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  • 'टॉक्सिक' को लेकर कियारा आडवाणी का बड़ा बयान, बोलीं- यह किरदार मुझे पूरी तरह बदल गया

    'टॉक्सिक' को लेकर कियारा आडवाणी का बड़ा बयान, बोलीं- यह किरदार मुझे पूरी तरह बदल गया


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेत्री कियारा आडवाणी जल्द ही सुपरस्टार यश के साथ बहुप्रतीक्षित फिल्म टॉक्सिक: अ फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स में नजर आने वाली हैं। फिल्म के टीजर, पोस्टर और अब तक सामने आए प्रमोशनल मटेरियल में कियारा का पहले से बिल्कुल अलग और बोल्ड अंदाज देखने को मिला है। इसे उनके करियर की सबसे बोल्ड फिल्म माना जा रहा है। हालांकि अभिनेत्री का कहना है कि उन्होंने यह फिल्म बोल्ड दृश्यों की वजह से नहीं बल्कि अपने किरदार की गहराई और चुनौती के कारण स्वीकार की।

    हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में कियारा आडवाणी ने बताया कि जब उन्होंने फिल्म की कहानी सुनी तो वह अपने किरदार से तुरंत जुड़ गईं। उनके मुताबिक इस भूमिका में एक कलाकार के लिए वह सब कुछ मौजूद था जिसकी तलाश हर अभिनेता करता है। उन्होंने कहा कि अब वह अपने करियर के ऐसे मुकाम पर हैं जहां उन्हें इस तरह के जटिल और चुनौतीपूर्ण किरदार निभाने का आत्मविश्वास है।

    कियारा ने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी भी महिला किरदार को केवल पारंपरिक सोच या तय दायरे में सीमित देखना पसंद नहीं करतीं। उनका मानना है कि महिलाएं बहुआयामी व्यक्तित्व रखती हैं और फिल्मों में भी उनके किरदार उतने ही मजबूत, वास्तविक और जटिल होने चाहिए। अभिनेत्री के अनुसार वह ऐसे किरदार चुनना चाहती हैं जो दर्शकों को कुछ नया देखने का अवसर दें और उनके अभिनय की नई परतें सामने लाएं।

    फिल्म के शुरुआती प्रोमो और गानों में यश और कियारा के बीच कई इंटीमेट और रोमांटिक दृश्य देखने को मिले हैं, जिनकी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई। कुछ लोगों ने इन दृश्यों की सराहना की, जबकि कुछ ने इन्हें जरूरत से ज्यादा बोल्ड बताया। हालांकि कियारा ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि उनके लिए किसी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत उसकी कहानी और किरदार होता है, न कि केवल उसका ग्लैमर या बोल्डनेस।

    इससे पहले अपने फर्स्ट लुक पोस्टर के साथ भी कियारा ने इस फिल्म को लेकर भावुक पोस्ट साझा किया था। उन्होंने लिखा था कि यह ऐसा किरदार है जिसने उनसे शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से बहुत कुछ मांगा। महीनों की मेहनत के बाद तैयार हुआ यह रोल उनके करियर का अब तक का सबसे कठिन अनुभव रहा और दर्शकों से मिले प्यार ने उनकी मेहनत को सार्थक बना दिया।

    टॉक्सिक का निर्देशन राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्ममेकर गीतू मोहनदास ने किया है। फिल्म की कहानी भी उन्होंने यश के साथ मिलकर लिखी है। इसकी शूटिंग अंग्रेजी और कन्नड़ भाषा में एक साथ की गई है, जबकि इसे हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम समेत कई भाषाओं में रिलीज किया जाएगा।

    फिल्म का निर्माण केवीएन प्रोडक्शंस और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स के बैनर तले वेंकट के. नारायण और यश ने किया है। यश और कियारा आडवाणी के अलावा फिल्म में नयनतारा, तारा सुतारिया, हुमा कुरैशी और रुक्मिणी वसंत भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। रिलीज से पहले ही फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह बना हुआ है।

  • मूवी लवर्स हो जाएं तैयार अगस्त में रिलीज होंगी 12 बड़ी फिल्में सनी देओल से लेकर यश और श्रद्धा कपूर तक मचाएंगे धमाल

    मूवी लवर्स हो जाएं तैयार अगस्त में रिलीज होंगी 12 बड़ी फिल्में सनी देओल से लेकर यश और श्रद्धा कपूर तक मचाएंगे धमाल


    नई दिल्ली । अगर आप फिल्मों के शौकीन हैं तो अगस्त 2026 आपके लिए किसी फिल्मी उत्सव से कम नहीं होने वाला। पूरे महीने सिनेमाघरों में एक के बाद एक बड़ी फिल्में रिलीज होंगी जो हर तरह के दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए तैयार हैं। एक्शन रोमांस थ्रिलर बायोपिक फैमिली ड्रामा और कॉमेडी जैसी अलग अलग शैलियों की कुल 12 फिल्में बड़े पर्दे पर दस्तक देंगी। ऐसे में दर्शकों को हर सप्ताह नई और दमदार कहानियां देखने का मौका मिलेगा।

    महीने की शुरुआत 7 अगस्त से होगी जब एक साथ कई चर्चित फिल्में रिलीज होंगी। राजकुमार राव की बायोपिक फिल्म प्रहार द उज्ज्वल निकम स्टोरी सबसे ज्यादा चर्चा में है जिसमें उन्होंने मशहूर सरकारी वकील उज्ज्वल निकम का किरदार निभाया है। इसी दिन तमिल रोमांटिक एक्शन थ्रिलर डीसी भी रिलीज होगी जिसमें लोकेश कनगराज और वामिका गब्बी मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। आर माधवन की बहुप्रतीक्षित फिल्म जी डी एन भी इसी दिन सिनेमाघरों में आएगी जो महान आविष्कारक जी डी नायडू के जीवन पर आधारित है। वहीं मोहनलाल की मलयालम फिल्म थोडक्कम भी इसी तारीख को दर्शकों के बीच पहुंचेगी।

    14 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बॉक्स ऑफिस पर बड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। सनी देओल की देशभक्ति से जुड़ी फिल्म बंटवारा 1947 रिलीज होगी जिसमें प्रीति जिंटा शबाना आजमी करण देओल और अली फजल भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। इसी दिन इमरान हाशमी अपनी चर्चित फिल्म आवारापन 2 के साथ वापसी करेंगे। इसके अलावा अभिनेता सूर्या की फैमिली ड्रामा फिल्म विश्वनाथ एंड संस भी इसी दिन सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

    20 अगस्त को मलयालम सिनेमा की दो बड़ी फिल्में दर्शकों के सामने आएंगी। दुलकर सलमान अभिनीत एक्शन थ्रिलर आई एम गेम और पृथ्वीराज सुकुमारन की फिल्म खलीफा दोनों से दर्शकों को काफी उम्मीदें हैं। दोनों फिल्मों को लेकर पहले से ही जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

    महीने के अंतिम सप्ताह में भी मनोरंजन का सिलसिला जारी रहेगा। 26 अगस्त को कन्नड़ सुपरस्टार यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म टॉक्सिक रिलीज होगी। इस फिल्म में कियारा आडवाणी नयनतारा तारा सुतारिया रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी जैसे कई बड़े कलाकार नजर आएंगे। फिल्म अपने बड़े बजट और दमदार प्रस्तुति को लेकर पहले से चर्चा में है।

    इसके बाद 28 अगस्त को दो अलग अलग शैली की बड़ी फिल्में रिलीज होंगी। श्रद्धा कपूर की ईथा महाराष्ट्र की प्रसिद्ध तमाशा और लावणी कलाकार विठाबाई नारायणगांवकर के जीवन पर आधारित है जिसमें रणदीप हुड्डा भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। वहीं लंबे समय से इंतजार कर रहे दर्शकों के लिए खोसला का घोसला 2 भी इसी दिन रिलीज होगी जिसमें अनुपम खेर बोमन ईरानी रणवीर शौरी रवि किशन और अन्य कलाकार एक बार फिर दर्शकों को हंसाने के लिए तैयार हैं।

    कुल मिलाकर अगस्त 2026 मनोरंजन के लिहाज से बेहद खास रहने वाला है। बड़े सितारों की मौजूदगी दमदार कहानियां और अलग अलग विषयों पर आधारित फिल्में दर्शकों को पूरे महीने सिनेमाघरों तक खींचने का दम रखती हैं। यदि आप नई फिल्मों का इंतजार कर रहे हैं तो अगस्त का कैलेंडर पहले से तैयार रखिए क्योंकि इस महीने हर सप्ताह कोई न कोई बड़ी फिल्म बड़े पर्दे पर दस्तक देने वाली है।

  • लॉक अप 2 में शिवांगी जोशी ने खोला जिंदगी का सबसे दर्दनाक राज बचपन में यौन शोषण की घटना सुनकर भावुक हुए फैंस

    लॉक अप 2 में शिवांगी जोशी ने खोला जिंदगी का सबसे दर्दनाक राज बचपन में यौन शोषण की घटना सुनकर भावुक हुए फैंस


    नई दिल्ली । टीवी अभिनेत्री शिवांगी जोशी ने रियलिटी शो लॉक अप 2 में अपनी जिंदगी का ऐसा दर्द साझा किया जिसे सुनकर हर कोई भावुक हो गया। आमतौर पर अपनी निजी जिंदगी को लेकर चुप रहने वाली अभिनेत्री ने पहली बार बताया कि बचपन में वह यौन शोषण की कोशिश का शिकार हुई थीं। उन्होंने कहा कि यह घटना ऐसे व्यक्ति से जुड़ी थी जिसे वह परिवार का सदस्य मानती थीं और मामा जी कहकर बुलाती थीं। इस वजह से उनके लिए उस समय यह समझ पाना बेहद मुश्किल था कि उनके साथ जो हो रहा है वह गलत है।

    शिवांगी ने बताया कि यह घटना उस समय की है जब वह अभिनय के क्षेत्र में आने की तैयारी कर रही थीं। मां के मुंहबोले भाई ने उन्हें यह कहकर अपने पास बुलाया कि अगर मुंबई जाकर अभिनेत्री बनना है तो अभिनय की तैयारी करनी होगी। इसी बहाने उन्होंने अभिनेत्री के साथ अनुचित व्यवहार किया। शिवांगी ने कहा कि शुरुआत में उन्हें कुछ समझ नहीं आया लेकिन कुछ समय बाद उन्हें असहज महसूस होने लगा और उन्होंने खुद को वहां से अलग कर लिया।

    अभिनेत्री ने शो में एक और घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि एक दिन जब उनके माता पिता घर पर नहीं थे तब एक अन्य व्यक्ति उनके घर आया। उसने उन्हें समझाने के बहाने पास बुलाया और फिल्म इंडस्ट्री का हवाला देते हुए अनुचित बातें करने लगा। उसने कहा कि अभिनय की दुनिया में ऐसे हालात का सामना करना पड़ता है और इसी बहाने उनके साथ गलत हरकत करने की कोशिश की।

    शिवांगी ने बताया कि जैसे ही उस व्यक्ति ने उन्हें पकड़ने और किस करने की कोशिश की उन्होंने तुरंत उसे धक्का दे दिया। इसके बाद वह व्यक्ति गुस्से में आ गया और उन्हें नीचे गिरा दिया। सौभाग्य से उसी समय उनके माता पिता घर लौट आए और पूरी घटना देखकर उन्होंने तुरंत उस व्यक्ति को घर से बाहर निकाल दिया। इस घटना के बाद परिवार ने उनका पूरा साथ दिया और उन्हें हर तरह का भावनात्मक सहारा दिया।

    अभिनेत्री ने कहा कि इन घटनाओं का असर उनके बचपन और मानसिक स्थिति पर लंबे समय तक रहा। वह कई दिनों तक स्कूल भी नहीं जा सकीं और लोगों पर भरोसा करने में कठिनाई महसूस करने लगीं। हालांकि परिवार के सहयोग और समय के साथ उन्होंने खुद को संभाला और अपने सपनों को पूरा करने के लिए आगे बढ़ती रहीं।

    शिवांगी ने यह भी कहा कि वह इस अनुभव को साझा इसलिए कर रही हैं ताकि ऐसे लोग जो किसी तरह के शोषण का सामना कर चुके हैं वे खुद को अकेला न समझें। उन्होंने माना कि चुप रहने से समस्या खत्म नहीं होती बल्कि सही समय पर आवाज उठाना और भरोसेमंद लोगों से मदद लेना बेहद जरूरी होता है।

    उनके इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने उनका समर्थन किया। कई प्रशंसकों ने उनकी हिम्मत की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की बातें सामने आने से समाज में जागरूकता बढ़ती है और पीड़ितों को अपनी बात कहने का साहस मिलता है। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि बच्चों को गुड टच और बैड टच की जानकारी देना परिवार और स्कूल दोनों की जिम्मेदारी है ताकि वे किसी भी गलत व्यवहार को पहचान सकें और समय रहते अपने अभिभावकों को बता सकें।

  • वीकेंड पर क्या देखें यहां है इस हफ्ते रिलीज होने वाली फिल्मों की पूरी लिस्ट एक्शन कॉमेडी रोमांस और फैमिली ड्रामा सब कुछ मिलेगा

    वीकेंड पर क्या देखें यहां है इस हफ्ते रिलीज होने वाली फिल्मों की पूरी लिस्ट एक्शन कॉमेडी रोमांस और फैमिली ड्रामा सब कुछ मिलेगा

    नई दिल्ली । अगर आप वीकेंड पर परिवार या दोस्तों के साथ थिएटर में नई फिल्म देखने की योजना बना रहे हैं तो यह सप्ताह आपके लिए शानदार रहने वाला है। 27 जुलाई से 2 अगस्त के बीच बड़े पर्दे पर एक्शन सुपरहीरो कॉमेडी फैमिली ड्रामा और रोमांस से भरपूर कई फिल्में रिलीज होने जा रही हैं। हॉलीवुड से लेकर बॉलीवुड तक अलग अलग जॉनर की फिल्मों के साथ दर्शकों को मनोरंजन का भरपूर मौका मिलेगा।

    स्पाइडर मैन ब्रांड न्यू डे
    रिलीज डेट – 30 जुलाई
    इस सप्ताह की सबसे बड़ी रिलीज हॉलीवुड की सुपरहीरो फिल्म स्पाइडर मैन ब्रांड न्यू डे है। फिल्म में पीटर पार्कर अपनी सुपरहीरो पहचान से दूर एक सामान्य कॉलेज छात्र की जिंदगी जीने की कोशिश करता है। लेकिन जब उसके करीबियों पर नया खतरा मंडराता है तो उसे फिर से स्पाइडर मैन बनकर दुनिया की रक्षा के लिए मैदान में उतरना पड़ता है। एक्शन और सुपरहीरो फिल्मों के प्रशंसकों के लिए यह फिल्म खास आकर्षण होगी।

    भाई तेरा स्टार है
    रिलीज डेट – 30 जुलाई
    राघव जुयाल अभिनीत यह फिल्म कॉमेडी और फैमिली ड्रामा का अनोखा मिश्रण है। कहानी एक ऐसे अभिनेता की है जो क्रिकेट सट्टेबाजी के कारण कर्ज में फंस जाता है। मुश्किलों से निकलने की कोशिश में बोला गया एक झूठ उसे और उसके परिवार को हास्यास्पद और रोमांचक घटनाओं के बीच पहुंचा देता है। राघव जुयाल की कॉमिक टाइमिंग इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत मानी जा रही है।

    ओह माय डॉग
    नई रिलीज डेट – 7 अगस्त
    यह फिल्म पहले 31 जुलाई को रिलीज होने वाली थी लेकिन निर्माताओं ने इसकी रिलीज टाल दी है। अब यह 7 अगस्त को सिनेमाघरों में आएगी। फिल्म एक छोटे बच्चे और एक बेघर कुत्ते के बीच बने भावनात्मक रिश्ते की कहानी है। पेट लवर्स और पारिवारिक दर्शकों के लिए यह एक भावुक और प्रेरणादायक फिल्म मानी जा रही है।

    दिल दीवाना हो गया
    रिलीज डेट – 31 जुलाई
    रोमांस और फैमिली ड्रामा से भरपूर यह फिल्म राहुल नैना और राज की जिंदगी के इर्द गिर्द घूमती है। प्यार विश्वास त्याग और रिश्तों की खूबसूरती को दर्शाती यह म्यूजिकल फिल्म पूरे परिवार के साथ देखने के लिए उपयुक्त मानी जा रही है। साफ सुथरी कहानी और पारिवारिक भावनाओं के कारण यह फिल्म हर आयु वर्ग के दर्शकों को पसंद आ सकती है।

    इस सप्ताह सिनेमाघरों में हर वर्ग के दर्शकों के लिए कुछ न कुछ खास मौजूद है। जहां सुपरहीरो फिल्मों के प्रशंसकों के लिए स्पाइडर मैन सबसे बड़ा आकर्षण रहेगा वहीं कॉमेडी पसंद करने वालों के लिए भाई तेरा स्टार है और पारिवारिक दर्शकों के लिए दिल दीवाना हो गया अच्छी पसंद साबित हो सकती है। हालांकि ओह माय डॉग देखने के लिए दर्शकों को अब 7 अगस्त तक इंतजार करना होगा।

  • रावण बनने के लिए यश का अनोखा तरीका बड़े स्पीकर्स पर बजाते थे शिव भक्ति के गाने सेट पर बात करना भी हो जाता था मुश्किल

    रावण बनने के लिए यश का अनोखा तरीका बड़े स्पीकर्स पर बजाते थे शिव भक्ति के गाने सेट पर बात करना भी हो जाता था मुश्किल


    नई दिल्ली । फिल्म रामायण के बहुप्रतीक्षित ट्रेलर लॉन्च के दौरान अभिनेता यश ने शूटिंग से जुड़ा एक दिलचस्प अनुभव साझा किया। रावण का किरदार निभा रहे यश ने बताया कि वह सेट पर बड़े स्पीकर्स लेकर आते थे और तेज आवाज में शिव भक्ति के गीत बजाते थे। उन्होंने हंसते हुए कहा कि उनकी इस आदत से पूरे सेट का माहौल बदल जाता था और कई बार लोगों को बातचीत करने में भी दिक्कत होती थी।

    सैन डिएगो कॉमिक कॉन में फिल्म के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर निर्देशक नितेश तिवारी निर्माता नमित मल्होत्रा और यश मौजूद रहे। बातचीत के दौरान जब यश से पूछा गया कि वह हर दिन खुद को रावण के किरदार में कैसे ढालते थे तो उन्होंने बताया कि जैसे ही वह रावण का विशाल मुकुट पहनते थे वह अपने किरदार के भाव में पहुंच जाते थे। इसके साथ ही संगीत भी उनके लिए इस तैयारी का अहम हिस्सा था।

    इसी दौरान निर्देशक नितेश तिवारी ने यश को उनके तेज म्यूजिक की याद दिलाई। इस पर यश ने मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्होंने एक तरह से पूरे सेट का माहौल बदल दिया था। वह बड़े स्पीकर्स पर पूरी आवाज में गाने चलाते थे ताकि अपने किरदार की मानसिक स्थिति में बने रह सकें।

    यश ने बताया कि वह खास तौर पर भगवान शिव की भक्ति से जुड़े गीत सुनते थे। उनके अनुसार रावण भगवान शिव का परम भक्त था इसलिए वह उसी भक्ति और ऊर्जा को महसूस करना चाहते थे। उनका मानना था कि इस तरह का माहौल उन्हें अपने अभिनय में गहराई लाने में मदद करता था। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि तेज संगीत के कारण सेट पर मौजूद अन्य लोगों को बातचीत करने में परेशानी होती थी।

    रणबीर कपूर ने भी इस दौरान यश की तारीफ करते हुए कहा कि भले ही पहले भाग में उनके और यश के साथ कोई दृश्य नहीं है लेकिन जिन कलाकारों ने यश के साथ काम किया उन्होंने बताया कि उनका व्यक्तित्व और उनकी तैयारी पूरे सेट की ऊर्जा बदल देती थी। रणबीर ने कहा कि यश का प्रभाव इतना मजबूत था कि उनके किरदार की झलक शूटिंग के माहौल में भी महसूस होती थी।

    फिल्म रामायण का पहला भाग इस साल दिवाली पर रिलीज होने वाला है। पहले भाग में राम और रावण आमने सामने नहीं दिखाई देंगे जबकि दोनों के बीच महायुद्ध दूसरे भाग में दिखाया जाएगा जो वर्ष 2027 में रिलीज होगा। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम के रूप में और यश रावण के किरदार में नजर आएंगे। इसके अलावा साई पल्लवी सीता सनी देओल हनुमान काजल अग्रवाल मंदोदरी रवि दुबे लक्ष्मण अरुण गोविल दशरथ और लारा दत्ता कैकेयी सहित कई कलाकार अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे।

  • नसीरुद्दीन शाह की अधूरी प्रेम कहानी पहली शादी से लेकर बेटी की अनदेखी तक आत्मकथा में किए भावुक खुलासे

    नसीरुद्दीन शाह की अधूरी प्रेम कहानी पहली शादी से लेकर बेटी की अनदेखी तक आत्मकथा में किए भावुक खुलासे


    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह अपनी दमदार अदाकारी के लिए जाने जाते हैं लेकिन उनकी निजी जिंदगी भी उतार चढ़ाव और भावनात्मक संघर्षों से भरी रही है। अपनी आत्मकथा एंड देन वन डे में अभिनेता ने पहली शादी पहली पत्नी परवीन मुराद बेटी हीबा और अपने जीवन की सबसे बड़ी भूल को लेकर खुलकर बात की है। नसीरुद्दीन शाह ने स्वीकार किया कि कम उम्र में लिए गए फैसलों और अपरिपक्व सोच की वजह से वह न तो अच्छे पति बन पाए और न ही अच्छे पिता।

    नसीरुद्दीन शाह की पहली मुलाकात परवीन मुराद से उस समय हुई थी जब वह महज 19 साल के थे और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे थे। परवीन उनसे लगभग 15 वर्ष बड़ी थीं। वह तलाकशुदा थीं और पहले से दो बच्चों की मां भी थीं। उम्र और सामाजिक परिस्थितियों का अंतर होने के बावजूद दोनों एक दूसरे के करीब आए। नसीरुद्दीन शाह के अनुसार परवीन पहली ऐसी शख्स थीं जिन्होंने उनके भीतर छिपे अभिनेता पर भरोसा जताया और उनके सपनों को पहचान दी। यही विश्वास धीरे धीरे प्यार में बदल गया।

    हालांकि दोनों के रिश्ते को परिवारों की मंजूरी नहीं मिली। नसीरुद्दीन शाह के परिवार को परवीन के तलाकशुदा होने और दो बच्चों की मां होने पर आपत्ति थी जबकि परवीन के परिवार को दोनों की उम्र के बड़े अंतर और नसीरुद्दीन की कम उम्र को लेकर चिंता थी। विरोध के बावजूद दोनों ने शादी कर ली और अपने नए जीवन की शुरुआत की।

    शादी के करीब एक वर्ष बाद बेटी हीबा का जन्म हुआ लेकिन इस खुशी के साथ ही दोनों के रिश्ते में दूरियां बढ़ने लगीं। नसीरुद्दीन शाह ने अपनी आत्मकथा में स्वीकार किया कि उस समय वह पत्नी की भावनाओं को समझने में पूरी तरह असफल रहे। उन्होंने लिखा कि वह अपने अभिनय करियर और भविष्य को लेकर इतने व्यस्त थे कि परिवार और पत्नी की जरूरतों पर ध्यान ही नहीं दे सके। उन्होंने यह भी माना कि गर्भावस्था के दौरान वह पत्नी का साथ नहीं दे पाए और पिता बनने की जिम्मेदारी निभाने के लिए मानसिक रूप से तैयार भी नहीं थे।

    अभिनेता ने अपनी बेटी हीबा को लेकर भी बेहद भावुक स्वीकारोक्ति की है। उन्होंने लिखा कि कई वर्षों तक वह अपनी बेटी से भावनात्मक रूप से जुड़ ही नहीं पाए। उन्हें इस बात का आज भी गहरा पछतावा है कि उन्होंने पिता होने की जिम्मेदारी को गंभीरता से नहीं लिया। नसीरुद्दीन शाह के अनुसार यह उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी गलतियों में से एक रही जिसका अफसोस उन्हें हमेशा रहेगा।

    पहली शादी टूटने के दौर में ही थिएटर के दौरान उनकी मुलाकात अभिनेत्री रत्ना पाठक से हुई। दोनों के बीच दोस्ती धीरे धीरे गहरे रिश्ते में बदल गई। परवीन मुराद से कानूनी रूप से अलग होने के बाद वर्ष 1982 में नसीरुद्दीन शाह और रत्ना पाठक ने विवाह किया। अभिनेता ने अपनी आत्मकथा में रत्ना पाठक को अपने जीवन का सबसे सच्चा प्रेम बताया है और स्वीकार किया कि उनके साथ उन्होंने रिश्तों की अहमियत को सही मायनों में समझा।

    नसीरुद्दीन शाह की यह कहानी केवल एक अभिनेता की निजी जिंदगी का किस्सा नहीं बल्कि इस बात की सीख भी देती है कि सफलता के पीछे भागते समय रिश्तों और परिवार की जिम्मेदारियों को नजरअंदाज करना जीवनभर का पछतावा बन सकता है। उनकी आत्मस्वीकृति यह साबित करती है कि गलतियों को स्वीकार करना भी साहस का सबसे बड़ा रूप होता है।

  • पाकिस्तानी दर्शकों पर चढ़ा भारतीय फिल्मों का सुरूर, नेटफ्लिक्स पर हफ्तों से टॉप ट्रेंड में बनी हुई हैं ये 6 बेहतरीन मूवीज

    पाकिस्तानी दर्शकों पर चढ़ा भारतीय फिल्मों का सुरूर, नेटफ्लिक्स पर हफ्तों से टॉप ट्रेंड में बनी हुई हैं ये 6 बेहतरीन मूवीज


    नई दिल्ली ।
    पड़ोसी देश पाकिस्तान में भारतीय फिल्मों और डिजिटल कंटेंट के प्रति दीवानगी लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। सांस्कृतिक और भौगोलिक सीमाओं को दरकिनार करते हुए, पाकिस्तानी दर्शक इस समय ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर भारतीय सिनेमा को बेहद चाव से देख रहे हैं। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, नेटफ्लिक्स पाकिस्तान की टॉप 10 सूची में छह भारतीय फिल्मों ने अपनी मजबूत पकड़ बना रखी है। इनमें से कुछ फिल्में तो ऐसी हैं जो पिछले कई हफ्तों से लगातार ट्रेंडिंग चार्ट में शीर्ष पर बनी हुई हैं, जिससे साफ पता चलता है कि दोनों देशों के बीच कला और मनोरंजन के स्तर पर जुड़ाव कितना गहरा है।

    इस सूची में जो फिल्म सबसे ज्यादा ध्यान आकर्षित कर रही है, वह है अभिनेता रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर फिल्म का अनकट वर्जन ‘धुरंधर: रॉ और अनदेखा’। यह फिल्म अपनी रिलीज के समय से ही काफी विवादों में घिरी रही थी, लेकिन इसके बावजूद पिछले आठ हफ्तों से यह पाकिस्तान में नेटफ्लिक्स की टॉप 10 सूची में नौवें स्थान पर बनी हुई है। सेंसर बोर्ड की कैंची के बिना, पूरी तरह से अनसेंसर्ड और अनकट फॉर्मेट में रिलीज की गई इस थ्रिलर फिल्म को देखने के लिए दर्शकों में भारी उत्सुकता देखी जा रही है और विवादों के बाद भी इसका ट्रेंड में बने रहना बेहद चौंकाने वाला है।

    ट्रेंडिंग चार्ट में दूसरे नंबर पर दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज कलाकार अर्जुन सरजा की फिल्म ‘ब्लास्ट’ का कब्जा है। सुभाष के राज के निर्देशन में बनी यह फिल्म थियेटरों में अपनी सफलता का परचम लहराने के बाद अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी कमाल कर रही है। फिल्म में प्रीति मुखुंधन और अभिरामी जैसे कलाकारों ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं और इसे पाकिस्तानी दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है। इसके ठीक बाद तीसरे स्थान पर बॉलीवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार और वामिका गब्बी की हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘भूत बंगला’ काबिज है। निर्देशक प्रियदर्शन की इस फिल्म को दर्शकों द्वारा खूब सराहा जा रहा है।

    पारिवारिक मनोरंजन की श्रेणी में कॉमेडी-ड्रामा फिल्म ‘दादी की शादी’ इस सूची में चौथे स्थान पर ट्रेंड कर रही है। इस फिल्म में कपिल शर्मा, नीतू कपूर और सादिया खातीब जैसे कलाकारों की जुगलबंदी लोगों को खूब हंसा रही है। वहीं, अभिनेता रितेश देशमुख की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म ‘राजा शिवाजी’ छठे नंबर पर अपनी जगह बनाने में कामयाब रही है। इस फिल्म की खास बात इसमें सलमान खान का कैमियो रोल और संजय दत्त, विद्या बालन तथा अभिषेक बच्चन जैसे बड़े सितारों की मौजूदगी है, जिसने दर्शकों को अपनी ओर खींचा है।

    इस सूची को पूरा करती है सुरेश त्रिवेनी के निर्देशन में बनी ब्लैक कॉमेडी थ्रिलर फिल्म ‘मां बहन’, जो आठवें स्थान पर काबिज है। माधुरी दीक्षित, तृप्ति डीमरी और रवि किशन जैसे बेहतरीन कलाकारों से सजी इस फिल्म को इसके अनोखे विषय और सस्पेंस के कारण काफी पसंद किया जा रहा है। कुल मिलाकर, नेटफ्लिक्स का यह मौजूदा ट्रेंड यह साबित करता है कि कहानी कहने का बेहतरीन अंदाज और दमदार अभिनय हर तरह की सीमाओं को पार कर दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बना ही लेता है।

  • सुपरहिट डेब्यू के बाद भी क्यों पीछे रह गए जावेद जाफरी अभिनेता ने बताया करियर में क्या बनी सबसे बड़ी रुकावट

    सुपरहिट डेब्यू के बाद भी क्यों पीछे रह गए जावेद जाफरी अभिनेता ने बताया करियर में क्या बनी सबसे बड़ी रुकावट


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के बेहतरीन अभिनेता डांसर और कॉमेडियन जावेद जाफरी ने अपने लंबे फिल्मी सफर को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने स्वीकार किया कि प्रतिभा और मेहनत होने के बावजूद वह कभी बॉलीवुड के ए लिस्ट सितारों में अपनी जगह नहीं बना सके। जावेद का मानना है कि फिल्म इंडस्ट्री में केवल अभिनय ही सफलता की गारंटी नहीं होता बल्कि मजबूत पीआर सही नेटवर्क और लगातार मिलने वाली बड़ी सफलताएं भी कलाकार की पहचान तय करती हैं।

    एक बातचीत के दौरान जावेद जाफरी ने कहा कि किसी भी कलाकार का करियर इस बात पर निर्भर करता है कि उसे किस तरह पेश किया जाता है। उनके अनुसार इंडस्ट्री का अपना एक तंत्र होता है जहां पीआर और ग्रुप का हिस्सा होना कई बार आगे बढ़ने में मदद करता है। अगर किसी कलाकार के बारे में लगातार सकारात्मक माहौल बनाया जाए तो उसके लिए नए अवसर बढ़ जाते हैं जबकि नकारात्मक छवि करियर की रफ्तार धीमी कर सकती है।

    जावेद ने स्वीकार किया कि वह इस व्यवस्था का हिस्सा कभी नहीं बन पाए। उन्होंने कहा कि उन्होंने न तो किसी ग्रुप का सहारा लिया और न ही अपने लिए अलग से प्रचार अभियान चलाया। यही वजह रही कि उन्हें वैसी पहचान और मौके नहीं मिले जिनके वह हकदार थे। उनके मुताबिक इंडस्ट्री में सफलता मिलने के बाद ही लोगों का नजरिया तेजी से बदलता है और फिर वही कलाकार सबकी पहली पसंद बन जाता है।

    अपने तर्क को समझाने के लिए जावेद ने सलमान खान का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि सलमान की शुरुआती फिल्म को वह सफलता नहीं मिली जिसकी उम्मीद थी और उस समय उनके बारे में ज्यादा सकारात्मक बातें नहीं हुईं। लेकिन जब एक बड़ी हिट फिल्म आई तो पूरा माहौल बदल गया और वही सलमान इंडस्ट्री के सबसे बड़े सितारों में शामिल हो गए। जावेद का कहना है कि कलाकार वही रहता है लेकिन एक बड़ी सफलता उसकी पूरी छवि बदल देती है।

    जावेद ने अपनी पहली फिल्म मेरी जंग का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस फिल्म में उन्हें खलनायक के रूप में पेश किया गया था। फिल्म सफल रही लेकिन दर्शकों और फिल्म निर्माताओं ने उन्हें उसी छवि में देखना शुरू कर दिया। उनके अनुसार अगर उस समय किसी निर्देशक ने उन्हें हल्की फुल्की मनोरंजक या संगीत प्रधान फिल्म में मौका दिया होता तो उनकी छवि बदल सकती थी और करियर नई दिशा पकड़ सकता था।

    उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कभी खुद को अलग तरह के किरदारों के लिए आगे बढ़कर पेश नहीं किया। हालांकि उन्हें इस बात का कोई पछतावा नहीं है। उनका मानना है कि हर कलाकार का सफर अलग होता है और उन्होंने अपने हिस्से के काम को पूरी ईमानदारी से निभाया है। अभिनय डांस कॉमेडी और वॉयस ओवर जैसे कई क्षेत्रों में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है जिसे दर्शकों का भरपूर प्यार मिला।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो जावेद जाफरी इन दिनों फिल्म धमाल 4 को लेकर चर्चा में हैं। कॉमेडी से भरपूर इस फिल्म में उनके साथ अजय देवगन रितेश देशमुख अरशद वारसी समेत कई लोकप्रिय कलाकार नजर आ रहे हैं। दर्शकों को उम्मीद है कि एक बार फिर जावेद अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग से सभी का मनोरंजन करेंगे।

  • दिलजीत दोसांझ की सतलुज पर सियासी संग्राम तेज अकाली दल ने हर गांव में स्क्रीनिंग का किया ऐलान

    दिलजीत दोसांझ की सतलुज पर सियासी संग्राम तेज अकाली दल ने हर गांव में स्क्रीनिंग का किया ऐलान


    नई दिल्ली । पंजाबी अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद पंजाब में राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है। फिल्म को रिलीज के कुछ समय बाद ही प्लेटफॉर्म से हटाए जाने पर कई संगठनों ने सवाल उठाए हैं। इसी बीच शिरोमणि अकाली दल ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि वह इस फिल्म को पंजाब के हर गांव और हर क्षेत्र में लोगों तक पहुंचाएगा ताकि नई पीढ़ी राज्य के इतिहास के उस दौर से परिचित हो सके जिसे लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है।

    शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि फिल्म में जिन घटनाओं और परिस्थितियों को दिखाया गया है उन्हें समाज के सामने आना चाहिए। उनका कहना है कि पंजाब के कठिन दौर को समझना आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी है और इसी उद्देश्य से पार्टी गांव गांव में फिल्म की स्क्रीनिंग करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास से जुड़े विषयों को लोगों तक पहुंचने से रोकना उचित नहीं माना जा सकता।

    यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनके संघर्ष से प्रेरित बताई जा रही है। फिल्म में 1990 के दशक के दौरान पंजाब में कथित फर्जी मुठभेड़ों और लापता लोगों से जुड़े मामलों की पृष्ठभूमि को दिखाया गया है। खालड़ा ने उस समय कथित तौर पर ऐसे मामलों की जांच कर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने रखने का दावा किया था। यही विषय फिल्म के केंद्र में है और इसी कारण यह चर्चा का विषय बनी हुई है।

    फिल्म के ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर व्यापक बहस शुरू हो गई। कई लोगों ने फिल्म को दोबारा उपलब्ध कराने की मांग उठाई जबकि कुछ संगठनों ने सार्वजनिक प्रदर्शन की घोषणा की। इस पूरे घटनाक्रम के बीच राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगीं जिससे मामला और अधिक चर्चा में आ गया।

    इसी क्रम में सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त ने भी 14 जुलाई को विशेष अरदास आयोजित करने की घोषणा की है। यह कार्यक्रम हरीके पत्तन स्थित सतलुज नदी के किनारे आयोजित किया जाएगा जहां उन लोगों की आत्मा की शांति और उनके परिवारों के लिए न्याय की प्रार्थना की जाएगी जिनका उल्लेख उस दौर की घटनाओं के संदर्भ में किया जाता है। धार्मिक सभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

    दूसरी ओर फिल्म को हटाने के फैसले को लेकर भी अलग अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोगों का मानना है कि ऐसे संवेदनशील विषयों पर बनी फिल्मों की समीक्षा जरूरी है जबकि अन्य इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं। इसी बीच यह भी जानकारी सामने आई है कि संबंधित मामले की परिस्थितियों की समीक्षा के लिए एक समिति गठित किए जाने की बात कही गई है ताकि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा सके।

    फिलहाल सतलुज फिल्म केवल मनोरंजन का विषय नहीं रह गई है बल्कि यह इतिहास राजनीति अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सामाजिक विमर्श का केंद्र बन चुकी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर होने वाले फैसले और घटनाक्रम पर पूरे देश की नजर बनी रहेगी।

  • टॉक्सिक के तबाही गाने का धमाका 24 घंटे में करोड़ों दर्शक बोल्ड रोमांस और रिकॉर्ड व्यूज ने बढ़ाई फिल्म की चर्चा

    नई दिल्ली । साउथ सुपरस्टार यश और अभिनेत्री कियारा आडवाणी की बहुप्रतीक्षित फिल्म टॉक्सिक रिलीज से पहले ही जबरदस्त चर्चा में है। फिल्म का नया गाना तबाही सामने आते ही सोशल मीडिया और यूट्यूब पर छा गया है। रिलीज के महज 24 घंटे के भीतर इस गाने ने 16 मिलियन से अधिक व्यूज हासिल कर लिए और यूट्यूब ट्रेंडिंग में पहला स्थान भी अपने नाम कर लिया। अलग अलग भाषाओं में रिलीज हुए इस गाने को भी दर्शकों का शानदार समर्थन मिल रहा है जिससे फिल्म को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है।

    गाने में यश और कियारा आडवाणी की रोमांटिक केमिस्ट्री ने दर्शकों का ध्यान सबसे ज्यादा खींचा है। दोनों के बीच फिल्माए गए कई बोल्ड और इंटेंस रोमांटिक दृश्य सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बन गए हैं। कुछ दर्शकों ने इसे डार्क रोमांस का बेहतरीन उदाहरण बताया तो कुछ ने सेंसर बोर्ड को लेकर सवाल उठाते हुए मजेदार प्रतिक्रियाएं दीं। कई यूजर्स ने कमेंट करते हुए लिखा कि ऐसा कंटेंट लंबे समय बाद देखने को मिला है जबकि कुछ लोगों ने पुराने दौर की रोमांटिक फिल्मों और कलाकारों की याद भी ताजा कर दी।

    गाने की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कमेंट सेक्शन में हजारों प्रतिक्रियाएं लगातार आ रही हैं। किसी ने यश की स्क्रीन प्रेजेंस की तारीफ की तो किसी ने कियारा आडवाणी के ग्लैमरस अवतार को फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण बताया। कई दर्शकों ने दोनों कलाकारों की जोड़ी को बेहद प्रभावशाली बताया और फिल्म रिलीज होने का इंतजार जताया। वहीं कुछ लोगों ने यह भी अनुमान लगाया कि गाने में दिखाए गए दृश्य फिल्म की कहानी से गहराई से जुड़े हो सकते हैं और यह केवल रोमांस नहीं बल्कि भावनात्मक मोड़ का हिस्सा भी है।

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो रहे फनी मीम्स और कमेंट्स ने भी इस गाने की लोकप्रियता को नई ऊंचाई दी है। कुछ यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में कियारा के पति सिद्धार्थ मल्होत्रा का जिक्र किया तो कई लोगों ने यश की तुलना बॉलीवुड के पुराने रोमांटिक सितारों से कर दी। इन प्रतिक्रियाओं ने गाने को केवल संगीत प्रेमियों तक सीमित नहीं रखा बल्कि आम सोशल मीडिया यूजर्स के बीच भी चर्चा का विषय बना दिया।

    फिल्म टॉक्सिक का टीजर पहले ही यह संकेत दे चुका था कि इसकी कहानी पारंपरिक मसाला फिल्मों से अलग होगी। अब तबाही गाने ने यह साफ कर दिया है कि फिल्म में रोमांस के साथ इमोशन और डार्क टोन का भी खास मिश्रण देखने को मिलेगा। यही वजह है कि दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है।

    फिल्म का निर्देशन गीतू मोहनदास ने किया है। इसमें यश और कियारा आडवाणी के अलावा नयनतारा और तारा सुतारिया भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगी। फिल्म की रिलीज डेट पहले कई बार बदली जा चुकी है लेकिन अब इसके अगस्त में सिनेमाघरों में आने की उम्मीद जताई जा रही है। तब तक तबाही गाना दर्शकों के बीच अपनी लोकप्रियता का सिलसिला लगातार जारी रखे हुए है और यह साफ संकेत दे रहा है कि टॉक्सिक साल की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल हो सकती है।