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  • फरीदाबाद मर्डर केस में पत्नी और प्रेमी गिरफ्तार, पति की हत्या कर घर के पास जमीन में दबाया शव, पुलिस ने खोला राज

    फरीदाबाद मर्डर केस में पत्नी और प्रेमी गिरफ्तार, पति की हत्या कर घर के पास जमीन में दबाया शव, पुलिस ने खोला राज

    नई दिल्ली ।फरीदाबाद के तिगांव थाना क्षेत्र के गांव मोजाबाद में 42 वर्षीय श्यामवीर की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, हत्या में उसकी पत्नी और उसके साथ रहने वाले एक व्यक्ति की भूमिका सामने आई है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने मिलकर श्यामवीर की हत्या करने के बाद शव को घर के पास जमीन में दबा दिया। मामले का खुलासा सूचना मिलने के बाद पुलिस की जांच में हुआ और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

    पुलिस के मुताबिक, श्यामवीर गांव मोजाबाद स्थित मकान में रहता था। उसके साथ कामत नाम का व्यक्ति भी रहता था। इसी दौरान कामत के मृतक की पत्नी केशव के साथ संबंध बन गए। जांच में सामने आया कि श्यामवीर को दोनों के संबंधों की जानकारी हो गई थी। इसे लेकर घर में विवाद की स्थिति बनने लगी थी।

    पुलिस का कहना है कि श्यामवीर पत्नी और कामत के संबंधों का विरोध करता था। वह शराब के नशे में पत्नी के साथ अक्सर विवाद करता था। इसी वजह से दोनों आरोपियों ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। पुलिस जांच के अनुसार, हत्या की साजिश के तहत श्यामवीर को पहले शराब पिलाई गई।

    घटना 16 अगस्त की शाम की बताई गई है। पुलिस के अनुसार, कामत ने श्यामवीर को शराब पिलाने के बाद उसके नशे में होने का इंतजार किया। इसके बाद इंटरलॉकिंग टाइल से उसके सिर पर वार किया गया। गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौत हो गई। आरोप है कि उस समय पत्नी ने भी वारदात में सहयोग किया और बाहर से दरवाजा बंद कर दिया, जिससे घर के भीतर की आवाज बाहर नहीं जा सके।

    हत्या के बाद दोनों ने शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, घर के पास एक गड्ढा खोदा गया और श्यामवीर के शव को उसमें दबाकर मिट्टी डाल दी गई। इस तरह आरोपियों ने हत्या के बाद शव को छिपाने का प्रयास किया।

    24 अगस्त को फरीदाबाद कंट्रोल रूम के माध्यम से तिगांव थाना पुलिस को जमीन में एक व्यक्ति के दबे होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और निर्धारित प्रक्रिया के तहत जमीन की खुदाई कर शव बाहर निकाला। इसके बाद मृतक की पहचान श्यामवीर के रूप में हुई।

    मामले में मृतक के भाई रामबीर की शिकायत पर तिगांव थाना पुलिस ने केस दर्ज किया। इसके बाद अपराध शाखा की टीम ने जांच को आगे बढ़ाया। पुलिस ने घटनास्थल, परिस्थितियों और आरोपियों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की। पूछताछ के दौरान पुलिस को हत्या की साजिश और शव को जमीन में दबाने से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी मिली।

    पुलिस ने पत्नी केशव और कामत को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के अनुसार, दोनों आरोपियों को बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा। हत्या में इस्तेमाल किए गए सामान और वारदात से जुड़े अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

    पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते मामले का खुलासा 24 घंटे के भीतर किए जाने का दावा किया गया है। फिलहाल जांच का केंद्र हत्या की पूरी साजिश, दोनों आरोपियों की भूमिका और वारदात से जुड़े अन्य संभावित तथ्यों पर है। पुलिस मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

  • 30 लाख का प्लॉट, 40 लाख का आशियाना और एक बुलडोजर कार्रवाई में सब खत्म, फरीदाबाद में उजड़े परिवारों का प्रशासन से बड़ा सवाल

    30 लाख का प्लॉट, 40 लाख का आशियाना और एक बुलडोजर कार्रवाई में सब खत्म, फरीदाबाद में उजड़े परिवारों का प्रशासन से बड़ा सवाल

    नई दिल्ली । हरियाणा के फरीदाबाद स्थित साहुपुरा क्षेत्र का कार्तिक एन्क्लेव इन दिनों प्रशासनिक कार्रवाई के बाद चर्चा का केंद्र बना हुआ है। अवैध कॉलोनियों के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत की गई तोड़फोड़ ने कई परिवारों को गहरे संकट में डाल दिया है। जिन घरों को बनाने में लोगों ने वर्षों की मेहनत, बचत और उधार लिए गए धन का उपयोग किया था, वे अब मलबे के ढेर में तब्दील दिखाई दे रहे हैं। प्रभावित परिवारों का कहना है कि उनके जीवनभर के सपने कुछ घंटों की कार्रवाई में बिखर गए।

    कार्तिक एन्क्लेव में कार्रवाई के बाद का दृश्य किसी आपदा से कम नहीं दिख रहा। टूटे हुए मकान, ध्वस्त दीवारें और बिखरा हुआ निर्माण सामग्री का मलबा पूरे इलाके में नजर आ रहा है। कई परिवार अपने घरों के अवशेषों के बीच खड़े होकर नुकसान का आकलन करने की कोशिश कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि जिस मकान को खड़ा करने में वर्षों का संघर्ष लगा, उसे बचाने का उन्हें कोई अवसर नहीं मिला।

    इसी कॉलोनी में रहने वाली मीना का दर्द इस पूरी घटना की तस्वीर पेश करता है। उनका कहना है कि परिवार कई दशकों से इस क्षेत्र में रह रहा है और लगभग दस वर्ष पहले उन्होंने यहां एक प्लॉट खरीदकर मकान का निर्माण कराया था। उनके अनुसार जमीन खरीदने में करीब 30 लाख रुपये खर्च हुए, जबकि मकान तैयार करने में लगभग 40 लाख रुपये लगाए गए। इसके अलावा उधार लिए गए धन का ब्याज और अन्य खर्च भी लगातार बढ़ते रहे। अब घर के बड़े हिस्से के टूट जाने से परिवार आर्थिक और मानसिक दोनों स्तर पर मुश्किलों का सामना कर रहा है।

    स्थानीय निवासियों का आरोप है कि उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई और भविष्य की सुरक्षा को ध्यान में रखकर यहां निवेश किया था। कई परिवारों ने नौकरी और छोटे व्यवसायों से बचत करके मकान बनाए थे। प्रभावित लोगों का कहना है कि यदि उन्हें पर्याप्त समय पहले स्पष्ट जानकारी मिलती तो वे कम से कम अपने सामान और जरूरी दस्तावेज सुरक्षित निकाल सकते थे। अचानक हुई कार्रवाई ने उन्हें संभलने का अवसर नहीं दिया।

    कार्रवाई के दौरान कॉलोनी के प्रवेश द्वार सहित कई निर्माणों को हटाया गया। क्षेत्र में बने मकानों, बाउंड्री वॉल और अन्य संरचनाओं पर भी बुलडोजर चलाया गया। इसके बाद पूरे इलाके में मायूसी का माहौल देखा गया। जिन परिवारों ने अपने बच्चों के भविष्य और स्थायी आवास के सपने के साथ घर बनाए थे, वे अब खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

    दूसरी ओर जिला नगर योजनाकार विभाग का कहना है कि कार्रवाई नियमानुसार की गई है। विभाग के अनुसार संबंधित क्षेत्र में अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनी के खिलाफ अभियान चलाया गया। प्रशासन का दावा है कि कार्रवाई से पहले संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए गए थे और निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया। अधिकारियों के मुताबिक अवैध निर्माणों को हटाने के लिए जेसीबी मशीनों का उपयोग किया गया तथा पूरे अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा।

    यह मामला एक बार फिर शहरी विस्तार, भूमि नियमन और अवैध कॉलोनियों के मुद्दे को केंद्र में ले आया है। जहां प्रशासन नियमों के पालन और अवैध निर्माणों पर नियंत्रण की बात कर रहा है, वहीं प्रभावित परिवार अपने नुकसान और भविष्य को लेकर चिंतित हैं। कार्तिक एन्क्लेव में खड़े मलबे के ढेर अब केवल टूटे हुए निर्माण नहीं, बल्कि उन लोगों की उम्मीदों और संघर्षों की कहानी भी बयां कर रहे हैं, जो अपने जीवनभर की कमाई से बनाए गए घरों के उजड़ने के बाद जवाब की तलाश में हैं।