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  • आग बुझाने गया किसान खुद बन गया शिकार, सतना में 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत

    आग बुझाने गया किसान खुद बन गया शिकार, सतना में 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत


    सतना । सतना जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया जहां अरहर के खेत में लगी आग बुझाने के प्रयास में एक वृद्ध किसान की झुलसकर मौत हो गई। यह घटना बरौंधा थाना क्षेत्र के बकोटा गांव की है जहां मंगलवार दोपहर अचानक खेत में आग भड़क उठी और देखते ही देखते उसने विकराल रूप ले लिया।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार बकोटा गांव निवासी 80 वर्षीय मुरलिया यादव अपने खेत में लगी आग को बुझाने के लिए मौके पर पहुंचे थे। आग तेजी से फैल रही थी और आसपास की फसलों को भी अपनी चपेट में ले रही थी। ऐसे में मुरलिया यादव ने बिना अपनी सुरक्षा की परवाह किए आग बुझाने का प्रयास शुरू किया लेकिन इसी दौरान वे लपटों में घिर गए और गंभीर रूप से झुलस गए।

    ग्रामीणों ने घटना को देख तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया और मुरलिया यादव को बाहर निकालने की कोशिश की लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उन्हें गंभीर रूप से जलने से बचाया नहीं जा सका। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल छा गया और हर कोई इस हादसे से स्तब्ध नजर आया।

    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि खेत में आग अचानक लगी हालांकि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के मौसम में खेतों में सूखी फसल और तेज हवाओं के कारण आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में थोड़ी सी चिंगारी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में जागरूकता अभियान चलाया जाए और किसानों को सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी दी जाए।

    यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि खेतों में आग लगने की स्थिति में बिना सुरक्षा के उसे बुझाने का प्रयास कितना खतरनाक हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आग लगने पर तुरंत फायर ब्रिगेड या संबंधित अधिकारियों को सूचना देना चाहिए और खुद जोखिम उठाने से बचना चाहिए।

    मुरलिया यादव का यह बलिदान गांव के लोगों के लिए एक बड़ी क्षति है। वे अपने परिवार और समुदाय के लिए समर्पित किसान थे। इस दुखद घटना ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।

    प्रशासन और पुलिस अब इस घटना की जांच कर रहे हैं और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं ग्रामीणों को भी सतर्क रहने और भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

  • झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से किसान की मौत, गलत इंजेक्शन लगाते ही बिगड़ी हालत, आरोपी फरार

    झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से किसान की मौत, गलत इंजेक्शन लगाते ही बिगड़ी हालत, आरोपी फरार

    भिण्ड । मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले के मिहोना कस्बे में झोलाछाप डॉक्टर की गंभीर लापरवाही से एक किसान की जान चली गई। सर्दी-खांसी के सामान्य इलाज के लिए क्लिनिक पहुंचे 40 वर्षीय किसान को डॉक्टर द्वारा गलत इंजेक्शन लगाए जाने से उसकी हालत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही मिनटों में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद से आरोपी झोलाछाप डॉक्टर फरार बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, मृतक किसान की पहचान जगनपुरा गांव निवासी अखिलेंद्र सिंह राजावत 40 के रूप में हुई है। अखिलेंद्र को सर्दी खांसी और जुकाम की शिकायत थी जिसके चलते वह 13 दिसंबर 2025 की दोपहर इलाज के लिए मिहोना कस्बे के कश्मीर क्षेत्र में संचालित झोलाछाप डॉक्टर विजय बंगाली की क्लिनिक पर गया था। परिजनों को उम्मीद थी कि सामान्य इलाज के बाद वह जल्द ठीक हो जाएगा लेकिन यह फैसला उसके लिए जानलेवा साबित हुआ।

    इलाज के दौरान जैसे ही डॉक्टर ने अखिलेंद्र को इंजेक्शन लगाया उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इंजेक्शन लगते ही किसान को बेचैनी होने लगी और वह तड़पने लगा। परिजन और आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते या उसे किसी बड़े अस्पताल ले जाने का प्रयास करते इससे पहले ही उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अचानक हुई इस घटना से परिजनों में कोहराम मच गया।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रारंभिक जांच में डॉक्टर की लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी झोलाछाप डॉक्टर विजय बंगाली के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि बिना वैध डिग्री और पंजीकरण के इलाज करना कानूनन अपराध है और इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    घटना के बाद से ही आरोपी डॉक्टर क्लिनिक बंद कर फरार हो गया है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। वहीं इस घटना के बाद इलाके में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे फर्जी डॉक्टर खुलेआम क्लिनिक चला रहे हैं, जिन पर प्रशासन की सख्त निगरानी जरूरी है। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को भी अवैध रूप से संचालित क्लिनिकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की बात कही गई है।