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  • भोपाल में कमर्शियल गैस संकट: 2000 होटल-रेस्टोरेंट प्रभावित, घरेलू सिलेंडर अब 25 दिन में एक बार ही बुक होंगे

    भोपाल में कमर्शियल गैस संकट: 2000 होटल-रेस्टोरेंट प्रभावित, घरेलू सिलेंडर अब 25 दिन में एक बार ही बुक होंगे



    भोपाल। मध्य प्रदेश में ईरान-इजराइल युद्ध के असर के चलते एलपीजी सप्लाई संकट गहराने लगा है। मंगलवार को भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने तीनों तेल कंपनियों, फूड अफसर और गैस एजेंसियों के साथ मीटिंग बुलाई, जिसमें कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई रोकने के बाद शहर के 2000 से अधिक होटल और रेस्टोरेंट में संकट की गंभीर स्थिति सामने आई।

    जानकारी के अनुसार, सोमवार से ऑयल कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडरों की डिलीवरी रोक दी है। इससे बड़े और छोटे होटल, रेस्टोरेंट और बार में भोजन बनाने और शादियों के आयोजन में परेशानी बढ़ गई है। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स (बीसीसीआई) के अध्यक्ष गोविंद गोयल और मंत्री अजय देवनानी ने कलेक्टर से अपील की कि कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति तुरंत बहाल की जाए, अन्यथा मार्च में होने वाली हजारों शादियों में खाना बनाने में दिक्कतें आएंगी।

    इधर, घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग नियमों में बदलाव किया गया है। पहले 15 दिन में बुकिंग होती थी, अब एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन बाद ही मिलेगा। इसके अलावा, बुकिंग केवल उसी रजिस्टर्ड नंबर पर ही OTP के जरिए हो पाएगी।

    मध्यप्रदेश में कुल सवा करोड़ से ज्यादा एलपीजी उपभोक्ता हैं। राजधानी भोपाल में प्रतिदिन लगभग 15 हजार सिलेंडर सप्लाई होते हैं, वहीं इंदौर में 25 हजार, जबलपुर में 20-25 हजार और ग्वालियर में 20 हजार सिलेंडर रोजाना वितरित किए जाते हैं। छोटे जिलों में भी 2 हजार सिलेंडर प्रतिदिन सप्लाई होते हैं।

    केंद्र सरकार ने गैस की सप्लाई और जमाखोरी रोकने के लिए ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955’ लागू किया है और एलपीजी को चार कैटेगरी में बांटा गया है:

    पूरी सप्लाई: घरेलू रसोई गैस (PNG) और CNG।

    खाद कारखाने: फैक्ट्रियों को 70% गैस उपलब्ध।

    बड़े उद्योग: आवश्यकतानुसार लगभग 80% गैस।

    छोटे बिजनेस और होटल: पुरानी खपत के हिसाब से 80% गैस।

    सरकार ने संकट से निपटने के लिए पांच अहम कदम उठाए हैं: हाई-लेवल कमेटी गठन, आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू, घरेलू सिलेंडर बुकिंग में बदलाव, OTP और बायोमेट्रिक अनिवार्य, तथा एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश।

    सप्लाई संकट के दो प्रमुख कारण हैं: पहला, फारस की खाड़ी और अरब सागर को जोड़ने वाले 167 किलोमीटर लंबे ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का लगभग बंद होना, जिससे भारत की 50% कच्चा तेल और 54% LNG सप्लाई प्रभावित हुई। दूसरा, कतर के LNG प्लांट पर ड्रोन हमले के बाद उत्पादन रोक दिया गया। भारत अपनी कुल LNG जरूरत का करीब 40% कतर से आयात करता है।

    इंडियन ऑयल के मुख्य महाप्रबंधक (LPG) के.एम. ठाकुर ने उपभोक्ताओं को पैनिक बुकिंग से बचने की सलाह दी और बताया कि सरकार वैकल्पिक सप्लाई विकल्प तलाश रही है। वहीं, G7 देश और रूस-अल्जीरिया से अतिरिक्त कच्चा तेल आने की उम्मीद है।

    साथ ही सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी की है। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम का सिलेंडर अब ₹913 में मिलेगा, जबकि 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम ₹1883 हो गए हैं।

    मध्यप्रदेश के होटल-रेस्टोरेंट संचालक और छोटे व्यवसायों में तनाव बढ़ गया है, क्योंकि कमर्शियल गैस की सप्लाई रोकने से खाना बनाने और व्यापार चलाने में गंभीर दिक्कतें आ रही हैं। सरकार की हाई-लेवल कमेटी और आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू होने के बाद ही हालात में सुधार की उम्मीद है।

  • कई राज्यों में कॉमर्शियल गैस संकट: होटल-रेस्टोरेंट बंद, सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू किया

    कई राज्यों में कॉमर्शियल गैस संकट: होटल-रेस्टोरेंट बंद, सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू किया


    नई दिल्ली। अमेरिका और इजरायल के ईरान पर सैन्य कार्रवाई के कारण हॉर्मुज जलमार्ग पर गैस सप्लाई ठप होने से देश में कॉमर्शियल गैस की किल्लत पैदा हो गई है। दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की स्थिति बन गई है।

    केंद्र सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 लागू किया है ताकि गैस की जमाखोरी और सप्लाई में असमानता रोकी जा सके।

    गैस सप्लाई की चार श्रेणियां
    पूरा स्टॉक: घरेलू रसोई गैस (PNG) और CNG वाहन गैस को पूरी तरह उपलब्ध कराया जाएगा।

    खाद उद्योग: खाद बनाने वाली फैक्ट्रियों को 70% गैस उपलब्ध होगी।

    बड़े उद्योग: नेशनल ग्रिड से जुड़े बड़े उद्योगों को 80% गैस मिलेगी।

    छोटे होटल और व्यवसाय: छोटे होटल, रेस्टोरेंट और उद्योगों को उनकी पुरानी खपत के अनुसार 80% गैस मिलेगी।

    राज्यों में सप्लाई की स्थिति
    उत्तर प्रदेश: लखनऊ, कानपुर और वाराणसी में बुकिंग के 4-5 दिन बाद भी गैस नहीं मिल रही।

    महाराष्ट्र: मुंबई, पुणे और नागपुर में करीब 20% होटल और रेस्टोरेंट बंद। पुणे में गैस की कमी के कारण नगर निगम ने शवदाह गृह अस्थायी रूप से बंद किए।

    मध्य प्रदेश: भोपाल में 2000 से अधिक होटल और रेस्टोरेंट प्रभावित, सिलेंडर की उपलब्धता कम।

    राजस्थान: होटल, रेस्टोरेंट और मैरिज गार्डन संचालकों को परेशानी।

    कर्नाटक: बेंगलुरु में होटल बंद होने का खतरा, बुजुर्ग और छात्र प्रभावित।

    सरकार ने संकट निपटाने के लिए उठाए कदम
    हाई-लेवल कमेटी: पेट्रोलियम मंत्रालय ने तेल कंपनियों के कार्यकारी निदेशकों की कमेटी बनाई।

    एसेंशियल कमोडिटी एक्ट लागू: जमाखोरी रोकने के लिए लागू।

    बुकिंग नियम बदलाव: एक सिलेंडर मिलने के बाद अगला 25 दिन बाद बुक हो सकेगा।

    OTP और बायोमेट्रिक: जमाखोरी रोकने के लिए डिलीवरी पर कड़ी निगरानी।

    LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश: अतिरिक्त उत्पादन घरेलू गैस के लिए।

    गैस संकट की मुख्य वजहें
    हॉर्मुज जलमार्ग पर बंदी: फारस की खाड़ी से अरब सागर तक फैले 167 किमी लंबे मार्ग से गैस और तेल का बड़ा हिस्सा आता है। ईरान युद्ध के कारण यह मार्ग असुरक्षित।

    एलएनजी उत्पादन में रुकावट: ईरान के ड्रोन हमले के बाद कतर के LNG प्लांट की सप्लाई प्रभावित, जिससे भारत की 40% LNG आयात प्रभावित।

    हालात कब सुधरेंगे?
    इंडियन ऑयल के के.एम. ठाकुर ने ग्राहकों को आश्वस्त किया कि घबराने की जरूरत नहीं है और पैनिक बुकिंग से बचें। सरकार वैकल्पिक सप्लाई विकल्पों पर काम कर रही है, वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर G7 देश इमरजेंसी तेल भंडार से सप्लाई जारी करने पर विचार कर रहे हैं।

    घरेलू गैस की कीमतें बढ़ीं
    सरकार ने डोमेस्टिक LPG सिलेंडर की कीमत ₹60 बढ़ा दी है। अब 14.2 किलोग्राम का सिलेंडर दिल्ली में ₹913 में उपलब्ध है। 19 किलोग्राम कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत अब ₹1,883 है।