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  • CEC विवाद पर NDA नेताओं का विपक्ष पर हमला, बोले आंदोलन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन अराजकता फैलाने की अनुमति किसी को नहीं

    CEC विवाद पर NDA नेताओं का विपक्ष पर हमला, बोले आंदोलन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन अराजकता फैलाने की अनुमति किसी को नहीं

    नई दिल्ली ।मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) से जुड़े विवाद और विपक्षी गठबंधन इंडिया तथा CJP के विरोध प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र में आंदोलन करना सभी का अधिकार है, लेकिन इसके नाम पर अराजकता फैलाना उचित नहीं है। नेताओं ने चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत करने की जरूरत पर भी जोर दिया। इस मुद्दे पर भाजपा, जनता दल यूनाइटेड और बिहार सरकार के नेताओं ने अलग-अलग बयान देते हुए विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठाए।

    भाजपा नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि भारतीय संविधान सभी को आंदोलन करने का अधिकार देता है, लेकिन किसी को भी अराजक स्थिति पैदा करने की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि आंदोलन का अर्थ अराजकता नहीं हो सकता। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे किसी के दबाव में न आएं और न ही किसी के बहकावे में आकर कदम उठाएं। तिवारी ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं के बाद दो से तीन महीने के भीतर उसने नया राजनीतिक एजेंडा सामने रख दिया और अब चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है। उनके अनुसार, इस तरह के आरोप लोकतंत्र और संविधान को बदनाम करने का प्रयास हैं।

    मृत्युंजय तिवारी ने विपक्ष के विरोध प्रदर्शन को लेकर यह आरोप भी लगाया कि कुछ राजनीतिक समूह विदेशी शक्तियों के इशारे पर काम कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष की गतिविधियों और उसके राजनीतिक उद्देश्यों पर सवाल उठाए। उनके बयान में आंदोलन के अधिकार और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के बीच अंतर पर जोर दिया गया। NDA नेताओं का कहना है कि विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए और उसके जरिए अव्यवस्था पैदा करने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए।

    जनता दल यूनाइटेड के नेता श्याम रजक ने कहा कि लोकतंत्र में आंदोलन करना गलत नहीं है। यदि किसी व्यक्ति या संगठन को विरोध दर्ज कराना है, तो वह लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर सकता है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी आंदोलन के अधिकार का समर्थन करती है, लेकिन प्रशासन की भी जिम्मेदारी है कि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे। रजक के मुताबिक, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को कई तरह के फैसले लेने पड़ते हैं और दिल्ली में उठाए गए कदमों को इसी प्रशासनिक दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए।

    राष्ट्रपति के समक्ष इंडिया गठबंधन की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग के बारे में रजक ने कहा कि राष्ट्रपति ने साक्ष्य मांगे हैं और सुप्रीम कोर्ट भी प्रमाणों की अपेक्षा कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास अपने दावों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं और वह बिना प्रमाण के बातें कर रहा है। रजक ने कहा कि केवल आरोप लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें साबित करने के लिए साक्ष्य प्रस्तुत करना जरूरी है। उन्होंने विपक्ष पर जनता को भ्रमित करके सत्ता हासिल करने और परिवारवाद तथा भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। उनके अनुसार, जनता ऐसे राजनीतिक प्रयासों को पहले ही खारिज कर चुकी है।

    बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने राहुल गांधी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने वोट चोरी से जुड़े सबूत जमा करने की बात कही थी। श्रवण कुमार ने कहा कि राहुल गांधी कोई कागज जमा नहीं करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी चुनाव से पहले बिहार सहित देश के विभिन्न हिस्सों में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक अभियान चलाते हैं। मंत्री ने कहा कि जहां विपक्ष की सरकार बनती है, वहां वह वोट चोरी का आरोप नहीं लगाता, जबकि बिहार में NDA की सरकार बनने पर ऐसे आरोप लगाए जाते हैं। उन्होंने विपक्ष के इस रुख पर सवाल उठाते हुए चुनाव संबंधी दावों के समर्थन में प्रमाण पेश करने की जरूरत दोहराई। इस तरह CEC विवाद को लेकर NDA और विपक्ष के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।