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  • दुबलेपन को न समझें अच्छी सेहत की निशानी, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया असली फिटनेस का वास्तविक पैमाना

    दुबलेपन को न समझें अच्छी सेहत की निशानी, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया असली फिटनेस का वास्तविक पैमाना

    नई दिल्ली :आधुनिक दौर में सोशल मीडिया के प्रभाव के कारण अधिकांश लोग पतले दिखने को ही अच्छी फिटनेस का पर्याय मानने लगे हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि केवल वजन कम होना या दुबला दिखना किसी व्यक्ति के पूर्ण स्वस्थ होने का प्रमाण नहीं है। वास्तविक फिटनेस का सीधा संबंध इस बात से है कि आपका शरीर दैनिक जीवन के कार्यों को कितनी सहजता और ऊर्जा के साथ पूरा करता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, केवल बाहरी शारीरिक बनावट के आधार पर किसी के स्वास्थ्य का सही आकलन नहीं किया जा सकता। यदि कोई व्यक्ति दिखने में सामान्य या पतला है, लेकिन दिनभर सुस्ती महसूस करता है, सीढ़ियां चढ़ने में हांफने लगता है या उसकी नींद पूरी नहीं होती, तो उसे पूर्णतः स्वस्थ नहीं माना जा सकता। असली फिटनेस शरीर को क्रियाशील, ऊर्जावान और बीमारियों से मुक्त बनाए रखने में निहित है।

    शारीरिक क्षमता का परीक्षण दैनिक गतिविधियों से होता है। थोड़ा सा चलने, वजन उठाने या सामान्य मेहनत के काम करने पर अत्यधिक थकान या सांस फूलना खराब कार्डियोवैस्कुलर फिटनेस का संकेत हो सकता है। यदि पहले की तुलना में सामान्य काम करने में भी परेशानी होने लगे, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय अपनी जीवनशैली और आहार में आवश्यक सुधार करना चाहिए।

    एक स्वस्थ शरीर के लिए लचीलापन और शारीरिक संतुलन भी बेहद महत्वपूर्ण घटक हैं। बिना किसी कठिनाई के झुकना, मुड़ना और दैनिक गतिविधियों के दौरान संतुलन बनाए रखना अच्छी शारीरिक स्थिति को दर्शाता है। बढ़ती उम्र के साथ शरीर की स्थिरता बनाए रखने के लिए नियमित रूप से हल्का व्यायाम और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करना बेहद लाभकारी सिद्ध होता है।

    शारीरिक संकेतकों की बात करें तो रेस्टिंग हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर स्वास्थ्य के महत्वपूर्ण पैमाना हैं। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, सामान्य स्थिति में नियंत्रित ब्लड प्रेशर और स्थिर हृदय गति अंदरूनी रूप से मजबूत शरीर का संकेत देती है। बाहर से फिट दिखने वाले व्यक्ति भी उच्च रक्तचाप या अन्य आंतरिक स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त हो सकते हैं, इसलिए नियमित जांच आवश्यक है।

    शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य का संतुलन भी उतना ही अनिवार्य है। अत्यधिक तनाव, चिड़चिड़ापन या उदासी व्यक्ति की कार्यक्षमता को प्रभावित करती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित शारीरिक गतिविधि न केवल मांसपेशियों को मजबूत करती है, बल्कि मानसिक तनाव को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करती है।

    मध्य प्रदेश सहित देशभर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों का सुझाव है कि लोग केवल वजन घटाने वाले भ्रामक पैमानों के पीछे न भागें। संतुलित पोषण, पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम और तनावमुक्त दिनचर्या को अपनाकर ही वास्तविक फिटनेस हासिल की जा सकती है। अपने शरीर के संकेतों को समझना और आंतरिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना ही लंबे समय तक स्वस्थ रहने का सबसे कारगर तरीका है।

  • हार्ट को रखना है हमेशा हेल्दी? आज ही छोड़ दें ये 5 खराब आदतें, कम होगा दिल की बीमारियों का खतरा

    हार्ट को रखना है हमेशा हेल्दी? आज ही छोड़ दें ये 5 खराब आदतें, कम होगा दिल की बीमारियों का खतरा


    नई दिल्ली।
    स्वस्थ और लंबी जिंदगी के लिए दिल का स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है। आधुनिक जीवनशैली, अनियमित खानपान और बढ़ते तनाव के कारण हृदय संबंधी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल उम्र या आनुवंशिक कारण ही नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की कई आदतें भी हार्ट हेल्थ को प्रभावित करती हैं। यदि समय रहते इन आदतों में सुधार कर लिया जाए तो हृदय रोगों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

    लंबे समय तक लगातार बैठे रहना दिल के लिए नुकसानदायक माना जाता है। ऑफिस में घंटों कुर्सी पर काम करना या घर पर लंबे समय तक मोबाइल और टीवी के सामने बैठे रहना ब्लड सर्कुलेशन को प्रभावित करता है। इससे वजन बढ़ने, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हृदय रोग का जोखिम बढ़ सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हर 45 से 60 मिनट के बाद कुछ मिनट टहलें या हल्की स्ट्रेचिंग जरूर करें।

    जरूरत से ज्यादा नमक और प्रोसेस्ड फूड का सेवन भी हार्ट हेल्थ के लिए हानिकारक हो सकता है। पैकेज्ड स्नैक्स, चिप्स, इंस्टेंट फूड और प्रोसेस्ड मीट में सोडियम की मात्रा अधिक होती है, जिससे रक्तचाप बढ़ सकता है और दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसके बजाय ताजे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और घर का संतुलित भोजन अधिक लाभकारी माना जाता है।

    पर्याप्त नींद न लेना भी दिल की सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकता है। लगातार कम नींद लेने से तनाव हार्मोन बढ़ सकते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर और शरीर का मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है। अधिकांश वयस्कों के लिए प्रतिदिन 7 से 9 घंटे की अच्छी गुणवत्ता वाली नींद जरूरी मानी जाती है।

    लगातार तनाव में रहना भी हृदय रोगों का बड़ा कारण बन सकता है। काम का दबाव, आर्थिक समस्याएं या निजी जीवन की परेशानियां लंबे समय तक बनी रहने पर रक्तचाप बढ़ सकता है। तनाव के कारण कई लोग धूम्रपान, अधिक भोजन या अन्य अस्वस्थ आदतों की ओर भी आकर्षित हो जाते हैं। नियमित योग, ध्यान, गहरी सांस लेने के अभ्यास और व्यायाम तनाव कम करने में मदद कर सकते हैं।

    धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन भी हृदय के लिए बेहद नुकसानदायक है। धूम्रपान रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा सकता है। वहीं अधिक मात्रा में शराब का सेवन ब्लड प्रेशर बढ़ाने के साथ हृदय की कार्यक्षमता पर भी असर डाल सकता है। इन आदतों से दूरी बनाना दिल की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, रोज कम से कम 30 मिनट शारीरिक गतिविधि करना, संतुलित आहार लेना, वजन और ब्लड प्रेशर की नियमित जांच कराना, तनाव को नियंत्रित रखना और किसी भी असामान्य लक्षण जैसे सीने में दर्द, सांस फूलना या अत्यधिक थकान महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना हृदय को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मददगार साबित हो सकता है।

  • Diabetes में भूलकर भी न खाएं ये 7 चीजें वरना सेहत को होगा भारी नुकसान

    Diabetes में भूलकर भी न खाएं ये 7 चीजें वरना सेहत को होगा भारी नुकसान


    नई दिल्ली । डायबिटीज में ब्लड शुगर का स्तर अनियंत्रित हो जाता है। अगर समय रहते खानपान और दिनचर्या पर ध्यान न दिया जाए तो यह बीमारी हार्ट अटैक किडनी फेल्योर आंखों की रोशनी जाने और स्ट्रोक जैसी जानलेवा समस्याओं का कारण बन सकती है। डायबिटीज एक गंभीर और लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारी है जिसमें ब्लड शुगर का स्तर अनियंत्रित हो जाता है।
    अगर समय रहते खानपान और दिनचर्या पर ध्यान न दिया जाए तो यह बीमारी हार्ट अटैक किडनी फेल्योर आंखों की रोशनी जाने और स्ट्रोक जैसी जानलेवा समस्याओं का कारण बन सकती हैखासतौर पर कुछ चीजें ऐसी हैं जिनका सेवन डायबिटीज मरीजों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। आइए जानते हैं उन चीजों के बारे में जिन्हें डायबिटीज के मरीजों को भूलकर भी नहीं खाना चाहिए।
    चीनी और मीठे पदार्थ
    डायबिटीज मरीजों के लिए सबसे बड़ा खतरा चीनी है। मिठाई केक पेस्ट्री चॉकलेट रसगुल्ला जलेबी और मीठे पेय पदार्थ ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा देते हैं। इससे शुगर लेवल अचानक हाई हो सकता है जो जान के लिए खतरा बन सकता है।
    मैदा और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट
    मैदा से बनी चीजें जैसे सफेद ब्रेड पिज्जा बर्गर नूडल्स और बिस्किट शरीर में जाकर तेजी से शुगर में बदल जाती हैं। इससे इंसुलिन का असर कम हो जाता है और ब्लड शुगर कंट्रोल से बाहर हो सकता है।

    तले-भुने और फास्ट फूड

    समोसा कचौरी फ्रेंच फ्राइज चिप्स और अन्य फास्ट फूड में ट्रांस फैट और कैलोरी अधिक होती है। ये न सिर्फ वजन बढ़ाते हैं बल्कि हार्ट डिजीज और इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा भी बढ़ाते हैं।

     मीठे फल और फ्रूट जूस

    आम चीकू केला अंगूर जैसे फलों में नेचुरल शुगर अधिक होती है। वहीं पैकेट वाले फ्रूट जूस में अतिरिक्त शुगर मिलाई जाती है। इनका अधिक सेवन ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकता है।

    शराब का सेवन

    शराब पीने से ब्लड शुगर कभी बहुत ज्यादा तो कभी बहुत कम हो सकता है। इससे हाइपोग्लाइसीमिया का खतरा बढ़ जाता है जो अचानक बेहोशी या जान जाने तक का कारण बन सकता है।

     ज्यादा नमक वाली चीजें

    अचार पापड़ नमकीन और प्रोसेस्ड फूड में नमक की मात्रा अधिक होती है। इससे हाई ब्लड प्रेशर और किडनी से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है जो डायबिटीज मरीजों के लिए बेहद खतरनाक है।

    मीठे डेयरी प्रोडक्ट्स

    फ्लेवर्ड योगर्ट मीठी लस्सी क्रीम और आइसक्रीम में शुगर और फैट दोनों ज्यादा होते हैं। ये ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाते हैं।

    क्या करें डायबिटीज मरीज

    डायबिटीज को कंट्रोल में रखने के लिए हरी सब्जियां साबुत अनाज दालें सलाद कम शुगर वाले फल नियमित व्यायाम और समय पर दवा बेहद जरूरी है। साथ ही नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच कराते रहें।डायबिटीज में छोटी-सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। अगर ऊपर बताई गई चीजों से दूरी बनाई जाए और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाई जाए तो इस बीमारी को लंबे समय तक कंट्रोल में रखा जा सकता है।