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  • Ethiopia: ओरोमिया में ईसाई चर्चों और आसपास के गांवों में खूनी हमला… 40 से ज्यादा लोगों की मौत

    Ethiopia: ओरोमिया में ईसाई चर्चों और आसपास के गांवों में खूनी हमला… 40 से ज्यादा लोगों की मौत


    अदीस अबाबा।
    इथियोपिया (Ethiopia) के ओरोमिया राज्य (Oromia State) में ऑर्थोडॉक्स ईसाई चर्चों (Orthodox Christian churches) और आसपास के गांवों पर हमले होने की खबर है। इन हमलों में 40 से ज्यादा लोगों की जान चली गई। दो स्थानीय निवासियों और एक पादरी के हवाले से एक न्यूज में यह जानकारी दी गई है। बता दें कि ओरोमिया इथियोपिया का सबसे बड़ा राज्य है। यहां लंबे समय से विद्रोह, सशस्त्र संघर्ष और जातीय तनाव की स्थिति बनी हुई है। हथियारबंद समूह अक्सर धर्म का इस्तेमाल कर समुदायों के बीच फूट डालने और लोगों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश करते रहे हैं।

    एक न्यूज में स्थानीय लोगों के हवाले से बताया गया कि इस घटना में कुल 44 लोगों की मौत हुई है। एक अन्य निवासी ने मरने वालों की संख्या 51 बताई। दोनों ने हमले की पुष्टि की, लेकिन आंकड़ों में थोड़ा अंतर रहा। मीडिया और स्वतंत्र पत्रकारों पर इथियोपिया में भारी पाबंदियां होने के कारण इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। सरकारी इथियोपिया ह्यूमन राइट्स कमीशन ने इस मामले पर ज्यादा कुछ नहीं कहा। उसने केवल इतना कहा कि वह हालात पर नजर रख रहा है।

    रिपोर्ट के अनुसार, इलाके में धार्मिक तनाव बहुत ज्यादा है। अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह बड़ा संकट बन सकता है। स्थानीय लोगों के अनुसार इलाके के दो चर्चों पर हमला हुआ। लोगों के कई घर भी तबाह कर दिए गए।

    बता दें कि इथियोपिया हॉर्न ऑफ अफ्रीका का देश है, जो कई आंतरिक संघर्षों से जूझ रहा है। पिछले महीने उत्तरी टिग्रे राज्य में भी भारी लड़ाई हुई थी। देश के बीचों-बीच स्थित ओरोमिया राज्य में करीब 4 करोड़ लोग रहते हैं। यहां मुस्लिम, प्रोटेस्टेंट और ऑर्थोडॉक्स समुदाय साथ रहते हैं। झगड़े की मुख्य वजह राजनीतिक और जातीय प्रतिनिधित्व की शिकायतें रही हैं, लेकिन लड़ाकों को इकट्ठा करने के लिए धर्म का भी इस्तेमाल किया जाता रहा है।

    हमला किए गए चर्चों में से एक के डीकन ने कहा कि वे इन दुखद हत्याओं से बहुत सदमे में हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह तुरंत दखल दे और इलाके में सुरक्षा बहाल करे। डीकन के अनुसार मरने वालों की संख्या 46 है।

    हालांकि अभी तक सरकार की तरफ से हमले की विस्तृत पुष्टि या कार्रवाई की कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। स्थानीय लोग सुरक्षा की मांग कर रहे हैं और चर्चों की सुरक्षा बढ़ाने की अपील कर रहे हैं।

  • ब्रिक्स सम्मेलन में अफ्रीकी कारोबारी बोले, पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ‘विकसित भारत 2047’ लक्ष्य समय से पहले हासिल करेगा

    ब्रिक्स सम्मेलन में अफ्रीकी कारोबारी बोले, पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ‘विकसित भारत 2047’ लक्ष्य समय से पहले हासिल करेगा

    नई दिल्ली ।भारत में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बीच अफ्रीकी कारोबारियों ने देश की आर्थिक प्रगति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की है। नाइजीरिया के डिप्लोमैटिक कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन के चेयरमैन इदेहाई फ्रेडरिक ने कहा कि भारत जिस तेजी से आगे बढ़ रहा है, उसे देखते हुए देश ‘विकसित भारत 2047’ का लक्ष्य निर्धारित समय से पहले हासिल कर सकता है।

    इदेहाई फ्रेडरिक के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक शानदार नेता हैं और उनके पास देश के विकास को लेकर बड़ा विजन है। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में हो रही तेज प्रगति प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उठाए जा रहे कदमों, नीतियों और साझेदारी में दिखाई देती है। उनके मुताबिक ब्रिक्स की अध्यक्षता के दौरान भी भारत के नेतृत्व और दृष्टिकोण का प्रभाव स्पष्ट नजर आ रहा है।

    फ्रेडरिक ने भारत और नाइजीरिया के संबंधों को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देश दशकों से मित्र रहे हैं और दोनों के बीच कारोबार का भी बड़ा आधार है। उन्होंने भारत को नाइजीरिया के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदार बताते हुए दोनों देशों के बीच व्यापार में आगे और बढ़ोतरी की उम्मीद जताई।

    उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी आर्थिक प्रगति के आधार पर उनका मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को भारत लक्ष्य से पहले प्राप्त कर सकता है।

    ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान भारत और अफ्रीकी देशों के बीच संबंधों को लेकर भी चर्चा सामने आई। अबिसीनिया बिजनेस नेटवर्क के प्रबंध निदेशक डैनियल तिरुनेह ने भारत और इथियोपिया के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश व्यापार, निवेश, नवाचार और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं।

    डैनियल तिरुनेह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इथियोपिया यात्रा का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार कुछ महीने पहले हुई इस यात्रा से भारत और इथियोपिया के संबंधों को नई ऊर्जा मिली। उन्होंने कहा कि इसका प्रभाव ब्रिक्स के मंच पर भी दिखाई दे रहा है और इथियोपिया के लिए यह एक महत्वपूर्ण मंच है।

    भारत इस वर्ष 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। ब्रिक्स में वर्तमान में 11 सदस्य देश और 10 साझेदार देश हैं। सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष और प्रतिनिधि नई दिल्ली पहुंच रहे हैं। सम्मेलन के दौरान विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी के बीच भारत की भूमिका और उसकी साझेदारियों पर भी ध्यान केंद्रित है।

    ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को देखते हुए राजधानी नई दिल्ली में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 15,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा पैरामिलिट्री फोर्स की 200 कंपनियां भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाई गई हैं।

    अफ्रीकी कारोबारियों की टिप्पणियों में भारत की आर्थिक प्रगति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और ब्रिक्स के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को प्रमुखता दी गई। नाइजीरिया और इथियोपिया से जुड़े प्रतिनिधियों ने भारत के साथ व्यापार, निवेश, नवाचार और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।

    इस बीच नई दिल्ली में हो रहा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत की मेजबानी में आयोजित हो रहा है। सदस्य और साझेदार देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी के कारण राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है।

  • अफ्रीकन देश Ethiopia में भूस्खलन से 14 मौतें…. कई लोग मलबे में दबे, कई लापता

    अफ्रीकन देश Ethiopia में भूस्खलन से 14 मौतें…. कई लोग मलबे में दबे, कई लापता


    अदीस अबाबा।
    पूर्वी अफ्रीका (East Africa) के देश इथियोपिया (Ethiopia) के अमहारा क्षेत्र (Amahara region) में सोमवार सुबह भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन (Landslide) में 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि सात लोग घायल हो गए। कई लोगों के अब भी मलबे में दबे होने की आशंका है और राहत-बचाव अभियान लगातार जारी है।


    क्या धार्मिक अनुष्ठान के दौरान हुआ हादसा?

    यह हादसा त्सादकाने देब्रे मिटमाक सेंट मैरी मठ में हुआ, जहां सैकड़ों श्रद्धालु पवित्र जल से शुद्धिकरण के धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने पहुंचे थे। यह अनुष्ठान लंबे समय से बीमारियों से राहत और आध्यात्मिक उपचार की मान्यता से जुड़ा माना जाता है।


    कई लोग अब भी मलबे में फंसे

    डायोसीज के महाप्रबंधक मेगाबे हादिस नेका तिबेब अबाबू के अनुसार, हादसा सुबह करीब सात बजे हुआ। उन्होंने बताया कि मृतकों में से 11 का अंतिम संस्कार मठ परिसर में कर दिया गया है, जबकि अन्य के शव उनके गृह नगर भेजे गए हैं। कुछ शवों की पहचान करना भी मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि कई लोगों के अब भी मलबे में दबे होने की आशंका है।


    राहत-बचाव अभियान जारी

    गंभीर रूप से घायल लोगों को नॉर्थ शेवा प्रशासनिक क्षेत्र की राजधानी देब्रे बिरहान के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि आपदा प्रबंधन विभाग की विशेषज्ञ टीम मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव अभियान में जुटी हुई है।


    लगातार बढ़ रही हैं ऐसी प्राकृतिक आपदाएं?

    इथियोपिया में जून से सितंबर तक चलने वाले बारिश के मौसम के दौरान भूस्खलन और बाढ़ की घटनाएं आम हो गई हैं। जुलाई 2024 में दक्षिणी इथियोपिया में हुए भूस्खलन में कम से कम 257 लोगों की मौत हुई थी, जबकि इसी वर्ष की शुरुआत में गामो क्षेत्र में भी ऐसे ही हादसे में 100 से अधिक लोगों की जान गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, जलवायु परिवर्तन और कमजोर बुनियादी ढांचे के कारण देश में ऐसी प्राकृतिक आपदाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है।