Tag: family murder case

  • बर्थडे मनाने निकला परिवार, लौटकर आई मौत! 8 साल के मासूम ने बताया- पापा ने मां को चाकू मारा, बहन को तालाब में डुबोया

    बर्थडे मनाने निकला परिवार, लौटकर आई मौत! 8 साल के मासूम ने बताया- पापा ने मां को चाकू मारा, बहन को तालाब में डुबोया


    इंदौर इंदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र के झलारिया गांव में हुई एक खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की हत्या करने के बाद अपने ही दो बच्चों को तालाब में फेंक दिया। इस घटना में 10 साल की बेटी माही की मौत हो गई जबकि 8 साल का बेटा अजय किसी तरह पानी से बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहा। इसके बाद बच्चा किसी तरह पुलिस तक पहुंचा और उसने जो घटनाक्रम बताया उससे पुलिस भी हैरान रह गई। पुलिस ने आरोपी पिता सुनील चौहान को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान 32 वर्षीय अनीता बाई के रूप में हुई है। उसका पति सुनील चौहान करीब 37 साल का है और पेशे से ड्राइवर है। बताया जा रहा है कि परिवार कुछ समय पहले ही झलारिया गांव में किराए के मकान में रहने आया था। मकान मालिक विक्रम चौधरी के मुताबिक घटना वाली रात सुनील अपनी पत्नी को जन्मदिन मनाने की बात कहकर रात करीब साढ़े नौ से दस बजे के बीच घर से बाहर लेकर गया था। उस समय दोनों बच्चे घर पर ही थे। कुछ देर बाद सुनील वापस आया और दोनों बच्चों को भी अपने साथ ले गया।

    इसके बाद घटनाक्रम ने बेहद भयावह रूप ले लिया। 8 साल के अजय के मुताबिक उसके माता-पिता के बीच पैसों को लेकर विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने के बाद उसके पिता ने उसकी मां के साथ मारपीट की और चाकू से हमला किया। बच्चे ने पुलिस को बताया कि उसकी मां गंभीर रूप से घायल होकर तड़प रही थी और इसके बाद उसके पिता ने कथित तौर पर उसका गला भी दबाया। हालांकि हत्या की वास्तविक परिस्थितियों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम और पुलिस जांच के बाद ही होगी।

    अजय के मुताबिक इसके बाद उसका पिता उसे और उसकी बहन माही को हिंगोनिया के पास स्थित तालाब पर ले गया। वहां दोनों बच्चों को पानी में फेंक दिया गया। अजय किसी तरह पानी से बाहर निकलने में सफल रहा। इसके बाद वह अकेला पुलिस तक पहुंचा और पूरी घटना की जानकारी दी। बच्चे की सूचना मिलते ही पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी और कुछ समय बाद उसे झलारिया गांव से पकड़ लिया।

    पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर अनीता का शव बरामद किया गया। इसके बाद एसडीआरएफ की टीम ने तालाब में सर्च ऑपरेशन चलाया। रातभर चले तलाशी अभियान के बाद 10 साल की माही का शव भी तालाब से बरामद कर लिया गया। शुरुआती जांच में अनीता के शरीर पर चाकू के निशान मिलने की बात सामने आई है। पुलिस को गला घोंटने के भी संकेत मिले हैं। वहीं माही की मौत पानी में डूबने से होने की आशंका है। मौत की सटीक वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद सामने आएगी।

    मृतका के मायके पक्ष ने आरोप लगाया है कि अनीता और सुनील के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। अनीता के पिता सुखराम के मुताबिक सुनील पहले भी उनकी बेटी के साथ मारपीट करता था और कई साल पहले उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत भी की गई थी। परिजनों का कहना है कि विवाद नया नहीं था और घरेलू हिंसा की घटनाएं पहले भी सामने आती रही थीं।

    परिजनों के अनुसार सुनील अनीता पर शक करता था और उसके दूसरे लोगों से बातचीत करने को लेकर विवाद करता था। करीब 20 दिन पहले भी मारपीट के बाद अनीता बच्चों के साथ इंदौर आई थी। परिवार की एक और बेटी अनुष्का भी सुनील के साथ नहीं रहती थी और दादा-दादी के पास रहती थी। परिजनों का आरोप है कि उसके साथ भी मारपीट की जाती थी।

    वहीं सुनील की रिश्तेदार मालती कौशल ने अनीता के चरित्र को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि अनीता का व्यवहार अच्छा था और उन्होंने कभी उसके चरित्र को लेकर ऐसी कोई बात नहीं देखी। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार अलग-अलग रहता था इसलिए उन्हें घटना की पूरी जानकारी नहीं है।

    पुलिस अब इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि हत्या अचानक हुए विवाद के बाद हुई या आरोपी ने पहले से इसकी योजना बनाई थी। पुलिस घटना की पूरी टाइमलाइन के साथ हत्या के कारण और आरोपी के बयानों की भी जांच कर रही है। इस दर्दनाक घटना में एक मां और उसकी 10 साल की बेटी की जान चली गई जबकि 8 साल का बेटा इस भयावह घटना का प्रत्यक्षदर्शी बन गया है।

  • छठी का जश्न बना मातम, देवर की गोली से भाभी की मौत; शव छिपाने की कोशिश नाकाम

    छठी का जश्न बना मातम, देवर की गोली से भाभी की मौत; शव छिपाने की कोशिश नाकाम


    मध्य प्रदेश । ग्वालियर में एक छठी समारोह उस समय मातम में बदल गया जब हर्ष फायरिंग के दौरान चली गोली से एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना रविवार (31 मई) को थाटीपुर क्षेत्र के नदीपार टाल स्थित तृप्ति नगर में हुई, जहां एक परिवार में नवजात बच्चे के जन्म के छठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। लेकिन खुशी का यह माहौल कुछ ही पलों में त्रासदी में बदल गया।

    जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान परिवार का छोटा भाई योगेश कुशवाह अवैध कट्टे से हर्ष फायरिंग की तैयारी कर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वह बार-बार हथियार को लोड और अनलोड कर रहा था, इसी दौरान अचानक ट्रिगर दब गया और गोली पास बैठी बच्चे की मां जाह्नवी उर्फ ज्योति कुशवाह (32) के सिर में जा लगी। गोली लगते ही महिला जमीन पर गिर पड़ी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

    घटना के बाद घर में चीख-पुकार मच गई। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने मामले को और गंभीर बना दिया। पुलिस के अनुसार, हादसे के बाद परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना देने के बजाय घटना को छिपाने का प्रयास किया। पति मनोज कुशवाह और देवर योगेश ने मिलकर महिला के शव को एक बड़े डीप फ्रीजर में रख दिया ताकि शव खराब न हो और अंतिम संस्कार बिना किसी को बताए किया जा सके।

    परिजनों ने आसपास के लोगों को यह बताया कि महिला की मौत बीमारी से हुई है, ताकि किसी को शक न हो। रात करीब 11 बजे दोनों आरोपी शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन इसी दौरान एक पड़ोसी को उनकी गतिविधियों पर संदेह हो गया। उसने देखा कि घर में डीप फ्रीजर मंगवाया गया है और देर रात अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है, जिससे उसे शक हुआ और उसने तुरंत पुलिस को सूचना दे दी।

    सूचना मिलते ही थाटीपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस को देखते ही आरोपी पति मनोज और देवर योगेश मौके से फरार हो गए। पुलिस ने घर से शव बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और फोरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया।

    पुलिस ने मामले में अवैध हथियार की भी तलाश शुरू कर दी है और यह जांच की जा रही है कि कट्टा कहां से लाया गया था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि यह घटना पूरी तरह लापरवाही और अवैध हथियार के उपयोग का परिणाम है।

    पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। शव को छिपाने और बिना सूचना अंतिम संस्कार की कोशिश को भी गंभीर अपराध माना जा रहा है।

    यह घटना एक बार फिर हर्ष फायरिंग की खतरनाक परंपरा और अवैध हथियारों के उपयोग पर सवाल खड़े करती है, जिसने एक खुशहाल परिवार को गहरे शोक में बदल दिया।