Tag: Farmer Murder

  • शहडोल में सनसनी: तेंदूपत्ता गिनती से लौट रहे किसान की जंगल मार्ग में हत्या, बाइक पर मिला शव

    शहडोल में सनसनी: तेंदूपत्ता गिनती से लौट रहे किसान की जंगल मार्ग में हत्या, बाइक पर मिला शव


    शहडोल, मध्यप्रदेश: शहडोल जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक किसान की बेरहमी से हत्या कर दी गई। देवराव गांव निवासी तुलसी दास कुशवाहा का शव सोमवार सुबह गांव के पास जंगल मार्ग में उनकी बाइक पर खून से लथपथ हालत में मिला। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए।

    मृतक रविवार शाम तेंदूपत्ता की गिनती के लिए घर से निकला था। बताया जा रहा है कि वह गांव में चल रहे तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य में शामिल होने गया था। परिजनों के अनुसार, तुलसी दास देर रात तक घर नहीं लौटे, जिसके बाद परिवार में चिंता बढ़ गई। सुबह जब उनकी कोई जानकारी नहीं मिली तो तलाश शुरू की गई।

    इसी दौरान गांव के कुछ लोग जंगल मार्ग से गुजर रहे थे, जहां उन्होंने सड़क किनारे खड़ी बाइक पर एक व्यक्ति का शव पड़ा देखा। पास जाकर देखने पर वह तुलसी दास कुशवाहा निकले। शव के आसपास बड़ी मात्रा में खून फैला हुआ था, जिससे स्पष्ट हो रहा था कि हत्या बेहद निर्मम तरीके से की गई है।

    सूचना मिलते ही ब्यौहारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि मृतक पर किसी धारदार हथियार से कई बार हमला किया गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

    घटना को लेकर परिजनों ने पुरानी रंजिश की आशंका जताई है। उनका कहना है कि किसी विवाद के चलते तुलसी दास की हत्या की गई हो सकती है। हालांकि पुलिस ने अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है और सभी संभावित एंगल से जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस टीम आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है और घटनास्थल के आसपास से सबूत जुटाए जा रहे हैं। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उनकी तलाश तेज कर दी गई है।

    अधिकारियों के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हत्या के तरीके और कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। फिलहाल इस वारदात ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और ग्रामीणों में आक्रोश भी देखा जा रहा है।

  • तानों से टूटा सब्र, कैंसर पीड़ित छोटे भाई ने दोस्त के साथ मिलकर सगे बड़े भाई को उतारा मौत के घाट!

    तानों से टूटा सब्र, कैंसर पीड़ित छोटे भाई ने दोस्त के साथ मिलकर सगे बड़े भाई को उतारा मौत के घाट!


    नई दिल्ली। रिश्तों के कत्ल की एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। भिंड जिले में 11 मार्च को हुई किसान कृष्णकांत पाराशर की हत्या का राज फाश करते हुए पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। अपने ही बड़े भाई के तानों से तंग आकर एक कैंसर पीड़ित नाबालिग ने अपने दोस्त के साथ मिलकर मौत की खौफनाक पटकथा लिखी।

    वारदात की जड़:60 लाख का इलाज और कड़वे बोल
    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी नाबालिग लंबे समय से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रहा है। उसके इलाज के लिए परिवार को अपनी पैतृक संपत्ति बेचनी पड़ी, जिसमें करीब 60 लाख रुपये खर्च हो गए। इसी आर्थिक तंगी और बीमारी के बोझ के चलते फरवरी में उनके पिता का भी निधन हो गया।

    बड़ा भाई कृष्णकांत अक्सर छोटे भाई को यह कहकर प्रताड़ित करता था कि “तेरी बीमारी की वजह से सब बिक गया और पिता भी चले गए।” इन्हीं तानों से आहत होकर छोटे भाई ने भाई को ही रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया।

    साजिश: मुंबई से कीमो कराकर लौटा और थाम लिया कट्टा
    नाबालिग 9 मार्च को मुंबई से कीमोथेरेपी कराकर लौटा और अपने दोस्त अरमान खान के साथ मिलकर हत्या की प्लानिंग की। अरमान ने दो देसी कट्टे और कारतूसों का इंतजाम किया। 11 मार्च को साजिश के तहत नाबालिग ने कृष्णकांत को मौसी के घर मिलने के बहाने बुलाया। जामपुरा रेलवे लाइन के पास दोनों भाइयों में बहस हुई, हाथापाई के दौरान नाबालिग का निशाना चूक गया, लेकिन पीछे खड़े दोस्त अरमान ने भागते हुए कृष्णकांत पर फायरिंग कर दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

    पुलिस की कार्रवाई: 100 कैमरे और ‘मुंडन’ का खेल
    वारदात के बाद आरोपी मुरैना भाग गए और पहचान छिपाने के लिए अपने सिर मुंडवा लिए। पुलिस अधीक्षक डॉ. असित यादव के नेतृत्व में टीम ने 100 से अधिक CCTV कैमरों को खंगाला। जब नाबालिग घर से गायब मिला, तो पुलिस का शक यकीन में बदल गया। रविवार को मुखबिर की सूचना पर फूप कस्बे के पास एक खाली कमरे से दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

    दोस्ती या पुरानी दुश्मनी?
    सह-आरोपी अरमान खान के पिता की हत्या 20 साल पहले हुई थी, जिसका आरोप कृष्णकांत के चाचा पर था। पुलिस पूछताछ में अरमान ने कहा कि उसने “दोस्ती निभाने” के लिए गोली चलाई, लेकिन पुलिस इसे पुराने पारिवारिक विवाद और बदले की भावना से भी जोड़कर देख रही है।

    एक और सनसनी: आष्टा में जमीन के लिए दो सगे भाई-बहनों का कत्ल
    अभी भिंड का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि सीहोर के आष्टा (धर्मपुरी) से एक और रूह कंपा देने वाली खबर आई। यहाँ जमीन विवाद में एक ताऊ (हरिसिंह मालवीय) ने अपने ही छोटे भाई के दो जवान बच्चों, शीतल (20) और कुलदीप (19) की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र को हिरासत में ले लिया है।