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  • सिनेमाघरों में दिखेगा मनोरंजन का महासंग्राम, 20 से 26 जुलाई के बीच थलपति विजय की 'जन नायगन' समेत 6 बड़ी फिल्में होंगी रिलीज

    सिनेमाघरों में दिखेगा मनोरंजन का महासंग्राम, 20 से 26 जुलाई के बीच थलपति विजय की 'जन नायगन' समेत 6 बड़ी फिल्में होंगी रिलीज

    नई दिल्ली । भारतीय फिल्म उद्योग के लिए जुलाई का आगामी सप्ताह बेहद व्यस्त और रोमांचक रहने वाला है। 23 जुलाई से 24 जुलाई 2026 के बीच देशभर के सिनेमाघरों में अलग-अलग शैलियों की छह बड़ी फिल्में रिलीज होने जा रही हैं। इस सप्ताह दर्शकों को राजनीतिक एक्शन, कोर्टरूम ड्रामा, पारिवारिक कॉमेडी, रोमांटिक ड्रामा और रहस्य से भरपूर फिल्मों का शानदार मिश्रण देखने को मिलेगा। इन फिल्मों से बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई की उम्मीद की जा रही है। साथ ही मल्टीप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन थिएटरों में दर्शकों की भीड़ बढ़ने की संभावना है। फिल्म कारोबार से जुड़े लोगों का मानना है कि यह रिलीज़ लाइनअप सिनेमाघरों में नए दर्शकों को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

    इस सप्ताह की सबसे चर्चित रिलीज ‘जन नायगन’ है, जो 23 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। यह एक बड़े बजट की राजनीतिक एक्शन थ्रिलर फिल्म है, जिसमें थलपति विजय और बॉबी देओल पहली बार आमने-सामने दिखाई देंगे। फिल्म में पूजा हेगड़े और प्रकाश राज भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। इसकी कहानी एक ऐसे आम नागरिक के इर्द-गिर्द घूमती है, जो भ्रष्टाचार और सामाजिक अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हुए लोगों की उम्मीद का प्रतीक बन जाता है। दमदार स्टारकास्ट और बड़े पैमाने पर बने एक्शन दृश्यों की वजह से इस फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच काफी उत्साह है।

    24 जुलाई 2026 को कई अलग-अलग विषयों पर आधारित फिल्में एक साथ रिलीज होंगी। इनमें ‘उत्तर दा पुत्तर’ एक पारिवारिक कॉमेडी ड्रामा है, जिसमें अन्नू कपूर, पवन मल्होत्रा और बृजेंद्र काला मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म की कहानी भारतीय परिवारों में वास्तु, अंधविश्वास और पारिवारिक रिश्तों से जुड़ी मजेदार परिस्थितियों के इर्द-गिर्द घूमती है। इसी दिन श्रेयस तलपड़े और काजल अग्रवाल अभिनीत ‘द इंडिया स्टोरी’ भी रिलीज होगी। यह कोर्टरूम ड्रामा कृषि क्षेत्र और खाद्य सुरक्षा से जुड़े एक गंभीर मामले को कानूनी लड़ाई के माध्यम से बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करता है।

    पारिवारिक मनोरंजन पसंद करने वाले दर्शकों के लिए ‘दुल्हनिया ले आएगी’ भी 24 जुलाई को सिनेमाघरों में आएगी। खुशहाली कुमार, महेश मांजरेकर और पीयूष मिश्रा अभिनीत यह फिल्म एक उद्योगपति परिवार की शादी के दौरान होने वाली हास्यपूर्ण और भावनात्मक घटनाओं को दिखाती है। वहीं रहस्य और रोमांच पसंद करने वालों के लिए ‘इंद्रजाल’ एक दिलचस्प विकल्प होगी, जिसकी कहानी ब्रिटिश काल के एक रहस्यमयी खजाने और पूर्ण सूर्य ग्रहण से जुड़े रहस्यों पर आधारित है। इसके अलावा अमन इंद्र कुमार, आकांक्षा शर्मा और परेश रावल अभिनीत रोमांटिक ड्रामा ‘तेरा यार हूं मैं’ भी इसी दिन रिलीज होगी। यह फिल्म छोटे शहर से महानगर पहुंचे एक युवक के संघर्ष, सपनों, प्रेम और पारिवारिक रिश्तों की भावनात्मक यात्रा को पर्दे पर उतारती है। विविध विषयों और अलग-अलग दर्शक वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार की गई ये सभी फिल्में जुलाई के अंतिम सप्ताह में सिनेमाघरों की रौनक बढ़ाने के लिए तैयार हैं।

  • ‘हेरा फेरी 3’ के सस्पेंस के बीच ‘भागम भाग 2’ की तैयारी, निर्देशक राज शांडिल्य और परेश रावल ने सोशल मीडिया पर दिए बड़े संकेत

    ‘हेरा फेरी 3’ के सस्पेंस के बीच ‘भागम भाग 2’ की तैयारी, निर्देशक राज शांडिल्य और परेश रावल ने सोशल मीडिया पर दिए बड़े संकेत

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा जगत में कल्ट क्लासिक का दर्जा हासिल कर चुकी अभिनेता अक्षय कुमार और परेश रावल की प्रसिद्ध कॉमेडी फिल्म ‘भागम भाग’ के सीक्वल को लेकर मनोरंजन उद्योग में हलचल तेज हो गई है। ‘हेरा फेरी 3’ के निर्माण को लेकर चल रहे विवादों और अनिश्चितताओं के बीच, प्रसिद्ध निर्देशक राज शांडिल्य ने इस सुपरहिट कॉमेडी फ्रेंचाइजी के दूसरे भाग का निर्माण करने का एक बड़ा परोक्ष संकेत दिया है। इस घोषणा के बाद से ही सिनेमा प्रेमियों और प्रशंसकों के बीच भारी उत्सुकता देखी जा रही है, जो लंबे समय से इस प्रसिद्ध जोड़ी को दोबारा पर्दे पर देखने का इंतजार कर रहे हैं।

    इस नए घटनाक्रम की शुरुआत उस समय हुई जब निर्देशक राज शांडिल्य ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक अत्यंत उत्सुकता बढ़ाने वाला संदेश साझा किया। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि प्रशंसकों को बस थोड़ा और इंतजार करने की आवश्यकता है, क्योंकि जल्द ही सारे ‘सिग्नल’ खुलने वाले हैं। उल्लेखनीय है कि ‘सिग्नल’ शब्द का प्रयोग वर्ष 2006 में आई मूल फिल्म ‘भागम भाग’ के एक अत्यंत लोकप्रिय और सुपरहिट गीत के संदर्भ में किया गया था। इस मूल गीत को प्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम चक्रवर्ती ने तैयार किया था, जिसे रेमो फर्नांडीस और सुजैन डी’मेलो ने अपनी आवाज दी थी।

    इस पूरे मामले में प्रशंसकों की उत्सुकता और सिनेमाई गलियारों में चर्चा तब और अधिक बढ़ गई, जब फिल्म के मुख्य अभिनेता परेश रावल ने स्वयं इस पोस्ट पर अपनी त्वरित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने निर्देशक राज शांडिल्य के संदेश को रीपोस्ट करते हुए सकारात्मक लहजे में सहमति जताई। इस बात की पूरी संभावना व्यक्त की जा रही है कि इस बहुप्रतीक्षित सीक्वल में अक्षय कुमार मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। हालांकि, मूल फिल्म में उनके साथ सह-अभिनेता के रूप में धमाल मचाने वाले प्रसिद्ध अभिनेता गोविंदा इस नए प्रोजेक्ट का हिस्सा होंगे या नहीं, इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

    ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो प्रसिद्ध निर्देशक प्रियदर्शन के निर्देशन में बनी मूल फिल्म ‘भागम भाग’ ने अपने बेहतरीन स्क्रीनप्ले और हास्य दृश्यों के दम पर दर्शकों के दिलों में एक अमिट छाप छोड़ी है। इस फिल्म की मुख्य कहानी एक ड्रामा थिएटर ग्रुप के तीन कलाकारों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक नाटक के मंचन के सिलसिले में लंदन की यात्रा पर जाते हैं। वहां की यात्रा के दौरान वे अनजाने में एक बेहद पेचीदा और हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में फंस जाते हैं, जिसके बाद फिल्म में पैदा होने वाली परिस्थितियां दर्शकों को हंसने पर मजबूर कर देती हैं।

    व्यावसायिक स्तर पर इस फिल्म के दूसरे भाग यानी ‘भागम भाग 2’ को धरातल पर उतारने से पहले कुछ बेहद पेचीदा कानूनी और व्यावसायिक अड़चनों का सामना करना पड़ा था। वर्ष 2026 के मार्च महीने में जब राज शांडिल्य को आधिकारिक तौर पर इस फिल्म के निर्देशन की कमान सौंपी गई, तब एक बड़ा अनुबंधात्मक विवाद सामने आया। राज शांडिल्य ने पूर्व में प्रसिद्ध फिल्म निर्माता एकता कपूर के प्रोडक्शन हाउस के साथ तीन फिल्मों का एक विशेष अनुबंध साइन किया था, जबकि यह नई फिल्म उस बैनर के अंतर्गत नहीं बन रही थी।

    इस कारण निर्माता कंपनी की ओर से उन पर अनुबंध के उल्लंघन और अग्रिम राशि न लौटाने के आरोप लगाए गए थे, क्योंकि उन्होंने अन्य प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी एनओसी प्राप्त नहीं किया था। हालांकि, फिल्म जगत के लिए राहत की बात यह रही कि मई 2026 में दोनों पक्षों ने आपसी बातचीत के माध्यम से इस पूरे कानूनी विवाद को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझा लिया। दोनों फिल्मकारों ने सोशल मीडिया पर एक साथ तस्वीरें साझा कर इस विवाद के समाप्त होने की पुष्टि की थी, जिसके बाद अब इस कल्ट कॉमेडी फिल्म के निर्माण का मार्ग पूरी तरह से प्रशस्त हो गया है।

  • शोहरत खोने के डर से बेखौफ शहनाज गिल ने किया रिजेक्शन और मानसिक तनाव का सामना, इम्तियाज अली संग काम करने की जताई इच्छा

    शोहरत खोने के डर से बेखौफ शहनाज गिल ने किया रिजेक्शन और मानसिक तनाव का सामना, इम्तियाज अली संग काम करने की जताई इच्छा

    नई दिल्ली । हिंदी और पंजाबी सिनेमा जगत में अपनी विशेष पहचान बना चुकीं अभिनेत्री शहनाज गिल ने हाल ही में फिल्म उद्योग में अपने व्यक्तिगत अनुभवों, मानसिक चुनौतियों और करियर के प्रति अपने दृष्टिकोण पर खुलकर बात की है। अभिनेत्री ने स्वीकार किया है कि ग्लैमर की इस दुनिया में वे दैनिक स्तर पर अकेलेपन का सामना करती हैं। उनके अनुसार, फिल्म जगत की व्यस्तताओं के बावजूद एक कलाकार के जीवन में यह अकेलापन बेहद स्वाभाविक है क्योंकि यहां लोग आते-जाते रहते हैं और अंततः इंसान को अपने दम पर ही परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।

    शहनाज गिल ने अकेलेपन को एक नकारात्मक तत्व के रूप में देखने के बजाय इसे आत्ममंथन का एक माध्यम माना है। उनका मानना है कि एकांत के इन क्षणों में उन्हें विभिन्न विषयों पर गहराई से सोचने का अवसर मिलता है। हालांकि अधिक सोचने और मानसिक तनाव से उन्हें अपने काम को बेहतर करने में मदद मिलती है, लेकिन जीवन में एक ऐसे मार्गदर्शक की कमी हमेशा खलती है जो संकट या गुस्से के समय उन्हें शांत कर सके। इस चकाचौंध भरी दुनिया में वे आज भी किसी ऐसे सच्चे साथी की तलाश में हैं जो भीड़ में भी उनके अस्तित्व को समझ सके।

    फिल्म इंडस्ट्री में अपने सामाजिक दायरे पर बात करते हुए अभिनेत्री ने स्पष्ट किया कि बॉलीवुड में उनके करीबी दोस्तों की संख्या बेहद सीमित है। उन्होंने माना कि फिल्म जगत के बदलते समीकरणों के कारण उन्हें लोगों पर भरोसा करने में कठिनाई होती है, जिसे आमतौर पर ट्रस्ट इश्यूज कहा जाता है। यहां दोस्त बहुत जल्दी बनते और बिगड़ते हैं, जिसके कारण एक वास्तविक संबंध को पहचान पाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। उनके लिए किसी भी रिश्ते या दोस्ती में आपसी सम्मान और एक-दूसरे को बिना किसी स्वार्थ के समर्थन देना सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता है।

    करियर के मोर्चे पर बात करते हुए शहनाज गिल ने व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में मिलने वाले रिजेक्शंस यानी अस्वीकृतियों के प्रति एक बेहद परिपक्व दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि वे रिजेक्शन से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ने में विश्वास रखती हैं। एक कुशल अभिनेता के रूप में खुद को स्थापित करने के लिए वे आलोचनाओं को बेहद सकारात्मक तरीके से स्वीकार करती हैं। उनका स्पष्ट मानना है कि यदि कोई उनके सीधेपन या प्रेम का गलत फायदा उठाने का प्रयास करता है, तो वे स्थिति को नियंत्रित करना और खुद को संभालना बखूबी जानती हैं।

    आगामी परियोजनाओं को लेकर अभिनेत्री ने यह साफ कर दिया है कि वे केवल संख्या बढ़ाने के लिए फिल्मों का चयन नहीं करेंगी, बल्कि उनका पूरा ध्यान गुणवत्तापूर्ण कार्यों पर केंद्रित रहेगा। वे केवल उन्हीं स्क्रिप्ट्स को स्वीकार करेंगी जो एक कलाकार के रूप में उनकी क्षमताओं को चुनौती दें। अपनी भविष्य की योजनाओं को साझा करते हुए उन्होंने प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली के साथ काम करने की तीव्र इच्छा व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि वे इस अवसर को हासिल करने के लिए लगातार सकारात्मक प्रयास कर रही हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि वे एक दिन उनकी फिल्म की मुख्य अभिनेत्री के रूप में नजर आएंगी।

    आमतौर पर फिल्म सितारों में लोकप्रियता और फेम खोने का एक अनजाना डर देखा जाता है, लेकिन शहनाज गिल ने इस धारणा को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने बेहद तार्किक रूप से कहा कि लोकप्रियता एक अस्थायी पहलू है, जो आज है और कल समाप्त हो सकता है। वे इस वास्तविकता को पूरी तरह स्वीकार करती हैं कि शोहरत के पीछे भागने के बजाय अपने काम के प्रति ईमानदार रहना ज्यादा जरूरी है। फिलहाल वे अपनी अपकमिंग पंजाबी फिल्म ‘इश्कनामा’ को लेकर चर्चा में हैं और उनका पूरा ध्यान सिनेमाई पर्दे पर बेहतरीन प्रदर्शन करने पर केंद्रित है।

  • नोरंजन जगत का काला सच: 'समझौते' से इनकार पर संदीपा विर्क को फिल्म से निकाला, आधी रात को कमरे में घुसा था डायरेक्टर

    नोरंजन जगत का काला सच: 'समझौते' से इनकार पर संदीपा विर्क को फिल्म से निकाला, आधी रात को कमरे में घुसा था डायरेक्टर

    नई दिल्ली । मनोरंजन जगत की चकाचौंध के पीछे छिपा एक बेहद कड़वा और स्याह सच एक बार फिर सामने आया है। मशहूर अभिनेत्री और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर संदीपा विर्क ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में फिल्म उद्योग के भीतर व्याप्त कास्टिंग काउच और यौन उत्पीड़न की गंभीर समस्याओं पर खुलकर बात की है। अभिनेत्री ने अपने करियर के दौरान झेले गए अपमानजनक अनुभवों का खुलासा करते हुए बताया कि किस तरह काम के बदले उनसे अनुचित मांगें की गईं और इनकार करने पर उन्हें फिल्मों से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

    संदीपा विर्क पिछले कुछ समय से एक कथित वित्तीय विवाद के चलते कानूनी मुश्किलों का सामना कर रही थीं। छह करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें देश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली तिहाड़ जेल में साढ़े चार महीने का समय बिताना पड़ा था। वर्तमान में अदालत से जमानत मिलने के बाद वे सलाखों से बाहर हैं। जेल से रिहा होने के बाद ‘द शेरोज टीवी’ (TheSheroesTV) पॉडकास्ट के साथ विशेष बातचीत में अभिनेत्री का दर्द छलक पड़ा, जहां उन्होंने जेल के भीतर कटे अपने भयावह दिनों और फिल्म उद्योग की विसंगतियों को बेबाकी से उजागर किया।

    जेल के दिनों को याद करते हुए संदीपा ने भावुक होकर बताया कि तिहाड़ जेल के भीतर गुजारा गया हर एक दिन और हर एक सेकंड उनके लिए अत्यधिक मानसिक और शारीरिक स्ट्रगल से भरा था। उन्होंने कहा कि वहां की परिस्थितियां इतनी कठिन थीं कि वे हर दिन ईश्वर से केवल मौत की दुआ मांगती थीं। हालांकि, अब वह समय बीत चुका है, लेकिन उस दौर ने उनकी मानसिक स्थिति पर गहरा असर डाला है। जेल की इन यादों के अलावा उन्होंने अपने फिल्मी करियर के दौरान झेले गए शोषण पर भी विस्तार से बात की।

    फिल्म इंडस्ट्री में काम के बदले होने वाले शारीरिक और मानसिक शोषण यानी कास्टिंग काउच पर बात करते हुए संदीपा ने कहा कि इस उद्योग में सीधा अपराध या जबरदस्ती भले ही न दिखती हो, लेकिन परोक्ष रूप से दबाव बनाने की प्रथा बेहद आम है। उनके अनुसार, अलग-अलग फिल्म उद्योगों में अभिनेत्रियों को अप्रोच करने और उनसे अनुचित मांगें रखने का तरीका अलग होता है। जहां बॉलीवुड में ‘डिनर’ या ‘कॉफी’ के बहाने अनौपचारिक तौर पर बात शुरू की जाती है, जो देखने में सामान्य लगती है, वहीं क्षेत्रीय सिनेमा में यह दबाव अधिक सीधा और आक्रामक होता है।

    अपने साथ घटी एक अत्यंत विचलित करने वाली घटना का जिक्र करते हुए अभिनेत्री ने बताया कि एक पंजाबी फिल्म की सात दिनों की शूटिंग पूरी होने के बाद, फिल्म के निर्देशक आधी रात को जबरन उनके होटल के कमरे के भीतर दाखिल हो गए। निर्देशक ने उनके सामने सीधे तौर पर शारीरिक समझौता (कॉम्प्रोमाइज) करने की शर्त रख दी और कहा कि वे आगे की शूटिंग तभी करेंगे जब संदीपा उनकी मांग मान लेंगी। जब संदीपा ने पूरी दृढ़ता के साथ इस अनैतिक मांग को ठुकरा दिया, तो उन्हें तुरंत उस फिल्म से निष्कासित कर दिया गया।

    इस घटना के बाद भी संदीपा की मुश्किलें कम नहीं हुईं। उन्होंने बताया कि एक अन्य पंजाबी फिल्म की शूटिंग के दौरान फिल्म के मुख्य अभिनेता (हीरो) ने उनके साथ बेहद अभद्र व्यवहार किया। उस अभिनेता की यह अनुचित मांग थी कि संदीपा होटल में उसके बगल वाले कमरे में ही ठहरें, अन्यथा वह शूटिंग शुरू नहीं करेगा। इन लगातार हो रहे खराब अनुभवों और गरिमा से समझौता न करने की अपनी जिद के कारण संदीपा ने दोनों ही फिल्में बीच में ही छोड़ दी थीं।

    अपने इस पूरे अनुभव को साझा करते हुए संदीपा विर्क ने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह की विसंगतियां केवल फिल्म उद्योग तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि लगभग हर कार्यक्षेत्र और प्रोफेशन में महिलाओं को इस तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कास्टिंग काउच एक कड़वी हकीकत है, लेकिन अंततः यह हर महिला का अपना व्यक्तिगत फैसला होता है कि वह इसके आगे झुकती है या नहीं। उन्होंने इस व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाते हुए कहा कि योग्यता और काम को ही प्राथमिकता दी जानी चाहिए, न कि काम के बदले किसी से अनुचित मांगें की जानी चाहिए।

  • होटल में चल रहे देह व्यापार के धंधे पर मुंबई पुलिस का बड़ा प्रहार, रेस्क्यू की गईं मराठी और बंगाली फिल्मों की अभिनेत्रियां, फिल्म जगत स्तब्ध

    होटल में चल रहे देह व्यापार के धंधे पर मुंबई पुलिस का बड़ा प्रहार, रेस्क्यू की गईं मराठी और बंगाली फिल्मों की अभिनेत्रियां, फिल्म जगत स्तब्ध

    नई दिल्ली। देश की आर्थिक और मनोरंजन राजधानी मुंबई से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया है। मुंबई पुलिस की एक विशेष टीम ने दक्षिण मुंबई के गिरगांव इलाके में स्थित एक नामी होटल में चल रहे बेहद हाई-प्रोफाइल देह-व्यापार रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस औचक छापेमारी और दबोचने की कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से दो प्रसिद्ध अभिनेत्रियों (एक्ट्रेस) को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। इस खुलासे के बाद से ही माया नगरी के गलियारों में हड़कंप मच गया है और मनोरंजन जगत के कई बड़े नामों पर सवाल उठने लगे हैं।

    पुलिस विभाग से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, रेस्क्यू की गई दो अभिनेत्रियों में से एक मराठी सिनेमा की जानी-मानी मुख्य अभिनेत्री (लीड एक्ट्रेस) है, जो कई बड़े प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रह चुकी है। वहीं, दूसरी अभिनेत्री बंगाली फिल्मों के साथ-साथ कुछ बॉलीवुड फिल्मों में छोटे और कैमियो रोल कर चुकी है। पुलिस ने इन दोनों ही पीड़ित महिलाओं को इस अवैध धंधे के चंगुल से छुड़ाकर सुरक्षित स्थान पर भेज दिया है। पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि इन अभिनेत्रियों को किन परिस्थितियों में इस अनैतिक दलदल में धकेला गया।

    इस पूरी छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से एक मुख्य दलाल को रंगे हाथों गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। चौंकाने वाली बात यह है कि पकड़ा गया आरोपी मनोरंजन उद्योग से ही जुड़ा हुआ एक सक्रिय शख्स है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी सेलिब्रिटीज के साथ काम करने वाला एक पेशेवर मेकअप आर्टिस्ट है। वह फिल्म सेट और शूटिंग के दौरान अभिनेत्रियों से जान-पहचान बढ़ाता था और फिर उनकी मजबूरियों या आर्थिक तंगहाली का फायदा उठाकर उन्हें इस अवैध व्यापार के नेटवर्क में शामिल कर लेता था। सेलिब्रिटी नेटवर्क होने के कारण वह हाई-प्रोफाइल ग्राहकों तक आसानी से पहुंच बना लेता था।

    गौरतलब है कि मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में इस तरह का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले इसी साल जनवरी महीने में भी नवी मुंबई के तुर्भे नाका इलाके में पुलिस ने एक ऐसे ही बड़े सेक्स रैकेट का खुलासा किया था। उस दौरान अनैतिक मानव तस्करी विरोधी विभाग (AHTU) की टीम ने एक स्थानीय लॉज पर अचानक छापा मारकर सात महिलाओं को मुक्त कराया था और मौके से तीन आरोपियों को दबोचा था। पुलिस के अनुसार, इस तरह के रैकेट को चलाने वाले शातिर अपराधी अक्सर बड़े होटलों और लॉज को अपनी गतिविधियों का केंद्र बनाते हैं।

    पुलिस की शुरुआती जांच और कार्यप्रणाली से यह साफ हुआ है कि ये आरोपी आपस में मिलीभगत कर पीड़ित महिलाओं को आलीशान होटलों में ठहराते थे। इसके बाद विभिन्न डिजिटल माध्यमों और संपर्कों के जरिए ग्राहकों को बुलाकर उनकी पसंद के अनुसार मोटी रकम का सौदा तय किया जाता था। इस रैकेट की पुख्ता जानकारी जुटाने और आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ने के लिए पुलिस ने नकली ग्राहकों (डमी कस्टमर्स) का जाल बिछाया था, जिसके बाद इस पूरी अवैध गतिविधि का भंडाफोड़ हो सका। फिलहाल, गिरगांव मामले में स्थानीय पुलिस सख्त कानूनी धाराओं के तहत आगे की तफ्तीश कर रही है, ताकि इस पूरे सिंडिकेट के अन्य चेहरों को बेनकाब किया जा सके।

  • मां बनने के बाद एक्ट्रेसेस को लेकर इंडस्ट्री की सोच पर बोलीं रुबीना दिलैक, कहा- मेकर्स मान लेते हैं कि अब जुनून और स्टैमिना कम हो गया

    मां बनने के बाद एक्ट्रेसेस को लेकर इंडस्ट्री की सोच पर बोलीं रुबीना दिलैक, कहा- मेकर्स मान लेते हैं कि अब जुनून और स्टैमिना कम हो गया




    नई दिल्ली। टीवी अभिनेत्री रुबीना दिलैक ने मां बनने के बाद महिलाओं को एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में मिलने वाले व्यवहार को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि आज भी इंडस्ट्री में ऐसी सोच मौजूद है, जहां नई मां बनी अभिनेत्रियों को कम सक्षम समझा जाता है।

    रुबीना के मुताबिक, कई मेकर्स यह मान लेते हैं कि बच्चे को जन्म देने के बाद एक्ट्रेस में पहले जैसा स्टैमिना, मेहनत करने की क्षमता और करियर को लेकर जुनून नहीं बचता। इसी वजह से कई महिलाओं को बड़े प्रोजेक्ट्स से दूर रखा जाता है।

    उन्होंने यह भी कहा कि कई स्टडीज बताती हैं कि बड़ी संख्या में महिलाएं प्रेग्नेंसी के बाद दोबारा काम पर नहीं लौट पातीं, क्योंकि समाज और इंडस्ट्री दोनों ही उन्हें अलग नजर से देखने लगते हैं।

    रुबीना ने माना कि महिलाओं पर लगातार खुद को साबित करने का दबाव रहता है, लेकिन उन्होंने खुद को खुशकिस्मत बताया कि मां बनने के बाद भी उन्हें काम जारी रखने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि वह अपनी यात्रा के जरिए दूसरी महिलाओं को यह संदेश देना चाहती हैं कि मातृत्व के बाद करियर खत्म नहीं होता।रुबीना दिलैक जल्द ही खतरों के खिलाड़ी के 15वें सीजन में नजर आने वाली हैं।