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  • इंदौर में MCA छात्रा ने लगाई फांसी: परीक्षा के तनाव में उठाया खौफनाक कदम, कमरे में मिला शव

    इंदौर में MCA छात्रा ने लगाई फांसी: परीक्षा के तनाव में उठाया खौफनाक कदम, कमरे में मिला शव


    मध्यप्रदेश । इंदौर के परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए अपने घर से दूर रहकर पढ़ाई कर रही एक 22 वर्षीय छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शुरुआती जांच में परीक्षा के दबाव और मानसिक तनाव को इस घटना की संभावित वजह माना जा रहा है। घटना के बाद छात्रा के परिवार और दोस्तों में गहरा शोक व्याप्त है।

    पुलिस के अनुसार मृतक छात्रा रेखा गाढे बुरहानपुर की रहने वाली थी और पिछले करीब एक वर्ष से इंदौर में रहकर MCA की पढ़ाई कर रही थी। वह चमेली देवी कॉलेज की छात्रा थी और वर्तमान में सेकंड सेमेस्टर की परीक्षाएं दे रही थी। पढ़ाई में मेहनती मानी जाने वाली रेखा पिछले कुछ दिनों से मानसिक रूप से परेशान चल रही थी।

    जानकारी के मुताबिक रविवार शाम उसकी सहेलियों ने उसे राजबाड़ा घूमने चलने के लिए कहा था, लेकिन उसने जाने से इनकार कर दिया। सहेलियां उसे अकेला छोड़कर घूमने चली गईं। देर रात जब वे वापस लौटीं तो कमरे का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। रेखा कमरे में फांसी के फंदे पर लटकी हुई थी। सहेलियों ने तत्काल आसपास के लोगों और पुलिस को सूचना दी।

    घटना की जानकारी मिलते ही परदेशीपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने छात्रा के कमरे की तलाशी ली, लेकिन वहां से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। ऐसे में आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    पुलिस द्वारा सहेलियों और परिचितों से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि रेखा परीक्षा को लेकर काफी तनाव में थी। उसके कुछ पेपर उम्मीद के मुताबिक नहीं हुए थे, जिससे वह निराश और चिंतित रहने लगी थी। सहेलियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से वह पढ़ाई पर ठीक से ध्यान नहीं दे पा रही थी और अक्सर उदास दिखाई देती थी।

    पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। परिजन इंदौर पहुंच रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

    यह घटना एक बार फिर विद्यार्थियों पर बढ़ते शैक्षणिक दबाव और मानसिक तनाव की गंभीर समस्या को सामने लाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा में अपेक्षित प्रदर्शन न होने पर छात्रों को निराशा के बजाय परिवार, मित्रों और शिक्षकों से संवाद करना चाहिए। मानसिक तनाव की स्थिति में समय रहते परामर्श और सहायता प्राप्त करना बेहद आवश्यक है।

    फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि छात्रा ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया। पूरे मामले ने कॉलेज और छात्र समुदाय को भी गहरे सदमे में डाल दिया है।

  • बोर्ड एग्जाम में घबराहट और भूलने की समस्या से कैसे निपटें..

    बोर्ड एग्जाम में घबराहट और भूलने की समस्या से कैसे निपटें..


    नई दिल्ली।बोर्ड एग्जाम का समय छात्रों के लिए हमेशा तनावपूर्ण होता है। कई बार ऐसा होता है कि घंटों पढ़ाई करने के बाद भी पेपर हाथ में आते ही सब कुछ भूल जाता है। यह सिर्फ छात्रों की कमजोरी नहीं, बल्कि एक सामान्य मानसिक प्रतिक्रिया है। कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल, नवी मुंबई के कंसल्टेंट साइकियाट्रिक डॉक्टर पार्थ नागड़ा के अनुसार यह स्ट्रेस और घबराहट का परिणाम होता है। परीक्षाएं आपकी याददाश्त और समझने की क्षमता को परखने का तरीका हैं। इसलिए पॉजिटिव सोच और आत्मविश्वास के साथ इन पर काबू पाना जरूरी है।

    डॉक्टर कहते हैं कि खुद को पॉजिटिव कल्पना में देखें। उदाहरण के लिए सोचें कि आप स्कूल टॉपर बन रहे हैं और अपने जीवन में खुशहाल और संतुलित भविष्य जी रहे हैं। यह मानसिक तैयारी आपको परीक्षा में घबराहट कम करने में मदद करेगी। इतना ही नहीं, यह समझना भी महत्वपूर्ण है कि परीक्षा सफलता का केवल एक तरीका है, जीवन में अन्य विकल्प भी मौजूद हैं।

    पढ़ाई की तैयारी के टिप्स:
    छोटे और आसान लक्ष्य तय करें। उदाहरण के लिए 25–30 मिनट पढ़ें, 10 मिनट रिवीजन करें और 15 मिनट ब्रेक लें। खुद के नोट्स बनाएं क्योंकि लिखने से याददाश्त तेज होती है। कठिन टॉपिक्स को छोटे हिस्सों में बांटकर अभ्यास करें और आत्मविश्वास बनाए रखें। डायग्राम और चित्रों का इस्तेमाल याददाश्त बढ़ाने में मदद करता है। पढ़ाई के लिए टाइम टेबल तय करें और रोज 7–8 घंटे नींद लें। नींद के दौरान पढ़ा हुआ लंबे समय तक याद रहता है। दोस्तों के साथ मिलकर पढ़ाई करें और घर का पौष्टिक खाना खाएं। रोज 30 मिनट हल्की एक्सरसाइज से दिमाग सक्रिय रहता है।

    परीक्षा का सामना करने के टिप्स:
    आखिरी समय की पढ़ाई से बचें। इससे आत्मविश्वास कमजोर होता है और तनाव बढ़ता है। परीक्षा से एक दिन पहले बैग, पैन-पेंसिल, हॉल टिकट जैसी जरूरी चीजें तैयार रखें। खुद की तुलना दूसरों से न करें। हर छात्र की अपनी ताकत और कमजोरियां होती हैं। इंटरनेट और सोशल मीडिया से दूरी बनाएं। आराम के लिए म्यूजिक सुनें, हल्की टहलें या दोस्तों से बात करें।

    डॉक्टर बताते हैं कि अगर अत्यधिक घबराहट या पैनिक अटैक हो तो गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज, योग और मेडिटेशन अपनाएं। फिर भी अगर राहत न मिले तो किसी अच्छे साइकियाट्रिस्ट से परामर्श जरूर लें।

    इस तरह, पढ़ाई और परीक्षा की सही तैयारी, पॉजिटिव सोच और मानसिक संतुलन के जरिए छात्र अपनी घबराहट को कम कर सकते हैं और बोर्ड एग्जाम का सामना आत्मविश्वास के साथ कर सकते हैं। याद रखें, असफलता भी सफलता का हिस्सा है और उससे सीखकर आगे बढ़ना सबसे महत्वपूर्ण है।

  • 6 फरवरी को देशभर में राष्ट्रीय आयोजन, मध्यप्रदेश के सभी स्कूलों में होगा सीधा प्रसारण

    6 फरवरी को देशभर में राष्ट्रीय आयोजन, मध्यप्रदेश के सभी स्कूलों में होगा सीधा प्रसारण


    मध्यप्रदेश । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 फरवरी को देशभर के विद्यार्थियों के साथ परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के तहत संवाद करेंगे। यह आयोजन विद्यार्थियों को परीक्षा के तनाव से मुक्त करने और सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। परीक्षा पे चर्चा का यह राष्ट्रीय आयोजन शुक्रवार को आयोजित होगा और इसका सीधा प्रसारण देशभर में किया जाएगा।

    मध्यप्रदेश में भी इस कार्यक्रम को विशेष रूप से आयोजित किया जा रहा है। प्रदेश के सभी शासकीय अशासकीय और शासन से अनुदान प्राप्त विद्यालयों में परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया जाएगा। राज्य स्तरीय कार्यक्रम राजधानी भोपाल के शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित किया जाएगा जिसमें विशिष्ट जन वरिष्ठ अधिकारी और अभिभावक विद्यार्थियों के साथ कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे।स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह इस अवसर पर नरसिंहपुर जिले के चावरपाठा विकासखंड के ग्राम तेंदूखेड़ा स्थित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों के बीच उपस्थित रहेंगे और कार्यक्रम के सजीव प्रसारण में सहभागिता करेंगे।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2018 से लगातार परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों से संवाद कर रहे हैं। यह कार्यक्रम इस वर्ष अपने नौवें संस्करण में प्रवेश कर चुका है। कार्यक्रम 6 फरवरी को प्रातः 10 बजे नई दिल्ली से आयोजित किया जाएगा। इस दौरान प्रधानमंत्री विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए सवालों के उत्तर देंगे और परीक्षा से जुड़े मानसिक दबाव चिंता और तनाव से निपटने के उपाय साझा करेंगे।

    कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दूरदर्शन के विभिन्न चैनलों डीडी नेशनल डीडी न्यूज डीडी इंडिया ऑल इंडिया रेडियो के सभी चैनलों पीएमओ वेबसाइट mygov.in यूट्यूब एमओई फेसबुक लाइव स्वयंप्रभा चैनल दीक्षा चैनल के साथ साथ विभिन्न रेडियो चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे नेटफ्लिक्स जियो हॉटस्टार और अमेजन प्राइम वीडियो पर भी किया जाएगा। अन्य निजी चैनलों द्वारा भी कार्यक्रम का प्रसारण किया जाएगा।

    प्रदेश में परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में सहभागिता के लिए एक दिसंबर से ग्यारह जनवरी तक ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा दी गई थी। इस दौरान मध्यप्रदेश से कक्षा छठवीं से बारहवीं तक के 22 लाख 95 हजार से अधिक विद्यार्थियों 1 लाख 28 हजार से अधिक शिक्षकों और 17 हजार से अधिक अभिभावकों सहित कुल 24 लाख 41 हजार 390 लोगों ने पंजीयन कर सहभागिता दर्ज कराई।

    स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों और प्रदेश के सभी विद्यालयों में कार्यक्रम को समारोहपूर्वक आयोजित किया जाएगा। विद्यालयों में टीवी प्रसारण के साथ साथ इंटरनेट आधारित उपकरणों जैसे कंप्यूटर और लैपटॉप पर भी कार्यक्रम देखने की व्यवस्था की जा रही है। कार्यक्रम के सुचारू आयोजन को लेकर सभी कलेक्टरों और मैदानी अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।