Tag: Entrance

  • राम मंदिर में अयोध्यावासियों के लिए अलग प्रवेश द्वार की तैयारी, आधार कार्ड से मिल सकता है सीधे दर्शन का लाभ

    राम मंदिर में अयोध्यावासियों के लिए अलग प्रवेश द्वार की तैयारी, आधार कार्ड से मिल सकता है सीधे दर्शन का लाभ

    अयोध्या। राम मंदिर में स्थानीय निवासियों को रामलला के सीधे दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना पर जल्द मंथन होगा। इसके तहत अयोध्यावासियों को आधार कार्ड के माध्यम से प्रवेश देने और संत-महंतों व गृहस्थों के लिए अलग प्रवेश व्यवस्था बनाने पर विचार किया जा रहा है। इस संबंध में पुलिस प्रशासन और खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय होगी।

    श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव ने 15 अक्टूबर को धार्मिक न्यास समिति की बैठक बुलाई है। पहली बार भौतिक रूप से आयोजित होने वाली इस बैठक में अयोध्या के संत-महंतों और गृहस्थों को रामलला के दर्शन सुलभ कराने के विभिन्न विकल्पों पर चर्चा होगी। बैठक में तैयार रूपरेखा को दो दिसंबर को ट्रस्ट की कार्यकारिणी के समक्ष प्रस्ताव के रूप में रखा जाएगा। इसके बाद ट्रस्ट की सहमति और सुझावों के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

    पुलिस और खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट अहम

    स्थानीय निवासियों के लिए अलग प्रवेश व्यवस्था लागू करने से पहले पुलिस प्रशासन और खुफिया एजेंसियों की सकारात्मक रिपोर्ट जरूरी मानी जा रही है। 15 अक्टूबर को होने वाली बैठक में यह भी स्पष्ट होने की संभावना है कि संबंधित एजेंसियों की रिपोर्ट ट्रस्ट को मिली है या नहीं।

    यदि रिपोर्ट अनुकूल रही, तो स्थानीय लोगों के लिए सीधे दर्शन की सुविधा देने की योजना आगे बढ़ सकती है। इसके साथ ही संत-महंतों और गृहस्थों के लिए निर्धारित प्रवेश द्वार बनाने पर भी निर्णय लिया जा सकता है।

    यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिलती है, तो स्थानीय दर्शनार्थियों के लिए पहले से लागू व्यवस्था जारी रह सकती है। इसके तहत अयोध्या के निवासियों को आधार कार्ड के माध्यम से छह महीने की अवधि वाला नियमित दर्शन पास उपलब्ध कराया जाता है।

    अलग-अलग लेन बनाने की मांग

    राम मंदिर में स्थानीय दर्शनार्थियों के लिए अलग प्रवेश लेन बनाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जा रहा है। स्थानीय संत-महंतों का कहना है कि अलग लेन की व्यवस्था नहीं होने से दर्शन के दौरान दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या के समाधान के लिए स्थानीय निवासियों, संत-महंतों और गृहस्थों के लिए अलग-अलग प्रवेश व्यवस्था बनाने की मांग की गई है।

    धार्मिक न्यास समिति की बैठक में इन समस्याओं और संभावित समाधानों पर विचार किया जाएगा। बैठक में बनने वाली रूपरेखा के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय होगी।

    15 अक्टूबर से निर्माण समिति की तीन दिवसीय बैठक

    राम मंदिर की निर्माण समिति की तीन दिवसीय समीक्षा बैठक भी 15 अक्टूबर से शुरू होगी। निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र अपने सहयोगियों के साथ अयोध्या पहुंचेंगे। संभावना जताई जा रही है कि धार्मिक न्यास समिति की बैठक में उन्हें भी आमंत्रित किया जा सकता है। स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश व्यवस्था से जुड़े विषय पर उनका सुझाव भी महत्वपूर्ण हो सकता है।

    निर्माण समिति की बैठक में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव भी पहली बार हिस्सा लेंगे। इस दौरान निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र के साथ अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय के निर्माण कार्यों का भी अवलोकन किया जाएगा।

    अब 15 अक्टूबर की बैठकों में स्थानीय निवासियों के लिए दर्शन व्यवस्था और मंदिर निर्माण से जुड़े विषयों पर होने वाली चर्चा के बाद आगे की तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।

  • घर में पैसा और सुख-शांति बनाए रखने के लिए फेंगशुई के 3 आसान उपाय, जानें सकारात्मक माहौल से जुड़े जरूरी नियम

    घर में पैसा और सुख-शांति बनाए रखने के लिए फेंगशुई के 3 आसान उपाय, जानें सकारात्मक माहौल से जुड़े जरूरी नियम


    नई दिल्ली ।
    फेंगशुई एक प्राचीन चीनी पद्धति है, जिसमें घर और उसके आसपास मौजूद ऊर्जा के संतुलन पर जोर दिया जाता है। मान्यता के अनुसार घर को साफ, हवादार और व्यवस्थित रखने से सकारात्मक माहौल बनाने में मदद मिल सकती है। घर में तनाव, चिड़चिड़ापन या छोटी-छोटी बातों पर होने वाली बहस के बीच कुछ लोग फेंगशुई में बताए गए आसान उपायों को अपनाते हैं।

    घर में शांति और सकारात्मकता बनाए रखने के लिए रोजाना की दिनचर्या में छोटे बदलाव किए जा सकते हैं। फेंगशुई की मान्यताओं के अनुसार विशेष रूप से शाम होने से पहले किए जाने वाले कुछ उपाय शुभ माने जाते हैं। इनका संबंध घर में हवा, रोशनी, सफाई और व्यवस्था बनाए रखने से है।

    फेंगशुई के अनुसार सुबह कुछ देर के लिए घर की खिड़कियां और दरवाजे खोलना अच्छा माना जाता है। करीब 9 से 15 मिनट तक इन्हें खोलकर घर में हवा का प्रवाह बनाए रखा जा सकता है। इससे बंद या बासी हवा बाहर निकलती है और कमरे में ताजगी महसूस होती है। हालांकि, बाहर प्रदूषण बहुत अधिक हो या मौसम खराब हो तो खिड़कियां खोलने से बचना बेहतर माना गया है। इस उपाय को सूर्यास्त से पहले कर लेने की मान्यता है।

    घर का मुख्य द्वार भी फेंगशुई में महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता के अनुसार इसी रास्ते से घर में ऊर्जा का प्रवेश होता है। इसलिए मुख्य दरवाजे और उसके आसपास धूल, गंदगी या अनावश्यक सामान जमा नहीं होने देना चाहिए। दरवाजे के पास जूते-चप्पलों का ढेर लगाने से बचने और वहां डस्टबिन नहीं रखने की सलाह दी जाती है।

    मुख्य द्वार और आसपास की जगह को नियमित रूप से साफ रखना चाहिए। शाम के समय प्रवेश द्वार के आसपास पर्याप्त रोशनी रखना भी फेंगशुई में अच्छा माना जाता है। साफ और व्यवस्थित प्रवेश द्वार घर को व्यावहारिक रूप से भी अधिक आकर्षक और आरामदायक बना सकता है।

    फेंगशुई और कई पारंपरिक मान्यताओं में नमक को नकारात्मक ऊर्जा कम करने वाला माना जाता है। इसी आधार पर घर की सफाई करते समय पानी में थोड़ा सेंधा नमक या समुद्री नमक मिलाकर पोछा लगाने की सलाह दी जाती है। एक अन्य मान्यता के अनुसार कांच की कटोरी में सेंधा नमक रखकर उसे घर के उस हिस्से में रखा जा सकता है, जहां परिवार के सदस्य अधिक समय बिताते हैं। इसे करीब एक सप्ताह बाद बदलने की बात कही जाती है।

    घर का वातावरण बेहतर बनाए रखने के लिए अनावश्यक सामान जमा न करने, टूटे या लंबे समय से इस्तेमाल में नहीं आ रहे सामान को हटाने और कमरों में पर्याप्त रोशनी तथा हवा का ध्यान रखने की सलाह भी दी जाती है। पौधे रखे जाते हैं तो उनकी नियमित देखभाल करना और घर में ऐसी चीजें रखना उपयोगी माना जाता है, जिनसे सकारात्मकता और सुकून का एहसास हो।

    हालांकि, इन उपायों को धार्मिक या पारंपरिक मान्यता के रूप में ही देखा जाना चाहिए। इनके जरिए धन, स्वास्थ्य या पारिवारिक समस्याओं के निश्चित समाधान का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। वास्तविक आर्थिक, स्वास्थ्य या पारिवारिक समस्याओं के लिए जरूरी व्यावहारिक कदम उठाना आवश्यक है।