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  • 'धर्मेंद्र-हेमा मालिनी जैसा निस्वार्थ प्यार अब दुर्लभ', रिश्तों और तलाक पर पहली बार खुलकर बोलीं ईशा देओल

    'धर्मेंद्र-हेमा मालिनी जैसा निस्वार्थ प्यार अब दुर्लभ', रिश्तों और तलाक पर पहली बार खुलकर बोलीं ईशा देओल

    नई दिल्ली। अभिनेत्री ईशा देओल ने पति भरत तख्तानी से अलग होने के बाद पहली बार अपने निजी जीवन और रिश्तों को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने स्वीकार किया कि तलाक के बाद उनकी जिंदगी में प्यार और रोमांस की कमी महसूस होती है, लेकिन इसके बावजूद उनका प्रेम और रिश्तों पर भरोसा आज भी कायम है। ईशा का कहना है कि जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव इंसान की सोच बदल सकते हैं, लेकिन सच्चे प्यार की अहमियत कभी कम नहीं होती।

    ईशा ने बातचीत के दौरान कहा कि वह स्वभाव से बेहद रोमांटिक हैं और आज भी रोमांटिक गीत, प्रेम कहानियां और रिश्तों की भावनात्मक गहराई उन्हें आकर्षित करती है। उनके अनुसार, प्यार किसी भी इंसान के जीवन का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा होता है और फिलहाल वह इसी एहसास की कमी महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा कि रोमांस जीवन को खूबसूरत बनाता है और यही कारण है कि वह आज भी प्रेम पर पूरी आस्था रखती हैं।

    अभिनेत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि वैवाहिक जीवन में आई कठिनाइयों या अलगाव का अर्थ यह नहीं है कि प्यार खत्म हो जाता है। उन्होंने कहा कि रिश्तों में ब्रेकअप या अलगाव जीवन का हिस्सा हैं और इससे प्रेम के प्रति उनका नजरिया नहीं बदला है। उनके मुताबिक, जीवन में पहले भी ऐसे रिश्ते रहे हैं जो लंबे समय तक नहीं चल सके, लेकिन इन अनुभवों ने उन्हें प्रेम से दूर नहीं किया।

    ईशा देओल ने अपने माता-पिता धर्मेंद्र और हेमा मालिनी के रिश्ते का जिक्र करते हुए कहा कि बचपन से उन्होंने दोनों के बीच सम्मान, विश्वास और बिना किसी शर्त के प्यार को बेहद करीब से देखा है। उसी रिश्ते ने उनके भीतर प्रेम की परिभाषा गढ़ी। उनका मानना है कि आज के दौर में वैसी गहराई, समर्पण और गरिमा वाले रिश्ते बहुत कम देखने को मिलते हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता का रिश्ता हमेशा उनके लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है।

    उन्होंने यह भी कहा कि हर व्यक्ति अपने जीवन में अच्छे और कठिन दोनों तरह के अनुभवों से गुजरता है। रिश्तों का टूटना निश्चित रूप से भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन इससे जीवन रुक नहीं जाता। उनके अनुसार, हर अनुभव इंसान को पहले से अधिक मजबूत और परिपक्व बनाता है तथा भविष्य के लिए नई सीख भी देता है।

    ईशा और व्यवसायी भरत तख्तानी ने वर्ष 2012 में विवाह किया था। दोनों की दो बेटियां हैं और शादी के एक दशक से अधिक समय बाद वर्ष 2024 में दोनों ने अलग होने का फैसला किया। इस निर्णय के बाद दोनों ने अपनी निजी जिंदगी को गरिमा के साथ आगे बढ़ाने की बात कही थी। अलगाव के बाद ईशा ने सार्वजनिक रूप से अपने व्यक्तिगत जीवन पर बहुत कम प्रतिक्रिया दी थी।

    अब लंबे समय बाद उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए यह स्पष्ट किया है कि कठिन दौर के बावजूद वह जीवन और प्यार दोनों को सकारात्मक नजरिए से देखती हैं। उनका मानना है कि सच्चे रिश्ते विश्वास, सम्मान और आपसी समझ पर टिके होते हैं। यही मूल्य उन्होंने अपने परिवार से सीखे हैं और भविष्य में भी वह इन्हीं मूल्यों के साथ जीवन को आगे बढ़ाना चाहती हैं।

  • धर्मेंद्र की याद में भावनाओं से भर उठा परिवार, पद्म विभूषण सम्मान के बाद ईशा देओल का संदेश वायरल

    धर्मेंद्र की याद में भावनाओं से भर उठा परिवार, पद्म विभूषण सम्मान के बाद ईशा देओल का संदेश वायरल

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किए जाने के बाद उनके परिवार के लिए यह क्षण गर्व के साथ-साथ भावनाओं से भी भरा हुआ नजर आया। इस विशेष अवसर पर परिवार की भावनाएं उस समय और गहरी हो गईं जब उनकी बेटी ईशा देओल ने अपने पिता को याद करते हुए एक भावुक संदेश साझा किया। उनकी बातों में पिता के प्रति सम्मान, प्यार और उनकी अनुपस्थिति का दर्द साफ दिखाई दिया। यही वजह है कि यह भावनात्मक संदेश लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

    भारतीय सिनेमा में अपने लंबे और शानदार योगदान के लिए धर्मेंद्र को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके परिवार के लिए गर्व का क्षण बनकर सामने आया। वर्षों तक बड़े पर्दे पर अपनी अभिनय प्रतिभा से दर्शकों के दिलों में जगह बनाने वाले अभिनेता की उपलब्धियों को इस सम्मान के माध्यम से एक नई पहचान मिली। इस सम्मान ने एक बार फिर उनकी कला और योगदान की यादों को ताजा कर दिया।

    सम्मान समारोह के दौरान परिवार की ओर से यह सम्मान ग्रहण किया गया। इस खास मौके पर परिवार के सदस्यों की भावनाएं साफ नजर आईं। इसी बीच ईशा देओल ने अपने पिता को याद करते हुए एक ऐसा संदेश साझा किया जिसने लोगों को भावुक कर दिया। उन्होंने अपने शब्दों में उस कमी को व्यक्त किया जिसे परिवार आज भी महसूस करता है। उनके अनुसार यदि उनके पिता इस पल में मौजूद होते तो यह अवसर और भी खास बन जाता।

    अपने संदेश में उन्होंने एक ऐसी तस्वीर शब्दों के जरिए सामने रखने की कोशिश की जिसमें एक पिता की सहज मुस्कान, उत्साह और परिवार के साथ बिताए जाने वाले विशेष क्षणों की झलक दिखाई देती है। उन्होंने कल्पना की कि अगर वह इस सम्मान समारोह का हिस्सा होते तो अपने खास अंदाज में पूरे परिवार के साथ इस खुशी को साझा करते। इस भावुक अभिव्यक्ति ने लोगों को परिवार के निजी दर्द और भावनात्मक जुड़ाव से जोड़ दिया।

    धर्मेंद्र भारतीय फिल्म उद्योग के उन कलाकारों में शामिल रहे जिन्होंने कई दशकों तक अपने अभिनय से दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी। उन्होंने अपने करियर में अनेक यादगार किरदार निभाए और अपनी अलग पहचान बनाई। एक्शन से लेकर भावनात्मक भूमिकाओं तक, उन्होंने हर शैली में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उनकी फिल्मों और अभिनय शैली को आज भी दर्शक उतनी ही दिलचस्पी से याद करते हैं।

    उनकी लोकप्रियता केवल फिल्मों तक सीमित नहीं रही, बल्कि उनके व्यक्तित्व ने भी लोगों को प्रभावित किया। उनके काम और जीवन से जुड़ी कई यादें आज भी सिनेमा प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बनती हैं। यही कारण है कि उनके सम्मान से जुड़ी हर खबर लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ देती है।

    धर्मेंद्र की विरासत आज भी भारतीय सिनेमा में जीवित है। उनके द्वारा निभाए गए किरदार, उनके संवाद और उनकी फिल्में आज भी नई पीढ़ी के दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं। पद्म विभूषण के रूप में मिला यह सम्मान केवल एक कलाकार के योगदान का सम्मान नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा के एक सुनहरे अध्याय को श्रद्धांजलि देने जैसा भी माना जा रहा है।