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  • गर्मियों में आंखों की सुरक्षा: जानें आसान उपाय और एक्सरसाइज

    गर्मियों में आंखों की सुरक्षा: जानें आसान उपाय और एक्सरसाइज


    नई दिल्ली ।  गर्मियों में तेज धूप गर्म हवा और डिजिटल उपकरणों की बढ़ती निर्भरता ने आंखों की सेहत को गंभीर खतरे में डाल दिया है। लंबे समय तक मोबाइल कंप्यूटर और टीवी स्क्रीन के संपर्क में रहना आंखों में जलन सूखापन धुंधलापन और सिरदर्द जैसी समस्याएं बढ़ा देता है। ऐसे में अपनी आंखों का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी है।

    भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार गर्मियों में आंखों को स्वस्थ और तनावमुक्त रखने के लिए कुछ आसान और प्रभावी उपाय अपनाए जा सकते हैं। सबसे पहले आता है 20-20-20 नियम। इसके अनुसार हर 20 मिनट स्क्रीन पर काम करने के बाद 20 फीट लगभग 6 मीटर दूर किसी वस्तु को 20 सेकंड तक देखें। यह छोटा अभ्यास आंखों की मांसपेशियों को आराम देता है फोकस बदलने से तनाव कम होता है और आंखों की थकान भी दूर होती है।

    इसके अलावा आई पामिंग एक बेहद सरल और असरदार तरीका है। इसके लिए सुबह और शाम 2-3 मिनट दोनों हथेलियों को रगड़कर गर्म करें और बंद आंखों पर हल्के से रखें। इससे आंखों को तुरंत गहरा आराम मिलता है और धूप या स्क्रीन से होने वाले तनाव में कमी आती है।

    गर्मियों में आंखों की देखभाल के लिए त्राटक अभ्यास भी लाभकारी है। इसके लिए मोमबत्ती की लौ या किसी काले बिंदु पर बिना पलक झपकाए कुछ सेकंड तक नजर टिकाएं और फिर आंखें बंद कर लें। यह अभ्यास आंखों को मजबूत बनाने के साथ-साथ ध्यान की क्षमता को भी बढ़ाता है।

    सिर्फ स्क्रीन टाइम ही नहीं बल्कि आंखों की साधारण एक्सरसाइज भी जरूरी है। आंखों को ऊपर-नीचे दाएं-बाएं और गोल-गोल घुमाना चाहिए। पास और दूर की वस्तुओं पर फोकस बदलना भी आंखों की मांसपेशियों को मजबूत और लचीला बनाता है।

    गर्मियों में आंखों को ठंडक देने के लिए पानी के छींटे भी फायदेमंद हैं। बाहर आने या लंबे काम के बीच समय-समय पर आंखों पर ठंडे पानी के छींटे मारने से राहत मिलती है। इसके अलावा स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करना अच्छी रोशनी में काम करना और रोजाना पर्याप्त नींद लेना भी आंखों की थकान और जलन को कम करने में मदद करता है।

    आंखों की देखभाल केवल डिजिटल उपकरणों और गर्मी तक सीमित नहीं है। पर्याप्त पानी पीना हरी सब्जियों और विटामिन ए युक्त आहार लेना और धूल-मिट्टी से बचाव भी आंखों की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं।

    गर्मियों में ये छोटे-छोटे उपाय अपनाकर आप अपनी आंखों को न सिर्फ स्वस्थ रख सकते हैं बल्कि तेज रोशनी स्क्रीन और धूल से होने वाली परेशानियों से भी बच सकते हैं। यही नहीं नियमित अभ्यास से आंखों की रोशनी बनी रहती है आंखों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और आंखें लंबे समय तक तनावमुक्त रहती हैं।

  • सर्दी में आंखों की देखभाल के लिए आयुष मंत्रालय के 4 प्रभावी आयुर्वेदिक उपाय

    सर्दी में आंखों की देखभाल के लिए आयुष मंत्रालय के 4 प्रभावी आयुर्वेदिक उपाय


    नई दिल्ली। सर्दी का मौसम आते ही जहां पूरे शरीर की देखभाल जरूरी हो जाती है वहीं आंखों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। सर्द हवाएं और बढ़ता प्रदूषण आंखों के लिए खतरे का कारण बन सकते हैं। इस मौसम में आंखों में जलन पानी आना और पलकें चिपचिपी हो जाना सामान्य समस्या बन जाती है। इन समस्याओं से बचने के लिए आयुष मंत्रालय ने चार असरदार आयुर्वेदिक उपाय बताए हैं जिनसे आंखों को तुरंत राहत मिल सकती है और उनकी देखभाल बेहतर तरीके से की जा सकती है।

    आयुष मंत्रालय ने एक पोस्ट के माध्यम से इन चार आसान उपायों को साझा किया है जिनमें से पहला उपाय है आई पामिंग। इस विधि में दोनों हाथों की हथेलियों को आपस में रगड़कर गर्म किया जाता है और फिर इन्हें आंखों पर रखा जाता है। इससे आंखों की थकान कम होती है और आंखें रिलैक्स महसूस करती हैं। लगातार स्क्रीन पर काम करने से आंखों की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है और आई पामिंग इस दबाव को कम करने में मदद करता है।

    दूसरा उपाय है त्राटक। यह एक अभ्यास है जिसमें मोमबत्ती की लौ को बिना पलक झपकाए कुछ देर तक देखा जाता है। यह अभ्यास आंखों की रोशनी को बेहतर करने आंखों की सफाई और आंखों की नमी को बनाए रखने में मदद करता है। त्राटक से आंखों की आंतरिक स्पष्टता बढ़ती है और यह आँखों की थकान को कम करता है।

    तीसरा उपाय है गीले कॉटन पैड का इस्तेमाल। गीले कॉटन पैड से आंखों के तनाव को कम किया जा सकता है और सिर दर्द से भी राहत मिलती है। इसके लिए रूई को ठंडे पानी या गुलाब जल में भिगोकर आंखों पर कुछ देर के लिए रखा जाता है। यह उपाय आंखों के नीचे सूजन को कम करने और आंखों को ताजगी देने के लिए बहुत प्रभावी है। कुछ लोग इसकी जगह खीरे के टुकड़े भी इस्तेमाल करते हैं।

    चौथा उपाय है भाप लेना। सर्दियों में कई बार आंखों में गंदगी जमा हो जाती है जिससे पलके चिपकने लगती हैं। हल्की भाप से आंखों को शुद्ध किया जा सकता है जिससे पलके चिपकने से बचती हैं। हालांकि ध्यान रखें कि अधिक भाप लेने से आंखों की ड्राइनेस बढ़ सकती है इसलिए इसे संतुलित मात्रा में लें।

    इन उपायों को अपनाकर सर्दियों में आंखों की देखभाल की जा सकती है और आंखों को होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है। आयुष मंत्रालय का कहना है कि इन सरल आयुर्वेदिक उपायों से न केवल आंखों को आराम मिलता है बल्कि आंखों की सेहत भी बेहतर बनी रहती है।