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  • चीन में डॉल्फिन तूफान का खतरा, 1400 उड़ानें रद्द और हजारों लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए

    चीन में डॉल्फिन तूफान का खतरा, 1400 उड़ानें रद्द और हजारों लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए

    नई दिल्ली । चीन के पूर्वी तट पर टाइफून डॉल्फिन के संभावित प्रभाव को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक स्तर पर एहतियाती कदम उठाए हैं। रविवार को तूफान के पहुंचने की आशंका के बीच शंघाई आने-जाने वाली करीब 1400 उड़ानें रद्द कर दी गईं। इसके अलावा हांगझोउ हवाई अड्डे से संचालित होने वाली 270 उड़ानों को भी रद्द किया गया। प्रभावित इलाकों में लोगों की सुरक्षा के लिए उन्हें संवेदनशील क्षेत्रों से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

    तूफान के रविवार देर रात या सोमवार सुबह चीन के झेजियांग अथवा पड़ोसी फुजियान प्रांत के तटीय क्षेत्र में पहुंचने की संभावना जताई गई है। इसके मद्देनजर रविवार सुबह रेड टाइफून अलर्ट जारी किया गया। यह तूफान से संबंधित सबसे गंभीर चेतावनी का स्तर है। झेजियांग के मध्य और पूर्वी हिस्सों में बेहद भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार शंघाई के अलावा फुजियान, अनहुई और जिआंग्सू प्रांतों के कुछ हिस्सों में सोमवार दोपहर तक भारी बारिश जारी रह सकती है। जमीन से टकराने के बाद तूफान के धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है। इसके बाद इसके पूर्वी चीन में उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने का अनुमान है।

    टाइफून डॉल्फिन का असर चीन पहुंचने से पहले जापान के ओकिनावा क्षेत्र में भी देखा गया। वहां भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण सात लोगों को मामूली चोटें आईं। घायलों में 100 साल से अधिक उम्र का एक व्यक्ति भी शामिल है, जो तेज हवाओं की चपेट में आकर गिर गया और उसके सिर में चोट लगी। रविवार दोपहर तक ओकिनावा में करीब 5,290 घरों की बिजली आपूर्ति बाधित थी।

    ताइवान में भी तूफान के प्रभाव के कारण रविवार को द्वीप के उत्तरी हिस्से में तेज हवाओं और भारी बारिश की स्थिति बनी रही। खराब मौसम के चलते दर्जनों फेरी सेवाएं रोक दी गईं, जबकि 180 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। समुद्री और हवाई परिवहन पर पड़े इस असर से यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    चीन में तूफान के संभावित प्रभाव वाले क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। फुजियान में शनिवार शाम तक करीब 99 हजार लोगों को जोखिम वाले इलाकों से हटाया गया। झेजियांग और फुजियान में 200 से अधिक फेरी मार्गों पर सेवाएं रोक दी गई हैं।

    तटीय और समुद्री गतिविधियों पर भी व्यापक रोक लगाई गई है। शुक्रवार सुबह तक 474 निर्माण जहाजों को बंदरगाहों पर वापस बुला लिया गया था। ऑफशोर परियोजनाओं पर काम रोक दिया गया है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में कुछ ट्रेन सेवाएं भी अस्थायी रूप से बंद की गई हैं।

    डॉल्फिन से करीब दो सप्ताह पहले दक्षिणी ग्वांगडोंग प्रांत में टाइफून नौल ने दस्तक दी थी। उस समय इसे इस साल चीन में पहुंचा सबसे शक्तिशाली तूफान बताया गया था। चीन पहुंचने से पहले नौल ने फिलीपींस में भी भारी असर डाला था, जहां तीन लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों घर क्षतिग्रस्त हुए थे। ऐसे में डॉल्फिन के संभावित प्रभाव को देखते हुए चीन के तटीय प्रशासन ने परिवहन, निकासी और आपदा प्रबंधन से जुड़े उपायों को प्राथमिकता दी है।

  • भारतीय नागरिकों से यात्रा टालने और उपलब्ध उड़ानों से जल्द देश छोड़ने की अपील..

    भारतीय नागरिकों से यात्रा टालने और उपलब्ध उड़ानों से जल्द देश छोड़ने की अपील..

    नई दिल्ली । ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति को एक बार फिर गंभीर बना दिया है। लगातार हो रही सैन्य कार्रवाई और अस्थिर हालात के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए अहम यात्रा सलाह जारी करते हुए उन्हें अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए भारतीय नागरिक अनावश्यक रूप से ईरान की यात्रा करने से बचें और जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते, अपनी यात्रा स्थगित रखें।

    भारतीय दूतावास की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि हाल के दिनों में ईरान के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा जोखिम लगातार बढ़ा है। इसी कारण उन भारतीय नागरिकों को विशेष सलाह दी गई है जो किसी भी उद्देश्य से ईरान जाने की योजना बना रहे हैं। दूतावास का कहना है कि मौजूदा हालात में यात्रा टालना ही सबसे सुरक्षित विकल्प होगा। सुरक्षा स्थिति में सुधार होने के बाद ही यात्रा संबंधी निर्णय लेने पर विचार किया जाना चाहिए।

    एडवाइजरी में उन भारतीय नागरिकों के लिए भी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं जो पहले से ईरान में मौजूद हैं। दूतावास ने उन्हें उपलब्ध वाणिज्यिक उड़ानों का उपयोग करते हुए अस्थायी रूप से ईरान छोड़ने पर विचार करने की सलाह दी है। इसका उद्देश्य किसी भी संभावित सुरक्षा जोखिम से भारतीय नागरिकों को सुरक्षित रखना है। साथ ही यह भी कहा गया है कि यात्रा संबंधी निर्णय लेते समय उपलब्ध विकल्पों और स्थानीय परिस्थितियों का ध्यान रखा जाए।

    जो भारतीय नागरिक फिलहाल ईरान में ही रहने का निर्णय लेते हैं, उन्हें अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। दूतावास ने कहा है कि सभी नागरिक स्थानीय घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए रखें और किसी भी प्रकार की सैन्य गतिविधि वाले क्षेत्रों से दूर रहें। विशेष रूप से ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों और संवेदनशील सैन्य क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। इसके अलावा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सभी सुरक्षा निर्देशों और प्रतिबंधों का पूरी तरह पालन करने को कहा गया है।

    भारतीय दूतावास ने ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों से जल्द से जल्द अपना पंजीकरण कराने की अपील भी की है। जिन लोगों ने अब तक दूतावास के पास अपना विवरण दर्ज नहीं कराया है, उन्हें तत्काल पंजीकरण कराने के लिए कहा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में उनसे आसानी से संपर्क किया जा सके और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके। साथ ही नागरिकों से दूतावास की आधिकारिक सूचनाओं पर नियमित नजर बनाए रखने की भी सलाह दी गई है।

    क्षेत्र में जारी तनाव के कारण सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। भारत सरकार भी अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हालात की लगातार समीक्षा कर रही है। यदि क्षेत्रीय परिस्थितियों में कोई बड़ा बदलाव होता है तो उसके अनुरूप नई सलाह और आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं। फिलहाल सरकार का जोर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, उन्हें जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रखने और आवश्यक होने पर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की तैयारी बनाए रखने पर है। ऐसी स्थिति में नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें, केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और जारी सुरक्षा निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।

  • ईमेल से मिली बम धमकी के बाद ISRO परिसर में हाई अलर्ट, सुरक्षा एजेंसियों का व्यापक सर्च ऑपरेशन; स्रोत की पड़ताल जारी

    ईमेल से मिली बम धमकी के बाद ISRO परिसर में हाई अलर्ट, सुरक्षा एजेंसियों का व्यापक सर्च ऑपरेशन; स्रोत की पड़ताल जारी

    नई दिल्ली । बेंगलुरु स्थित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के न्यू BEL रोड परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सतर्क कर दी गई। धमकी भरा ईमेल प्राप्त होते ही एहतियात के तौर पर पूरे परिसर को तत्काल खाली कराया गया और सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई तथा सभी प्रवेश और निकास बिंदुओं पर निगरानी बढ़ा दी गई।

    सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, बम निरोधक दस्ता और अन्य सुरक्षा इकाइयों की टीमें मौके पर पहुंचीं। इसके बाद भवन और परिसर के प्रत्येक हिस्से की सावधानीपूर्वक जांच की गई। कई घंटों तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान किसी भी प्रकार का विस्फोटक, संदिग्ध सामग्री या सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाली वस्तु बरामद नहीं हुई। प्रारंभिक जांच में धमकी को फर्जी माना जा रहा है, हालांकि सुरक्षा एजेंसियां मामले को पूरी गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।

    अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों से जुड़ी किसी भी प्रकार की धमकी को हल्के में नहीं लिया जा सकता। यही कारण है कि सूचना मिलते ही निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार परिसर को खाली कराया गया और विशेषज्ञ टीमों की निगरानी में विस्तृत तलाशी अभियान चलाया गया। जांच पूरी होने तक सुरक्षा व्यवस्था को अतिरिक्त रूप से मजबूत रखा गया।

    जांच एजेंसियां अब धमकी भरे ईमेल के स्रोत, उसकी तकनीकी जानकारी और उसे भेजने वाले व्यक्ति या समूह की पहचान करने में जुटी हैं। डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ईमेल किस माध्यम से भेजा गया और इसके पीछे किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है। साइबर विशेषज्ञ भी तकनीकी जांच में सहयोग कर रहे हैं।

    हाल के समय में कई सरकारी संस्थानों, न्यायिक परिसरों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य सार्वजनिक प्रतिष्ठानों को भी इसी प्रकार के धमकी भरे ईमेल प्राप्त होने की घटनाएं सामने आई हैं। अधिकांश मामलों में तलाशी के दौरान कोई विस्फोटक नहीं मिला, लेकिन प्रत्येक सूचना पर सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ कार्रवाई कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

    इसी क्रम में एक संदिग्ध व्यक्ति को विभिन्न संस्थानों को कथित रूप से फर्जी बम धमकी वाले ईमेल भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या वर्तमान घटना का उससे कोई संबंध है या यह मामला अलग है। फिलहाल इस संबंध में विस्तृत जांच जारी है और सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।

    सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि संबंधित परिसर पूरी तरह सुरक्षित है और सामान्य स्थिति बहाल करने की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी या अफवाह पर विश्वास न करें तथा केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। मामले की जांच पूरी होने तक सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाएगी।

  • क्षेत्रीय तनाव के बीच भारतीय दूतावास का बड़ा निर्देश, ईरान में रह रहे नागरिकों से तत्काल सुरक्षित वापसी का आग्रह

    क्षेत्रीय तनाव के बीच भारतीय दूतावास का बड़ा निर्देश, ईरान में रह रहे नागरिकों से तत्काल सुरक्षित वापसी का आग्रह

    नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में लगातार बिगड़ते सुरक्षा हालात और क्षेत्रीय तनाव के बीच भारत सरकार ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एक नई एडवाइजरी जारी की है। भारतीय दूतावास ने नागरिकों से सतर्क रहने का आग्रह करते हुए स्पष्ट रूप से कहा है कि जो भारतीय अभी ईरान में मौजूद हैं, वे उपलब्ध परिवहन साधनों का उपयोग कर जल्द से जल्द वहां से निकलने की व्यवस्था करें। साथ ही भारत से ईरान की यात्रा करने की योजना बना रहे लोगों को फिलहाल अपनी यात्रा स्थगित करने की सलाह भी दी गई है।

    यह एडवाइजरी ऐसे समय में जारी की गई है जब पश्चिम एशिया के कई हिस्सों में सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं। क्षेत्र में जारी घटनाक्रमों ने कई देशों को अपने नागरिकों के लिए यात्रा संबंधी चेतावनियां जारी करने के लिए मजबूर किया है। भारत ने भी अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एहतियाती कदम उठाया है।

    भारतीय दूतावास ने अपने आधिकारिक संदेश में कहा है कि हालिया परिस्थितियों को देखते हुए पहले जारी की गई सलाह को दोहराया जा रहा है। दूतावास ने भारतीय नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और स्थिति सामान्य होने तक ईरान जाने की योजना न बनाएं। इसके अलावा वहां पहले से मौजूद लोगों को स्थानीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है।

    विदेश मंत्रालय और भारतीय मिशन क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। दूतावास भारतीय समुदाय के साथ संपर्क में है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराने की तैयारी भी रखी जा रही है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय संकट की स्थिति में समय रहते जारी की गई यात्रा सलाह नागरिकों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे मामलों में सरकारें संभावित जोखिमों का आकलन कर अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह देती हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

    ईरान में भारतीय समुदाय का एक हिस्सा व्यापार, शिक्षा, चिकित्सा और अन्य पेशेवर गतिविधियों से जुड़ा हुआ है। ऐसे में एडवाइजरी का उद्देश्य वहां रह रहे लोगों को सुरक्षा संबंधी जोखिमों के प्रति जागरूक करना और आवश्यक सावधानियां अपनाने के लिए प्रेरित करना है। अधिकारियों ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे अपने यात्रा दस्तावेज तैयार रखें और स्थानीय प्रशासन तथा भारतीय दूतावास द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

    पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर केवल सुरक्षा मामलों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय परिवहन सेवाओं पर भी पड़ रहा है। यही कारण है कि कई देश अपने नागरिकों को सतर्क रहने और प्रभावित क्षेत्रों की यात्रा से बचने की सलाह दे रहे हैं।

    भारत सरकार की यह नई एडवाइजरी दर्शाती है कि क्षेत्रीय परिस्थितियों को गंभीरता से लिया जा रहा है और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च महत्व दिया जा रहा है। आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाते हैं, इस पर नजर बनी रहेगी, लेकिन फिलहाल भारतीय नागरिकों को सतर्कता बरतने और आधिकारिक सलाह का पालन करने की आवश्यकता बताई गई है।