Tag: Excise Department Raid

  • भोपाल में एक्टिवा-जूपिटर से शराब की अवैध सप्लाई, आबकारी विभाग की घेराबंदी में दो पकड़े, होटल-ढाबों पर भी छापे

    भोपाल में एक्टिवा-जूपिटर से शराब की अवैध सप्लाई, आबकारी विभाग की घेराबंदी में दो पकड़े, होटल-ढाबों पर भी छापे


    भोपाल। दीपावली से पहले भोपाल में अवैध शराब की बिक्री और सप्लाई पर लगाम लगाने के लिए आबकारी विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात विभाग की अलग-अलग टीमों ने शहर में कार्रवाई करते हुए दो लोगों को दोपहिया वाहनों से अवैध शराब का परिवहन करते पकड़ा। इसके अलावा होटल रेस्टोरेंट और ढाबों पर भी सर्चिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान अवैध रूप से शराब पिलाने और नियमों के उल्लंघन से जुड़े 10 से अधिक प्रकरण दर्ज किए गए। विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य त्योहार के दौरान अवैध शराब की सप्लाई और सार्वजनिक स्थानों पर नियमों के विपरीत शराब सेवन पर रोक लगाना है।

    आबकारी कंट्रोलर वर्षा उइके के मुताबिक सहायक जिला आबकारी अधिकारी अर्चना जैन और उनकी टीम ने घोड़ा नक्काश निवासी चंचल साहू को एक्टिवा से अवैध रूप से शराब का परिवहन करते पकड़ा। कार्रवाई के बाद जब उसके घर की तलाशी ली गई तो वहां से विदेशी शराब की 15 बोतलें भी मिलीं। विभाग ने शराब जब्त कर मामले में नियमानुसार कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों की जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि बरामद शराब कहां से लाई गई थी और इसकी सप्लाई किन लोगों तक की जानी थी।

    पीएंडटी चौराहे के पास जूपिटर से शराब ले जाते पकड़ा

    इसी अभियान के दौरान सहायक जिला आबकारी अधिकारी शरद मिश्रा और उनकी टीम ने पीएंडटी चौराहे के पास एक अन्य व्यक्ति को जूपिटर स्कूटर से अवैध शराब की सप्लाई करते पकड़ा। उसके खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)(क) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। विभाग ने शराब के अवैध परिवहन को गंभीरता से लेते हुए आगे की वैधानिक कार्रवाई की। अधिकारियों का मानना है कि दोपहिया वाहनों के जरिए शराब की छोटी खेप एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाई जा सकती है। ऐसे मामलों को रोकने के लिए रात के समय निगरानी और जांच अभियान चलाया जा रहा है।

    होटल रेस्टोरेंट और ढाबों पर भी जांच

    दोपहिया वाहनों से शराब की सप्लाई के मामलों के अलावा आबकारी विभाग ने शहर के होटल रेस्टोरेंट और ढाबों पर भी सर्चिंग की। सहायक जिला आबकारी अधिकारी प्रीति उइके की टीम ने बैरागढ़ क्षेत्र में कार्रवाई की जबकि उप निरीक्षक स्वाति बघेल की टीम ने करोंद क्षेत्र में संचालित प्रतिष्ठानों की जांच की। इस दौरान शराब के अवैध सेवन और संबंधित नियमों के उल्लंघन को लेकर 10 से अधिक प्रकरण बनाए गए। विभाग की टीमों ने प्रतिष्ठानों में शराब परोसने और उसके सेवन से जुड़े नियमों की जांच की।

    त्योहार से पहले बढ़ाई निगरानी

    सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र सिंह धाकड़ ने बताया कि विभाग की टीमें रोजाना शहर के अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई कर रही हैं। त्योहारों के दौरान शराब की मांग बढ़ने की आशंका को देखते हुए अवैध कारोबार पर निगरानी रखी जा रही है। रात में चलने वाले होटल ढाबों और रेस्टोरेंट पर भी जांच की जा रही है ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

    भोपाल में हुई इस कार्रवाई के बाद आबकारी विभाग ने साफ किया है कि अवैध शराब के परिवहन और नियमों के विपरीत शराब पिलाने के मामलों में सख्ती जारी रहेगी। विभाग की जांच में आगे यदि अन्य लोगों या प्रतिष्ठानों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

  • भोपाल में कहां चल रहा था कच्ची शराब का धंधा, आधी रात छापे में टंकियों से मिला 1600 लीटर शराब का भंडार

    भोपाल में कहां चल रहा था कच्ची शराब का धंधा, आधी रात छापे में टंकियों से मिला 1600 लीटर शराब का भंडार

    भोपाल । राजधानी भोपाल में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए आबकारी विभाग ने रविवार रात शहर के अलग अलग इलाकों में सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान होटल ढाबों और रेस्टोरेंट में दबिश देकर अवैध शराब जब्त की गई। विभाग की कार्रवाई में एक ही दिन में 30 से ज्यादा प्रकरण बनाए गए। सबसे चौंकाने वाला मामला ग्राम बगोनिया से सामने आया जहां टंकियों में पानी की जगह हाथ भट्टी से तैयार की गई शराब भरकर रखी गई थी। आबकारी टीम ने मौके से करीब 1600 लीटर हाथ भट्टी शराब और लहान जब्त किया।

    आबकारी विभाग की यह कार्रवाई उपायुक्त आबकारी केसी अग्निहोत्री और सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र कुमार धाकड़ के निर्देश पर की गई। कंट्रोलर वर्षा उइके ने कार्रवाई के लिए अलग अलग टीमें गठित की थीं। ये टीमें रविवार रात शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचीं और संदिग्ध स्थानों पर जांच शुरू की। अभियान का उद्देश्य अवैध शराब की बिक्री और परिवहन पर रोक लगाना था। कार्रवाई के दौरान कई स्थानों पर जांच की गई और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर प्रकरण दर्ज किए गए।

    भीम नगर की झुग्गी बस्ती और टीला जमालपुरा क्षेत्र में भी आबकारी विभाग की टीम ने कार्रवाई की। सहायक जिला आबकारी अधिकारी शेखर लिखार ने भीम नगर क्षेत्र में जांच की जबकि सीमा कशीसिया की टीम ने टीला जमालपुरा में कार्रवाई की। इसी दौरान टीला जमालपुरा निवासी रमेश अडवाणी को ऑटो में देशी शराब ले जाते हुए पकड़ा गया। विभाग ने शराब के परिवहन से जुड़े मामले में कार्रवाई की।

    इस अभियान में ग्राम बगोनिया की कार्रवाई सबसे अहम रही। आबकारी उप निरीक्षक स्वाति बघेल ने टीम के साथ यहां दबिश दी। जांच के दौरान राहुल पिता प्रेम अहिरवार के पास से 1600 लीटर हाथ भट्टी शराब और लहान बरामद किया गया। जानकारी के मुताबिक शराब को टंकियों में भरकर रखा गया था। इतनी बड़ी मात्रा में शराब मिलने के बाद विभाग ने जब्ती की कार्रवाई की। हाथ भट्टी शराब के निर्माण और भंडारण से जुड़े इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई की गई।

    आबकारी विभाग ने भोपाल इंदौर रोड पर संचालित होटलों में भी जांच की। सहायक जिला आबकारी अधिकारी प्रीति उइके की टीम ने बैरागढ़ क्षेत्र के होटल रौनक होटल पटेल दआर्क किंग्स क्लबक बाना और बिग चिल की जांच की। टीम ने यहां शराब से संबंधित नियमों का परीक्षण किया और कार्रवाई की। इसके अलावा एमपी नगर क्षेत्र में होटल दिल्ली दरबार होटल वाइड और होटल एवेन्यू सहित अरेरा कॉलोनी के कुसीन कल्चर में भी जांच की गई।

    शरद मिश्रा और उनकी टीम ने इन स्थानों पर कार्रवाई की। विभाग के मुताबिक होटल और रेस्टोरेंट में की गई जांच के दौरान 26 प्रकरण दर्ज किए गए। अन्य इलाकों में हुई कार्रवाई को मिलाकर एक ही दिन में 30 से ज्यादा केस बनाए गए। इस अभियान के जरिए आबकारी विभाग ने अवैध शराब के भंडारण परिवहन और बिक्री के मामलों पर निगरानी बढ़ाने का संकेत दिया है।

    भोपाल में देर रात हुई इस कार्रवाई के बाद अब अवैध शराब के कारोबार से जुड़े मामलों पर विभाग की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। बड़ी मात्रा में हाथ भट्टी शराब और लहान की बरामदगी ने ग्रामीण क्षेत्र में अवैध शराब तैयार करने और उसे जमा करके रखने के मामले को सामने ला दिया है। वहीं शहर के होटलों और ढाबों में जांच से शराब संबंधी नियमों के पालन पर भी ध्यान केंद्रित हुआ है। आबकारी विभाग का यह अभियान अवैध शराब के कारोबार पर नियंत्रण की दिशा में की गई कार्रवाई के रूप में सामने आया है।

  • आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: इंदौर से 144 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त, आरोपी गिरफ्तार

    आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: इंदौर से 144 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त, आरोपी गिरफ्तार

    इंदौर । इंदौर में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित नेटवर्क का खुलासा किया है। शहर के तुलसी नगर क्षेत्र स्थित एक बंगले में संचालित अवैध शराब निर्माण इकाई पर छापा मारकर विभाग ने 144 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त की है। कार्रवाई के दौरान मौके से विनोद तलइया नामक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यहां तैयार की जा रही शराब की सप्लाई केवल इंदौर तक सीमित नहीं थी बल्कि राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों तक भी की जा रही थी।

    आबकारी विभाग के कंट्रोलर देवेश चतुर्वेदी ने बताया कि विभाग को मुखबिर के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई थी कि तुलसी नगर के एक बंगले में बड़े पैमाने पर अवैध शराब तैयार की जा रही है। सूचना की पुष्टि होने के बाद विशेष टीम का गठन कर मौके पर दबिश दी गई। छापेमारी के दौरान टीम को भारी मात्रा में अवैध शराब के साथ शराब निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और मशीनरी भी मिली। बरामद सामग्री को जब्त कर लिया गया है और पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

    पूछताछ में आरोपी विनोद तलइया ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। उसने स्वीकार किया कि तैयार शराब को इंदौर सहित राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में सप्लाई किया जाता था। जांच अधिकारियों के अनुसार यह कारोबार लंबे समय से संचालित किया जा रहा था और इसके जरिए बड़ी मात्रा में अवैध कमाई की जा रही थी। प्रारंभिक जानकारी में यह भी सामने आया है कि तैयार शराब को केसर कस्तूरी नाम से बाजार में बेचा जा रहा था।

    आबकारी विभाग को आशंका है कि बरामद शराब में ऐसे रसायनों का उपयोग किया गया हो सकता है जो मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक साबित हो सकते हैं। इसी संभावना को देखते हुए शराब के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि शराब में किन पदार्थों का इस्तेमाल किया गया था और उसके आधार पर आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    विभाग अब इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे और शराब की सप्लाई किन-किन जिलों तथा राज्यों तक की जा रही थी। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

    आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं अवैध शराब के निर्माण या बिक्री की जानकारी मिले तो तत्काल विभाग को सूचित करें ताकि समय रहते कार्रवाई कर जनस्वास्थ्य और कानून व्यवस्था को सुरक्षित रखा जा सके।