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  • अस्पताल में भर्ती होने की अफवाहों पर अमिताभ बच्चन का जवाब, बिग बी ने ब्लॉग और ट्वीट से बताया अपना हाल

    अस्पताल में भर्ती होने की अफवाहों पर अमिताभ बच्चन का जवाब, बिग बी ने ब्लॉग और ट्वीट से बताया अपना हाल



    नई दिल्ली(New Delhi)।
    बॉलीवुड के महानायक Amitabh Bachchan को लेकर मंगलवार देर रात सोशल मीडिया पर अचानक अफवाहें फैल गईं कि उन्हें गंभीर हालत में मुंबई के नानावटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि उनके बेटे Abhishek Bachchan अस्पताल में उनके साथ मौजूद हैं। हालांकि इन खबरों में कोई सच्चाई नहीं पाई गई।

    सोशल मीडिया पर फैली अफवाहें
    मंगलवार शाम से ही सोशल मीडिया पर दावा किया जाने लगा कि अमिताभ बच्चन की तबीयत बिगड़ गई है और उन्हें 16 मई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ यूट्यूब वीडियो और अनऑफिशियल रिपोर्ट्स में भी इसी तरह के दावे किए गए, जिससे फैंस के बीच चिंता फैल गई।

    बिग बी का जवाब
    इन अफवाहों के बीच देर रात Amitabh Bachchan ने अपने ब्लॉग और ट्वीट के जरिए अपनी सेहत का संकेत दिया। उन्होंने अपने पोस्ट में स्पष्ट किया कि वे ठीक हैं और सभी खबरें केवल अफवाह हैं। उनके ब्लॉग पोस्ट से यह भी साफ हुआ कि वे अपनी दिनचर्या और लेखन में सक्रिय हैं।

    रूटीन चेकअप की बात सामने आई
    सूत्रों के अनुसार, अमिताभ बच्चन अस्पताल रूटीन चेकअप के लिए गए थे और जांच के बाद घर लौट आए। उनकी तबीयत को लेकर किसी तरह की गंभीर स्थिति की पुष्टि नहीं हुई है, जिससे फैंस ने राहत की सांस ली है।

    सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं बिग बी
    83 वर्षीय Amitabh Bachchan लगातार सोशल मीडिया और अपने ब्लॉग के जरिए फैंस से जुड़े रहते हैं। वे अक्सर अपनी कविताएं, विचार और जीवन से जुड़ी बातें साझा करते रहते हैं।वर्क फ्रंट की बात करें तो अमिताभ बच्चन हाल ही में फिल्मों Vettaiyan और Kalki 2898 AD में नजर आए थे। इसके अलावा वे कई बड़े प्रोजेक्ट्स की शूटिंग में भी व्यस्त रहे हैं।फिलहाल साफ है कि अमिताभ बच्चन स्वस्थ हैं और उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबरें पूरी तरह गलत साबित हुई हैं।

  • पाकिस्तान का नया दावा फिर बेनकाब: “फतह-1 से उड़ाए भारत के एयरबेस”, जिनका अस्तित्व ही नहीं!

    पाकिस्तान का नया दावा फिर बेनकाब: “फतह-1 से उड़ाए भारत के एयरबेस”, जिनका अस्तित्व ही नहीं!



    नई दिल्ली। पाकिस्तान की सेना एक बार फिर अपने दावों को लेकर सवालों के घेरे में आ गई है। हाल ही में पाकिस्तानी सेना के एक अधिकारी ने दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनकी फतह-1 मिसाइलों ने भारत के दो सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था, लेकिन जिन एयरबेसों का नाम लिया गया, वे वास्तव में अस्तित्व में ही नहीं हैं।

    पाकिस्तानी अधिकारी कैप्टन मुनीब जमाल ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि फतह-1 मिसाइलों ने “राजौरी एयरबेस” और “मामून एयरबेस” को सफलतापूर्वक तबाह कर दिया। हालांकि हकीकत यह है कि राजौरी में कोई वायुसेना एयरबेस मौजूद नहीं है और मामून केवल पठानकोट के पास एक सैन्य कैंटोनमेंट क्षेत्र है, न कि कोई एयरबेस।

    भारत-पाकिस्तान के बीच “ऑपरेशन सिंदूर” को लेकर पहले से ही तनाव और दावे-प्रतिदावे जारी हैं। इसी बीच पाकिस्तान का यह नया बयान एक बार फिर उसके दावों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रहा है। भारत की ओर से पहले भी कई बार ऐसे हमलों को नाकाम किए जाने की पुष्टि की जा चुकी है।

    सोशल मीडिया पर भी पाकिस्तानी दावे को लेकर जमकर मजाक उड़ाया जा रहा है, जहां यूजर्स “काल्पनिक एयरबेस” का उल्लेख कर इस बयान को हास्यास्पद बता रहे हैं।

  • फर्जी 1967 अखबार कटिंग से सियासी बवाल: सोना अपील पर इंदिरा गांधी का नाम जोड़कर सोशल मीडिया में फैलाया जा रहा दावा, फैक्ट-चेक में खुली पोल

    फर्जी 1967 अखबार कटिंग से सियासी बवाल: सोना अपील पर इंदिरा गांधी का नाम जोड़कर सोशल मीडिया में फैलाया जा रहा दावा, फैक्ट-चेक में खुली पोल




    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया “सोना न खरीदने” जैसी अपील के बाद सोशल मीडिया पर एक पुराना राजनीतिक दावा फिर से चर्चा में आ गया है, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से जुड़ी एक कथित 1967 की अखबार कटिंग शेयर की जा रही है। इस दावे के जरिए कहा जा रहा है कि इंदिरा गांधी ने भी आर्थिक संकट के दौरान लोगों से सोना न खरीदने की अपील की थी, लेकिन जांच में यह दावा फर्जी पाया गया है।

    रिपोर्ट्स के अनुसार सोशल मीडिया पर वायरल हो रही यह कथित “द हिंदू” अखबार की कटिंग 6 जून 1967 की बताई जा रही है, जिसमें इंदिरा गांधी के नाम से “सोना न खरीदने” की अपील का दावा किया गया है। लेकिन खुद अखबार “द हिंदू” ने इस कटिंग को पूरी तरह फर्जी और डिजिटल रूप से एडिटेड बताया है और स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई पेज उनके आर्काइव में मौजूद नहीं है।

    अखबार ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी वायरल कंटेंट को शेयर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें। तथ्य यह है कि 1960 के दशक में भारत विदेशी मुद्रा संकट और आर्थिक दबाव से गुजर रहा था, लेकिन उस समय सोना खरीदने पर ऐसी कोई राष्ट्रीय स्तर की औपचारिक रोक या सार्वजनिक अपील नहीं की गई थी।

    इस विवाद के बीच बीजेपी नेताओं द्वारा भी इस कथित कटिंग को शेयर किए जाने पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने इस दावे का हवाला देते हुए पीएम मोदी की अपील का समर्थन किया, जबकि विपक्ष ने इसे गलत और भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप लगाया है।

    कांग्रेस का कहना है कि आज की आर्थिक अपील को ऐतिहासिक रूप से गलत तरीके से पेश किया जा रहा है, जबकि बीजेपी का तर्क है कि अतीत में भी आर्थिक अनुशासन की बातें होती रही हैं। इस पूरे मामले ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर फैक्ट-चेक और राजनीतिक दावों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • कंगना रनौत ने फेक न्यूज पर जताई नाराजगी: राहुल गांधी संग शादी वाली अफवाह को बताया पूरी तरह झूठा दावा

    कंगना रनौत ने फेक न्यूज पर जताई नाराजगी: राहुल गांधी संग शादी वाली अफवाह को बताया पूरी तरह झूठा दावा



    नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर वायरल एक फर्जी पोस्ट को लेकर अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने कड़ा रुख अपनाया है। इस पोस्ट में यह झूठा दावा किया गया था कि उनका नाम कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ जोड़कर शादी से जुड़ी टिप्पणी की गई है, जो पूरी तरह असत्य और भ्रामक पाया गया।

    क्या था वायरल दावा?
    इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हुआ, जिसमें यह गलत दावा किया गया कि कंगना रनौत ने कहा है कि अगर राहुल गांधी किसी शर्त को पूरा करते हैं तो वह उनसे शादी कर सकती हैं। इस पोस्ट ने लोगों के बीच भ्रम फैलाया।

    कंगना ने दी सख्त प्रतिक्रिया
    कंगना रनौत ने इस खबर को पूरी तरह फर्जी बताते हुए सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है और यह सिर्फ अफवाह है।कंगना ने फेक न्यूज फैलाने वालों की आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह की झूठी खबरें न केवल गलत हैं बल्कि सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की छवि को भी नुकसान पहुंचाती हैं।

    सोशल मीडिया पर बढ़ती फेक न्यूज की समस्या
    यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि सोशल मीडिया पर बिना जांच के खबरें कितनी तेजी से फैल जाती हैं। कई यूजर्स ने भी इस पोस्ट को गलत बताया और कहा कि यह राजनीतिक और सार्वजनिक हस्तियों को बदनाम करने की कोशिश है।

    फिलहाल क्या स्थिति है?
    इस पूरे मामले पर राहुल गांधी की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, यह स्पष्ट हो चुका है कि वायरल दावा पूरी तरह फर्जी था।वर्क फ्रंट की बात करें तो कंगना रनौत हाल ही में फिल्म इमरजेंसी में नजर आई थीं और आने वाले समय में वे अपने नए प्रोजेक्ट्स को लेकर भी चर्चा में बनी हुई हैं।

  • पेट्रोल डीजल की कमी की अफवाह पर बवाल कांग्रेस ने सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की

    पेट्रोल डीजल की कमी की अफवाह पर बवाल कांग्रेस ने सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में मंगलवार को पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर फैली अफवाह ने आम लोगों के बीच भारी असमंजस और घबराहट की स्थिति पैदा कर दी प्रदेश के कई शहरों में अचानक पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गईं और लोग बड़ी संख्या में ईंधन भरवाने के लिए उमड़ पड़े हालांकि कई स्थानों पर वास्तविक कमी की स्थिति नहीं थी लेकिन सोशल मीडिया पर तेजी से फैली खबरों ने हालात को गंभीर बना दिया

    इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन और सरकार के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है क्योंकि अफवाहों के कारण बनी इस स्थिति ने आम जनजीवन को प्रभावित किया वहीं विपक्ष को भी सरकार पर हमला करने का मौका मिल गया प्रदेश कांग्रेस ने इस मामले को गंभीरता से उठाते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से मांग की है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने देर रात सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार को भी इस पूरे मामले के लिए जिम्मेदार ठहराया उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे प्रदेश में पेट्रोल-डीजल का आपातकाल लागू हो गया हो उन्होंने यह भी कहा कि नए भारत की तस्वीर अब ऐसी हो गई है जहां लोगों को पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है और कई जगह उन्हें ईंधन तक नहीं मिल पा रहा

    पटवारी ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यह स्थिति सरकार की नीतियों और व्यवस्थाओं की विफलता को दर्शाती है उनका यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है और इस पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना है

    दूसरी ओर प्रशासनिक स्तर पर यह स्पष्ट किया जा रहा है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सामान्य है और किसी प्रकार की वास्तविक कमी नहीं है अधिकारियों का कहना है कि यह स्थिति पूरी तरह से अफवाहों के कारण उत्पन्न हुई है और लोगों से अपील की जा रही है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट खबरों पर विश्वास न करें

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की अफवाहें न केवल बाजार व्यवस्था को प्रभावित करती हैं बल्कि आम जनता में अनावश्यक भय भी उत्पन्न करती हैं जिसके चलते लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदने लगते हैं और कृत्रिम संकट की स्थिति बन जाती है यही कारण है कि प्रशासन अब इस मामले में सख्ती बरतने की तैयारी कर रहा है ताकि गलत जानकारी फैलाने वालों पर नियंत्रण किया जा सके

    कुल मिलाकर यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि डिजिटल युग में सूचना का सही और जिम्मेदार उपयोग कितना महत्वपूर्ण है एक छोटी सी अफवाह भी बड़े स्तर पर प्रभाव डाल सकती है ऐसे में जरूरी है कि लोग सतर्क रहें और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें ताकि समाज में अनावश्यक तनाव और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो

  • Donald Trump on Iran: ईरान अपने ही सत्यानाश पर तुला है, झूठी खबरों और AI वीडियो को लेकर ईरान के साथ अमेरिकी मीडिया पर भी भड़के ट्रंप

    Donald Trump on Iran: ईरान अपने ही सत्यानाश पर तुला है, झूठी खबरों और AI वीडियो को लेकर ईरान के साथ अमेरिकी मीडिया पर भी भड़के ट्रंप


    नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और अपने ही देश के कुछ प्रमुख मीडिया संगठनों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ट्रंप ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AIऔर फर्जी वीडियो के सहारे झूठी खबरें फैलाकर दुनिया को गुमराह कर रहा है और ऐसा करके वह अपने ही विनाश को न्योता दे रहा है। ट्रंप ने ईरान के उन दावों का कड़ाई से खंडन किया, जिनमें कहा गया था कि ईरान ने अमेरिका के पांच रीफ्यूलिंग लड़ाकू विमानों को मार गिराया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ये सभी विमान पूरी तरह सुरक्षित हैं और जल्द ही अपनी अगली उड़ान भरेंगे। राष्ट्रपति ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि ईरान सैन्य रूप से कमजोर है, लेकिन मीडिया मैनिपुलेशन में माहिर हो चुका है।

    इस दौरान ट्रंप का गुस्सा केवल ईरान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने अमेरिकी मीडिया, विशेषकर ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ भ्रष्ट मीडिया संस्थान ईरान के झूठे दावों को बढ़ावा देकर यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि ईरान इस युद्ध में जीत रहा है। ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जो भी मीडिया संगठन देश के खिलाफ ऐसी भ्रामक खबरें फैला रहे हैं, उन्हें ‘राजद्रोह’ का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में धमकी दी कि ऐसे संगठनों के लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं, क्योंकि वे सरकार द्वारा दी गई फ्री एयरवेव्स का इस्तेमाल अमेरिका के खिलाफ झूठ फैलाने के लिए कर रहे हैं।

    ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच जारी यह संघर्ष अब वैश्विक संकट का रूप ले चुका है। गौरतलब है कि 28 फरवरी को इजराइल और अमेरिका ने ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर हमला किया था, जिसके बाद ईरान ने भी फारस की खाड़ी और पड़ोसी देशों पर जवाबी हमले शुरू कर दिए। इस युद्ध के कारण दुनिया भर में विमानन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं और तेल निर्यात बाधित होने से ईंधन की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। ट्रंप ने वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने के लिए तेल पर निर्भर देशों से हॉर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा हेतु अपने युद्धपोत भेजने की अपील की है।

    मौजूदा स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है क्योंकि इजराइल ने रविवार को भी ईरान पर अपने हमले जारी रखे। वहीं, बहरीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों ने अपने नागरिकों को मिसाइल हमलों के प्रति अलर्ट कर दिया है। ट्रंप ने यह साफ कर दिया है कि वे न केवल ईरान के सैन्य हमलों बल्कि उसके ‘सूचना युद्ध’ Information Warका भी पूरी ताकत से जवाब देंगे। राष्ट्रपति ने सीधे तौर पर लोकप्रिय टीवी शो ‘लेट नाइट मोरन्स’ और अन्य पत्रकारों को भी चेतावनी दी कि रेटिंग और पैसे के चक्कर में देश विरोधी एजेंडा चलाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • फर्जी खबरों से भड़का विवाद: VIT भोपाल ने सरकार को भेजा विस्तृत जवाब, कहा- 17 हजार छात्रों में केवल 35 को पीलिया

    फर्जी खबरों से भड़का विवाद: VIT भोपाल ने सरकार को भेजा विस्तृत जवाब, कहा- 17 हजार छात्रों में केवल 35 को पीलिया


    भोपाल । VIT भोपाल यूनिवर्सिटी ने राज्य सरकार के शो-कॉज नोटिस पर 49 पन्नों का विस्तृत जवाब भेजते हुए आरोपों को भ्रमित करने वाला, तथ्यहीन और अफवाहों पर आधारित बताया है। विश्वविद्यालय ने साफ कहा कि भोजन, पानी, हॉस्टल, स्वास्थ्य सुविधाओं और सुरक्षा से जुड़े सभी प्रावधान तय मानकों के अनुरूप हैं। संस्था के अनुसार, हालिया उपद्रव सोशल मीडिया पर फैलाई गई फर्जी खबरों और भड़काऊ संदेशों के कारण हुआ।

    यूनिवर्सिटी ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि कैंपस में 8 बॉयज और 2 गर्ल्स हॉस्टल हैं, जिनमें प्रतिष्ठित केटरर्स भोजन उपलब्ध कराते हैं। फूड मेन्यू छात्रों की फूड कमेटी तय करती है, और फीडबैक पर तुरंत कार्रवाई की जाती है। पानी की गुणवत्ता ISO 10500 मानकों के अनुसार नियमित रूप से जांची जाती है, जिसके लिए ओजोनाइजर, सैंड फिल्टर और वॉटर सॉफ्टनर लगाए गए हैं। प्रबंधन ने यह भी बताया कि जल्द ही कैंपस में फूड और वॉटर टेस्टिंग लैब स्थापित की जाएगी।

    पीलिया फैलने की खबरों पर यूनिवर्सिटी ने कहा कि कुल 17,121 छात्रों में से केवल 35 विद्यार्थियों में ही पीलिया के लक्षण पाए गए, जिन्हें तुरंत मेडिकल सुविधा दी गई। संस्थान में 24×7 डॉक्टर, नर्सें और 8-बेड की मेडिकल यूनिट मौजूद है। गंभीर मामलों में छात्रों को मान्यता प्राप्त अस्पतालों, जैसे चिरायु अस्पताल, भेजा गया। छात्रों की मेडिकल रिपोर्ट न देने के आरोप को भी असत्य बताया गया।

    VIT ने सुरक्षा और अनुशासन संबंधी आरोपों को भी खारिज किया। संस्था ने कहा कि किसी अधिकारी को रोका नहीं गया, न ही छात्रों को धमकाया गया। यूनिवर्सिटी के अनुसार विरोध के दौरान अफवाहों के चलते छात्रों ने एक एम्बुलेंस, बस, कारें और लैब उपकरणों को नुकसान पहुंचाया, CCTV सिस्टम तोड़ दिया और सुरक्षा कर्मियों के साथ मारपीट की गई। इन घटनाओं से कर्मचारियों की जान भी खतरे में पड़ी।

    अंत में विश्वविद्यालय ने कहा कि शो-कॉज नोटिस गलत सूचनाओं पर आधारित है, इसलिए इसे वापस लिया जाए। साथ ही, तथ्यात्मक सुनवाई का अवसर देने का अनुरोध भी किया गया। VIT भोपाल ने अपनी उपलब्धियों-डॉक्टरेट फैकल्टी, वैश्विक MoUs, आधुनिक लैब्स और प्लेसमेंट रिकॉर्ड-का उल्लेख करते हुए कहा कि वह हमेशा सभी मानकों का पालन करता आया है।