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  • सिंहस्थ: 2028 के दृष्टिगत मध्य प्रदेश में बढ़ाई जा रही रेल सुविधाएं : मुख्यमंत्री डॉ यादव

    सिंहस्थ: 2028 के दृष्टिगत मध्य प्रदेश में बढ़ाई जा रही रेल सुविधाएं : मुख्यमंत्री डॉ यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आगामी सिंहस्थ : 2028 के दृष्टिगत राज्य में रेलवे सुविधाओं के विस्तार का कार्य निरंतर चल रहा है। भोपाल को निशातपुरा के रूप में चौथे रेलवे स्टेशन की सौगात मिली है। इस रेलवे स्टेशन पर दो ट्रेनों के ठहराव (स्टापेज) होगा। निशातपुरा रुकने वाली ट्रेनें शिव और शक्ति की प्रतीक हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार शाम को भोपाल के नव विकसित निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर दो रेल गाड़ियों- डॉ. अंबेडकर नगर-श्रीमाता वैष्णोदेवी कटरा मालवा एक्सप्रेस और वेरावल-जबलपुर एक्सप्रेस ट्रेन के निशातपुर स्टेशन पर नए ठहराव (स्टॉपेज) के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मालवा एक्सप्रेस को झंडी दिखाकर रवाना किया।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है। हर विभाग में नए कीर्तिमान गढ़े जा रहे हैं। गत 12 साल में रेलवे का “न भूतो न भविष्यति” विकास हुआ है। भारतीय रेलवे में द्रुत गति से विकास कार्य हो रहे हैं। निशातपुरा स्टेशन के शुभारंभ से अब नई दिल्ली से उज्जैन-इंदौर की ओर जाने वाली रेलगाड़ियों को ट्रैक और इंजन बदलने की जरूरत नहीं होगी।

    अब नई दिल्ली से उज्जैन-इंदौर आने-जाने के लिए बचेगा समय

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय रेलवे के माध्यम से उज्जैन सिंहस्थ: 2028 को लेकर लगातार सौगातें मिल रही हैं। सिंहस्थ : 2028 के आयोजन में अनुमानित 40 करोड़ श्रद्धालु मध्य प्रदेश आएंगे। ऐसे में नए रेलवे स्टेशन यात्रियों की भीड़ का दबाव कम करने में अहम भूमिका निभाएंगे। निशातपुरा क्षेत्र में 14 करोड़ की लागत से विकसित निशातपुरा स्टेशन नागरिकों के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोलेगा। यहां अनेक नई सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। नई दिल्ली से उज्जैन-इंदौर आने-जाने के लिए समय बचेगा। भोपाल मुख्य स्टेशन जाए बिना डायरेक्ट ट्रेन मिलेगी।

    उन्होंने कहा कि जब किसी क्षेत्र में रेल लाइन आती है, तो यात्री सुविधाओं के साथ व्यापार, कृषि और माल ढुलाई आदि कार्यों में सुविधा मिलती है। प्रधानमंत्री मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव मध्य प्रदेश में रेल सुविधाओं के विस्तार के लिए पूर्ण सहयोग कर रहे हैं।

    मध्य प्रदेश के लिए भारत सरकार ने रेल बजट में की 24 गुना बढ़ोतरी

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे व्यापार-व्यवसाय की सुगमता और रोजगार बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। भारतीय रेल का नेटवर्क इतना बड़ा है, जिसमें कई देशों की कुल आबादी के बराबर लोग हमारी ट्रेनों में सफर कर रहे होते हैं। देश में रेलवे के 70 मंडल मुख्यालय हैं। मध्य प्रदेश में रेलवे ट्रैक का शत प्रतिशत विद्युतीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है। भारतीय रेलवे ने वंदे भारत एक्सप्रेस, अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी आधुनिक रेल गाड़ियों की शुरुआत की है। अब भोपाल के पास ट्रेनों के आधुनिक कोच तैयार किए जाएंगे।

    उन्होंने कहा कि देश के साथ ही मध्य प्रदेश बदल रहा है। वर्ष 2009 से 2014 तक मध्य प्रदेश में रेलवे का बजट केवल 632 करोड़ रुपये था, जो अब वर्ष 2026-27 तक 15 हजार 288 करोड़ रुपये हो गया है। भारत सरकार ने प्रदेश के लिए रेल बजट में 24 गुना वृद्धि की है। वर्तमान में मध्य प्रदेश में रेलवे के 1 लाख 18 हजार करोड़ लागत के नए कार्य जारी हैं। वर्ष 2014 के बाद प्रदेश में 2800 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइनों का निर्माण हुआ है, जो डेनमार्क देश की कुल सीमा से भी अधिक है।

    प्रतिदिन बिछाया जा रहा है 34 किलोमीटर रेलवे ट्रेक
    मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में जहां एक दिन में मात्र 4 किलोमीटर रेलवे ट्रैक तैयार होता था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में ट्रैक बिछाने की रफ्तार 34 किलोमीटर प्रतिदिन है। भोपाल में अब रानी कमलापति स्टेशन, भोपाल मेन स्टेशन, संत हिरदाराम स्टेशन और अब निशातपुरा स्टेशन हो गए हैं। मध्य प्रदेश को 13 नए अमृत स्टेशनों की सौगात मिली है। वडोदरा -रतलाम और इटारसी-भोपाल-बीना रूट पर तीसरी और चौथी रेल लाइन के काम चल रहे हैं। पहले कभी मीटर गेज लाइनें हुआ करती थीं, जो धीरे-धीरे ब्रॉडगेज हो गईं और ब्रॉडगेज डबल लाइन हो गईं। अब ट्रिपल और फोर लाइन का विकास हो रहा है।

    ध्य प्रदेश में रेल सुविधाएं बढ़ीं

    पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह ने कहा कि पश्चिम मध्य रेलवे अपने यात्रियों को सुरक्षित एवं सुगम यात्रा प्रदान करने के लिए अधोसंरचना के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में रेल मार्गों का विकास, आधुनिक ट्रेनों का संचालन, सेफ्टी और सिक्योरिटी में सुधार रेल यात्रा को नए आयाम प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यकाल में मध्य प्रदेश को रेलवे की अनेक सुविधाएं मिली हैं। खजुराहो से वाराणसी वंदेभारत एक्सप्रेस, रीवा-पुणे, डॉ. अंबेडकर नगर-गोंडा के लिए नई ट्रेनें शुरू की गई हैं। इसी अवधि में बीना-इटारसी और कटनी-बीना की तीसरी लाइन, कटनी अपग्रेड सेपरेटर, इटारसी के अप और डाउन ग्रेड सेपरेटर के साथ ही कटनी-सिंगरौली-रीवा-सतना रेल रूट का दोहरीकरण किया गया है।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में फ्लाई ओवर का शुभारंभ किया है, जिसमें मदन महल स्टेशन पर बना केबिल स्टे ब्रिज शामिल है। प्रदेश में 13 अमृत स्टेशनों का जीर्णोद्धार कार्य पूरा हो चुका है। स्टेशनों पर यात्रियों के लिए एस्केलेटर और एफओबी उपलब्ध कराए रहे हैं। भोपाल स्टेशन के पास बने निशातपुरा स्टेशन पर दो नई ट्रेनों के ठहराव से यात्रियों को भोपाल स्टेशन की भीड़भाड़ से राहत मिलेगी। पश्चिम मध्य रेलवे निशानपुरा स्टेशन को यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

    कार्यक्रम में विधायक विष्णु खत्री, महापौर मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, भोपाल मंडल रेल प्रबंधक पंकज त्यागी सहित पश्चिम मध्य रेलवे के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों ने रोड शो में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया और निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर गाड़ियों का ठहराव प्रारंभ होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।

  • UP में आज होगा योगी मंत्रिमंडल का विस्तार…. सरकार में शामिल होंगे 6 नए चेहरे

    UP में आज होगा योगी मंत्रिमंडल का विस्तार…. सरकार में शामिल होंगे 6 नए चेहरे


    लखनऊ।
    यूपी (UP) में आज योगी सरकार (Yogi Government) का मंत्रिमंडल विस्तार (Cabinet Expansion) होने जा रहा है। टीम योगी में छह नए चेहरे शामिल होंगे। शपथ ग्रहण समारोह रविवार को जनभवन में 3.30 से होगा। इससे पहले शनिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल (Governor Anandiben Patel) से मुलाकात कर मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले नामों की सूची दी। बता दें कि योगी कैबिनेट का यह दूसरा विस्तार है।

    टीम योगी के विस्तार में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी समेत मनोज पांडेय, पूजा पाल, सुरेंद्र दिलेर, कृष्णा पासवान और हंसराज विश्वकर्मा को मंत्रिमंडल में जगह मिलने जा रही है। देर रात तक जनभवन से सभी नए चेहरों को शपथ ग्रहण समारोह की सूचना भेज दी गई। योगी सरकार 2.0 का गठन 25 मार्च 2022 को हुआ था, तब मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्रियों सहित कुल 52 मंत्रियों ने शपथ ली थी। इनमें 18 कैबिनेट मंत्री, 14 स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री और 20 राज्य मंत्री शामिल थे। इसके बाद लोकसभा चुनाव से पहले 5 मार्च 2024 को पहला विस्तार हुआ, जिसमें ओमप्रकाश राजभर, अनिल कुमार, सुनील शर्मा और दारा सिंह चौहान को कैबिनेट में शामिल किया गया। तब मंत्रियों की संख्या बढ़कर 56 हो गई थी। हालांकि, जितिन प्रसाद और अनूप प्रधान के सांसद चुने जाने के बाद यह संख्या घटकर 54 रह गई।


    मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की भी संभावना

    इस बार के विस्तार में कुछ मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की भी संभावना जताई जा रही है। भाजपा इस विस्तार के जरिए सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण साधने के साथ विपक्ष के पीडीए फार्मूले का जवाब देने की रणनीति पर काम कर रही है। खास बात यह है कि संभावित नए मंत्रियों में मनोज पांडेय और पूजा पाल पहले समाजवादी पार्टी में थे और बाद में भाजपा में शामिल हुए थे।


    यूपी में अधिकतम 60 बन सकते हैं मंत्री

    यूपी में अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं। ऐसे में अगले साल प्रस्तावित चुनावों से पहले भाजपा मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण साधने की कोशिश में जुटी है। पार्टी नए चेहरों को शामिल कर विभिन्न वर्गों तक राजनीतिक संदेश पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रही है।

    महिला सशक्तिकरण और नारी शक्ति वंदन अभियान को आगे बढ़ाते हुए भाजपा इस विस्तार में महिला प्रतिनिधित्व पर भी जोर दे रही है। संभावित छह नए मंत्रियों में दो महिलाओं को मौका दिया जा रहा है, जिसे पार्टी महिला भागीदारी बढ़ाने के संदेश के तौर पर देख रही है। मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए भाजपा कई राजनीतिक लक्ष्य साधने की तैयारी में है। इसी को लेकर रविवार को गोपन विभाग सक्रिय रहा, जबकि राज्य संपत्ति विभाग को नए मंत्रियों के लिए आधा दर्जन गाड़ियां तैयार रखने के निर्देश दिए गए।

  • मध्य प्रदेश में दो वर्ष में 7.31 लाख हैक्टेयर सिंचाई क्षेत्र का हुआ विस्तार

    मध्य प्रदेश में दो वर्ष में 7.31 लाख हैक्टेयर सिंचाई क्षेत्र का हुआ विस्तार


    – मुख्यमंत्री ने की जल संसाधन विभाग की समीक्षा, कहा- प्रदेश की सिंचाई क्षमता 100 लाख हैक्टयर तक बढ़ाएंगे

    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में गत दो वर्ष में 7.31 लाख हैक्टयर क्षेत्र में नई सिंचाई क्षमता विकसित हुई है। प्रदेश की सिंचाई क्षमता में वर्ष 2026 तक 8.44 लाख हैक्टयर की वृद्धि होगी। प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र 100 लाख हैक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य लेकर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश की सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा प्रधानमंत्री गतिशक्ति पोर्टल का प्रयोग कर की जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को विधानसभा समिति कक्ष में जल संसाधन विभाग और नर्मदा घाटी विकास विभाग की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने पार्वती-काली-सिंध और चम्बल अंतर्राज्यीय लिंक परियोजना, केन-बेतवा अंतर्राज्यीय लिंक परियोजना की स्वीकृति और केंद्र सरकार के सहयोग को राज्य की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए राज्य में भी विभिन्न नदियों को जोड़ने के लिए नदी जोड़ो परियोजना के क्रियान्वयन के निर्देश दिए।

    बैठक में जल संसाधन विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि इस दिशा में राज्य में अध्ययन और सर्वेक्षण का कार्य किया गया है। राज्य में नदी जोड़ो परियोजना अंतर्गत उज्जैन जिले में कान्ह-गंभीर, मंदसौर, नीमच और उज्जैन में कालीसिंध-चंबल, सतना जिले में केन और मंदाकिनी, सिवनी एवं छिंदवाड़ा जिले में शक्कर पेंच और दूधी तामिया, रायसेन जिले में जामनेर नेवन और नेवन-बीना नदियों का सर्वेक्षण किया गया है। इस सभी के क्रियान्वयन से कुल 5 लाख 97 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जा सकेगी। इनकी अनुमानित लागत 9870 करोड़ रुपए होगी। सात जिलों के हजारों किसान इन योजनाओं से लाभान्वित होंगे।

    राज्य की नदियों में बाढ़, जल प्रबंधन, जल के समुचित उपयोग नदी कछारों में पर्याप्त जल की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के उद्देश्य से राज्य की नदियों को आपस में जोड़ने के लिए तकनीकी दल का गठन 13 नवम्बर 2024 को किया गया था।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल की झील की प्राचीन तकनीक का अध्ययन कर इस तर्ज पर कम लागत में सुरक्षित जलाशय एवं बांध निर्माण की अवधारणा पर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने भोपाल के इस मॉडल का प्रदर्शन करने के निर्देश भी विभाग को दिए। मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई कि राज्य में जल संसाधन और नर्मदा घाटी विकास विभाग द्वारा सिंचाई सुविधाओं के विस्तार का कार्य निरंतर किया जा रहा है।

    बैठक में बताया गया कि सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना उज्जैन जिसकी लागत 614.53 करोड़ रुपए है। इसकी भौतिक प्रगति 48 प्रतिशत है। इसी तरह कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना उज्जैन की लागत 919.94 करोड़ है। इस परियोजना की भौतिक प्रगति 42 प्रतिशत है। सिंहस्थ: 2028 में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाट निर्माण एवं संबद्ध कार्य किए जा रहे हैं, जिनकी लागत 778.91 करोड़ है। बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, मुख्य सचिव अनुराग जैन और संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    प्रमुख बिन्दु

    – प्रदेश में गत दो वर्ष में 7.31 लाख हैक्टयर क्षेत्र में नई सिंचाई क्षमता विकसित।
    – प्रदेश की सिंचाई क्षमता में वर्ष 2026 तक 8.44 लाख हैक्टयर की वृद्धि होगी।
    – प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र 100 लाख हैक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य।
    – प्रदेश की सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा प्रधानमंत्री गतिशक्ति पोर्टल का प्रयोग कर की जाएगी।
    – राज्य में भी विभिन्न नदियों को जोड़ने के लिए नदी जोड़ो परियोजना के क्रियान्वयन के निर्देश।
    – राज्य में नदी जोड़ो परियोजना अंतर्गत उज्जैन जिले में कान्ह-गंभीर, मंदसौर, नीमच और उज्जैन में कालीसिंध-चंबल, सतना जिले में केन और मंदाकिनी, सिवनी एवं छिंदवाड़ा जिले में शक्कर पेंच और दूधी तामिया, रायसेन जिले में जामनेर नेवन और नेवन-बीना नदियों का सर्वेक्षण किया गया।
    – सभी के क्रियान्वयन से कुल 5 लाख 97 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जा सकेगी।
    – इनकी अनुमानित लागत 9870 करोड़ रुपये होगी।
    – सात जिलों के हजारों किसान इन योजनाओं से लाभान्वित होंगे।
    – सिंहस्थ: 2028 में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाट निर्माण एवं संबद्ध कार्य किए जा रहे हैं, जिनकी लागत 778.91 करोड़ है।