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  • बुध का सिंह राशि में गोचर: इन राशियों के लिए धन-करियर में तरक्की, इन्हें रहना होगा सावधान

    बुध का सिंह राशि में गोचर: इन राशियों के लिए धन-करियर में तरक्की, इन्हें रहना होगा सावधान


    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष के अनुसार बुध ग्रह 22 अगस्त 2026 को शाम 7 बजकर 24 मिनट पर कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। सिंह सूर्य की राशि है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार बुध के इस गोचर का असर सभी 12 राशियों पर अलग-अलग देखने को मिल सकता है। कुछ राशियों के लिए यह समय करियर, धन और शिक्षा के लिहाज से शुभ रह सकता है, जबकि कुछ को खर्च और रिश्तों के मामले में सावधानी बरतनी होगी।

    ज्योतिषाचार्य पंडित प्रवीण मिश्र के अनुसार जानते हैं बुध के सिंह राशि में प्रवेश का किस राशि पर कैसा प्रभाव पड़ेगा।

    मेष: पढ़ाई और करियर में सफलता के योग

    मेष राशि वालों के पांचवें भाव में बुध का गोचर होगा। प्रतियोगिता के क्षेत्र में सफलता मिल सकती है। नई ट्रेनिंग या कुछ नया सीखने वालों को अच्छे परिणाम मिलेंगे। शिक्षा से जुड़े लोगों के लिए समय अनुकूल रहेगा। एआई और नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने वालों को भी लाभ मिल सकता है। धन लाभ के योग हैं और संतान पक्ष से भी अच्छी खबर मिल सकती है।

    उपाय: बुधवार को भगवान गणेश की पूजा करें और बेसन के लड्डुओं का भोग लगाकर प्रसाद बांटें।

    वृषभ: परिवार में बढ़ेगा सुख-शांति

    वृषभ राशि के चौथे भाव में बुध का गोचर होगा। घर-परिवार में सुख-शांति बढ़ सकती है। प्रॉपर्टी या घर से जुड़ा कोई फैसला परिवार की सहमति से लेना लाभकारी रहेगा। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। करियर में मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है और सुख-सुविधाओं में वृद्धि के योग हैं।

    उपाय: बुधवार को गाय को चारा खिलाएं।

    मिथुन: मेहनत से बढ़ेगी कमाई

    मिथुन राशि के तीसरे भाव में बुध का गोचर होगा। कार्यक्षमता बढ़ेगी और आप अधिक सक्रिय होकर काम करेंगे। मार्केटिंग, शिक्षण, कानून और मीडिया से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है। लंबी दूरी की यात्रा से फायदा होगा और रुके हुए काम पूरे होने के योग हैं। व्यापार में नई तकनीक अपनाने के लिए भी समय अच्छा है।

    उपाय: बुधवार को पक्षियों को दाना खिलाएं।

    कर्क: धन और नौकरी के लिए शुभ समय

    कर्क राशि के दूसरे भाव में बुध का गोचर होगा। सम्मान बढ़ सकता है और धन कमाने के प्रयास सफल हो सकते हैं। बेरोजगार लोगों को नौकरी मिलने के योग हैं। कहीं अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। घर-परिवार में भी सुख-शांति बढ़ेगी।

    सिंह: मजबूत होगी आर्थिक स्थिति

    बुध का गोचर सिंह राशि में ही होगा। इस दौरान आपकी विश्लेषण क्षमता बेहतर हो सकती है। काम को व्यवस्थित तरीके से करने में सफलता मिलेगी। सामाजिक स्थिति मजबूत होगी और धन लाभ के अवसर बन सकते हैं। कार्यक्षेत्र में मेहनत बढ़ाने से फायदा मिलेगा। परिवार का सहयोग भी प्राप्त होगा।

    उपाय: बुधवार को भगवान गणेश के मंदिर में धूप की माला चढ़ाएं।

    कन्या: विदेश से जुड़े कामों में फायदा

    कन्या राशि के बारहवें भाव में बुध का गोचर होगा। विदेश में नौकरी या कारोबार करने वालों के लिए समय अनुकूल रह सकता है। इंपोर्ट-एक्सपोर्ट से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है। विदेश यात्रा और वीजा से जुड़े प्रयासों में सफलता के योग हैं। हालांकि खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट पर नियंत्रण रखें। सेहत को लेकर भी लापरवाही न करें।

    तुला: इनकम बढ़ाने के अवसर

    तुला राशि के ग्यारहवें भाव में बुध का गोचर होगा। आत्मविश्वास बढ़ेगा और रोजगार की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। इनकम बढ़ाने के लिए समय अनुकूल है। अचानक धन लाभ के योग भी बन सकते हैं। नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों के लिए भी समय अच्छा है। शिक्षक, वकील, मीडिया और मार्केटिंग से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है।

    उपाय: बुधवार को भगवान गणेश को बेसन के लड्डुओं का भोग लगाएं और प्रसाद गरीबों में बांटें।

    वृश्चिक: करियर में मिलेगा वरिष्ठों का सहयोग

    वृश्चिक राशि के दसवें भाव में बुध का गोचर होगा। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है। व्यापारियों के लिए भी समय अनुकूल रहेगा। रुका हुआ कारोबारी पैसा मिल सकता है। करियर में सफलता के लिए प्रयास बढ़ाने की जरूरत होगी।

    उपाय: बुधवार को भगवान गणेश को धूप की माला चढ़ाएं।

    धनु: भाग्य का मिलेगा साथ

    धनु राशि के नौवें भाव में बुध का गोचर होगा। पढ़ाई में रुचि बढ़ेगी और भाग्य का सहयोग मिल सकता है। धार्मिक यात्रा या पूजा-पाठ के अवसर बन सकते हैं। छात्रों को सफलता मिल सकती है। नौकरी तलाश रहे लोगों को नए सिरे से प्रयास शुरू करना चाहिए। कारोबार में योजनाबद्ध तरीके से काम करने पर फायदा मिल सकता है।

    उपाय: गणेशजी को बेसन के लड्डुओं का भोग लगाकर 11 गरीबों को प्रसाद बांटें।

    मकर: रिसर्च और विदेश से जुड़े कामों में लाभ

    मकर राशि के आठवें भाव में बुध का गोचर होगा। एमफिल, पीएचडी या रिसर्च से जुड़े लोगों को सफलता मिल सकती है। विदेश में नौकरी के लिए आवेदन करने वालों को अच्छी खबर मिलने के योग हैं। हालांकि किसी भी फैसले में जल्दबाजी से बचें। रिश्तों के मामले में भी संवेदनशीलता बरतने की जरूरत होगी।

    उपाय: बुधवार को भगवान गणेश को हरे फल का भोग लगाएं और 11 गरीबों को प्रसाद बांटें।

    कुंभ: नौकरी और रिश्तों में संयम जरूरी

    कुंभ राशि के सातवें भाव में बुध का गोचर होगा। नौकरी में सहकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मतभेद से बचें। जीवनसाथी के साथ भी वैचारिक मतभेद बढ़ने न दें। धैर्य से निर्णय लेने की जरूरत होगी। आर्थिक लिहाज से समय अनुकूल रह सकता है। मेहनत करने पर करियर और कारोबार में सफलता मिल सकती है।

    उपाय: बुधवार को गाय को चारा खिलाएं।

    मीन: इनकम बढ़ेगी, विवाद से बचें

    मीन राशि के छठे भाव में बुध का गोचर होगा। इनकम बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं और प्रतियोगिता में सफलता हासिल हो सकती है। हालांकि बिना जरूरत लोन लेने से बचें। नौकरी में वरिष्ठ अधिकारियों और सहकर्मियों से विवाद न करें। व्यापारियों को भी साझेदारों और कारोबारी लोगों के साथ अनावश्यक बहस से बचना चाहिए।

    उपाय: बुधवार को भगवान गणेश को दूब की माला चढ़ाएं, बेसन के लड्डुओं का भोग लगाएं और 11 गरीबों को प्रसाद बांटें।

  • राजस्थान कांग्रेस में उभरे संगठनात्मक मतभेद, BAP नेताओं की एंट्री पर छिड़ा विवाद

    राजस्थान कांग्रेस में उभरे संगठनात्मक मतभेद, BAP नेताओं की एंट्री पर छिड़ा विवाद


    नई दिल्ली। पंजाब में गुटबाजी की चुनौती से जूझ रही कांग्रेस के सामने अब राजस्थान में भी संगठनात्मक मतभेद उभरते दिखाई दे रहे हैं। भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के करीब 300 नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने के बाद प्रदेश इकाई के भीतर नए विवाद ने जन्म ले लिया है। यह कार्यक्रम पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मौजूदगी में आयोजित हुआ, जिस पर प्रदेश नेतृत्व ने अप्रसन्नता जताई है।

    BAP नेताओं की जॉइनिंग बनी विवाद की वजह
    जानकारी के अनुसार, पूर्व मंत्री महेंद्र मालवीय के नेतृत्व में बड़ी संख्या में BAP नेताओं ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अशोक गहलोत भी मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम की जानकारी प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व को पहले से नहीं दी गई थी, जिसके चलते विवाद खड़ा हो गया।

    डोटासरा ने साधा परोक्ष निशाना
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि यदि कोई अपनी व्यक्तिगत छवि बनाने के लिए काम कर रहा है तो उन्हें शुभकामनाएं, लेकिन उनकी प्राथमिकता केवल कांग्रेस पार्टी है। उन्होंने कहा कि उनकी निष्ठा हमेशा संगठन के प्रति रही है और वे किसी व्यक्ति विशेष की ब्रांडिंग के लिए काम नहीं करेंगे।

    मामला दिल्ली तक पहुंचने की चर्चा
    सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश नेतृत्व ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व तक भी पहुंचाई है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस संबंध में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, जिनमें के.सी. वेणुगोपाल का नाम भी शामिल है, से चर्चा की गई है। हालांकि, इस पर कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

    महेंद्र मालवीय को लेकर भी टिप्पणी
    डोटासरा ने पूर्व मंत्री महेंद्र मालवीय का नाम लिए बिना कहा कि जो नेता कांग्रेस छोड़कर गए थे, उन्हें चुनाव में सफलता नहीं मिली और बाद में उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए पार्टी में वापसी की। उन्होंने कहा कि पार्टी में लौटने वालों का स्वागत है, लेकिन यदि कोई कांग्रेस के हितों के खिलाफ काम करेगा तो उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।

    चार खेमों की चर्चा, कांग्रेस का इनकार
    मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि राजस्थान कांग्रेस एक बार फिर अलग-अलग गुटों में बंटी हुई दिखाई दे रही है। इन चर्चाओं में अशोक गहलोत, सचिन पायलट, गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के अलग-अलग प्रभाव क्षेत्रों का जिक्र किया जा रहा है। हालांकि, पार्टी के किसी भी वरिष्ठ नेता ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है। डोटासरा का कहना है कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और सभी नेता मिलकर संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं।

  • बैसाखी: आज पाकिस्तान जाएंगे 2840 सिख श्रद्धालु… कड़े नियमों के बीच अटारी-वाघा बॉर्डर से होगी एंट्री

    बैसाखी: आज पाकिस्तान जाएंगे 2840 सिख श्रद्धालु… कड़े नियमों के बीच अटारी-वाघा बॉर्डर से होगी एंट्री


    अमृतसर।
    बैसाखी और खालसा साजना दिवस (Baisakhi and Khalsa Sajna Day) के अवसर पर पाकिस्तान (Pakistan) जाने वाले सिख श्रद्धालुओं (Sikh devotees) के जत्थे के लिए इस बार सख्त नियम लागू किए गए हैं। अब कोई भी श्रद्धालु अकेले यात्रा नहीं कर सकेगा बल्कि केवल परिवार या समूह के साथ ही दर्शन के लिए जा पाएगा। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee) ने यह फैसला सुरक्षा कारणों के चलते लिया है।

    एसजीपीसी के अनुसार शुक्रवार सुबह आठ बजे जत्था एसजीपीसी कार्यालय से रवाना होकर अटारी-वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान में प्रवेश करेगा। इस बार देशभर से करीब 2840 श्रद्धालु यात्रा में शामिल होंगे। एसजीपीसी ने 1795 पासपोर्ट वीजा के लिए भेजे थे जिनमें से 1763 को वीजा मिला जबकि 32 आवेदन खारिज कर दिए गए। इसके अलावा दिल्ली से 409 और हरियाणा से 255 श्रद्धालुओं को भी वीजा जारी हुआ है।


    सर्बजीत कौर मामले के बाद सख्ती

    एसजीपीसी ने बताया कि पिछले वर्ष एक महिला श्रद्धालु के पाकिस्तान में ही रुक जाने के मामले के बाद यह निर्णय लिया गया। अब किसी भी सिंगल पुरुष या महिला का वीजा आवेदन नहीं भेजा गया है जिससे कई श्रद्धालु इस बार यात्रा से वंचित रह गए।


    पंजा साहिब में होगा मुख्य समागम

    एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने बताया कि श्रद्धालु सबसे पहले गुरुद्वारा श्री पंजा साहिब में माथा टेकेंगे जहां मुख्य समागम होगा। यात्रा 10 अप्रैल से 19 अप्रैल तक चलेगी। उन्होंने करतारपुर साहिब कॉरिडोर खोलने और पासपोर्ट व 20 डॉलर शुल्क खत्म करने की मांग दोहराई। सचिव बलविंदर सिंह काहलवां ने श्रद्धालुओं से समय पर पहुंचने और दस्तावेज साथ रखने की अपील की है।

  • चारधाम यात्रा में नए नियम: पंजीकरण से तय होगा प्रवेश, गैर-सनातन श्रद्धालुओं पर रोक

    चारधाम यात्रा में नए नियम: पंजीकरण से तय होगा प्रवेश, गैर-सनातन श्रद्धालुओं पर रोक

    देहरादून। 19 अप्रैल से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा से पहले श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (bktc) ने दर्शन व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है। नई व्यवस्था के तहत केवल सनातन आस्था रखने वाले श्रद्धालुओं को ही मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।

    पंजीकरण के आधार पर होगा प्रवेश
    बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य होगा और इसी के आधार पर श्रद्धालुओं की एंट्री तय की जाएगी।

    रजिस्ट्रेशन के दौरान यात्रियों को अपनी पूरी जानकारी देनी होगी, जिसमें नाम, पता, धर्म और आस्था से जुड़ी जानकारी शामिल रहेगी। समिति का कहना है कि इसी प्रक्रिया से गैर-सनातन श्रद्धालुओं की पहचान की जाएगी।

    गैर-सनातन श्रद्धालुओं पर प्रतिबंध
    समिति ने स्पष्ट किया है कि मंदिर परिसर में गैर-सनातन श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, बौद्ध, जैन और सिख धर्म के अनुयायियों पर यह पाबंदी लागू नहीं होगी।

    इसके साथ ही सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को भी और सख्त किया जाएगा, ताकि यात्रा सुचारु और सुरक्षित बनी रहे।

    सारा अली खान को लेकर अलग रुख
    बीकेटीसी ने अभिनेत्री सारा अली खान के मामले को सामान्य नियमों से अलग बताया है। समिति के अनुसार, वह सनातन आस्था में विश्वास रखती हैं और इस आधार पर उनके लिए विशेष व्यवस्था (हलफनामा) का प्रावधान किया गया है।

    सभी यात्रियों के लिए नियम अनिवार्य
    समिति ने साफ कर दिया है कि चारधाम यात्रा पर आने वाले हर श्रद्धालु के लिए पंजीकरण जरूरी होगा। सही जानकारी देने के बाद ही मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।

    अध्यक्ष ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें, ताकि यात्रा की व्यवस्था, सुरक्षा और धार्मिक गरिमा बनी रहे।

  • ग्वालियर सेंट्रल जेल में भाईदूज का उल्लास, एक हजार से अधिक बहनों ने बंदी भाइयों को किया मंगल तिलक

    ग्वालियर सेंट्रल जेल में भाईदूज का उल्लास, एक हजार से अधिक बहनों ने बंदी भाइयों को किया मंगल तिलक



    ग्वालियर। होली की दूज पर ग्वालियर सेंट्रल जेल में भाईदूज का विशेष पर्व बड़े धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर जेल में बंद अपने भाईयों से मिलने के लिए एक हजार से अधिक बहनें जेल पहुंचीं। जेल प्रशासन ने इस आयोजन को सफल और सुव्यवस्थित बनाने के लिए विशेष तैयारियां की थीं। जेल के बाहर सुबह से ही काउंटर लगाकर बहनों का पूरी तरह से सत्यापन (वैरिफिकेशन) किया गया। केवल सत्यापित बहनों को ही जेल के अंदर प्रवेश की अनुमति दी गई।

    जेल परिसर में बहनों ने परंपरागत रीति-रिवाजों का पालन करते हुए रंग, गुलाल, रोली, चावल और चंदन से भाइयों का तिलक किया और मिठाई खिलाकर उनके लंबी उम्र और खुशहाल जीवन की कामना की।जेल परिसर में बहनों ने परंपरागत रीति-रिवाजों का पालन करते हुए रंग, गुलाल, रोली, चावल और चंदन से भाइयों का तिलक किया और मिठाई खिलाकर उनके लंबी उम्र और खुशहाल जीवन की कामना की। हालांकि जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया था कि बाहर से कोई भी पूजन सामग्री लाई नहीं जा सकती। इसके चलते बहनों ने जेल परिसर में ही शुल्क देकर लड्डू और अन्य पूजन सामग्री खरीदी। जेल प्रशासन ने सुरक्षा और सुव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम की पूरी मॉनीटरिंग की।

    भाईदूज का यह पर्व उन कैदियों के लिए विशेष महत्व रखता है, जो संगीन मामलों में जेल में बंद हैं और लंबे समय से अपने परिवार से मिलने का इंतजार कर रहे हैं। इस अवसर ने जेल में बंद भाइयों के चेहरे पर मुस्कान और खुशी की लहर दौड़ा दी। जेल अधिकारियों ने बताया कि इस आयोजन से कैदियों और उनके परिवारों के बीच भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होता है। यह न केवल भाई-बहन के रिश्तों को सशक्त बनाता है, बल्कि उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है।

    जेल के अधिकारियों के अनुसार, कार्यक्रम को व्यवस्थित करने के लिए सुबह से ही विशेष काउंटर लगाए गए थे। बहनों का नाम, पहचान पत्र और संबंध की पुष्टि करने के बाद ही उन्हें प्रवेश दिया गया। जेल प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी अनुचित घटना न हो और कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो। जेल में तैनात सुरक्षा कर्मियों ने पूरे आयोजन पर नजर रखी और आवश्यकतानुसार बहनों और कैदियों की मदद भी की।

    कार्यक्रम में कई बहनों ने बताया कि यह उनके भाईयों से मिलने का एक दुर्लभ अवसर होता है। लॉकडाउन और अन्य सुरक्षा कारणों से पिछले साल या महीनों में कई बार मिलने का अवसर नहीं मिला। इसलिए आज का दिन उनके लिए बेहद खास और भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण था। बहनों ने अपने भाईयों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य की कामना करते हुए उन्हें स्नेहपूर्वक तिलक किया।

    जेल प्रशासन ने बताया कि इस आयोजन में हिस्सा लेने वाली बहनों की संख्या पहली बार इतनी बड़ी रही है। इससे पहले के वर्षों में इस कार्यक्रम में कुछ सौ बहनें ही शामिल होती थीं। इस बार बड़ी संख्या में बहनों की भागीदारी ने भाईदूज के पर्व की गरिमा और उल्लास को और बढ़ा दिया।

    भाईदूज पर जेल में आयोजित इस प्रकार के कार्यक्रम से यह संदेश जाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी परिवार का महत्व और पारंपरिक रीति-रिवाजों की गरिमा कायम रहनी चाहिए। जेल प्रशासन ने भी इस अवसर को शांति और अनुशासन के साथ सफल बनाने का प्रयास किया।

    इस आयोजन ने साबित कर दिया कि चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, भाई-बहन का स्नेह और त्यौहारों का महत्व कभी कम नहीं होता। जेल में बंद कैदियों के लिए यह एक सुखद और यादगार अनुभव बन गया, जिसने उनके और उनके परिवार के बीच भावनात्मक दूरी को कम किया।

  • उत्तराखंड में गंगा घाटों पर सिर्फ हिंदुओं को मिलेगा प्रवेश… गैर हिंदुओं की एंट्री पर रोक की तैयारी

    उत्तराखंड में गंगा घाटों पर सिर्फ हिंदुओं को मिलेगा प्रवेश… गैर हिंदुओं की एंट्री पर रोक की तैयारी


    देहरादून।
    उत्तराखंड (Uttarakhand) में सनातन आस्था (Sanatan faith) के प्रमुख केंद्र हरिद्वार और ऋषिकेश (Haridwar and Rishikesh) में गंगा के घाटों (Ganges Ghats) पर भविष्य में केवल हिन्दू धर्मावलंबियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। राज्य सरकार गंगा घाटों पर गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक की व्यवस्था को सख्ती से लागू करने की तैयारी कर रही है। मालूम हो तमाम संत इस संबंध में कई बार प्रदेश सरकार से मांग कर चुके हैं।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस संबंध में पूर्व से कानून लागू है। अधिकारियों को इस कानून का अध्ययन करने के निर्देश दिए गए हैं। हमारी सरकार चाहती है कि इस कानून को और सख्ती तथा व्यापक रूप से लागू किया जाए।

    सूत्रों के अनुसार, हर की पैड़ी समेत कुछ प्रमुख गंगा घाटों पर प्रवेश को लेकर देश की आजादी से पहले से ही कुछ नियम लागू हैं। वर्ष 1954 के निकाय ऐक्ट के अनुसार, हरिद्वार कुछ क्षेत्रों में गैर हिंदू संपत्ति नहीं खरीद सकते।

    जानकारों के अनुसार, इस प्रतिबंध पर सख्ती से अमल नहीं हो पा रहा है। ऐसे में कई संतों ने समय समय पर हरिद्वार में प्रतिबंधित क्षेत्र में जमीन खरीदने, गंगा घाटों में गैर हिंदुओं की एंट्री पर रोक लगाने और उनके शहरी क्षेत्र में रात को ठहरने पर भी रोक लगाने का अनुरोध किया है।