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  • पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले इंग्लैंड का बड़ा दांव शानदार फॉर्म के दम पर डैन लॉरेंस की वापसी

    पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले इंग्लैंड का बड़ा दांव शानदार फॉर्म के दम पर डैन लॉरेंस की वापसी


    नई दिल्ली। इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ आगामी तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के शुरुआती दो मुकाबलों के लिए अपनी 16 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है। टीम चयन में सबसे बड़ी खबर शानदार फॉर्म में चल रहे बल्लेबाजी ऑलराउंडर डैन लॉरेंस की वापसी है जबकि युवा बल्लेबाज जैकब बेथेल चोट के कारण पूरी टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं। इंग्लैंड ने अनुभव और मौजूदा प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए संतुलित टीम तैयार की है जिससे पाकिस्तान के खिलाफ घरेलू परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाने की कोशिश की जाएगी।

    पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 19 अगस्त से लीड्स में खेला जाएगा। इसके बाद दूसरा टेस्ट 27 अगस्त से ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर होगा जबकि तीसरा और अंतिम मुकाबला 9 सितंबर से बर्मिंघम में आयोजित किया जाएगा। शुरुआती दो टेस्ट के लिए घोषित टीम में कई ऐसे खिलाड़ियों को मौका मिला है जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया है।

    डैन लॉरेंस की वापसी उनके शानदार काउंटी चैंपियनशिप प्रदर्शन का इनाम मानी जा रही है। सरे की ओर से खेलते हुए उन्होंने इस सीजन में पांच शतक जड़े हैं और 788 रन बनाकर डिवीजन वन के सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं। लॉरेंस केवल भरोसेमंद बल्लेबाज ही नहीं बल्कि उपयोगी ऑफ स्पिन गेंदबाज भी हैं। ऐसे में वह बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी टीम को अतिरिक्त विकल्प देंगे। माना जा रहा है कि वह मध्यक्रम में नंबर छह पर बल्लेबाजी करेंगे और जरूरत पड़ने पर गेंद से भी अहम भूमिका निभाएंगे।

    दूसरी ओर इंग्लैंड को जैकब बेथेल की गैरमौजूदगी का झटका लगा है। भारत के खिलाफ हाल ही में खेली गई वनडे सीरीज के दौरान उनके दाहिने घुटने में चोट लग गई थी। मेडिकल टीम की निगरानी के बावजूद वह पूरी तरह फिट नहीं हो सके और इसी कारण उन्हें पूरी टेस्ट सीरीज से बाहर रहना पड़ेगा। उनकी जगह जॉर्डन कॉक्स को शीर्ष क्रम में बल्लेबाजी की जिम्मेदारी दी गई है। कॉक्स नंबर तीन पर उतरेंगे और टीम प्रबंधन को उनसे बड़ी पारियों की उम्मीद होगी।

    टीम चयन में नए नियुक्त मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग और मार्कस ट्रेस्कोथिक की अहम भूमिका रही। हालांकि इस सीरीज में ट्रेस्कोथिक अंतरिम मुख्य कोच की जिम्मेदारी निभाएंगे जबकि फ्लेमिंग इसके बाद पूरी तरह टीम की कमान संभालेंगे। चयनकर्ताओं ने अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा प्रतिभाओं का संतुलन बनाए रखने की रणनीति अपनाई है।

    इंग्लैंड ने विकेटकीपर बल्लेबाज ओली पोप और तेज गेंदबाज ब्रायडन कार्स को भी टीम में वापस शामिल किया है। दोनों खिलाड़ी पिछली एशेज सीरीज के बाद पहली बार टेस्ट टीम का हिस्सा बने हैं। इसके अलावा सैम कुक और ओली रॉबिन्सन जैसे तेज गेंदबाजों को भी मौका दिया गया है जिससे गेंदबाजी आक्रमण और मजबूत नजर आ रहा है। कप्तान जो रूट के नेतृत्व में टीम पाकिस्तान के खिलाफ घरेलू मैदान पर जीत के साथ सीरीज की शुरुआत करना चाहेगी।

    पाकिस्तान के खिलाफ शुरुआती दो टेस्ट के लिए इंग्लैंड की टीम:
    जो रूट कप्तान जोफ्रा आर्चर गस एटकिंसन शोएब बशीर हैरी ब्रूक ब्रायडन कार्स सैम कुक जॉर्डन कॉक्स बेन डकेट मैथ्यू फिशर एमिलियो गे डैन लॉरेंस ओली पोप ओली रॉबिन्सन जेमी स्मिथ और जोश टोंग।

  • CSK के गोल्डन कोच स्टीफन फ्लेमिंग अब इंग्लैंड टेस्ट क्रिकेट की बदलेंगे तस्वीर रिपोर्ट्स में बड़ा दावा

    CSK के गोल्डन कोच स्टीफन फ्लेमिंग अब इंग्लैंड टेस्ट क्रिकेट की बदलेंगे तस्वीर रिपोर्ट्स में बड़ा दावा


    नई दिल्ली। इंग्लैंड क्रिकेट टीम को जल्द ही नया टेस्ट मुख्य कोच मिल सकता है और इस पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार के रूप में न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान तथा चेन्नई सुपर किंग्स के सबसे सफल कोच स्टीफन फ्लेमिंग का नाम सामने आया है। कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने लंबी चयन प्रक्रिया के बाद फ्लेमिंग को अपनी पहली पसंद माना है। यदि अंतिम औपचारिकताएं पूरी हो जाती हैं तो फ्लेमिंग इंग्लैंड की टेस्ट टीम की कमान संभालेंगे और यह उनके कोचिंग करियर का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय अध्याय होगा।

    स्टीफन फ्लेमिंग का नाम क्रिकेट जगत के सबसे सफल और सम्मानित कोचों में लिया जाता है। उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग में चेन्नई सुपर किंग्स को पांच बार चैंपियन बनाया और टीम को लगातार सफलता दिलाने में अहम भूमिका निभाई। शांत स्वभाव शानदार रणनीति और खिलाड़ियों से बेहतर तालमेल उनकी सबसे बड़ी पहचान रही है। इसी कारण उन्हें आधुनिक क्रिकेट का बेहतरीन मैनेजर और रणनीतिकार माना जाता है।

    रिपोर्ट्स के अनुसार इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने कई उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया लेकिन फ्लेमिंग अनुभव नेतृत्व क्षमता और लंबे समय तक सफल टीम तैयार करने की योग्यता के कारण सबसे आगे निकल गए। उनके सामने टॉम मूडी जोनाथन ट्रॉट और रिचर्ड डॉसन जैसे दावेदार भी थे लेकिन बोर्ड का झुकाव फ्लेमिंग की ओर दिखाई दिया।

    बताया जा रहा है कि इंग्लैंड की टेस्ट टीम में यह बदलाव ब्रेंडन मैकुलम के टेस्ट कोच पद से हटने के बाद किया जा रहा है जबकि सीमित ओवरों की टीम के साथ उनकी भूमिका अलग बनी रह सकती है। ऐसे में इंग्लैंड पहली बार टेस्ट और व्हाइट बॉल क्रिकेट के लिए अलग कोचिंग मॉडल अपनाने की दिशा में आगे बढ़ता दिख रहा है।

    फ्लेमिंग के सामने सबसे बड़ी चुनौती इंग्लैंड की टेस्ट टीम को फिर से मजबूत बनाना होगी। उन्हें नए कप्तान के चयन टीम संयोजन युवा खिलाड़ियों को तैयार करने और आगामी बड़ी टेस्ट सीरीज के लिए मजबूत रणनीति बनानी होगी। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि उनका शांत नेतृत्व और खिलाड़ियों को आत्मविश्वास देने की शैली इंग्लैंड के ड्रेसिंग रूम में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।

    हालांकि इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है लेकिन लगभग सभी प्रमुख रिपोर्ट्स में फ्लेमिंग को इस पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार बताया गया है। यदि नियुक्ति तय होती है तो यह केवल इंग्लैंड क्रिकेट ही नहीं बल्कि फ्रेंचाइजी क्रिकेट के इतिहास में भी एक बड़ा बदलाव माना जाएगा क्योंकि IPL के सबसे सफल कोचों में शामिल फ्लेमिंग अब अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में अपनी नई पहचान बनाने की तैयारी करेंगे

  • चौथे टी20 में टीम इंडिया पस्त, साल्ट और ब्रूक ने 146 रन जोड़कर इंग्लैंड को दिलाई ऐतिहासिक जीत

    चौथे टी20 में टीम इंडिया पस्त, साल्ट और ब्रूक ने 146 रन जोड़कर इंग्लैंड को दिलाई ऐतिहासिक जीत


    नई दिल्ली । ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड में खेले गए चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 9 विकेट से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त के साथ सीरीज अपने नाम कर ली। बारिश के कारण पहला मुकाबला रद्द होने के बाद इंग्लैंड ने लगातार तीन मैच जीतकर भारत के खिलाफ ऐतिहासिक टी20 द्विपक्षीय सीरीज जीत दर्ज की।

    टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। महज 48 रन तक तीन विकेट गिरने के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने पारी को संभाला। उन्होंने पहले शिवम दुबे के साथ 53 रन, फिर तिलक वर्मा के साथ 29 रन और वॉशिंगटन सुंदर के साथ 27 रन की साझेदारी कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।

    अय्यर ने 49 गेंदों में 80 रन की शानदार नाबाद पारी खेली, जिसमें 4 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। उनके अलावा कोई भी भारतीय बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका। शिवम दुबे ने 22, तिलक वर्मा ने 11 और वॉशिंगटन सुंदर ने 5 रन बनाए। भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट पर 158 रन बनाए।

    इंग्लैंड की ओर से जोफ्रा आर्चर और जोश टंग ने दो-दो विकेट लिए, जबकि आदिल रशीद और विल जैक्स को एक-एक सफलता मिली।

    159 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड को शुरुआती झटका जोस बटलर के रूप में लगा, जो सिर्फ 8 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद कप्तान हैरी ब्रूक और फिल साल्ट ने भारतीय गेंदबाजों पर पूरी तरह दबदबा बना लिया।

    दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए सिर्फ 68 गेंदों में नाबाद 146 रन की विस्फोटक साझेदारी की। हैरी ब्रूक ने 35 गेंदों पर 79 रन की तूफानी पारी खेली, जिसमें 8 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। वहीं फिल साल्ट ने 42 गेंदों में नाबाद 59 रन बनाए। दोनों की शानदार बल्लेबाजी के दम पर इंग्लैंड ने लक्ष्य सिर्फ 13.5 ओवर में हासिल कर लिया।

    भारत की ओर से एकमात्र विकेट अर्शदीप सिंह ने लिया। हालांकि बाकी गेंदबाज इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर कोई दबाव नहीं बना सके। अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का पांचवां और अंतिम टी20 मुकाबला 11 जुलाई को साउथैम्पटन में खेला जाएगा, जहां भारत क्लीन स्वीप से बचने के इरादे से मैदान में उतरेगा।

  • टीम इंडिया फिर बल्लेबाजी में फ्लॉप, इंग्लैंड ने 9 विकेट से रौंदकर सीरीज पर किया कब्जा

    टीम इंडिया फिर बल्लेबाजी में फ्लॉप, इंग्लैंड ने 9 विकेट से रौंदकर सीरीज पर किया कब्जा


    नई दिल्ली । ब्रिस्टल में खेले गए चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 9 विकेट से करारी शिकस्त देकर पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने इतिहास रचते हुए पहली बार भारत के खिलाफ दो या उससे अधिक मैचों वाली टी20 द्विपक्षीय सीरीज अपने नाम कर ली।

    इससे पहले दोनों देशों के बीच खेली गई छह टी20 द्विपक्षीय सीरीज में भारत ने पांच जीती थीं, जबकि एक सीरीज बराबरी पर समाप्त हुई थी। वहीं टीम इंडिया को आयरलैंड के बाद लगातार दूसरी टी20 सीरीज में हार झेलनी पड़ी। इससे पहले 2019 में भारत लगातार दो टी20 सीरीज न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया से हारा था।

    पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम 20 ओवर में 7 विकेट पर सिर्फ 158 रन ही बना सकी। कप्तान श्रेयस अय्यर ने शानदार 80 रन बनाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।

    युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी 15 रन बनाकर आउट हो गए, जबकि अभिषेक शर्मा 16 रन ही बना सके। ईशान किशन का खराब फॉर्म जारी रहा और वह केवल 4 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। शिवम दुबे ने 22 रन, तिलक वर्मा ने 11 रन, वॉशिंगटन सुंदर ने 5 रन और अक्षर पटेल ने सिर्फ 1 रन का योगदान दिया। भारतीय बल्लेबाजी एक बार फिर बड़े स्कोर तक पहुंचने में नाकाम रही।

    159 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी की। फिल साल्ट ने नाबाद 59 रन बनाए, जबकि कप्तान हैरी ब्रूक ने सिर्फ 35 गेंदों में 79 रन की विस्फोटक पारी खेलकर भारतीय गेंदबाजों को पूरी तरह बेअसर कर दिया। ब्रूक ने अपनी पारी में 8 चौके और 4 छक्के लगाए। हालांकि जोस बटलर केवल 8 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन इसके बाद इंग्लैंड ने कोई और विकेट नहीं गंवाया।

    इंग्लैंड ने सिर्फ 13.5 ओवर में लक्ष्य हासिल कर भारत को 9 विकेट से हराया और सीरीज पर कब्जा जमा लिया। अब दोनों टीमों के बीच पांचवां और अंतिम टी20 मुकाबला 11 जुलाई को साउथेम्प्टन में खेला जाएगा, जहां भारत सम्मान बचाने के इरादे से मैदान में उतरेगा।

  • स्टेडियम में उमड़ा फैंस का जनसैलाब, पहली बार महिला टी20 वर्ल्ड कप के किसी लीग मैच में 20 हजार से ज्यादा दर्शक पहुंचे

    स्टेडियम में उमड़ा फैंस का जनसैलाब, पहली बार महिला टी20 वर्ल्ड कप के किसी लीग मैच में 20 हजार से ज्यादा दर्शक पहुंचे


    नई दिल्ली।
    आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 में जहां एक तरफ बल्ले और गेंद से नए-नए कीर्तिमान स्थापित हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ दर्शकों की तादाद ने भी एक नया इतिहास रच दिया है। टूर्नामेंट के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी भारत और पाकिस्तान के बीच बने दर्शकों की संख्या के रिकॉर्ड को इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के मैच ने धराशायी कर दिया है। महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में अब तक किसी भी लीग चरण के मैच को देखने के लिए इतनी बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी स्टेडियम नहीं पहुंचे थे, जितने इस ब्लॉकबस्टर मुकाबले में देखने को मिले।

    ओवल के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए इस लीग मैच के दौरान स्टेडियम में कुल 21,018 दर्शक मौजूद थे। महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब किसी लीग चरण के मुकाबले में दर्शकों का आंकड़ा 20 हजार के पार पहुंचा हो। इससे पहले, इसी टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में एजबेस्टन के मैदान पर भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए मुकाबले में 18,814 दर्शक स्टेडियम पहुंचे थे, जो उस समय का एक रिकॉर्ड था। अब इंग्लैंड और न्यूजीलैंड की भिड़ंत ने उस पुराने रिकॉर्ड को काफी पीछे छोड़ दिया है।

    इंग्लैंड और वेल्स की मेजबानी में खेले जा रहे विश्व कप के इस 10वें संस्करण में प्रशंसकों का उत्साह चरम पर है। इसी के साथ मौजूदा टूर्नामेंट के लीग फेज के दौरान कुल दर्शकों की संख्या का आंकड़ा सवा लाख को पार कर गया है, जिससे यह महिला क्रिकेट इतिहास का सबसे ज्यादा टिकट बिक्री वाला लीग चरण बन गया है। इस बार डिजिटल प्लेटफॉर्म और ब्रॉडकास्टिंग के मामले में भी नए रिकॉर्ड बन रहे हैं, जिससे यह साफ है कि महिला क्रिकेट की लोकप्रियता वैश्विक स्तर पर बहुत तेजी से बढ़ी है। दिलचस्प बात यह है कि इस ऐतिहासिक मैच का हिस्सा रही न्यूजीलैंड की टीम टूर्नामेंट के सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो चुकी है।

    ग्रुप बी की स्थिति पूरी तरह साफ हो चुकी है, जहां से इंग्लैंड और वेस्टइंडीज की टीमों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में अपनी जगह सुरक्षित कर ली है। वहीं, अब सभी की नजरें ग्रुप ए के समीकरणों पर टिकी हुई हैं, जहां रविवार को होने वाले अंतिम मुकाबलों से सेमीफाइनल की बाकी दो टीमों का फैसला होगा। भारतीय महिला टीम के लिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाला मुकाबला किसी क्वार्टर फाइनल से कम नहीं है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार के बाद भारतीय टीम के लिए मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं, और उसे टूर्नामेंट में बने रहने के लिए कंगारू टीम पर हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।

    यह टूर्नामेंट अब अपने अंतिम और सबसे रोमांचक पड़ाव पर पहुंच गया है, जहां खिताबी जंग के लिए केवल पांच मैच शेष रह गए हैं। इसमें दो बड़े सेमीफाइनल मुकाबलों के साथ-साथ आगामी 5 जुलाई को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेला जाने वाला ग्रैंड फिनाले शामिल है। खेल समीक्षकों का मानना है कि मैदान पर दर्शकों की यह रिकॉर्ड तोड़ मौजूदगी फाइनल मुकाबले तक कई और नए कीर्तिमान स्थापित कर सकती है, जो भविष्य में महिला क्रिकेट की दिशा और दशा को पूरी तरह बदल देगी।

  • इंग्लैंड टीम को राहत बेन स्टोक्स और एटकिंसन पर ईसीबी जांच पूरी तीसरे टेस्ट में कप्तान की वापसी

    इंग्लैंड टीम को राहत बेन स्टोक्स और एटकिंसन पर ईसीबी जांच पूरी तीसरे टेस्ट में कप्तान की वापसी


    नई दिल्ली ।इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड यानी ईसीबी की अनुशासनात्मक जांच में इंग्लैंड टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स को नाइटक्लब विवाद मामले में पूरी तरह क्लीन चिट मिल गई है जांच के बाद यह स्पष्ट किया गया है कि स्टोक्स उस समय घटना स्थल पर मौजूद ही नहीं थे और न ही उनका किसी प्रकार की हिंसक घटना से कोई संबंध पाया गया

    इस जांच के बाद ईसीबी ने स्टोक्स और तेज गेंदबाज गस एटकिंसन को न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे और निर्णायक टेस्ट मैच के लिए इंग्लैंड टीम में शामिल कर लिया है इससे पहले दोनों खिलाड़ियों को अनुशासनात्मक कारणों से दूसरे टेस्ट से बाहर रखा गया था जहां टीम की कप्तानी जो रूट ने संभाली थी लेकिन उस मैच में इंग्लैंड को 253 रन से हार का सामना करना पड़ा था

    पूरा मामला 8 जून की रात लॉर्ड्स टेस्ट के बाद सामने आया जब दोनों खिलाड़ियों पर टीम कर्फ्यू नियमों के उल्लंघन का आरोप लगा इसके बाद ब्रिटिश मीडिया में खबरें आईं कि गस एटकिंसन एक नाइटक्लब में हुए विवाद में शामिल थे रिपोर्ट्स के अनुसार एक रग्बी अकादमी खिलाड़ी ने उन पर हमला करने की कोशिश की थी लेकिन मामला बढ़ते हुए एक सुरक्षा कर्मी को चोट लगने तक पहुंच गया

    ईसीबी की विस्तृत जांच में सामने आया कि बेन स्टोक्स इस पूरी घटना के दौरान नाइटक्लब में मौजूद ही नहीं थे बोर्ड ने स्पष्ट किया कि स्टोक्स किसी भी विवाद का हिस्सा नहीं थे और न ही उन्होंने घटना को देखा था हालांकि टीम नियमों के उल्लंघन के चलते उन्हें और एटकिंसन दोनों को लिखित चेतावनी दी गई है

    गस एटकिंसन को लेकर जांच में यह पाया गया कि वह बिना किसी उकसावे के हमले के शिकार हुए थे और उन्होंने किसी भी स्थिति में जवाबी कार्रवाई नहीं की इस तरह उन्हें भी हिंसक घटना के लिए दोषी नहीं ठहराया गया इस पूरे विवाद के बावजूद ईसीबी ने अनुशासनात्मक नियमों के तहत दोनों खिलाड़ियों को चेतावनी जारी की है और टीम के आचार संहिता पालन पर जोर दिया है

    अब इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच सीरीज 1-1 की बराबरी पर पहुंच चुकी है और तीसरा टेस्ट निर्णायक होगा जिसमें स्टोक्स की कप्तानी में इंग्लैंड वापसी करेगा तीसरे टेस्ट के लिए घोषित इंग्लैंड टीम में बेन स्टोक्स, जो रूट, जोफ्रा आर्चर, हैरी ब्रूक, बेन डकेट और अन्य प्रमुख खिलाड़ी शामिल हैं जिससे मुकाबला और भी रोमांचक होने की उम्मीद है

  • एशेज सीरीज हारने के बाद इंग्लैंड के हेड कोच ब्रैंडन मैकुलम ने की आलोचना बोले मेरे हाथ में कुछ नहीं

    एशेज सीरीज हारने के बाद इंग्लैंड के हेड कोच ब्रैंडन मैकुलम ने की आलोचना बोले मेरे हाथ में कुछ नहीं


    नई दिल्ली । एडिलेड ऑस्ट्रेलिया इंग्लैंड की टीम को एक और एशेज सीरीज हार का सामना करना पड़ा है। महज 11 दिनों में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को हराया और पहले दो टेस्ट तो सिर्फ 6 दिन में ही समाप्त हो गए थे। हालांकि तीसरे टेस्ट में इंग्लैंड ने थोड़ी सी लड़ाई जरूर दिखाई लेकिन सीरीज का निर्णय एडिलेड में ही हो गया। इस हार के बाद इंग्लैंड के हेड कोच ब्रैंडन मैकुलम की आलोचना हो रही है।

    तीसरे टेस्ट मैच के बाद जब मैकुलम से पूछा गया कि क्या वह इंग्लैंड के हेड कोच पद से इस्तीफा देंगे तो उन्होंने जवाब दिया कि यह फैसला उनके हाथ में नहीं है। मैकुलम ने कहा “मुझे नहीं पता। असल में यह फैसला मेरे हाथ में नहीं है है ना, मैं सिर्फ अपनी तरफ से काम करता रहूंगा जो भी मैंने सीखा है उसे लागू करने की कोशिश करूंगा और टीम के साथ सामंजस्य बैठाऊंगा।

    मैकुलम ने कहा कि इस काम में मजा आता है और यह एक बेहतरीन अनुभव है।आप दुनिया भर में टीम के साथ यात्रा करते हैं और रोमांचक क्रिकेट खेलते हैं। हम कुछ विशेष हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं उन्होंने कहा। इंग्लैंड का खेल इस बार काफी अलग था। उनकी टीम बैजबॉल की पारंपरिक शैली से हटकर खेल रही थी जिसमें स्कोरिंग रेट पर कम ध्यान दिया गया। मैकुलम ने इस बारे में कहा “हमने कभी नहीं कहा कि हमें 5.5-6 ओवर की रफ्तार से रन बनाने होंगे। हमारा उद्देश्य खेल की स्थिति को समझना और रिस्क को पहचानना था।

    मैकुलम ने यह भी कहा कि उनका फोकस हमेशा टीम के खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन निकालने पर रहा है। उन्होंने कहा “मेरे लिए यह खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ निकलवाने की कोशिश करना है। बाकी के फैसले तो दूसरों पर निर्भर करते हैं। जब मैंने काम शुरू किया था तब से लेकर अब तक टीम में बहुत तरक्की हुई है।इंग्लैंड का बैजबॉल तरीका जो पिछले कुछ समय से चर्चा में रहा है उसे लेकर मैकुलम ने कहा “यह तरीका किसी खास स्कोरिंग रेट के बारे में नहीं था। हमने जो रणनीति बनाई वह खिलाड़ियों के कौशल और टैलेंट पर आधारित थी। जब तक मैं इस काम में हूं यह तरीका नहीं बदलेगा।”

    कुल मिलाकर इंग्लैंड की टीम के लिए यह एशेज सीरीज एक और निराशाजनक अनुभव रही है। हालांकि मैकुलम का कहना है कि यह एक प्रक्रिया है और टीम को सुधार की दिशा में काम करना जारी रखना होगा।
    इस हार के बावजूद मैकुलम और इंग्लैंड की टीम आगे की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि अगले कुछ महीनों में इंग्लैंड किस दिशा में आगे बढ़ता है और क्या वे अपनी रणनीतियों में बदलाव करते हैं या नहीं।