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  • जनगणना 2027 : दूसरे चरण में होगी जनसंख्या की गणना… जानिए कब से शुरू होगी प्रक्रिया?

    जनगणना 2027 : दूसरे चरण में होगी जनसंख्या की गणना… जानिए कब से शुरू होगी प्रक्रिया?


    नई दिल्ली।
    आपके घर भी कुछ महीने पहले जनगणना (Census 2027) के अधिकारी आए होंगे और मकान (House) से लेकर पानी, बिजली और इंटरनेट (Internet) तक के बारे में सवाल पूछे होंगे। अब सरकार ने जनगणना 2027 (Census 2027) के अगले चरण (Second Phase) की तारीखों का एलान कर दिया है।


    जनगणना 2027 का पूरा शेड्यूल क्या है?

    जनगणना की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जा रही है। पहले चरण में मकान सूचीकरण और आवास जनगणना का काम अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच पूरा किया गया। अब दूसरे चरण यानी जनसंख्या गणना की प्रक्रिया होगी।

    गृह मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, ज्यादातर राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में जनसंख्या गणना 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक होगी। इसके बाद 1 से 5 मार्च 2027 तक पुनरीक्षण का दौर चलेगा। इससे पहले 10 से 24 जनवरी 2027 तक लोगों को ऑनलाइन स्व-गणना का विकल्प मिलेगा। हालांकि, कुछ राज्यों और क्षेत्रों में जनगणना का कार्यक्रम अलग रखा गया है।


    अगर आप इन राज्यों में रहते हैं तो जनवरी-फरवरी में नहीं होगी जनगणना

    मणिपुर, गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड के साथ ही लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर के बर्फीले क्षेत्रों में सामान्य कार्यक्रम के अनुसार जनगणना नहीं होगी। मणिपुर में जातीय हिंसा के कारण हालात सामान्य नहीं होने की वजह से जनगणना अगली अधिसूचना तक टाल दी गई है। वहीं, गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने होने है, इसे देखते हुए इन राज्यों में अलग कार्यक्रम रखा गया है।

    इसके अलावा लद्दाख, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के बर्फीले इलाकों में भी अलग समय पर जनगणना होगी। इनमें लाहौल-स्पीति और किन्नौर के ऊंचाई वाले इलाके शामिल हैं। यहां सर्दियों में बर्फबारी के कारण रास्ते बंद हो जाते हैं, जिससे कर्मचारियों को घर-घर पहुंचने में परेशानी होती है। इनमें से उत्तर प्रदेश के लिए जनगणना का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। बाकी राज्यों और क्षेत्रों की तारीखों के लिए अलग अधिसूचना का इंतजार है।


    उत्तर प्रदेश में कब आएंगे जनगणना अधिकारी?

    अगर आप उत्तर प्रदेश में रहते हैं तो आपके यहां जनगणना का दूसरा चरण दिसंबर 2026 में शुरू होगा। प्रदेश में 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक कर्मचारी घर-घर जाकर परिवार के सदस्यों की जानकारी जुटाएंगे। इससे पहले 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन स्व-गणना का विकल्प मिलेगा। इसके बाद गणनाकर्मी घर पहुंचकर ऑनलाइन भरी गई जानकारी का सत्यापन करेंगे। प्रदेश में पुनरीक्षण दौर 5 से 9 जनवरी 2027 तक चलेगा।


    क्या घर बैठे खुद भर सकते हैं जनगणना का फॉर्म?

    हां, इस बार सरकार ने लोगों को स्व-गणना यानी सेल्फ एन्यूमरेशन की सुविधा दी है। इसके जरिए आप घर बैठे अपने मकान और परिवार से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए आपको गणनाकर्मी के घर आने का इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी।


    ऑनलाइन स्व-गणना फॉर्म कैसे भरें? समझिए पूरा तरीका
    स्टेप 1: पोर्टल खोलें

    सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउजर में Census India Self Enumeration Portal खोलें। इसके अलावा जणगणना पोर्टल पर जाकर सेल्फ एन्यूमरेशन के विकल्प पर क्लिक कर सकते हैं।


    स्टेप 2: लॉग इन करें

    पोर्टल पर अपना राज्य या केंद्रशासित प्रदेश चुनें। इसके बाद स्क्रीन पर दिया गया कैप्चा भरें। अब परिवार के मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करें। आपके मोबाइल पर एक ओटीपी (OTP) आएगा। इसे भरकर अपना सत्यापन पूरा करें।


    स्टेप 3: घर की लोकेशन दर्ज करें

    लॉग इन करने के बाद जिला, गांव या शहर और पिनकोड जैसी जानकारी भरें। इसके बाद स्क्रीन पर दिखाई देने वाले नक्शे यानी मैप पर अपने घर की सही लोकेशन मार्क करें।


    स्टेप 4: पूछे गए सवालों के जवाब भरें

    पहले चरण में भी आपके घर से संबंधित 33 सवाल इसमें दिए गए थे। अब फिर से नए 40 सवाल इसमें दिए जाएंगे।

    स्टेप 5: जानकारी चेक करके सबमिट करें
    फॉर्म भरने के बाद Preview विकल्प पर क्लिक करके सभी जानकारियां जांच लें। अगर कोई गलती है तो उसे ठीक करें। इसके बाद Final Submit पर क्लिक करें। फॉर्म जमा होने के बाद आपको 11 अंकों की एक विशेष पहचान संख्या मिलेगी। इसे SE ID कहा जाता है।


    SE ID मिलने के बाद क्या करना होगा?

    फॉर्म जमा करने के बाद मिली 11 अंकों की SE ID को सुरक्षित रखें। इसका स्क्रीनशॉट ले सकते हैं या प्रिंट निकालकर रख सकते हैं। जब जनगणना कर्मचारी आपके घर आएंगे तो उन्हें यह आईडी दिखानी होगी। इसके आधार पर वे ऑनलाइन भरी गई जानकारी का सत्यापन करेंगे।


    ऑनलाइन फॉर्म भरते समय इन बातों का रखें ध्यान

    – एक मोबाइल नंबर से केवल एक घर का स्व-गणना फॉर्म भरा जा सकता है।
    – सभी जानकारियां सही और सच्ची भरें।
    – फॉर्म सबमिट करने से पहले सभी जवाब दोबारा जांच लें।
    – स्व-गणना करना वैकल्पिक है। आप चाहें तो गणनाकर्मी के घर आने पर भी जानकारी दे सकते हैं।


    दूसरे चरण में क्या-क्या सवाल पूछे जाएंगे?

    पहले चरण में मकान और सुविधाओं से जुड़ी जानकारी ली गई थी, जबकि दूसरे चरण में परिवार के प्रत्येक सदस्य की व्यक्तिगत जानकारी जुटाई जाएगी। इस बार कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे, जबकि 2011 की जनगणना में 29 सवाल पूछे गए थे। यानी इस बार 11 नए सवाल जोड़े गए हैं। इन सवालों में जाति, धर्म, माता-पिता और पति या पत्नी का नाम, घोषित राष्ट्रीयता और स्थायी पता जैसी जानकारियां शामिल हैं। इसके अलावा डिजिटल साक्षरता, शिक्षा का स्तर और परिवार के कुल बैंक खातों की संख्या के बारे में भी पूछा जाएगा। मोबाइल नंबर, आधार और वोटर आईडी नंबर, कोविड-19 टीकाकरण की जगह, पासपोर्ट नंबर और ड्राइविंग लाइसेंस की उपलब्धता से जुड़े सवाल भी इस चरण का हिस्सा होंगे।

  • जनगणना 2027 में जाति और कोविड टीकाकरण की जानकारी भी होगी दर्ज, डिजिटल प्रक्रिया के तहत जुटाए जाएंगे 40 सवालों के जवाब

    जनगणना 2027 में जाति और कोविड टीकाकरण की जानकारी भी होगी दर्ज, डिजिटल प्रक्रिया के तहत जुटाए जाएंगे 40 सवालों के जवाब

    नई दिल्ली । देश में जनगणना 2027 की प्रक्रिया का दूसरा चरण 17 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। इस चरण में पहली बार आजादी के बाद देशव्यापी स्तर पर जातिगत आंकड़े जुटाए जाएंगे। केंद्र सरकार ने जनगणना के लिए पूछे जाने वाले 40 सवालों की सूची अधिसूचित कर दी है। नागरिकों से उनकी सामाजिक, जनसांख्यिकीय और आर्थिक स्थिति से जुड़ी विभिन्न जानकारियां दर्ज की जाएंगी।

    जनगणना 2027 देश की 16वीं जनगणना होगी, जबकि स्वतंत्रता के बाद यह आठवीं जनगणना के रूप में आयोजित की जा रही है। इस बार की जनगणना कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसमें जाति से संबंधित जानकारी भी आधिकारिक तौर पर दर्ज की जाएगी। इससे देश में विभिन्न सामाजिक समूहों की जनसंख्या से जुड़े आंकड़े सामने आने की संभावना है।

    निर्धारित 40 सवालों में नागरिकों से जाति, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से संबंधित जानकारी मांगी जाएगी। इसके अलावा कोविड-19 टीकाकरण से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी। जनगणना के दौरान प्रत्येक परिवार और व्यक्ति से निर्धारित प्रश्नों के आधार पर जानकारी एकत्र की जाएगी।

    जनगणना दो चरणों में पूरी की जा रही है। पहले चरण में मकानों और आवास से संबंधित विवरण जुटाने की प्रक्रिया रखी गई है। दूसरे चरण में प्रत्येक नागरिक की जनसांख्यिकीय और सामाजिक-आर्थिक जानकारी दर्ज की जाएगी। इसी दूसरे चरण में जातिगत आंकड़ों को भी शामिल किया गया है।

    इस बार जनगणना को डिजिटल तरीके से संचालित किया जा रहा है। मोबाइल उपकरणों के माध्यम से आंकड़े दर्ज करने के साथ नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने की सुविधा भी दी गई है। इससे कागजी प्रक्रिया पर निर्भरता कम करने और आंकड़ों को डिजिटल रूप में संग्रहित करने में मदद मिलेगी।

    पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों के लिए जनगणना का कार्यक्रम अलग रखा गया है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख तथा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फीले एवं असमान क्षेत्रों में जनगणना का दूसरा चरण 1 सितंबर से 30 सितंबर तक चलेगा। इन क्षेत्रों में मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए समयसीमा अलग निर्धारित की गई है।

    इन क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को 17 अगस्त से 31 अगस्त तक स्वयं ऑनलाइन जानकारी दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध रहेगी। वहीं देश के अन्य हिस्सों में जनसंख्या की गणना फरवरी 2027 में की जाएगी। इस तरह अलग-अलग भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप जनगणना का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।

    जनगणना 2027 की प्रक्रिया में जातिगत जानकारी शामिल किए जाने को सामाजिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे सरकार के पास विभिन्न सामाजिक वर्गों की जनसंख्या से संबंधित अधिक विस्तृत आधिकारिक आंकड़े उपलब्ध हो सकेंगे। इन आंकड़ों का उपयोग भविष्य में नीतियों और योजनाओं के निर्माण में किया जा सकता है।

    यह जनगणना मूल रूप से वर्ष 2021 में प्रस्तावित थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसकी प्रक्रिया निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सकी। अब कई वर्षों की देरी के बाद जनगणना की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। डिजिटल व्यवस्था, ऑनलाइन स्व-पंजीकरण और पहली बार जातिगत आंकड़ों का समावेश इस जनगणना को पिछली जनगणनाओं से अलग बनाता है।