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  • हैरी केन ने रचा फुटबॉल इतिहास, एम्बाप्पे और यामल को पछाड़कर पहली बार जीता बैलन डी’ओर का खिताब

    हैरी केन ने रचा फुटबॉल इतिहास, एम्बाप्पे और यामल को पछाड़कर पहली बार जीता बैलन डी’ओर का खिताब

    नई दिल्ली। इंग्लैंड फुटबॉल टीम के कप्तान हैरी केन को 2026 के बैलन डी’ओर पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की खबर ने फुटबॉल जगत में हलचल पैदा कर दी है। खबर के मुताबिक केन ने फ्रांस के स्टार खिलाड़ी काइलियन एम्बाप्पे और स्पेन के युवा फुटबॉलर लामिन यामल को पीछे छोड़कर यह प्रतिष्ठित सम्मान अपने नाम किया है। यदि इसकी आधिकारिक पुष्टि होती है तो यह केन के करियर की सबसे बड़ी व्यक्तिगत उपलब्धियों में से एक होगी। गोल करने की शानदार क्षमता मैदान पर सूझबूझ और लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर उन्होंने दुनिया के शीर्ष फुटबॉल खिलाड़ियों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है।

    लंदन के पैलेडियम थिएटर में आयोजित समारोह में केन को इस सम्मान से नवाजे जाने का दावा किया गया है। अपने नाम की घोषणा के बाद उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए साथी खिलाड़ियों और उन सभी लोगों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने उनके करियर में योगदान दिया। केन ने कहा कि वह इस सम्मान को पाकर अपनी भावनाएं शब्दों में व्यक्त नहीं कर पा रहे हैं और लंदन में यह उपलब्धि हासिल करना उनके लिए इसे और भी खास बनाता है। अपने देश में इतना बड़ा पुरस्कार हासिल करना किसी भी खिलाड़ी के लिए गौरवपूर्ण क्षण हो सकता है।

    हैरी केन का करियर लंबे समय से निरंतरता और मेहनत का उदाहरण रहा है। क्लब स्तर पर वह जर्मनी के दिग्गज क्लब बायर्न म्यूनिख के लिए खेलते हैं जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इंग्लैंड की कप्तानी करते हैं। उनकी पहचान एक ऐसे स्ट्राइकर के रूप में है जो गोल करने के साथ अपने साथियों के लिए मौके भी तैयार कर सकता है। खेल को समझने की क्षमता सटीक पास और दबाव की स्थिति में सही निर्णय लेने का कौशल उन्हें दूसरे खिलाड़ियों से अलग बनाता है।

    खबर में दावा किया गया है कि केन ने पिछले सीजन में शानदार प्रदर्शन करते हुए यूरोपियन गोल्डन बूट जीता और बायर्न म्यूनिख को बुंडेसलीगा का खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इंग्लैंड की टीम को विश्व कप के सेमीफाइनल तक पहुंचाने में भी उनके योगदान का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में उनके गोलों की संख्या 125 मैचों में 91 बताई गई है। क्लब और देश के लिए लगातार गोल करने की उनकी क्षमता ने उन्हें दुनिया के सबसे प्रभावशाली स्ट्राइकरों की कतार में खड़ा किया है।

    अगस्त 2025 से क्लब और देश के लिए 89 गोल करने का दावा भी उनके शानदार प्रदर्शन को रेखांकित करता है। बायर्न म्यूनिख ने उन्हें तीन साल पहले लगभग 100 मिलियन यूरो की शुरुआती फीस पर टीम में शामिल किया था। उस समय उनकी उम्र 30 वर्ष थी और यह सौदा क्लब की सामान्य भर्ती रणनीति से अलग माना गया था। हालांकि केन ने अपने खेल से साबित किया कि अनुभव और फिटनेस के साथ एक खिलाड़ी लंबे समय तक उच्च स्तर पर प्रदर्शन कर सकता है।

    बैलन डी’ओर फुटबॉल के सबसे प्रतिष्ठित व्यक्तिगत पुरस्कारों में गिना जाता है। इसे जीतना किसी खिलाड़ी के लिए उसके पूरे करियर की बड़ी उपलब्धि माना जाता है। हालांकि इस खबर में दिए गए परिणामों और आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। यदि केन की जीत की पुष्टि होती है तो यह उनके करियर में एक ऐतिहासिक पड़ाव होगा और इंग्लैंड के फुटबॉल इतिहास में भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज किया जाएगा।

  • बेलिंगहम का ऐतिहासिक कारनामा हैरी केन और गैरी लाइनकर का रिकॉर्ड तोड़कर बनाया नया इतिहास

    बेलिंगहम का ऐतिहासिक कारनामा हैरी केन और गैरी लाइनकर का रिकॉर्ड तोड़कर बनाया नया इतिहास


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 में इंग्लैंड के स्टार मिडफील्डर जूड बेलिंगहम ने अपने शानदार प्रदर्शन से इतिहास रच दिया है। तीसरे स्थान के मुकाबले में फ्रांस के खिलाफ गोल करते ही बेलिंगहम विश्व कप के एक ही संस्करण में इंग्लैंड की ओर से सबसे अधिक गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने इंग्लिश फुटबॉल के दो दिग्गज खिलाड़ियों हैरी केन और गैरी लाइनकर का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।

    फ्रांस के खिलाफ खेले गए रोमांचक मुकाबले में बेलिंगहम ने इंजरी टाइम में इंग्लैंड का छठा गोल दागकर टीम की 6-4 की यादगार जीत पर मुहर लगा दी। यह उनके लिए केवल जीत का गोल नहीं था बल्कि इतिहास रचने वाला सातवां गोल भी साबित हुआ। इसी के साथ उन्होंने विश्व कप के एक संस्करण में इंग्लैंड के लिए सबसे अधिक गोल करने का नया कीर्तिमान अपने नाम कर लिया।

    इससे पहले यह रिकॉर्ड हैरी केन और गैरी लाइनकर के नाम संयुक्त रूप से दर्ज था। हैरी केन ने 2018 और 2026 विश्व कप में छह छह गोल किए थे जबकि गैरी लाइनकर ने 1986 विश्व कप में छह गोल दागे थे। बेलिंगहम ने सात गोल कर दोनों महान खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए नया इतिहास रच दिया।

    फ्रांस के खिलाफ मुकाबले में इंग्लैंड ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। तीसरे मिनट में डेक्लान राइस ने शानदार गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद 18वें मिनट में एजरी कोन्सा ने दूसरा गोल किया। पहले हाफ में बुकायो साका ने दो गोल दागकर इंग्लैंड को 4-0 की मजबूत बढ़त दिला दी।

    हालांकि दूसरे हाफ में फ्रांस ने जोरदार वापसी की। कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने दो गोल किए जबकि ब्रैडली बारकोला ने भी एक गोल दागकर मुकाबले को रोमांचक बना दिया। स्कोर 4-3 तक पहुंच गया लेकिन 87वें मिनट में साका ने पेनल्टी को गोल में बदलकर इंग्लैंड की बढ़त फिर मजबूत कर दी। इंजरी टाइम में उस्मान डेम्बेले ने फ्रांस के लिए चौथा गोल किया लेकिन अंतिम क्षणों में जूड बेलिंगहम ने गोल कर इंग्लैंड की जीत सुनिश्चित कर दी।

    इंग्लैंड ने यह मुकाबला 6-4 से जीतकर फीफा वर्ल्ड कप 2026 में तीसरा स्थान हासिल किया और ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। वर्ष 1966 में विश्व कप जीतने के बाद यह विश्व कप इतिहास में इंग्लैंड का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है। बेलिंगहम की रिकॉर्डतोड़ उपलब्धि ने इस जीत को और भी ऐतिहासिक बना दिया है।

  • इंग्लैंड ने मेक्सिको को हराकर क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह, जूड बेलिंगहम के डबल धमाके से 3-2 की रोमांचक जीत

    इंग्लैंड ने मेक्सिको को हराकर क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह, जूड बेलिंगहम के डबल धमाके से 3-2 की रोमांचक जीत


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 के प्री-क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड ने शानदार जुझारूपन दिखाते हुए मेक्सिको को 3-2 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया। रोमांच से भरपूर इस मुकाबले में इंग्लैंड ने एक समय दो गोल की बढ़त बनाई और बाद में एक खिलाड़ी कम होने के बावजूद मेक्सिको की जोरदार चुनौती को नाकाम कर दिया। इस हार के साथ मेक्सिको का विश्व कप अभियान समाप्त हो गया, जबकि इंग्लैंड ने अंतिम आठ में अपनी जगह पक्की कर ली।

    खराब मौसम के कारण देर से शुरू हुए मुकाबले में दोनों टीमों ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। लगातार हमलों के बीच इंग्लैंड को पहली सफलता 36वें मिनट में मिली जब जूड बेलिंगहम ने शानदार गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। इसके महज 98 सेकंड बाद बेलिंगहम ने एक और गोल दागकर इंग्लैंड की बढ़त 2-0 कर दी और मेक्सिको पर दबाव बढ़ा दिया।

    हालांकि मेक्सिको ने भी हार नहीं मानी। 42वें मिनट में क्विनोन्स ने गोल कर टीम को मुकाबले में वापस ला दिया। पहले हाफ की समाप्ति तक इंग्लैंड 2-1 से आगे था और मुकाबला पूरी तरह खुला हुआ नजर आ रहा था।

    दूसरे हाफ की शुरुआत में इंग्लैंड को बड़ा झटका लगा जब डिफेंडर जारेल क्वान्सा को खतरनाक टैकल के कारण रेड कार्ड दिखाया गया। इसके बाद इंग्लैंड को लगभग पूरा दूसरा हाफ केवल 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। बावजूद इसके टीम ने संयम बनाए रखा और आक्रामक रवैया नहीं छोड़ा।

    60वें मिनट में इंग्लैंड को पेनल्टी मिली जब मेक्सिको के गोलकीपर राउल रेंजल ने एंथनी गॉर्डन को पेनल्टी बॉक्स में गिरा दिया। कप्तान हैरी केन ने इस मौके को भुनाते हुए गेंद को गोल में पहुंचाया और टूर्नामेंट में अपना छठा गोल करते हुए इंग्लैंड की बढ़त 3-1 कर दी।

    इसके बाद 69वें मिनट में वीएआर समीक्षा के बाद मेक्सिको को भी पेनल्टी मिली। राउल जिमिनेज ने बिना कोई गलती किए गोल दागकर अंतर 3-2 कर दिया। अंतिम 20 मिनटों में मेक्सिको ने बराबरी के लिए लगातार हमले किए लेकिन इंग्लैंड का रक्षात्मक प्रदर्शन और गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड के शानदार बचाव उसकी उम्मीदों पर भारी पड़े।

    मैच के आखिरी क्षणों में पिकफोर्ड ने कई महत्वपूर्ण सेव कर इंग्लैंड की बढ़त बरकरार रखी और टीम को क्वार्टर फाइनल का टिकट दिला दिया। अब इंग्लैंड का अगला मुकाबला 12 जुलाई को नॉर्वे के खिलाफ होगा, जहां उसकी नजर सेमीफाइनल में जगह बनाने पर रहेगी।

  • हैरी केन बोले यह जीत मंजिल नहीं सिर्फ शुरुआत इंग्लैंड ने डीआर कांगो को हराकर बनाई राउंड ऑफ 16 में जगह

    हैरी केन बोले यह जीत मंजिल नहीं सिर्फ शुरुआत इंग्लैंड ने डीआर कांगो को हराकर बनाई राउंड ऑफ 16 में जगह


    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 में इंग्लैंड ने शानदार वापसी करते हुए डीआर कांगो को 2-1 से हराकर राउंड ऑफ 16 में अपनी जगह पक्की कर ली। कप्तान हैरी केन ने मैच के अंतिम 15 मिनट में दो गोल दागकर टीम को यादगार जीत दिलाई। अब इंग्लैंड का अगला मुकाबला राउंड ऑफ 16 में मेक्सिको से होगा। हालांकि जीत के बाद केन ने साफ कहा कि यह सफलता टीम की अंतिम पहचान नहीं है और अभी लंबा सफर तय करना बाकी है।

    मैच में इंग्लैंड को पहले हाफ में झटका लगा और टीम ब्रेक तक पिछड़ रही थी। इसके बावजूद दूसरे हाफ में खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाया और मुकाबले में दमदार वापसी की। विश्व कप इतिहास में यह पहला मौका है जब इंग्लैंड ने हाफ टाइम तक पिछड़ने के बाद कोई मुकाबला जीतने में सफलता हासिल की। इससे पहले ऐसे नौ मुकाबलों में टीम सात बार हार चुकी थी जबकि दो मैच ड्रॉ रहे थे।

    जीत के बाद टीम के विंगर एंथनी गॉर्डन ने हैरी केन के नेतृत्व और सोच की सराहना की। उन्होंने बताया कि मैच समाप्त होने के बाद केन ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह जीत टीम को परिभाषित नहीं करती और इससे विश्व कप नहीं जीता जाता लेकिन इस उपलब्धि का आनंद जरूर लेना चाहिए। इसके बाद पूरी टीम ने प्रशंसकों के साथ जीत का जश्न भी मनाया।

    गॉर्डन ने कहा कि कई बार बड़ी टीमों पर उम्मीदों का दबाव इतना अधिक होता है कि खिलाड़ी महत्वपूर्ण जीत का भी खुलकर जश्न नहीं मना पाते। लेकिन डीआर कांगो जैसी मजबूत टीम के खिलाफ मिली यह जीत खास है और इसका आनंद लेना जरूरी है क्योंकि टीम ने कठिन परिस्थितियों में शानदार वापसी की है।

    इस मुकाबले में एंथनी गॉर्डन ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दूसरे हाफ में मैदान पर उतरने के बाद उन्होंने हैरी केन के दोनों गोल के लिए बेहतरीन मौके तैयार किए। हालांकि उन्होंने अपनी बजाय केन की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी मौजूदगी ने ही उन्हें सही फैसला लेने का भरोसा दिया। गॉर्डन के अनुसार यदि केन मैदान पर नहीं होते तो शायद वह उन मौकों पर अलग निर्णय लेते लेकिन उन्हें पूरा विश्वास था कि केन गेंद को गोल में बदल देंगे।

    अब इंग्लैंड की नजर राउंड ऑफ 16 में मेक्सिको के खिलाफ होने वाले मुकाबले पर है। टीम का लक्ष्य इस लय को बरकरार रखते हुए विश्व कप खिताब की ओर मजबूत कदम बढ़ाना होगा।