Tag: Fare

  • मध्यप्रदेश में दिव्यांग यात्रियों को बस किराए में 50 प्रतिशत छूट, पूरा किराया लेने पर बस संचालक के खिलाफ होगी कार्रवाई

    मध्यप्रदेश में दिव्यांग यात्रियों को बस किराए में 50 प्रतिशत छूट, पूरा किराया लेने पर बस संचालक के खिलाफ होगी कार्रवाई

    मध्यप्रदेश: में यात्री बसों से सफर करने वाले दिव्यांग यात्रियों के लिए किराए में 50 प्रतिशत छूट का प्रावधान है। इसके तहत दिव्यांग यात्रियों से निर्धारित किराए का आधा हिस्सा ही लिया जाना चाहिए। यदि किसी यात्री से नियम के विपरीत पूरा किराया वसूला जाता है तो वह इसकी शिकायत कर सकता है। ऐसे मामलों में संबंधित जिला परिवहन अधिकारी या आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। दिव्यांगजनों के अधिकारों से जुड़े मामलों में आयुक्त कार्यालय शिकायतों की जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए अधिकृत है।

    यात्रा के दौरान दिव्यांग यात्री को अपना दिव्यांगता प्रमाण पत्र या दिव्यांग कार्ड साथ रखना होगा। इसे प्रस्तुत करने के बाद निर्धारित किराए का 50 प्रतिशत लिया जाना चाहिए। यह सुविधा दिव्यांग यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन में सहूलियत देने के उद्देश्य से लागू है। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार बस संचालकों को निर्धारित नियम के मुताबिक ही किराया लेना चाहिए। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग प्रदेश में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के क्रियान्वयन से संबंधित कार्य करता है और दिव्यांगजनों के अधिकारों की सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों के पालन की व्यवस्था करता है।

    दिव्यांग यात्री से पूरा किराया वसूले जाने का एक मामला रायसेन में सामने आया था। मामले की जानकारी मिलने के बाद आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय ने इसका संज्ञान लिया और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद जिला परिवहन अधिकारी, रायसेन ने संबंधित बस संचालक के खिलाफ कार्रवाई की। जानकारी के अनुसार महादेव बस ट्रेवल्स के संचालक पर मोटरयान अधिनियम, 1988 के तहत जुर्माने की कार्रवाई की गई। इस मामले में हुई कार्रवाई के बाद दिव्यांग यात्रियों को मिलने वाली किराया रियायत के नियमों के पालन को लेकर सख्ती का संदेश गया।

    दिव्यांगजनों से कहा गया है कि वे आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी आदेश की प्रति अपने जिले के जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत कर नियमों के पालन का आग्रह कर सकते हैं। यदि किसी बस संचालक या कंडक्टर द्वारा नियम के विपरीत पूरा किराया लिया जाता है तो यात्री संबंधित कार्यालय में शिकायत कर सकता है। शिकायत के समय यात्रा की तारीख, बस नंबर, रूट, बस संचालक का नाम, टिकट और उपलब्ध होने पर कंडक्टर की जानकारी रखना उपयोगी होगा। इससे मामले की जांच में सहायता मिल सकती है।

    भोपाल आरटीओ के अनुसार दिव्यांग यात्रियों को बस यात्रा के दौरान अपना वैध दिव्यांगता कार्ड साथ रखना चाहिए। यदि 50 प्रतिशत किराए की सुविधा देने से इनकार किया जाता है या पूरा किराया लिया जाता है तो टिकट और बस से जुड़ी जानकारी सुरक्षित रखनी चाहिए। इसके बाद संबंधित परिवहन अधिकारी या आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय में शिकायत की जा सकती है। आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय को दिव्यांगजनों के अधिकारों के उल्लंघन से संबंधित शिकायतों की जांच करने और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश या सिफारिश करने का अधिकार है।

  • वंदे भारत स्लीपर ट्रेन कोलकाता से गुवाहाटी तक चलेगी पहली स्लीपर वंदे भारतकिराया क्या होगा

    वंदे भारत स्लीपर ट्रेन कोलकाता से गुवाहाटी तक चलेगी पहली स्लीपर वंदे भारतकिराया क्या होगा


    नई दिल्ली । भारत की रेलवे यात्रा में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने के अंत में भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखा सकते हैं। यह ट्रेन कोलकाता से गुवाहाटी तक चलेगीजिससे पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन एक आधुनिक और सुविधाजनक ट्रेन हैजिसे लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रा को और भी आरामदायक और सुरक्षित बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

    उन्नत सुरक्षा और सुविधाएं

    इस वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसमें कवच ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टमऑटोमैटिक दरवाजेऔर उन्नत अग्नि सुरक्षा व्यवस्था जैसी विशेषताएं हैं। साथ हीसभी कोचों में सीसीटीवी निगरानी होगीजिससे सुरक्षा का स्तर बढ़ जाएगा। ट्रेन की सफाई भी एक महत्वपूर्ण पहलू हैऔर इसके लिए नियमित रूप से डिसइंफेक्टेंट स्प्रेयर का उपयोग किया जाएगाताकि उच्च स्वच्छता मानक बनाए जा सकें।

    यात्रियों के लिए बेहतर अनुभव

    यह ट्रेन 16 डिब्बों वाली होगीजिसमें कुल 823 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। इसकी डिजाइन स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा हैहालांकि यह फिलहाल 120 से 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। यह ट्रेन पश्चिम बंगाल और असम के कई प्रमुख जिलों को कवर करेगीजिससे इन क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा।

    किराया

    वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के किराए की अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई हैलेकिन अनुमान है कि यह सामान्य स्लीपर ट्रेन से कुछ ज्यादा हो सकता है। स्लीपर कोच के आरामदायक और आधुनिक सुविधाओं को देखते हुएयात्रियों को ज्यादा किराया चुकाना पड़ सकता है। हालांकियह ट्रेन लंबी दूरी की यात्रा के लिए काफी सुविधाजनक होगी और यात्रियों को एक नया अनुभव प्रदान करेगी।

    शुरुआत की तारीख

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिकप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 या 19 जनवरी को इस ट्रेन को हरी झंडी दिखा सकते हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर इस ट्रेन का निरीक्षण किया था और इसे भारतीय रेलवे के लिए एक “नए युग की शुरुआत” बताया था। यह ट्रेन एक तरह से भारतीय रेलवे के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकती हैजो यात्रियों को न केवल आरामदायक यात्रा का अनुभव प्रदान करेगीबल्कि सुरक्षा और स्वच्छता के मामले में भी एक नई मिसाल कायम करेगी।