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  • MP में TET को लेकर बढ़ी मुश्किल: ESB के इनकार से बदलेगा परीक्षा का पूरा प्लान, तारीख और सेंटर पर भी संशय

    MP में TET को लेकर बढ़ी मुश्किल: ESB के इनकार से बदलेगा परीक्षा का पूरा प्लान, तारीख और सेंटर पर भी संशय


    भोपाल। मध्यप्रदेश में डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षकों के लिए प्रस्तावित शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET को लेकर बड़ा पेच फंस गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और स्कूल शिक्षा मंत्री की घोषणा के बाद परीक्षा को ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन कराने की तैयारी की जा रही थी लेकिन कर्मचारी चयन मंडल ESB ने ऑफलाइन परीक्षा कराने से साफ इनकार कर दिया है। ESB का कहना है कि पिछले करीब छह साल से मंडल केवल ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित कर रहा है और मौजूदा व्यवस्था में ऑफलाइन परीक्षा कराना उसके लिए संभव नहीं है। इस फैसले के बाद अब स्कूल शिक्षा विभाग के सामने नई परीक्षा एजेंसी तलाशने की चुनौती खड़ी हो गई है। विभाग दूसरी एजेंसी से परीक्षा कराने के साथ ही जरूरत पड़ने पर खुद परीक्षा आयोजित कराने के विकल्प पर भी विचार कर रहा है। अंतिम फैसला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के भोपाल लौटने के बाद लिया जा सकता है।

    दरअसल सुप्रीम कोर्ट के मई 2026 में दिए गए आदेश के बाद मध्यप्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षकों के लिए TET पास करना जरूरी हो गया है। वर्ष 1998 से 2009 के बीच नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने के लिए वर्ष 2028 तक का समय दिया गया है। ऐसे शिक्षकों को हर साल होने वाली परीक्षा में शामिल होने के अवसर मिलेंगे। यदि कोई शिक्षक छह अवसर मिलने के बावजूद पात्रता परीक्षा पास नहीं कर पाता है तो उसकी सेवा समाप्त किए जाने का प्रावधान सामने आया है। इसी वजह से सरकार के लिए TET परीक्षा आयोजित कराना बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।

    इसी क्रम में कर्मचारी चयन मंडल ने पहले 21 अगस्त से 4 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू की थी। बाद में अभ्यर्थियों को राहत देते हुए आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 18 सितंबर कर दी गई। ESB की ओर से पहले 12 अक्टूबर से परीक्षा कराने की तैयारी की जा रही थी लेकिन अब ऑफलाइन परीक्षा से इनकार के बाद पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। यदि सरकार किसी नई एजेंसी को परीक्षा की जिम्मेदारी देती है तो परीक्षा की तारीख में भी बदलाव संभव है। नई एजेंसी को परीक्षा केंद्र तैयार करने से लेकर प्रश्नपत्र और परीक्षा संचालन तक की पूरी व्यवस्था करनी होगी।

    लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह के मुताबिक यदि TET ऑफलाइन कराई जाती है तो परीक्षा आयोजित करने में ज्यादा समय लग सकता है। ऐसे में विभाग TET के साथ शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से जुड़े दूसरे विकल्पों पर भी विचार कर रहा है। सरकार के सामने लोक सेवा आयोग यानी PSC को परीक्षा की जिम्मेदारी देने का विकल्प भी मौजूद है लेकिन PSC ने अब तक शिक्षकों की पात्रता परीक्षा या भर्ती परीक्षा आयोजित नहीं की है। इसलिए इस विकल्प पर भी अंतिम निर्णय शासन स्तर पर ही होगा।

    परीक्षा केंद्रों को लेकर भी शिक्षकों की चिंता बढ़ी हुई है। फिलहाल भोपाल इंदौर जबलपुर खंडवा नीमच रतलाम रीवा सागर सतना उज्जैन और सीधी में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सागर के साथ चंबल और ग्वालियर अंचल के कई जिलों को केंद्रों में जगह नहीं मिली है। शिक्षकों की मांग है कि जिला और ब्लॉक स्तर पर परीक्षा केंद्र बनाए जाएं ताकि उन्हें परीक्षा देने के लिए दूर के शहरों की यात्रा न करनी पड़े। नई एजेंसी तय होने के बाद परीक्षा केंद्रों की संख्या और स्थानों में भी बदलाव की संभावना है।

    फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि TET परीक्षा आखिर किस एजेंसी के जरिए और किस तारीख को आयोजित होगी। आवेदन की प्रक्रिया अभी 18 सितंबर तक जारी है लेकिन एजेंसी बदलने की स्थिति में परीक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं में बदलाव हो सकता है। मुख्यमंत्री के लौटने के बाद होने वाली बैठक में इस पूरे मामले पर तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। तब तक हजारों शिक्षक परीक्षा की तारीख और व्यवस्था को लेकर असमंजस में बने रहेंगे।

  • MP आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा: रतलाम में स्कूल संचालिका से पूछताछ, अभ्यर्थियों ने माउस तक नहीं छुआ एक घंटा

    MP आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा: रतलाम में स्कूल संचालिका से पूछताछ, अभ्यर्थियों ने माउस तक नहीं छुआ एक घंटा


    रतलाम । मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा 2024 में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। रतलाम पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दो टीमों को अलग अलग दिशा में तैनात किया है। सबसे बड़े परीक्षा केंद्र रतलाम पब्लिक स्कूल में स्कूल संचालिका संयोगिता सिंह से पूछताछ की गई। पुलिस ने पूरे स्कूल का नक्शा तैयार किया, जिसमें परीक्षा के दौरान सभी कमरों, रास्तों और स्टाफ की उपस्थिति का विवरण शामिल है।

    एसपी अमित कुमार ने बताया कि जांच के लिए SIT गठित की गई है। एक टीम भोपाल गई है, जहां परीक्षा से जुड़े तकनीकी साक्ष्य जैसे सीसीटीवी फुटेज और दस्तावेज इकट्ठा किए जा रहे हैं। दूसरी टीम 12 संदिग्ध अभ्यर्थियों की तलाश में भिंड और मुरैना की ओर गई है। पुलिस को कुछ अहम सुराग भी मिले हैं, जिनके आधार पर जांच को और तेज कर दिया गया है।

    जांच में सामने आया कि 12 अभ्यर्थियों ने परीक्षा बहुत असामान्य तरीके से पूरी की। दो घंटे की परीक्षा में पहले एक घंटे तक माउस तक हाथ नहीं लगाया और चुपचाप बैठे रहे। इसके बाद 15 मिनट और 30 मिनट में 100 प्रश्न हल कर दिए। इससे पहले ये सभी अभ्यर्थी अन्य पुलिस भर्ती में शामिल हुए थे, लेकिन उनके अंक 50 से कम थे। इस बार इन्हें 90 से अधिक अंक मिले और 100 पर्सेंटाइल हासिल हुई।

    जानकारी के मुताबिक सभी 12 अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर किसी एक व्यक्ति ने मदद दी थी। ये अभ्यर्थी अलग अलग तारीख और शिफ्ट में परीक्षा देने आए, लेकिन मदद करने वाला वही था और केंद्र भी एक ही था।परीक्षा का आयोजन मुंबई की कंपनी एप्टेक लिमिटेड ने किया था। यह कंपनी पहले उत्तर प्रदेश, असम, जम्मू कश्मीर और लद्दाख में पेपर लीक और स्क्रीन शेयरिंग के मामलों में ब्लैकलिस्टेड हो चुकी है।

    रतलाम पब्लिक स्कूल में लगभग 4500 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। परीक्षा 9 से 21 सितंबर 2025 के बीच भोपाल, इंदौर, रतलाम समेत 11 शहरों में आयोजित हुई। रतलाम केंद्र को पहली बार इस परीक्षा के लिए चुना गया था। ईएसबी ने बड़े स्तर पर गड़बड़ी सामने आने के बाद स्कूल को आगामी परीक्षाओं के लिए बैन कर दिया है।

    इस मामले में 2 मार्च को भोपाल थाने में शून्य पर केस दर्ज किया गया। केस डायरी रतलाम ट्रांसफर की गई और असल मर्ग कायम किया गया। पुलिस सभी तथ्यों की विस्तृत जानकारी जुटा रही है।
    CSO सत्येंद्र घनघोरिया ने बताया कि SIT की दो टीमें अलग अलग जिम्मेदारियों के साथ काम कर रही हैं। एक टीम तकनीकी साक्ष्य जुटा रही है, जबकि दूसरी टीम आगे की जांच में मदद कर रही है।