्फ 13 रन बनाकर जोफ्रा आर्चर की गेंद पर आउट हो गए। इसके बाद विकेटों का सिलसिला लगातार जारी रहा और कोई भी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सका।

    ईशान किशन 13 रन, कप्तान श्रेयस अय्यर बिना प्रभाव छोड़े पवेलियन लौट गए। अक्षर पटेल 10 रन, तिलक वर्मा 3 रन, हर्षित राणा 2 रन और शिवम दुबे भी केवल 2 रन बनाकर आउट हो गए। पूरी भारतीय बल्लेबाजी इंग्लैंड के तेज और स्पिन आक्रमण के सामने पूरी तरह बेबस नजर आई।

    इंग्लैंड की ओर से जोश टंग ने सबसे सफल गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 28 रन देकर चार विकेट झटके। जोफ्रा आर्चर ने तीन विकेट हासिल किए, जबकि अनुभवी स्पिनर आदिल रशीद ने दो विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।

    इससे पहले इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में सात विकेट पर 201 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। फिल साल्ट ने 44 गेंदों में 70 रन की विस्फोटक पारी खेली। कप्तान जोस बटलर ने 36 रन बनाए, जबकि सैम करन ने अंतिम ओवरों में नाबाद 41 रन की तेजतर्रार पारी खेलकर टीम को 200 के पार पहुंचाया।

    इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की महत्वपूर्ण बढ़त बना ली है। वहीं भारतीय टीम के लिए यह हार कई सवाल छोड़ गई है। बल्लेबाजी क्रम का पूरी तरह फ्लॉप होना और बड़े लक्ष्य के सामने संघर्ष किए बिना ढह जाना टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय बन गया है। अब सीरीज में वापसी के लिए भारत को अगले मुकाबले में हर विभाग में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

  • रिकॉर्ड और ट्रॉफियां नहीं वापसी की ताकत बनाती है महान युवराज सिंह का बेन स्टोक्स के लिए भावुक संदेश

    रिकॉर्ड और ट्रॉफियां नहीं वापसी की ताकत बनाती है महान युवराज सिंह का बेन स्टोक्स के लिए भावुक संदेश


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर बेन स्टोक्स के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह ने उन्हें भावुक अंदाज में विदाई दी है। युवराज ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लंबा संदेश साझा करते हुए स्टोक्स के शानदार करियर के साथ उनकी संघर्ष से उबरने की क्षमता की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी की महानता केवल रिकॉर्ड या ट्रॉफियों से नहीं बल्कि हर कठिन दौर के बाद फिर मजबूती से खड़े होने की ताकत से तय होती है।

    युवराज सिंह ने अपने संदेश में स्टोक्स के करियर के कई यादगार पलों का जिक्र किया। उन्होंने विश्व कप फाइनल में खेली गई ऐतिहासिक पारी और हेडिंग्ले टेस्ट में नाबाद 135 रन की पारी को क्रिकेट इतिहास की सबसे यादगार पारियों में से एक बताया। युवराज ने कहा कि इन पारियों ने यह साबित कर दिया कि असंभव दिखने वाली परिस्थितियों में भी जीत हासिल की जा सकती है।

    युवराज ने स्टोक्स की मानसिक मजबूती की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषय पर खुलकर बात करने का साहस हर खिलाड़ी में नहीं होता लेकिन स्टोक्स ने इसे पूरी ईमानदारी से दुनिया के सामने रखा। इसके अलावा अपने पिता को खोने जैसे निजी दुख के बावजूद उन्होंने जिस तरह हर बार खुद को संभाला और मैदान पर वापसी की वह प्रेरणादायक है।

    पूर्व भारतीय ऑलराउंडर ने लिखा कि वह खुद भी अपने करियर में सफलता और संघर्ष के कई दौर से गुजर चुके हैं इसलिए वह स्टोक्स के सफर को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के शिखर पर पहुंचने और फिर कठिन परिस्थितियों का सामना करने का अनुभव उन्होंने भी किया है और स्टोक्स में उन्हें वही जज्बा दिखाई दिया।

    युवराज ने कहा कि यही गुण किसी अच्छे खिलाड़ी को महान खिलाड़ी बनाता है। रिकॉर्ड टूटते रहते हैं ट्रॉफियां भी समय के साथ इतिहास का हिस्सा बन जाती हैं लेकिन मुश्किलों के बाद दोबारा उठ खड़े होने की क्षमता हमेशा याद रखी जाती है। उन्होंने स्टोक्स को दो विश्व कप जीतने वाला खिलाड़ी और ऐसा कप्तान बताया जिसने अपनी टीम में यह भरोसा जगाया कि कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।

    35 वर्षीय बेन स्टोक्स ने वर्ष 2011 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। अपने 15 साल लंबे करियर में उन्होंने इंग्लैंड के लिए 122 टेस्ट 114 वनडे और 43 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 7273 रन और 252 विकेट दर्ज हैं जबकि वनडे में उन्होंने 3463 रन बनाने के साथ 74 विकेट भी हासिल किए। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उन्होंने 585 रन बनाए और 26 विकेट अपने नाम किए।

    स्टोक्स इंग्लैंड के सबसे प्रभावशाली ऑलराउंडरों में गिने जाते हैं। दो विश्व कप जीतने के अलावा एशेज सीरीज में उनके कई यादगार प्रदर्शन और कप्तान के रूप में इंग्लैंड की टेस्ट टीम में लाए गए बदलाव उन्हें आधुनिक दौर के महान क्रिकेटरों में शामिल करते हैं। युवराज सिंह का संदेश भी इसी बात का प्रमाण है कि स्टोक्स का प्रभाव केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं बल्कि क्रिकेट जगत के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।

  • नाइटक्लब विवाद के बीच इंग्लैंड टीम में बड़ा बदलाव, बेन स्टोक्स और गस एटकिंसन दूसरे टेस्ट से बाहर

    नाइटक्लब विवाद के बीच इंग्लैंड टीम में बड़ा बदलाव, बेन स्टोक्स और गस एटकिंसन दूसरे टेस्ट से बाहर


    नई दिल्ली । न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी दूसरे टेस्ट मैच से पहले इंग्लैंड क्रिकेट टीम में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। टीम के नियमित कप्तान बेन स्टोक्स और तेज गेंदबाज गस एटकिंसन को दूसरे टेस्ट के लिए घोषित स्क्वॉड में शामिल नहीं किया गया है। यह निर्णय हाल ही में सामने आए कथित नाइटक्लब विवाद और उससे जुड़ी जांच के बीच लिया गया है। वहीं, अनुभवी बल्लेबाज जो रूट को टीम की अंतरिम कप्तानी सौंपी गई है।

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह मामला पहले टेस्ट मैच में इंग्लैंड की जीत के बाद हुए जश्न से जुड़ा है। बताया गया है कि खिलाड़ी पहले ड्रेसिंग रूम और बाद में लंदन के एक पब में मौजूद थे। इसके बाद कुछ खिलाड़ी चेल्सी स्थित एक नाइटक्लब पहुंचे, जहां देर रात कथित रूप से एक झड़प की घटना सामने आई। रिपोर्ट्स में बेन स्टोक्स, गस एटकिंसन, इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) की सुरक्षा टीम के एक सदस्य और एक रग्बी खिलाड़ी का नाम सामने आया है।

    हालांकि उपलब्ध रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि स्टोक्स और एटकिंसन सीधे तौर पर किसी शारीरिक झड़प में शामिल नहीं थे। घटना में सुरक्षा दल का एक सदस्य घायल हुआ था, लेकिन मामले में पुलिस हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं पड़ी और फिलहाल किसी आपराधिक कार्रवाई की संभावना भी नहीं जताई गई है। इसके बावजूद घटना ने इंग्लैंड क्रिकेट के भीतर अनुशासन और टीम संस्कृति को लेकर बहस छेड़ दी है।

    ईसीबी और संबंधित संस्थाएं इस मामले की जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने तक स्टोक्स और एटकिंसन को दूसरे टेस्ट की टीम से बाहर रखा गया है। रिपोर्टों के अनुसार एटकिंसन की अनुपस्थिति को औपचारिक निलंबन नहीं माना जा रहा, बल्कि यह कदम जांच प्रक्रिया और खिलाड़ी के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

    इस बीच जो रूट को टीम की कमान सौंपना इंग्लैंड क्रिकेट के लिए एक सुरक्षित और अनुभवी विकल्प माना जा रहा है। रूट इससे पहले 2017 से 2022 के बीच इंग्लैंड की टेस्ट टीम की कप्तानी कर चुके हैं और उनके नेतृत्व में टीम ने कई महत्वपूर्ण जीत दर्ज की थीं। ऐसे में न्यूजीलैंड के खिलाफ अहम मुकाबले में उनकी वापसी को टीम के लिए सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

    रिपोर्टों के मुताबिक बेन स्टोक्स फिलहाल मामले पर सार्वजनिक टिप्पणी करने से बच रहे हैं और उन्होंने अपनी स्थिति तथा भविष्य को लेकर विचार करने के लिए कुछ निजी समय मांगा है। दूसरी ओर क्रिकेट प्रशंसकों और विशेषज्ञों की नजरें ईसीबी की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे आगे की तस्वीर साफ हो सकेगी।

    यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब इंग्लैंड क्रिकेट टीम पहले से ही अपने प्रदर्शन, अनुशासन और टीम संस्कृति को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रही है। दिलचस्प बात यह है कि पहले टेस्ट से पहले मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम ने खिलाड़ियों को देर रात तक बाहर रहने और अनुशासनहीनता से बचने की सलाह दी थी। अब दूसरे टेस्ट से ठीक पहले सामने आए इस विवाद ने टीम प्रबंधन के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।

    न्यूजीलैंड के खिलाफ द ओवल में 17 जून से शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड की टीम नए नेतृत्व में मैदान पर उतरेगी। इस मुकाबले के साथ-साथ सभी की नजरें जांच के नतीजों और बेन स्टोक्स की भविष्य की भूमिका पर भी बनी रहेंगी।