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  • “मैं भी उसके पास जाऊंगा…” उज्जैन में पत्नी के गम में पति ने तोड़ा दम, इलाके में सनसनी

    “मैं भी उसके पास जाऊंगा…” उज्जैन में पत्नी के गम में पति ने तोड़ा दम, इलाके में सनसनी


    नई दिल्ली। देवास-उज्जैन क्षेत्र के ग्राम काट बड़ौदा में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां पत्नी की मौत के गहरे सदमे में डूबे एक युवक ने अपनी जान दे दी। 25 वर्षीय सुभाष भाटी ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से मानसिक रूप से बेहद परेशान चल रहा था और बार-बार कहता था “वह चली गई… अब मैं भी उसके पास जाऊंगा।”

    प्रेम विवाह के बाद खुशहाल जीवन पर टूटा दुखों का पहाड़
    सुभाष भाटी ने करीब पांच साल पहले कोमल से प्रेम विवाह किया था। दोनों की कहानी सामान्य रिश्तों की तरह शुरू हुई, लेकिन एक दर्दनाक हादसे ने सबकुछ बदल दिया। शादी के एक साल बाद सड़क दुर्घटना में कोमल की मौत हो गई, जिसने सुभाष को पूरी तरह तोड़ दिया।
    परिजनों के अनुसार, इस घटना के बाद वह मानसिक अवसाद में चला गया और सामान्य जीवन जीना उसके लिए मुश्किल हो गया।

    लगातार आत्मघाती विचार और पहले भी कोशिशें
    परिजनों ने बताया कि सुभाष कई बार आत्महत्या की कोशिश कर चुका था। उसने एक-दो बार ट्रेन के सामने कूदने का प्रयास भी किया, लेकिन परिवार समय रहते उसे बचा लेता था। इसके बाद परिवार उसे अकेला नहीं छोड़ता था, लेकिन अंदरूनी दर्द लगातार बढ़ता गया।

    बेटी भी नहीं रोक सकी टूटे हुए मन को
    सुभाष और कोमल की चार साल की एक बेटी है। परिवार उसे समझाने की कोशिश करता रहा कि वह बेटी के लिए जीए, लेकिन सुभाष बार-बार यही कहता था कि बेटी को परिवार संभाल लेगा और उसे अपनी पत्नी के पास जाना है।

    अंतिम कदम और मौत
    रविवार को सुभाष घर से बाहर गया और जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर उसे पहले देवास जिला अस्पताल ले जाया गया और फिर उज्जैन रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    एक खुशहाल शुरुआत का दुखद अंत
    परिवार के अनुसार, सुभाष और कोमल की मुलाकात एक सामाजिक कार्यक्रम में हुई थी, जहां से उनकी दोस्ती शुरू हुई और बाद में शादी में बदल गई। 2020 में दोनों ने विवाह किया और 2022 में बेटी का जन्म हुआ, लेकिन कुछ महीनों बाद ही एक सड़क हादसे ने कोमल की जान ले ली।

    यह घटना केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक सहारे की गंभीर जरूरत को भी उजागर करती है। गहरे सदमे और अकेलेपन में फंसे व्यक्ति को समय पर मदद और काउंसलिंग न मिले तो परिणाम बेहद दुखद हो सकते हैं।:

  • भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह पर टूटा दुखों का पहाड़, पिता खानचंद सिंह का कैंसर से निधन

    भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह पर टूटा दुखों का पहाड़, पिता खानचंद सिंह का कैंसर से निधन


    नई दिल्ली। आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 के दौरान भारतीय क्रिकेट जगत से एक भावुक खबर सामने आई है। भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का शुक्रवार 27 फरवरी 2026 तड़के निधन हो गया। वह लंबे समय से स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे थे और ग्रेटर नोएडा स्थित यथार्थ अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। परिवार के सूत्रों ने उनके निधन की पुष्टि की है।

    58 वर्षीय खानचंद सिंह पिछले काफी समय से गंभीर रूप से बीमार थे। अस्पताल के प्रवक्ता डॉ. सुनील कुमार के अनुसार उनकी तबीयत हाल के दिनों में काफी बिगड़ गई थी और 21 फरवरी से उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। शुक्रवार तड़के उन्होंने अंतिम सांस ली।

    पिता की गंभीर हालत की सूचना मिलने पर रिंकू सिंह को टी20 विश्व कप बीच में छोड़कर लौटना पड़ा था। हालांकि 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले से पहले वह चेन्नई में टीम से दोबारा जुड़ गए थे लेकिन उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली। रिंकू सिंह के पूर्व कोच मसूद अमिनी ने अलीगढ़ से मीडिया को बताया कि खानचंद सिंह पिछले कुछ समय से लिवर कैंसर से संघर्ष कर रहे थे और अंतिम दिनों में उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी।

    गौरतलब है कि अलीगढ़ उत्तर प्रदेश के रहने वाले रिंकू सिंह की सफलता के पीछे उनके पिता की अहम भूमिका रही। खानचंद सिंह गैस सिलेंडर आपूर्ति का काम करते थे और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने परिवार का पालन-पोषण किया। शुरुआत में वह बेटे के क्रिकेट खेलने के पक्ष में नहीं थे लेकिन जब रिंकू को शानदार प्रदर्शन पर मोटरसाइकिल इनाम में मिली तो उन्होंने बेटे का पूरा समर्थन करना शुरू कर दिया। बाद में उन्होंने तमाम अभावों के बावजूद रिंकू के क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाने में हरसंभव सहयोग दिया।

    परिवार के अनुसार खानचंद सिंह का अंतिम संस्कार अलीगढ़ में किया जाएगा। रिंकू सिंह भी अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए चेन्नई से लौट रहे हैं। आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 में 1 मार्च को कोलकाता में भारत का मुकाबला वेस्टइंडीज से होना है जो टीम इंडिया के लिए करो या मरो जैसा अहम मैच माना जा रहा है। वेस्टइंडीज को हराने पर भारत सेमीफाइनल में पहुंच जाएगा। हालांकि पिता के निधन के चलते इस मुकाबले में भी रिंकू सिंह की उपलब्धता को लेकर संशय बना हुआ है।