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  • ओटीटी प्लेटफॉर्म पर डेब्यू करने जा रहे अभिनेता सनी देओल ने पुरानी यादें कीं ताजा, फिल्म 'दामिनी' के अपने आइकॉनिक वकील के किरदार पर खुलकर की बात

    ओटीटी प्लेटफॉर्म पर डेब्यू करने जा रहे अभिनेता सनी देओल ने पुरानी यादें कीं ताजा, फिल्म 'दामिनी' के अपने आइकॉनिक वकील के किरदार पर खुलकर की बात

    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेताओं में शुमार सनी देओल जल्द ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपना कदम रखने जा रहे हैं। अपनी आने वाली नई फिल्म के ट्रेलर लॉन्च के विशेष अवसर पर अभिनेता ने अपने फिल्मी सफर और अतीत की कुछ बेहद खास यादों को साझा किया। इस दौरान उन्होंने साल 1993 में आई अपनी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘दामिनी’ में निभाए गए वकील के यादगार किरदार पर खुलकर बात की। अभिनेता ने स्वीकार किया कि जब उन्होंने इस फिल्म में काम करने का फैसला लिया था, तब उन्हें इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि उनका यह छोटा सा रोल दर्शकों के दिलों में इस कदर बस जाएगा और इतिहास रच देगा।

    अपनी आगामी कोर्टरूम ड्रामा फिल्म में भी सनी देओल एक बार फिर से वकील की भूमिका में नजर आने वाले हैं, जिसका सीधा जुड़ाव दर्शकों को उनकी पुरानी फिल्म से महसूस हो रहा है। ट्रेलर लॉन्च के कार्यक्रम के दौरान जब उनसे इस समानता के बारे में पूछा गया तो उन्होंने पुरानी यादों को ताजा करते हुए कहा कि वह उस समय हर हाल में उस फिल्म का हिस्सा बनना चाहते थे। उन्होंने बताया कि मूल कहानी में शुरुआत में उनका कोई बड़ा रोल नहीं था, लेकिन निर्देशक और उनके निर्माता दोस्तों के साथ बातचीत के बाद उन्हें इस छोटे से कैरेक्टर के बारे में बताया गया। उन्होंने इसके लिए तुरंत हामी भर दी क्योंकि वे इस खूबसूरत कहानी से जुड़ना चाहते थे।

    अभिनेता ने बातचीत को आगे बढ़ाते हुए कहा कि किसी भी कलाकार के लिए उसकी फिल्मों की यात्रा बेहद खूबसूरत होती है। उन्होंने सिनेमा प्रेमियों से फिल्मों का भरपूर आनंद लेने का आग्रह करते हुए कहा कि कोई भी यह पहले से तय नहीं कर सकता कि कौन सा किरदार दर्शकों को कितना प्रभावित करेगा। ‘दामिनी’ के उस छोटे से रोल ने देश के कोने-कोने में लोगों को अपना मुरीद बना लिया था। अभिनेता ने यह भी साझा किया कि उस फिल्म के बाद उन्हें काफी लंबे समय तक उस तरह का दमदार और प्रभावशाली कोर्टरूम ड्रामा किरदार निभाने का दोबारा मौका नहीं मिल सका था, जो अब जाकर उन्हें मिला है।

    इसी भव्य आयोजन के दौरान सनी देओल अपने परिवार और पिता को याद कर काफी भावुक भी नजर आए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में जब उनसे उनके पिता और हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के बारे में सवाल किया गया कि उन्हें उनके नाम से कितना गर्व महसूस होता है, तो सनी देओल खुद पर काबू नहीं रख पाए। उन्होंने बेहद संजीदगी और भरे गले से कहा कि वे हमेशा केवल अपने पापा के बेटे रहेंगे और उनके लिए इससे बढ़कर दुनिया में कुछ भी नहीं है। यह कहते हुए उनकी आंखें नम हो गईं, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों को प्रभावित किया।

    डिजिटल माध्यम पर रिलीज होने जा रही यह नई फिल्म एक बार फिर से सनी देओल को उसी पुरानी दहाड़ और कानूनी दांव-पेंच वाले अवतार में वापस लेकर आ रही है, जिसका दर्शक लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। फिल्म के ट्रेलर को दर्शकों की तरफ से काफी सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं और इसमें उनके साथ कई अन्य दिग्गज कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे। इस नए प्रोजेक्ट से अभिनेता को काफी उम्मीदें हैं क्योंकि यह उनके करियर की नई पारी की शुरुआत माना जा रहा है।

  • काला हिरण' फिल्म पर गहराया कानूनी संकट: अभिनेता गोविंद नामदेव के बयानों से भड़के निर्माता अमित जानी, मानहानि के तहत कोर्ट में घसीटने की दी चेतावनी

    काला हिरण' फिल्म पर गहराया कानूनी संकट: अभिनेता गोविंद नामदेव के बयानों से भड़के निर्माता अमित जानी, मानहानि के तहत कोर्ट में घसीटने की दी चेतावनी

    नई दिल्ली। फिल्म उद्योग में वास्तविक और चर्चित आपराधिक मामलों पर बनने वाली फिल्मों को लेकर अक्सर विवाद खड़े होते रहे हैं, लेकिन वर्तमान में फिल्म ‘काला हिरण’ को लेकर शुरू हुआ आंतरिक घमासान अब कानूनी चौखट तक पहुंच गया है। अभिनेता सलमान खान से जुड़े चर्चित ब्लैकबक कानूनी मामले से प्रेरित इस आगामी फिल्म के मुख्य कलाकार गोविंद नामदेव और फिल्म के निर्माता अमित जानी के बीच सीधा वैचारिक और कानूनी टकराव पैदा हो गया है। अभिनेता गोविंद नामदेव ने हाल ही में सार्वजनिक मंच पर यह बयान देकर सनसनी फैला दी थी कि उन्हें फिल्म की वास्तविक पटकथा और संदर्भ के बारे में पूरी तरह अंधेरे में रखा गया था। अभिनेता के अनुसार, यदि उन्हें पहले से इस बात का भान होता कि यह पूरी फिल्म सलमान खान की छवि के विपरीत और उनके खिलाफ केंद्रित है, तो वह कभी भी इस परियोजना का हिस्सा नहीं बनते।

    इस गंभीर और एकतरफा आरोप के सार्वजनिक होते ही फिल्म के निर्माता अमित जानी ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए अभिनेता के दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। निर्माता ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से अपना कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि किसी भी अनुभवी और वरिष्ठ अभिनेता के साथ बिना लिखित पटकथा के तीन-चार दिनों तक लगातार अदालत के दृश्यों की शूटिंग करना व्यावहारिक रूप से असंभव है। प्रोडक्शन हाउस का स्पष्ट तर्क है कि फिल्म का शीर्षक ही ‘काला हिरण’ है, जो सीधे तौर पर वर्ष 1998 से लेकर 2018 तक जोधपुर की निचली और उच्च अदालतों में चले ऐतिहासिक मुकदमे की याद दिलाता है। ऐसे में यह कहना कि कलाकार को विषय की गहराई और संदर्भ की जानकारी नहीं थी, पूरी तरह से असत्य और हास्यास्पद है।

    निर्माता ने तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों का हवाला देते हुए बताया कि गोविंद नामदेव फिल्म में मुख्य सरकारी वकील की भूमिका निभा रहे हैं, जो अयान खान नामक चरित्र के खिलाफ अदालती पैरवी कर रहा है। शूटिंग के दौरान अभिनेता ने स्वयं कई जटिल कानूनी और प्रासंगिक संवाद बोले हैं, जिसमें जीप पर लगे खून के धब्बे और टायरों में फंसे हिरण के बालों जैसे संवेदनशील विवरणों का जिरह के दौरान उल्लेख शामिल है। प्रोडक्शन हाउस के अनुसार, सेट पर बिना किसी दबाव या गनपॉइंट के पूरी स्वेच्छा से किए गए काम को अब साक्षात्कार के माध्यम से धोखे का नाम दिया जा रहा है, जो कि केवल एक बड़े सुपरस्टार को खुश करने और उद्योग में अपने संबंधों को बचाने की एक कमजोर कोशिश मात्र है।

    इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब निर्माता अमित जानी ने दोनों पक्षों के बीच हस्ताक्षरित कानूनी अनुबंध का खुलासा किया। निर्माता के दावों के अनुसार, गोविंद नामदेव ने न केवल इस वर्तमान फिल्म के लिए बल्कि भविष्य में बनने वाले इसके दूसरे भाग के लिए भी बकायदा कानूनी एग्रीमेंट साइन किया था। अब सार्वजनिक रूप से इस तरह के विरोधाभासी बयान देना न केवल उस कानूनी अनुबंध की शर्तों का खुला उल्लंघन है, बल्कि इससे प्रोडक्शन हाउस की बाजार साख और फिल्म की व्यावसायिक छवि को भी भारी वित्तीय और नैतिक नुकसान पहुंचा है।

    इस विवाद के बाद प्रोडक्शन हाउस ने अब रक्षात्मक रुख छोड़कर पूरी तरह से आक्रामक कानूनी कार्रवाई करने का मन बना लिया है। फिल्म निर्माता ने स्पष्ट किया है कि वे इस अनुबंध उल्लंघन और मानहानि के मामले को लेकर बहुत जल्द कानूनी नोटिस जारी करने जा रहे हैं। इस मामले की आधिकारिक सुनवाई और जांच के लिए अभिनेता को नोएडा की जिला अदालत में आकर अपना जवाब दाखिल करना होगा। सिनेमा जगत के विश्लेषकों का मानना है कि इस आंतरिक कलह और आने वाले कानूनी नोटिस के बाद फिल्म के समय पर प्रदर्शन और इसके भविष्य को लेकर अनिश्चितता के बादल और अधिक गहरे हो गए हैं।

  • घंटों शूटिंग, मिनटों में डायलॉग याद और बदलते इमोशन्स, नेहा हरसोरा ने बताया डेली सोप का असली संघर्ष

    घंटों शूटिंग, मिनटों में डायलॉग याद और बदलते इमोशन्स, नेहा हरसोरा ने बताया डेली सोप का असली संघर्ष

    नई दिल्ली । टेलीविजन इंडस्ट्री की चमक-दमक और लोकप्रियता के पीछे कलाकारों की कड़ी मेहनत और निरंतर संघर्ष छिपा होता है। दर्शकों तक रोजाना नए एपिसोड पहुंचाने के लिए कलाकारों और पूरी टीम को लंबे समय तक काम करना पड़ता है। इसी विषय पर अभिनेत्री नेहा हरसोरा ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि डेली सोप में काम करना आसान नहीं है, लेकिन यही चुनौतियां उन्हें लगातार बेहतर बनने की प्रेरणा देती हैं।

    नेहा हरसोरा का कहना है कि डेली सोप की दुनिया बाहर से जितनी आकर्षक दिखाई देती है, वास्तविकता में उतनी ही मेहनत और समर्पण की मांग करती है। कलाकारों को कई बार लगातार घंटों तक शूटिंग करनी पड़ती है और सीमित समय में अपने किरदार के अनुरूप प्रदर्शन देना होता है। उनके अनुसार, अभिनय का यह क्षेत्र मानसिक और शारीरिक दोनों स्तरों पर कलाकारों की परीक्षा लेता है।

    उन्होंने बताया कि कई बार कलाकारों को शूटिंग शुरू होने से कुछ मिनट पहले ही संवाद दिए जाते हैं। ऐसे में उन्हें तुरंत याद करना और कैमरे के सामने बिना किसी गलती के प्रस्तुत करना बड़ी चुनौती होती है। इसके अलावा, एक ही दिन में अलग-अलग भावनात्मक दृश्यों की शूटिंग करनी पड़ती है। कभी कलाकार को भावुक दृश्य निभाना होता है तो कुछ ही समय बाद हल्के-फुल्के या खुशमिजाज दृश्य में नजर आना पड़ता है। इस तरह तेजी से भावनाओं में बदलाव करना आसान नहीं होता।

    अभिनेत्री का मानना है कि डेली सोप का व्यस्त शेड्यूल कलाकारों की व्यक्तिगत जिंदगी को भी प्रभावित करता है। सुबह से देर रात तक चलने वाली शूटिंग के कारण कलाकारों को परिवार के साथ पर्याप्त समय बिताने का अवसर नहीं मिल पाता। हालांकि, उन्होंने कहा कि जो लोग अभिनय को अपना करियर चुनते हैं, उन्हें इन चुनौतियों को स्वीकार करने के लिए भी तैयार रहना चाहिए।

    नेहा ने स्पष्ट किया कि कठिनाइयों के बावजूद उन्हें अपने काम से बेहद लगाव है। उनके अनुसार, कैमरे के सामने खड़े होकर किरदार को जीवंत बनाना, संवादों को आत्मसात करना और दर्शकों तक भावनाओं को पहुंचाना उन्हें संतुष्टि देता है। अभिनय उनके लिए केवल पेशा नहीं बल्कि एक जुनून है, जिसे वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाती हैं।

    उन्होंने फिल्मों और वेब सीरीज की कार्यप्रणाली की तुलना भी की। नेहा के अनुसार, फिल्मों और वेब सीरीज में कलाकारों को अपने किरदार को समझने, तैयारी करने और भाषा या व्यवहार पर काम करने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है। कई प्रोजेक्ट्स में कलाकारों के लिए विशेष वर्कशॉप भी आयोजित की जाती हैं। इसके विपरीत, डेली सोप में काम की गति काफी तेज होती है और कलाकारों को सीमित समय में ही सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देना पड़ता है।

    उन्होंने कहा कि यही तेज रफ्तार और निरंतर चुनौतियां डेली सोप को अन्य माध्यमों से अलग बनाती हैं। हर दिन कुछ नया सीखने और बेहतर करने का अवसर मिलता है। उनके मुताबिक, संघर्ष और मेहनत से मिली सफलता का आनंद भी अलग होता है और यही बात उन्हें इस क्षेत्र से जोड़े रखती है।

  • नेटफ्लिक्स पर इस हफ्ते मनोरंजन का डबल डोज, क्राइम थ्रिलर से लेकर शॉकिंग डॉक्यूमेंट्री तक होगी रिलीज

    नेटफ्लिक्स पर इस हफ्ते मनोरंजन का डबल डोज, क्राइम थ्रिलर से लेकर शॉकिंग डॉक्यूमेंट्री तक होगी रिलीज

    मुंबई। ओटीटी प्लेटफॉर्म Netflix पर इस सप्ताह दर्शकों के लिए कई नई फिल्में, डॉक्यूमेंट्री और वेब सीरीज रिलीज होने जा रही हैं। क्राइम, थ्रिलर, रियलिटी शो और फैमिली ड्रामा पसंद करने वाले दर्शकों को इस बार कंटेंट की भरपूर वैरायटी देखने को मिलेगी।

    1. Colors Of Evil: Black

    10 जून को रिलीज होने वाली यह क्राइम थ्रिलर एक शांत शहर में बच्चे के रहस्यमय ढंग से गायब होने की घटना पर आधारित है। जांच आगे बढ़ने के साथ कई पुराने और चौंकाने वाले रहस्य सामने आते हैं, जो कहानी को रोमांचक बना देते हैं।

    2. Outlast: The Jungle

    रियलिटी शो के शौकीनों के लिए यह सीरीज 10 जून को स्ट्रीम होगी। इस बार प्रतियोगियों को पनामा के घने और खतरनाक जंगलों में चुनौती का सामना करना होगा। विजेता को 10 लाख डॉलर की पुरस्कार राशि मिलेगी।

    3. Rosario Tijeras

    लोकप्रिय क्राइम ड्रामा का पांचवां सीजन भी 10 जून को आएगा। कहानी में रोजारियो नई शुरुआत की कोशिश करती है, लेकिन पुराने दुश्मन और नए खतरे उसकी राह में बड़ी चुनौतियां खड़ी कर देते हैं।

    4. The Evil Lawyer

    11 जून को रिलीज होने वाली यह कोर्टरूम ड्रामा सीरीज एक युवा वकील की कहानी है, जो एक गंभीर अपराध में फंस जाता है। अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए उसे एक अनुभवी लेकिन सख्त वकील का सहारा लेना पड़ता है।

    5. Maternal Instinct

    12 जून को आने वाली यह डॉक्यूमेंट्री एक चर्चित वास्तविक घटना से प्रेरित बताई जा रही है। कहानी में सोशल मीडिया, झूठी पहचान और एक चौंकाने वाले रहस्य का खुलासा दर्शकों को अंत तक बांधे रखता है।

    6. My Family

    पारिवारिक रिश्तों, संघर्षों और भावनात्मक उतार-चढ़ाव पर आधारित इस शो का दूसरा सीजन भी इसी सप्ताह दर्शकों के बीच आएगा। पहले सीजन को मिली लोकप्रियता के बाद इसके नए एपिसोड को लेकर काफी उत्सुकता है।

  • रिएलिटी शोज का महाकुंभ शुरू बिग बॉस 20 और नए शोज के साथ एंटरटेनमेंट का डबल डोज

    रिएलिटी शोज का महाकुंभ शुरू बिग बॉस 20 और नए शोज के साथ एंटरटेनमेंट का डबल डोज

    नई दिल्ली । टीवी और ओटीटी की दुनिया में रिएलिटी शोज का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है और साल 2026 के आने वाले महीने दर्शकों के लिए जबरदस्त एंटरटेनमेंट लेकर आने वाले हैं एक तरफ जहां नए कॉन्सेप्ट वाले शोज लॉन्च होने की तैयारी में हैं वहीं दूसरी ओर पुराने हिट शोज नए सीजन के साथ वापसी करने जा रहे हैं ऐसे में दर्शकों के पास देखने के लिए कंटेंट की कोई कमी नहीं रहने वाली

    सबसे पहले बात करते हैं नए रिएलिटी शो ट्राइबवर्स की जो 17 अप्रैल से स्ट्रीम होने जा रहा है इस शो को अभिषेक मल्हान और खुशबू पाटनी होस्ट करेंगे यह शो अपने यूनिक कॉन्सेप्ट और नए अंदाज के चलते पहले ही चर्चा में आ चुका है इसकी शूटिंग पूरी हो चुकी है और ट्रेलर को भी दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है माना जा रहा है कि यह शो युवाओं के बीच खासा लोकप्रिय हो सकता है

    इसके बाद बारी आती है लॉकअप के दूसरे सीजन की जिसका पहला सीजन काफी चर्चा में रहा था अब खबरें हैं कि इसका दूसरा सीजन इस बार ओटीटी प्लेटफॉर्म पर नए अंदाज में देखने को मिलेगा हालांकि इसकी रिलीज डेट अभी तक ऑफिशियली सामने नहीं आई है लेकिन माना जा रहा है कि यह अप्रैल के अंत या मई की शुरुआत में आ सकता है

    इसी कड़ी में द ट्रेटर्स इंडिया का दूसरा सीजन भी सुर्खियों में है इस शो को करण जौहर होस्ट करते हैं और पहले सीजन को दर्शकों ने काफी पसंद किया था खबरों के मुताबिक नए सीजन में उर्फी जावेद रिया चक्रवर्ती मुनव्वर फारुकी और मल्लिका शेरावत जैसे सेलेब्स नजर आ सकते हैं हालांकि मेकर्स की ओर से अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है

    अब बात उस शो की जिसका इंतजार हर साल बेसब्री से होता है यानी बिग बॉस मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बार बिग बॉस का 20वां सीजन अगस्त की बजाय जुलाई में ही शुरू हो सकता है हालांकि इस पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन अगर ऐसा होता है तो फैंस को पहले ही एंटरटेनमेंट का डोज मिल जाएगा

    वहीं स्टंट बेस्ड शो खतरों के खिलाड़ी भी इस साल अपने 15वें सीजन के साथ वापसी करने जा रहा है मेकर्स ने इसका ऐलान कर दिया है और खबरें हैं कि जून 2026 में यह शो ऑन एयर हो सकता है इसके लिए कई टीवी सेलेब्स को अप्रोच किया जा रहा है जिससे दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है

    कुल मिलाकर देखा जाए तो आने वाले महीनों में रिएलिटी शोज का जबरदस्त मुकाबला देखने को मिलेगा जहां हर शो अपने अलग कॉन्सेप्ट और स्टार पावर के साथ दर्शकों को बांधने की कोशिश करेगा अब देखना दिलचस्प होगा कि इनमें से कौन सा शो दर्शकों के दिलों पर राज करता है और कौन पीछे रह जाता है

  • ‘धुरंधर’ को लेकर कमल जैन ने की तारीफ बोले यह फिल्म दर्शकों को खींचने वाला सिनेमाई अनुभव

    ‘धुरंधर’ को लेकर कमल जैन ने की तारीफ बोले यह फिल्म दर्शकों को खींचने वाला सिनेमाई अनुभव


    फिल्म ‘मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी’ के निर्माता कमल जैन ने अपनी नई फिल्म ‘धुरंधर’ को लेकर बेहद सकारात्मक राय व्यक्त की है। उनके अनुसार ‘धुरंधर’ केवल एक फिल्म नहीं बल्कि एक ऐसा सिनेमाई अनुभव है जो दर्शकों को न सिर्फ जोड़ता है बल्कि उन्हें पूरी तरह से अपनी कहानी में खींच लेता है। उन्होंने इसे एक ऐसा प्रोजेक्ट बताया है जो दर्शकों के देखने के नजरिए को बदलने की क्षमता रखता है।

    कमल जैन का मानना है कि असली सफलता सिर्फ एक अच्छी कहानी से नहीं आती, बल्कि उसमें मौजूद उस खास जादू से आती है जो दर्शकों को बांधकर रखता है। उन्होंने कहा कि ‘मैजिक ही असल में बिकता है’ और यही वह तत्व है जो किसी फिल्म को सामान्य से अलग बनाता है। उनके अनुसार ‘धुरंधर’ में वही दुर्लभ जादू मौजूद है, जिसे हमने पहले भी ‘दीवार’, ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, ‘भाग मिल्खा भाग’, ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’, ‘विकी डोनर’ और ‘संजू’ जैसी फिल्मों में देखा है।

    उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि इस तरह के जादू के लिए जरूरी है कि फिल्म के क्रिएटर्स की सोच और इरादे मजबूत हों। जब प्रोड्यूसर की व्यावसायिक दृष्टि और निर्देशक की रचनात्मक सोच एक साथ मिलकर काम करती हैं, तब एक बेहतरीन सिनेमाई अनुभव तैयार होता है। ‘धुरंधर’ इसी तरह की मजबूत सिनर्जी का उदाहरण है, जहां कहानी, निर्देशन और प्रस्तुति एक दूसरे के साथ तालमेल बनाते हैं।

    कमल जैन ने यह भी कहा कि आज के दौर में जब दुनिया पूरी तरह से कनेक्टेड है, तब फिल्में सिर्फ दर्शकों तक पहुंचती नहीं बल्कि उन्हें सिनेमाघरों तक खींचने की क्षमता भी रखती हैं। ‘धुरंधर’ भी इसी तरह का प्रभाव छोड़ने में सक्षम दिखाई देती है, जो दर्शकों को थिएटर तक आकर्षित करने का दम रखती है।

    उन्होंने फिल्म की टीम की भी सराहना की और कहा कि इसमें मेकर्स की स्पष्टता और मजबूत सोच साफ दिखाई देती है। आदित्य की लेखनी, निर्देशन, संगीत और कलाकारों का प्रदर्शन कहानी को और गहराई प्रदान करता है। साथ ही ज्योति देशपांडे की मजबूत मार्केटिंग और वितरण रणनीति ने इसे एक बड़े सिनेमाई प्रोजेक्ट में बदल दिया है।

    कमल जैन के अनुसार जब कंटेंट खुद बोलने लगता है और दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन जाता है, तब वह केवल एक फिल्म नहीं रहता बल्कि एक प्रभावशाली अनुभव बन जाता है। यही ‘धुरंधर’ की खासियत है, जो कहानी कहने की कला को एक नई ऊंचाई पर ले जाती है।

     कमल जैन की राय के अनुसार ‘धुरंधर’ एक ऐसी फिल्म है जो सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि दर्शकों के दिल और दिमाग दोनों को प्रभावित करने की क्षमता रखती है। यह फिल्म उस स्तर पर खड़ी दिखाई देती है जहां कला, कहानी और प्रस्तुति का संगम एक यादगार अनुभव तैयार करता है
  • अश्लीलता के आरोप में ‘सरके चुनर’ गाना घिरा विवाद में महिला आयोग ने जारी किया समन

    अश्लीलता के आरोप में ‘सरके चुनर’ गाना घिरा विवाद में महिला आयोग ने जारी किया समन


    नई दिल्ली: फिल्म ‘KD The Devil’ के आइटम नंबर ‘सरके चुनर तेरी सरके’ को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। यह गाना अब सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसकी गूंज अब राजनीतिक और कानूनी गलियारों तक पहुंच चुकी है। गाने की सामग्री को लेकर उठे सवालों के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कदम उठाया है।

    रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय महिला आयोग ने गाने को उत्तेजक और आपत्तिजनक करार देते हुए कहा है कि इसकी सामग्री भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करती प्रतीत होती है। आयोग का कहना है कि इस तरह की सामग्री समाज में गलत संदेश देती है और विशेषकर महिलाओं की गरिमा को प्रभावित करती है।

    इसी के चलते आयोग ने फिल्म से जुड़े प्रमुख लोगों को नोटिस जारी किया है। इसमें अभिनेता संजय दत्त, अभिनेत्री नोरा फतेही और फिल्म के निर्देशक को आयोग के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है। सभी को 24 मार्च को दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर संबंधित व्यक्ति निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

    इस पूरे मामले में गाने को लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी विरोध देखने को मिला है। आलोचकों का कहना है कि गाने के बोल और प्रस्तुति अश्लीलता की सीमा को पार करते हैं। बढ़ते विवाद के बाद फिल्म के हिंदी वर्जन को कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाया भी जा चुका है।

    वहीं अभिनेत्री नोरा फतेही ने इस मामले पर अपनी सफाई देते हुए कहा है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि हिंदी वर्जन में गाना इस तरह से पेश किया जाएगा। उनके अनुसार गाने की शूटिंग कन्नड़ वर्जन के लिए की गई थी और हिंदी वर्जन के कंटेंट की जानकारी उन्हें पहले से नहीं दी गई थी। उन्होंने यह भी कहा है कि वह इस गाने का प्रचार नहीं करेंगी।

    इससे पहले यह मामला संसद तक भी पहुंच चुका है, जहां केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री ने स्पष्ट किया था कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर अश्लील या आपत्तिजनक सामग्री को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी के तहत संबंधित गाने पर कार्रवाई करते हुए इसे प्रतिबंधित भी किया गया है।

    कुल मिलाकर ‘सरके चुनर’ गाना अब एक बड़े विवाद का केंद्र बन चुका है, जहां एक ओर रचनात्मक स्वतंत्रता और दूसरी ओर सामाजिक जिम्मेदारी के बीच बहस तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस मामले में क्या निर्णय सामने आता है, यह देखना अहम होगा और यह तय करेगा कि इस तरह के कंटेंट पर आगे किस तरह की सख्ती बरती जाएगी

  • ऐपल का 2026 मेगा प्लान: 50वें जन्मदिन पर 20 से ज्यादा नए प्रोडक्ट्स, फोल्डेबल आईफोन से Apple Glasses तक रिपोर्ट

    ऐपल का 2026 मेगा प्लान: 50वें जन्मदिन पर 20 से ज्यादा नए प्रोडक्ट्स, फोल्डेबल आईफोन से Apple Glasses तक रिपोर्ट

    नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर अपने बेबाक और विवादित बयानों के लिए पहचाने जाने वाले हिंदुस्तानी भाऊ उर्फ विकास पाठक एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अभिनेत्री जया बच्चन के पपराजी को लेकर दिए गए बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। हिंदुस्तानी भाऊ ने जया बच्चन की टिप्पणी को अपमानजनक बताते हुए पपराजी से अपील की है कि वे उन जगहों पर कवरेज न करें, जहां उन्हें सम्मान नहीं दिया जाता।दरअसल, हाल ही में जया बच्चन ने वरिष्ठ पत्रकार बरखा दत्त के चर्चित शो वी द वुमन में पपराजी को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि मीडिया से उनके संबंध अच्छे हैं, लेकिन पपराजी से नहीं। जया बच्चन ने पपराजी के व्यवहार और पहनावे पर सवाल उठाते हुए कहा था कि सिर्फ मोबाइल फोन होने का मतलब यह नहीं कि कोई भी किसी की तस्वीर खींच सकता है या मनचाहे कमेंट कर सकता है।जया बच्चन के इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई। कुछ लोगों ने उनके बयान को निजता से जोड़कर सही ठहराया, तो वहीं कई यूजर्स ने इसे पपराजी का अपमान बताया। इसी बीच हिंदुस्तानी भाऊ ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की।

    एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान हिंदुस्तानी भाऊ ने जया बच्चन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पपराजी की वजह से ही कई कलाकार और सार्वजनिक हस्तियां चर्चा में बनी रहती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पपराजी ही पहचान दिलाते हैं, तो फिर उनके साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जाता है।हिंदुस्तानी भाऊ ने कहा,उन्होंने कपड़ों पर कमेंट किया। अमिताभ बच्चन की पत्नी जया बच्चन खुद सस्ती साड़ी पहनती हैं और दूसरों को गरीब बोलती हैं। ऐसे लोगों के पीछे क्यों जाते हो, जहां आपकी इज्जत नहीं होती।

    उन्होंने पपराजी से हाथ जोड़कर अपील करते हुए कहा कि आत्मसम्मान सबसे जरूरी है और जहां सम्मान न मिले, वहां जाना ही नहीं चाहिए। भाऊ ने कहा कि पपराजी की मेहनत से ही कई सेलिब्रिटीज जनता के बीच बने रहते हैं।उन्होंने आगे कहा,आप लोगों की वजह से ही ये लोग दिखते हैं। अगर आप इन्हें दिखाना बंद कर दो, तो कोई इन्हें जानता भी नहीं। जहां इज्जत न मिले, वहां मत जाओ। आप लोग ही इन्हें बनाते हो।हिंदुस्तानी भाऊ ने यह भी कहा कि अगर पपराजी एकजुट होकर ऐसे लोगों को कवरेज देना बंद कर दें, तो उन्हें अपनी गलती का एहसास जरूर होगा। उन्होंने इसे सिर्फ पेशे का नहीं, बल्कि आत्मसम्मान का सवाल बताया।

    दूसरी ओर, जया बच्चन के बयान को लेकर सोशल मीडिया पर पहले से ही तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ यूजर्स का कहना है कि सेलिब्रिटीज को भी निजता का अधिकार है, जबकि कई लोगों का मानना है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वालों को आलोचना और कैमरों का सामना करना पड़ता है।जया बच्चन ने शो में कहा था,पपराजी को लगता है कि मोबाइल कैमरा होने से वे किसी के घर में चूहे की तरह घुस सकते हैं। वे जैसे कपड़े पहनते हैं और जैसे कमेंट करते हैं, वह मुझे बिल्कुल पसंद नहीं।इस पूरे विवाद के बाद एक बार फिर यह सवाल खड़ा हो गया है कि सेलिब्रिटीज और पपराजी के बीच रिश्तों की सीमाएं क्या होनी चाहिए और सम्मान दोनों पक्षों से कितना जरूरी है। फिलहाल, हिंदुस्तानी भाऊ का बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस मुद्दे पर खुलकर अपनी-अपनी राय रख रहे हैं।

  • पाकिस्तान में बढ़ता फर्जी शादियों का ट्रेंड, युवाओं के लिए सिर्फ मनोरंजन का जरिया..

    पाकिस्तान में बढ़ता फर्जी शादियों का ट्रेंड, युवाओं के लिए सिर्फ मनोरंजन का जरिया..


    नई दिल्ली /पाकिस्तान में हाल ही में एक नया ट्रेंड उभरकर सामने आया है-फर्जी शादियां। इन शादियों में हिस्सा लेने वाले युवा केवल मनोरंजन और सामाजिक अनुभव के लिए शादी करते हैं। इसमें कोई भी पारिवारिक दबाव या जीवन भर की जिम्मेदारी नहीं होती। यह ट्रेंड खासकर शहरों और विश्वविद्यालयों में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

    शादी दक्षिण एशियाई समाज में हमेशा से एक बड़ा उत्सव रही है। भारत और पाकिस्तान में शादी का आयोजन कई दिनों तक चलता है, जिसमें हल्दी, मेहंदी, संगीत और विदाई जैसी रस्में शामिल होती हैं। पारंपरिक शादियों में दूल्हा-दुल्हन के अलावा परिवार और समाज की जिम्मेदारियां भी बड़ी होती हैं। लेकिन फर्जी शादियों में इसका उल्टा माहौल होता है-युवाओं को केवल अनुभव और मनोरंजन का अवसर मिलता है।पाकिस्तान में इस ट्रेंड की शुरुआत लाहौर यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज से हुई। वहां दो छात्राओं ने एक फर्जी शादी का आयोजन किया, जिसमें शादी की सारी रस्में और सजावट वही थी जो असली शादी में होती हैं। सोशल मीडिया पर इस शादी के वीडियो वायरल होने के बाद पूरे देश में ध्यान खींचा गया। युवाओं में इसे लेकर उत्सुकता और उत्साह बढ़ा।

    हालांकि, इस घटना ने विरोध भी खड़ा किया। कुछ लोगों ने इसे समलैंगिक विवाह समझकर आपत्ति जताई। वीडियो वायरल होने के बाद दुल्हन बनने वाली छात्रा को ऑनलाइन ट्रोलिंग और आलोचना का सामना करना पड़ा। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा और निजता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए। सबसे पहले वीडियो और फोटो को ऑनलाइन पोस्ट करने पर रोक लगा दी गई। साथ ही केवल उन लोगों को ही इस आयोजन में आने की अनुमति दी जाने लगी, जो इसे केवल मनोरंजन के रूप में लेते हों।

    फर्जी शादी में दुल्हन बनने वाली छात्रा के परिवार को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसके विपरीत, दूल्हा बनी छात्रा का परिवार इस पूरे मामले में अपेक्षाकृत शांत रहा। इस अनुभव के बावजूद, इस ट्रेंड ने युवाओं में लोकप्रियता हासिल की और कई समूहों ने इसे व्यवस्थित रूप से आयोजित करना शुरू कर दिया।एक ऐसा ही समूहहुनर क्रिएटिव मार्केट है, जिसकी संस्थापक रिदा इमरान ने महिलाओं के लिए विशेष फर्जी शादियों और मेहंदी पार्टियों का आयोजन किया। इसमें कारीगरों, कलाकारों, कंटेंट क्रिएटर्स और इवेंट मैनेजर्स ने हिस्सा लिया। इस तरह की घटनाएं खासतौर पर उन लोगों के लिए वरदान साबित हुईं जो पारंपरिक शादियों की थकावट और सामाजिक दबाव के कारण शादी का असली आनंद नहीं ले पाते।

    फर्जी शादियों का यह ट्रेंड युवा पीढ़ी में खुद को व्यक्त करने और सामाजिक अनुभव का मज़ा लेने का एक नया तरीका बन गया है। इसमें विवाह के वास्तविक दायित्वों की कमी होने के बावजूद लोग शादी की रस्मों, उत्सव और उत्साह का आनंद ले सकते हैं।पाकिस्तान में फर्जी शादियों का यह चलन यह दिखाता है कि समाज में नई पीढ़ी पारंपरिक धारणाओं और सामाजिक दबावों से हटकर, स्वतंत्र और रचनात्मक तरीके से अपनी खुशियों का अनुभव करना चाहती है। यह केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि युवाओं के लिए सामाजिक और सांस्कृतिक प्रयोग का एक नया रूप बन चुका है।