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  • पहली पत्नी को बचाने के लिए रची गई अनोखी चाल, ग्वालियर में हैरान करने वाला मामला

    पहली पत्नी को बचाने के लिए रची गई अनोखी चाल, ग्वालियर में हैरान करने वाला मामला


    मध्य प्रदेश । Gwalior एक बार फिर एक ऐसे सनसनीखेज मामले को लेकर सुर्खियों में है, जहां शादी के पवित्र रिश्ते को एक सुनियोजित धोखे के खेल में बदल दिया गया। नाका चंद्रवदनी क्षेत्र में सामने आए इस मामले ने पुलिस से लेकर स्थानीय लोगों तक सभी को हैरान कर दिया है।

    जांच के अनुसार, जबलपुर में एक निजी अस्पताल में टीम लीडर के पद पर कार्यरत रतन शर्मा की शादी राधा उर्फ दीक्षा नाम की महिला से कराई गई थी। शुरुआत में सब कुछ सामान्य लगा, लेकिन शादी के कुछ ही दिनों बाद दुल्हन की संदिग्ध गतिविधियों ने पूरे मामले को मोड़ दिया।

    सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब रतन शर्मा को पता चला कि जिसे दुल्हन का “मुंहबोला भाई” बताया गया था, वह असल में उसका पति अजय चौहान है। यही नहीं, पूरी शादी एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी, जिसे पहली पत्नी से जुड़े विवाद को छिपाने और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए रचा गया था।

    दरअसल, आरोपी अजय चौहान की पहली शादी 2009 में हुई थी, जिससे उसके बच्चे भी हैं। बाद में उसने दूसरी शादी राधा उर्फ दीक्षा से आगरा के आर्य समाज मंदिर में कर ली थी। जब पहली पत्नी को इस दूसरी शादी की जानकारी मिली, तो उसने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। इसी डर से पूरी साजिश तैयार की गई।

    योजना के तहत दीक्षा की शादी किसी अन्य युवक से कराई गई, ताकि पहली पत्नी को भ्रमित किया जा सके और मामला शांत दिखाया जा सके। इसी कड़ी में रतन शर्मा को निशाना बनाया गया, जिनसे शादी के नाम पर लाखों रुपये भी वसूले गए।

    शादी के बाद रतन को पत्नी के व्यवहार पर शक हुआ। वह मोबाइल पर छिपकर बातचीत करती थी, जिससे संदेह और गहरा गया। बाद में जब रतन ने मोबाइल की चैट चेक की, तो उसमें पति-पत्नी जैसी बातचीत सामने आई, जिससे पूरा राज खुल गया।

    इसके बाद रतन ने अगले तीन दिनों तक दुल्हन की गतिविधियों पर नजर रखी और पर्याप्त सबूत इकट्ठा कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि शादी से पहले परिवार ने खुद को गरीब और अनाथ बताकर सहानुभूति हासिल की थी और शादी में भारी खर्च भी करवाया गया।

    आरोप है कि भविष्य में दहेज और घरेलू हिंसा का झूठा केस दर्ज कर और रकम वसूलने की योजना भी बनाई गई थी। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी अजय चौहान और उसकी पत्नी दीक्षा को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पांच अन्य आरोपी फरार हैं।

    पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या यह गिरोह पहले भी इस तरह की ठगी की घटनाओं में शामिल रहा है। Gwalior में सामने आया यह मामला एक बार फिर “लुटेरी दुल्हन” गैंग के नए तरीके को उजागर करता है, जहां रिश्तों का इस्तेमाल आर्थिक धोखाधड़ी के लिए किया जा रहा है।

  • माता-पिता के विवाद से परेशान युवक ने उठाया खौफनाक कदम, जहर खाया

    माता-पिता के विवाद से परेशान युवक ने उठाया खौफनाक कदम, जहर खाया


    इंदौर। इंदौर के आजाद नगर इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां पारिवारिक कलह से परेशान एक 19 वर्षीय युवक ने जहर खाकर अपनी जान दे दी। यह घटना बुधवार की बताई जा रही है, जिसने पूरे इलाके में शोक का माहौल बना दिया है।

    मृतक की पहचान अनुराग (19) के रूप में हुई है, जो पवनपुरी पालदा क्षेत्र में किराए के मकान में रहता था। बताया जा रहा है कि वह अपने माता-पिता के बीच चल रहे विवाद से मानसिक रूप से बेहद परेशान था।

    छोटे भाई से बातचीत के बाद उठाया कदम

    पुलिस जांच में सामने आया है कि घटना से पहले अनुराग की अपने छोटे भाई से फोन पर बातचीत हुई थी। इस दौरान उसे पता चला कि उसके पिता ने उसकी मां के साथ मारपीट की है।

    यह बात सुनकर वह काफी आहत हो गया। इसके बाद उसकी अपने पिता से भी बातचीत हुई, जो विवाद में बदल गई। इसी मानसिक तनाव में आकर अनुराग ने जहर खा लिया।

    अस्पताल में तोड़ा द

    घटना के बाद अनुराग की तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद उसके रिश्तेदार नीरज उसे गंभीर हालत में एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार और आसपास के लोगों में गहरा दुख और सदमा है।

    कामकाजी युवक था, तीन साल से रह रहा था इंदौर में

    पुलिस के मुताबिक, अनुराग मूल रूप से नर्मदापुरम जिले के बिशोनी गांव का रहने वाला था। वह पिछले तीन साल से इंदौर में रहकर एक दाल मिल में काम कर रहा था और अपने परिवार की मदद कर रहा था। परिवार में उसके माता-पिता और एक छोटा भाई हैं। उसके पिता पेशे से ड्राइवर बताए जा रहे हैं।

    पुलिस ने शुरू की जांच

    आजाद नगर पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि आत्महत्या के पीछे के कारणों को पूरी तरह स्पष्ट किया जा सके।

    पारिवारिक तनाव के गंभीर परिणाम

    यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि पारिवारिक विवाद का असर सिर्फ पति-पत्नी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा प्रभाव डालता है। ऐसे मामलों में संवाद और समझदारी बेहद जरूरी होती है।