Tag: expanded

  • UP में आज होगा योगी मंत्रिमंडल का विस्तार…. सरकार में शामिल होंगे 6 नए चेहरे

    UP में आज होगा योगी मंत्रिमंडल का विस्तार…. सरकार में शामिल होंगे 6 नए चेहरे


    लखनऊ।
    यूपी (UP) में आज योगी सरकार (Yogi Government) का मंत्रिमंडल विस्तार (Cabinet Expansion) होने जा रहा है। टीम योगी में छह नए चेहरे शामिल होंगे। शपथ ग्रहण समारोह रविवार को जनभवन में 3.30 से होगा। इससे पहले शनिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल (Governor Anandiben Patel) से मुलाकात कर मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले नामों की सूची दी। बता दें कि योगी कैबिनेट का यह दूसरा विस्तार है।

    टीम योगी के विस्तार में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी समेत मनोज पांडेय, पूजा पाल, सुरेंद्र दिलेर, कृष्णा पासवान और हंसराज विश्वकर्मा को मंत्रिमंडल में जगह मिलने जा रही है। देर रात तक जनभवन से सभी नए चेहरों को शपथ ग्रहण समारोह की सूचना भेज दी गई। योगी सरकार 2.0 का गठन 25 मार्च 2022 को हुआ था, तब मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्रियों सहित कुल 52 मंत्रियों ने शपथ ली थी। इनमें 18 कैबिनेट मंत्री, 14 स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री और 20 राज्य मंत्री शामिल थे। इसके बाद लोकसभा चुनाव से पहले 5 मार्च 2024 को पहला विस्तार हुआ, जिसमें ओमप्रकाश राजभर, अनिल कुमार, सुनील शर्मा और दारा सिंह चौहान को कैबिनेट में शामिल किया गया। तब मंत्रियों की संख्या बढ़कर 56 हो गई थी। हालांकि, जितिन प्रसाद और अनूप प्रधान के सांसद चुने जाने के बाद यह संख्या घटकर 54 रह गई।


    मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की भी संभावना

    इस बार के विस्तार में कुछ मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की भी संभावना जताई जा रही है। भाजपा इस विस्तार के जरिए सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण साधने के साथ विपक्ष के पीडीए फार्मूले का जवाब देने की रणनीति पर काम कर रही है। खास बात यह है कि संभावित नए मंत्रियों में मनोज पांडेय और पूजा पाल पहले समाजवादी पार्टी में थे और बाद में भाजपा में शामिल हुए थे।


    यूपी में अधिकतम 60 बन सकते हैं मंत्री

    यूपी में अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं। ऐसे में अगले साल प्रस्तावित चुनावों से पहले भाजपा मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण साधने की कोशिश में जुटी है। पार्टी नए चेहरों को शामिल कर विभिन्न वर्गों तक राजनीतिक संदेश पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रही है।

    महिला सशक्तिकरण और नारी शक्ति वंदन अभियान को आगे बढ़ाते हुए भाजपा इस विस्तार में महिला प्रतिनिधित्व पर भी जोर दे रही है। संभावित छह नए मंत्रियों में दो महिलाओं को मौका दिया जा रहा है, जिसे पार्टी महिला भागीदारी बढ़ाने के संदेश के तौर पर देख रही है। मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए भाजपा कई राजनीतिक लक्ष्य साधने की तैयारी में है। इसी को लेकर रविवार को गोपन विभाग सक्रिय रहा, जबकि राज्य संपत्ति विभाग को नए मंत्रियों के लिए आधा दर्जन गाड़ियां तैयार रखने के निर्देश दिए गए।

  • मध्य प्रदेश में दो वर्ष में 7.31 लाख हैक्टेयर सिंचाई क्षेत्र का हुआ विस्तार

    मध्य प्रदेश में दो वर्ष में 7.31 लाख हैक्टेयर सिंचाई क्षेत्र का हुआ विस्तार


    – मुख्यमंत्री ने की जल संसाधन विभाग की समीक्षा, कहा- प्रदेश की सिंचाई क्षमता 100 लाख हैक्टयर तक बढ़ाएंगे

    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में गत दो वर्ष में 7.31 लाख हैक्टयर क्षेत्र में नई सिंचाई क्षमता विकसित हुई है। प्रदेश की सिंचाई क्षमता में वर्ष 2026 तक 8.44 लाख हैक्टयर की वृद्धि होगी। प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र 100 लाख हैक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य लेकर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश की सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा प्रधानमंत्री गतिशक्ति पोर्टल का प्रयोग कर की जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को विधानसभा समिति कक्ष में जल संसाधन विभाग और नर्मदा घाटी विकास विभाग की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने पार्वती-काली-सिंध और चम्बल अंतर्राज्यीय लिंक परियोजना, केन-बेतवा अंतर्राज्यीय लिंक परियोजना की स्वीकृति और केंद्र सरकार के सहयोग को राज्य की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए राज्य में भी विभिन्न नदियों को जोड़ने के लिए नदी जोड़ो परियोजना के क्रियान्वयन के निर्देश दिए।

    बैठक में जल संसाधन विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि इस दिशा में राज्य में अध्ययन और सर्वेक्षण का कार्य किया गया है। राज्य में नदी जोड़ो परियोजना अंतर्गत उज्जैन जिले में कान्ह-गंभीर, मंदसौर, नीमच और उज्जैन में कालीसिंध-चंबल, सतना जिले में केन और मंदाकिनी, सिवनी एवं छिंदवाड़ा जिले में शक्कर पेंच और दूधी तामिया, रायसेन जिले में जामनेर नेवन और नेवन-बीना नदियों का सर्वेक्षण किया गया है। इस सभी के क्रियान्वयन से कुल 5 लाख 97 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जा सकेगी। इनकी अनुमानित लागत 9870 करोड़ रुपए होगी। सात जिलों के हजारों किसान इन योजनाओं से लाभान्वित होंगे।

    राज्य की नदियों में बाढ़, जल प्रबंधन, जल के समुचित उपयोग नदी कछारों में पर्याप्त जल की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के उद्देश्य से राज्य की नदियों को आपस में जोड़ने के लिए तकनीकी दल का गठन 13 नवम्बर 2024 को किया गया था।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल की झील की प्राचीन तकनीक का अध्ययन कर इस तर्ज पर कम लागत में सुरक्षित जलाशय एवं बांध निर्माण की अवधारणा पर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने भोपाल के इस मॉडल का प्रदर्शन करने के निर्देश भी विभाग को दिए। मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई कि राज्य में जल संसाधन और नर्मदा घाटी विकास विभाग द्वारा सिंचाई सुविधाओं के विस्तार का कार्य निरंतर किया जा रहा है।

    बैठक में बताया गया कि सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना उज्जैन जिसकी लागत 614.53 करोड़ रुपए है। इसकी भौतिक प्रगति 48 प्रतिशत है। इसी तरह कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना उज्जैन की लागत 919.94 करोड़ है। इस परियोजना की भौतिक प्रगति 42 प्रतिशत है। सिंहस्थ: 2028 में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाट निर्माण एवं संबद्ध कार्य किए जा रहे हैं, जिनकी लागत 778.91 करोड़ है। बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, मुख्य सचिव अनुराग जैन और संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    प्रमुख बिन्दु

    – प्रदेश में गत दो वर्ष में 7.31 लाख हैक्टयर क्षेत्र में नई सिंचाई क्षमता विकसित।
    – प्रदेश की सिंचाई क्षमता में वर्ष 2026 तक 8.44 लाख हैक्टयर की वृद्धि होगी।
    – प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र 100 लाख हैक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य।
    – प्रदेश की सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा प्रधानमंत्री गतिशक्ति पोर्टल का प्रयोग कर की जाएगी।
    – राज्य में भी विभिन्न नदियों को जोड़ने के लिए नदी जोड़ो परियोजना के क्रियान्वयन के निर्देश।
    – राज्य में नदी जोड़ो परियोजना अंतर्गत उज्जैन जिले में कान्ह-गंभीर, मंदसौर, नीमच और उज्जैन में कालीसिंध-चंबल, सतना जिले में केन और मंदाकिनी, सिवनी एवं छिंदवाड़ा जिले में शक्कर पेंच और दूधी तामिया, रायसेन जिले में जामनेर नेवन और नेवन-बीना नदियों का सर्वेक्षण किया गया।
    – सभी के क्रियान्वयन से कुल 5 लाख 97 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जा सकेगी।
    – इनकी अनुमानित लागत 9870 करोड़ रुपये होगी।
    – सात जिलों के हजारों किसान इन योजनाओं से लाभान्वित होंगे।
    – सिंहस्थ: 2028 में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाट निर्माण एवं संबद्ध कार्य किए जा रहे हैं, जिनकी लागत 778.91 करोड़ है।