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  • सावन में एटा के स्कूलों में हर शनिवार-सोमवार रहेगा अवकाश, कांवड़ यात्रा के चलते ट्रैफिक डायवर्जन लागू

    सावन में एटा के स्कूलों में हर शनिवार-सोमवार रहेगा अवकाश, कांवड़ यात्रा के चलते ट्रैफिक डायवर्जन लागू


    एटा। सावन माह में कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़ने वाली भीड़ और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए एटा प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। इसी के तहत जिले में 12वीं तक के विद्यालयों को प्रत्येक शनिवार और सोमवार बंद रखने का फैसला किया गया है। साथ ही शुक्रवार रात से शहर में व्यापक रूट डायवर्जन लागू कर दिया गया है।

    सोरों और कछला घाट से गंगाजल लेने आने वाले कांवड़ियों की भारी संख्या को देखते हुए शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। रोडवेज बसों का संचालन भी वैकल्पिक मार्गों से कराया जाएगा। यह व्यवस्था सोमवार शाम 6 बजे तक प्रभावी रहेगी।

    प्रशासन के अनुसार, यही ट्रैफिक व्यवस्था 7 से 11 अगस्त, 14 से 17 अगस्त और 21 से 24 अगस्त तक भी प्रत्येक शुक्रवार से सोमवार शाम तक लागू रहेगी। इस दौरान अलीगढ़, पिलुआ, मैनपुरी, फिरोजाबाद, कासगंज, बदायूं, बरेली, शिकोहाबाद और टूंडला की ओर से आने वाले भारी वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं मिलेगा और उन्हें निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा। इसके अलावा एटा-कासगंज मार्ग को कांवड़ यात्रा के दौरान वन-वे घोषित किया गया है।

    स्कूलों ने भी घोषित किया अवकाश
    कांवड़ यात्रा के दौरान संभावित भीड़ और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए शहर के कई प्रमुख विद्यालयों ने भी छात्रों की सुरक्षा के मद्देनजर शनिवार और सोमवार को अवकाश घोषित किया है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि भीड़भाड़ और जाम की स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

    इन मार्गों से संचालित होंगे वाहन
    – अलीगढ़ और पिलुआ से मैनपुरी जाने वाले भारी वाहन एटा बाईपास से डायवर्ट किए जाएंगे।
    – अलीगढ़-पिलुआ से फिरोजाबाद जाने वाले वाहन मलावन, कुरावली, घिरोर और शिकोहाबाद होकर गुजरेंगे।
    – एटा से बदायूं और बरेली जाने वाले भारी वाहनों को ओन घाट चौकी, सिढ़पुरा, गंजडुंडवारा और कादरगंज मार्ग से भेजा जाएगा।
    – मैनपुरी से आने वाले भारी वाहन एटा बाईपास होते हुए अलीगढ़ की ओर जाएंगे।
    – कासगंज से फिरोजाबाद जाने वाले वाहन अमांपुर, एटा बाईपास, मलावन, कुरावली, घिरोर और शिकोहाबाद मार्ग से संचालित होंगे।
    – शिकोहाबाद से एटा आने वाले सभी भारी, हल्के और आवश्यक वस्तुओं के वाहन घिरोर-मैनपुरी मार्ग से भेजे जाएंगे।
    – टूंडला से आने वाले वाहन फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, घिरोर, कुरावली, मलावन, एटा बाईपास, सिढ़पुरा और गंजडुंडवारा होकर बदायूं-बरेली की ओर जाएंगे।
    – एटा-कासगंज मार्ग कांवड़ यात्रा के दौरान वन-वे रहेगा।

  • पति से बदला लेने के लिए ‘लव जिहाद’ का आरोप! एटा पुलिस जांच में खुली महिला की साजिश

    पति से बदला लेने के लिए ‘लव जिहाद’ का आरोप! एटा पुलिस जांच में खुली महिला की साजिश



    एटा । उत्तर प्रदेश के एटा जिले में ‘लव जिहाद’ के नाम पर झूठी शिकायत का मामला सामने आने के बाद पुलिस भी हैरान रह गई। दिल्ली निवासी एक महिला शनिवार को एटा के अवागढ़ थाने पहुंची और खुद को ‘लव जिहाद’ का शिकार बताते हुए दिल्ली के मयूर विहार निवासी आरिफ नाम के युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की मांग करने लगी। मामला गंभीर होने के कारण पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की, लेकिन पूछताछ में कहानी पूरी तरह बदलती नजर आई।

    पुलिस जांच में सामने आया कि महिला मूल रूप से आगरा की रहने वाली है और उसकी मुलाकात दिल्ली में एक कंपनी में काम करने के दौरान आरिफ से हुई थी। दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। इसके बाद दोनों ने हिंदू और मुस्लिम रीति-रिवाजों से शादी की थी। मंदिर में विवाह करने के साथ-साथ मौलाना की मौजूदगी में निकाह भी पढ़ा गया था। यानी महिला को शुरुआत से ही युवक के धर्म और पहचान की पूरी जानकारी थी।

    जांच में यह भी सामने आया कि दोनों के बीच लंबे समय तक संबंध रहने के बाद पारिवारिक विवाद बढ़ने लगे थे। बाद में वर्ष 2025 में दोनों ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया। तलाक के बाद मामला और बिगड़ गया। आरिफ ने दिल्ली के मयूर विहार थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उसकी पूर्व पत्नी अपनी डेढ़ साल की बच्ची, घर में रखी नकदी, सोने-चांदी के जेवर और जरूरी सामान लेकर घर से चली गई है।

    सूत्रों के मुताबिक, विवाद के दौरान महिला ने आरिफ और उसके परिवार को ‘लव जिहाद’ के केस में फंसाने की धमकी भी दी थी। पुलिस को यह जानकारी भी मिली कि महिला की पहले एक हिंदू युवक से शादी हो चुकी थी, लेकिन उसने यह बात आरिफ से छिपाई थी। जब दोनों के रिश्तों में तनाव बढ़ा तो मामला कानूनी लड़ाई तक पहुंच गया।

    एटा के एसएसपी डॉ. इलामारन जी ने बताया कि महिला की ओर से एक प्रार्थना पत्र जरूर मिला है, लेकिन शुरुआती जांच में मामला एटा क्षेत्राधिकार का नहीं पाया गया। उन्होंने कहा कि घटना दिल्ली से जुड़ी है और आरोपी परिवार करीब 20 साल पहले एटा छोड़ चुका है। इसके बावजूद पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है।

    इस मामले ने एक बार फिर यह बहस तेज कर दी है कि गंभीर कानूनों का गलत इस्तेमाल न सिर्फ निर्दोष लोगों के लिए परेशानी खड़ी करता है, बल्कि असली पीड़ितों के मामलों की गंभीरता भी कम कर देता है।