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  • दिल्ली घूमने का बना रहे हैं प्लान, तो नेशनल जूलॉजिकल पार्क की सैर जरूर करें, जानिए क्या देखें और कैसे पहुंचें

    दिल्ली घूमने का बना रहे हैं प्लान, तो नेशनल जूलॉजिकल पार्क की सैर जरूर करें, जानिए क्या देखें और कैसे पहुंचें


    नई दिल्ली। दिल्ली की भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच अगर आप कुछ समय प्रकृति और वन्यजीवों के बीच बिताना चाहते हैं तो नेशनल जूलॉजिकल पार्क की सैर आपके लिए यादगार अनुभव बन सकती है। राजधानी के मथुरा रोड पर पुराने किले के पास स्थित यह चिड़ियाघर परिवार और बच्चों के साथ घूमने के लिए लोकप्रिय जगहों में शामिल है। यहां हरियाली के बीच अलग-अलग प्रजातियों के वन्यजीवों और पक्षियों को देखने का अवसर मिलता है। यह जगह मनोरंजन के साथ वन्यजीव संरक्षण के बारे में जानने का मौका भी देती है।

    दिल्ली चिड़ियाघर में घूमने के दौरान आपको कई तरह के जानवर और पक्षी देखने को मिल सकते हैं। बाघ और तेंदुए जैसे बड़े मांसाहारी जीवों से लेकर हिरण और बंदरों तक यहां वन्यजीवों की विविधता देखने को मिलती है। रंग-बिरंगे पक्षियों को देखना भी बच्चों के लिए खास अनुभव हो सकता है। जानवरों को उनके निर्धारित बाड़ों में देखकर बच्चे किताबों में पढ़ी जानकारी को वास्तविक जीवन से जोड़ सकते हैं। यही वजह है कि स्कूल के विद्यार्थियों और प्रकृति में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए भी यह जगह आकर्षण का केंद्र है।

    चिड़ियाघर घूमने की योजना बनाते समय समय का ध्यान रखना जरूरी है। आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार एक अप्रैल से 15 अक्टूबर तक यहां सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक घूमने की व्यवस्था है। इस दौरान टिकट बुकिंग शाम 5 बजे बंद हो जाती है। 16 अक्टूबर से 31 मार्च तक सर्दियों में समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक रहता है और टिकट बुकिंग शाम 4:30 बजे बंद होती है। चिड़ियाघर प्रत्येक शुक्रवार को बंद रहता है। इसलिए यात्रा पर निकलने से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर समय और टिकट की ताजा जानकारी जरूर देख लें।

    भारतीय पर्यटकों के लिए सामान्य प्रवेश टिकट की दर वयस्कों के लिए 80 रुपये है। पांच साल तक के बच्चों का प्रवेश निशुल्क है जबकि पांच से 12 साल तक के बच्चों और 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए टिकट 40 रुपये है। टिकट ऑनलाइन बुक करने की सुविधा भी उपलब्ध है। दिव्यांगजनों के लिए व्हीलचेयर की सुविधा निशुल्क दी जाती है। परिसर में बैटरी से चलने वाले वाहन भी उपलब्ध हैं जिनसे पैदल चलने में परेशानी महसूस करने वाले पर्यटकों को मदद मिल सकती है। टिकट की दरों और सुविधाओं में बदलाव संभव है इसलिए जाने से पहले आधिकारिक जानकारी देखना बेहतर रहेगा।

    अगर आप परिवार के साथ जा रहे हैं तो आरामदायक जूते पहनकर निकलें क्योंकि परिसर में घूमने के लिए काफी पैदल चलना पड़ सकता है। पीने के पानी की व्यवस्था रखें और मौसम के अनुसार कपड़े पहनें। चिड़ियाघर के नियमों का पालन करना भी जरूरी है। जानवरों को खाना न खिलाएं और उन्हें परेशान करने से बचें। बाड़ों की सुरक्षा सीमा पार न करें तथा कचरा केवल निर्धारित डस्टबिन में डालें। परिसर में खाने की चीजों और अन्य प्रतिबंधित सामान को लेकर नियम लागू हैं इसलिए प्रवेश से पहले आधिकारिक निर्देश पढ़ लें।

    दिल्ली चिड़ियाघर की सैर को केवल घूमने की गतिविधि न मानें बल्कि इसे प्रकृति और जीव-जंतुओं को समझने का अवसर बनाएं। बच्चों को जानवरों की आदतों और उनके प्राकृतिक आवास के बारे में बताएं। अगर आप दिल्ली में परिवार के साथ एक दिन बिताने के लिए ऐसी जगह तलाश रहे हैं जहां मनोरंजन के साथ सीखने का अनुभव भी मिले तो नेशनल जूलॉजिकल पार्क आपकी यात्रा की योजना में शामिल किया जा सकता है।

  • दिल्ली में घूमने का बना रहे हैं प्लान तो जरूर जाएं चिड़ियाघर जंगल जैसा माहौल और वन्यजीवों का रोमांच मिलेगा एक ही जगह

    दिल्ली में घूमने का बना रहे हैं प्लान तो जरूर जाएं चिड़ियाघर जंगल जैसा माहौल और वन्यजीवों का रोमांच मिलेगा एक ही जगह


    नई दिल्ली। दिल्ली घूमने की योजना बना रहे लोगों के लिए राष्ट्रीय प्राणी उद्यान यानी दिल्ली चिड़ियाघर एक ऐसी जगह है जहां मनोरंजन के साथ वन्यजीवों को करीब से देखने का अनुभव भी मिलता है। राजधानी के बीचोंबीच स्थित यह जगह बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के लिए आकर्षण का केंद्र रहती है। अगर आप शहर की भीड़भाड़ और रोजमर्रा की भागदौड़ से कुछ समय दूर प्रकृति और वन्यजीवों के बीच बिताना चाहते हैं तो चिड़ियाघर की सैर एक अच्छा विकल्प हो सकती है।

    दिल्ली चिड़ियाघर का परिसर काफी बड़ा है और यहां अलग अलग तरह के वन्यजीवों को देखने का मौका मिलता है। यहां घूमते समय पर्यटक कई तरह के पक्षियों और जानवरों को उनके प्राकृतिक व्यवहार के करीब देख सकते हैं। चिड़ियाघर की सैर बच्चों के लिए खास तौर पर सीखने का अनुभव बन सकती है क्योंकि किताबों और तस्वीरों में देखे गए वन्यजीवों को सामने देखकर उनके बारे में जानने की उत्सुकता बढ़ती है।

    चिड़ियाघर में घूमने का मजा तभी ज्यादा आता है जब आप पर्याप्त समय लेकर जाएं। परिसर में पैदल घूमते हुए अलग अलग हिस्सों को देखने में समय लग सकता है। इसलिए जल्दबाजी के बजाय आराम से घूमना बेहतर रहता है। गर्मी के मौसम में सुबह का समय ज्यादा सुविधाजनक हो सकता है जबकि मौसम सुहावना होने पर परिवार के साथ लंबे समय तक घूमने का आनंद लिया जा सकता है। यात्रा से पहले प्रवेश समय और टिकट से जुड़ी ताजा जानकारी आधिकारिक स्रोत से जांच लेना उचित रहेगा।

    यहां घूमने के दौरान वन्यजीवों के साथ सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी है। जानवरों को किसी तरह का भोजन नहीं देना चाहिए और उनके बाड़े के पास शोर करने से भी बचना चाहिए। चिड़ियाघर में लगे निर्देशों का पालन करना पर्यटकों और वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा के लिए जरूरी है। बच्चों के साथ आने वाले परिवारों को खास तौर पर उनका ध्यान रखना चाहिए।

    दिल्ली चिड़ियाघर केवल घूमने और तस्वीरें लेने की जगह नहीं है बल्कि वन्यजीवों और जैव विविधता को समझने का अवसर भी देता है। यहां आने वाले बच्चों को यह समझने में मदद मिल सकती है कि अलग अलग प्रजातियों का संरक्षण क्यों जरूरी है। वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिहाज से ऐसी जगहों की यात्रा उपयोगी हो सकती है।

    परिवार के साथ घूमने वालों के लिए चिड़ियाघर की सैर को एक छोटे दिनभर के आउटिंग प्लान में शामिल किया जा सकता है। दिल्ली के दूसरे पर्यटन स्थलों के साथ इसे जोड़कर यात्रा का कार्यक्रम बनाया जा सकता है। हालांकि एक ही दिन में बहुत ज्यादा जगह देखने के बजाय अपनी सुविधा और मौसम के अनुसार कार्यक्रम बनाना ज्यादा आरामदायक रहेगा।

    अगर आप दिल्ली में ऐसी जगह तलाश रहे हैं जहां मनोरंजन के साथ बच्चों को कुछ नया सीखने का मौका भी मिले तो दिल्ली चिड़ियाघर आपकी यात्रा सूची में शामिल हो सकता है। वन्यजीवों को देखकर बच्चों की जिज्ञासा बढ़ सकती है और परिवार के साथ बिताया समय यादगार बन सकता है। बस इतना ध्यान रखें कि चिड़ियाघर की सैर के दौरान नियमों का पालन करें और वन्यजीवों के प्रति जिम्मेदार व्यवहार रखें।