Tag: Farmer Welfare Year 2026

  • खाली कुर्सियों से कैसे होगा किसान कल्याण, जीतू पटवारी का पीएम मोदी को पत्र, MP के कृषि विभाग में हजारों पद खाली

    खाली कुर्सियों से कैसे होगा किसान कल्याण, जीतू पटवारी का पीएम मोदी को पत्र, MP के कृषि विभाग में हजारों पद खाली


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में कृषि व्यवस्था को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Jitu Patwari ने प्रधानमंत्री Narendra Modi को पत्र लिखकर राज्य के कृषि और उससे जुड़े विभागों में बड़ी संख्या में खाली पड़े पदों का मुद्दा उठाया है। पटवारी ने मुख्यमंत्री Mohan Yadav द्वारा वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” घोषित किए जाने पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जब विभागों में कर्मचारियों की भारी कमी है, तब केवल घोषणाओं से किसानों का भला संभव नहीं है।

    अपने पत्र में पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकारी उदासीनता के कारण प्रदेश का कृषि तंत्र कमजोर होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए जो प्रशासनिक ढांचा होना चाहिए, वह ही अधूरा पड़ा है। ऐसे में “कृषक कल्याण वर्ष” जैसी घोषणाएं जमीन पर प्रभावी साबित नहीं होंगी।

    पटवारी ने आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि मध्य प्रदेश के कृषि विभाग में कुल 14,537 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 8,468 पद खाली पड़े हैं। यानी विभाग का लगभग 60 प्रतिशत स्टाफ मौजूद नहीं है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर पद रिक्त होने से किसानों तक सरकारी योजनाएं सही तरीके से नहीं पहुंच पा रही हैं।

    उन्होंने खास तौर पर ‘ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी’ जैसे अहम पदों का जिक्र करते हुए कहा कि इनकी कमी के कारण खेत स्तर पर किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन नहीं मिल पा रहा है। साथ ही फसल नुकसान का सर्वे, मृदा परीक्षण और Soil Health Card Scheme जैसी योजनाओं का क्रियान्वयन भी प्रभावित हो रहा है।

    पटवारी ने अपने पत्र में कृषि से जुड़े अन्य विभागों की स्थिति भी सामने रखी।

    उनके अनुसार उद्यानिकी विभाग में 3,079 पदों में से 1,459 पद खाली हैं, जो लगभग 47 प्रतिशत हैं। मत्स्य पालन विभाग में 1,290 पदों में से 722 पद रिक्त हैं। पशुपालन एवं डेयरी विभाग में 7,992 पदों में से 1,797 पद खाली बताए गए हैं। इसके अलावा खाद्य विभाग के जिला कार्यालयों में 598 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 245 कर्मचारी कार्यरत हैं। वहीं कृषि अभियांत्रिकी विभाग में 1,065 पदों में से 557 पद खाली पड़े हैं।

    इस मुद्दे पर पटवारी ने केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Shivraj Singh Chouhan पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चौहान लंबे समय तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे, लेकिन कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए संस्थागत ढांचे पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।

    पटवारी के अनुसार वर्तमान सरकार भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए घोषणाएं कर रही है, जबकि जमीनी व्यवस्था कमजोर बनी हुई है।

    कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री से इस पूरे मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया कि मध्य प्रदेश के कृषि और उससे जुड़े विभागों में खाली पदों की तत्काल समीक्षा कराई जाए और राज्य सरकार को जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए जाएं। इसके साथ ही उन्होंने कृषि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए जमीनी स्तर पर संस्थागत क्षमता बढ़ाने की राष्ट्रीय रणनीति तैयार करने की भी मांग की।

    पटवारी ने अपने पत्र में कहा कि मध्य प्रदेश का किसान पहले ही मौसम की मार और बाजार की अनिश्चितताओं से जूझ रहा है। ऐसे में सरकारी विभागों में खाली पदों की वजह से उसे आवश्यक सेवाएं भी समय पर नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से लेगी और किसानों के हित में ठोस कदम उठाएगी।

    पटवारी द्वारा भेजे गए इस पत्र की प्रतिलिपि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भी भेजी गई है। इसके बाद प्रदेश की राजनीति में कृषि व्यवस्था और सरकारी भर्तियों को लेकर बहस तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 30 जनवरी को करेंगे राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी का शुभारंभ

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 30 जनवरी को करेंगे राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी का शुभारंभ


    भोपाल । कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अवसर पर राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार, 30 जनवरी को दोपहर 3 बजे शासकीय गुलाब उद्यान, लिंक रोड क्रमांक-1, भोपाल में इस प्रदर्शनी का शुभारंभ करेंगे। प्रदर्शनी का आयोजन उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग और मध्यप्रदेश रोज़ सोसायटी के संयुक्त प्रयास से किया जा रहा है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य राज्य में पुष्प उत्पादन को बढ़ावा देना और उद्यानिकी गतिविधियों में नई प्रवृत्तियों को प्रोत्साहित करना है।

    प्रदर्शनी में विभिन्न प्रकार के फूलों की विस्तृत रेंज को प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें स्थानीय और विदेशी प्रजातियों के गुलाब, गेंदा, सूरजमुखी, और अन्य सजावटी पौधे शामिल होंगे। इसके अलावा, प्रदर्शनी में फूलों की खेती, कटिंग, पौधरोपण तकनीक और उद्यानिकी से जुड़े नवाचारों के स्टाल भी लगेंगे।

    इस प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों और उद्यानिक प्रेमियों को फूलों की खेती और उनके व्यवसायिक अवसरों के बारे में जानकारी दी जाएगी। आयोजकों का कहना है कि यह पहल उद्यानिकी क्षेत्र को न सिर्फ रोजगार के अवसर प्रदान करेगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था में भी योगदान देगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस मौके पर पौधरोपण करेंगे और प्रदर्शनी के प्रमुख स्टालों का अवलोकन करेंगे। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस प्रदर्शनी में आएं और पुष्प उत्पादन की महत्वता को समझें।

  • भोपाल में 1101 ट्रैक्टरों की भव्य रैली, CM मोहन यादव ने किसानों को हरी झंडी दिखाकर किया ‘कृषक कल्याण वर्ष’ का शुभारंभ

    भोपाल में 1101 ट्रैक्टरों की भव्य रैली, CM मोहन यादव ने किसानों को हरी झंडी दिखाकर किया ‘कृषक कल्याण वर्ष’ का शुभारंभ




    भोपाल।
    भोपाल में रविवार का दिन किसानों के नाम रहा, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कोकता बायपास स्थित आरटीओ कार्यालय के पास से 1101 ट्रैक्टरों की भव्य रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस ऐतिहासिक मौके पर मुख्यमंत्री खुद ट्रैक्टर की स्टेयरिंग संभालते नजर आए और रैली में शामिल होकर किसानों के साथ कदम से कदम मिलाया। उनके साथ कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना और विधायक रामेश्वर शर्मा भी ट्रैक्टर पर सवार रहे। सैकड़ों ट्रैक्टरों की कतार और किसानों का उत्साह राजधानी की सड़कों पर एक अलग ही दृश्य रच रहा था।

    रैली को रवाना करने से पहले कोकता बायपास क्षेत्र ‘बोल बम’ और भोलेनाथ के जयकारों से गूंज उठा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों को संबोधित करते हुए इतिहास और आस्था का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक हजार साल पहले महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर को तोड़ने का प्रयास किया था, लेकिन आज वही सोमनाथ मंदिर फिर से अपने वैभव में भोलेनाथ के जयकारों से गूंज रहा है।

    उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके संकल्प से सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ। साथ ही मुख्यमंत्री ने अयोध्या में भगवान राम मंदिर निर्माण को 500 वर्षों के संघर्ष का परिणाम बताया।

    ट्रैक्टर रैली के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह पिछले वर्ष पूरे प्रदेश में ‘उद्योग और रोजगार वर्ष’ मनाया गया था, उसी तर्ज पर अब सरकार ने पूरे साल को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाने का फैसला किया है। यह केवल एक दिन या एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सालभर किसानों के हित में योजनाबद्ध और निरंतर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि इस वर्ष के अंत तक किसानों की आय, खेती की लागत और उत्पादन से जुड़े कई ठोस और सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि कृषक कल्याण वर्ष केवल कृषि विभाग तक सीमित नहीं रहेगा। अब प्रदेश के 16 विभाग मिलकर किसानों के लिए काम करेंगे, ताकि खेती से जुड़े हर पहलू को मजबूत किया जा सके।

    उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश की कृषि विकास दर इस समय लगभग 16 प्रतिशत की गति से बढ़ रही है और इसे और आगे ले जाने के लिए किसानों की आय बढ़ाने तथा लागत घटाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने रैली के दौरान कहा कि हेलिकॉप्टर से आते समय जहां नजर गई, वहां ट्रैक्टर ही ट्रैक्टर दिखाई दे रहे थे। यह तो सिर्फ झांकी है, आने वाले समय में किसान कल्याण की तस्वीर और भी बड़ी होगी।

    रैली के बाद मुख्यमंत्री जंबूरी मैदान पहुंचे, जहां ‘कृषक कल्याण वर्ष-2026’ के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उन्होंने किसानों को सरकार की आगामी योजनाओं, कार्यक्रमों और कार्ययोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य खेती को केवल परंपरागत कार्य न मानकर उसे लाभकारी, टिकाऊ और तकनीक आधारित रोजगार का माध्यम बनाना है।

    कृषक कल्याण वर्ष-2026 के तहत सरकार का विशेष फोकस उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों पर रहेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन और वानिकी को एकीकृत करते हुए जिला स्तरीय क्लस्टर आधारित विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही प्राकृतिक खेती, डिजिटल सेवाओं, उच्च उत्पादकता और कृषि प्रसंस्करण के माध्यम से किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। एग्री-टेक, ड्रोन सेवाएं, एफपीओ प्रबंधन, हाइड्रोपोनिक्स और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में ग्रामीण युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि और समृद्ध ग्रामीण क्षेत्र मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इसी कारण राज्य सरकार लगातार कृषि बजट में बढ़ोतरी कर रही है। समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीदी, सोयाबीन उत्पादकों के लिए भावांतर योजना, प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को राहत, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना और रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना जैसी कई योजनाएं पहले से संचालित हैं।

    कृषक कल्याण वर्ष-2026 के माध्यम से इन सभी योजनाओं को और प्रभावी बनाया जाएगा।

    इस भव्य ट्रैक्टर रैली और कार्यक्रम के चलते भोपाल की कई सड़कों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया। कोकता बायपास, मिसरोद-सलैया क्षेत्र, खजूरी कला, पटेल नगर चौराहा, प्रेस्टीज कॉलेज के आसपास और जंबूरी मैदान तक जाने वाले मार्गों पर विशेष ट्रैफिक प्लान लागू रहा। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की कि वे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।

    कुल मिलाकर, 1101 ट्रैक्टरों की यह रैली केवल एक शक्ति प्रदर्शन नहीं थी, बल्कि यह संदेश भी थी कि मध्यप्रदेश सरकार किसानों को केंद्र में रखकर विकास की नई कहानी लिखने जा रही है। ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के जरिए सरकार का लक्ष्य अन्नदाता के सम्मान, आय वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देना है।

  • ट्रैक्टर रैली से ट्रैफिक डायवर्जन, भारत भवन में सजेगा विचारों का मंच…

    ट्रैक्टर रैली से ट्रैफिक डायवर्जन, भारत भवन में सजेगा विचारों का मंच…


    नई दिल्ली ।आज राजधानी भोपाल में साहित्यसंस्कृतिप्रशासन और किसान हितों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। रविवार को शहर एक ओर जहां विचारों और कला की खुशबू से महकेगावहीं दूसरी ओर ट्रैक्टरों की गूंज से सड़कों पर हलचल बढ़ेगी। भारत भवन में चल रहे भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल 2026 का आज समापन दिवस हैजबकि मध्यप्रदेश सरकार कृषक कल्याण वर्ष 2026 की औपचारिक शुरुआत विशाल ट्रैक्टर रैली के साथ करेगी। इन बड़े आयोजनों के कारण शहर की यातायात व्यवस्था में भी अहम बदलाव किए गए हैं।प्रशासन के अनुसार रविवार सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक भोपाल के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन रहेगा। कोकता बायपासमिसरोद–सलैया रोडखजूरी कलापटेल नगरलांबाखेड़ाबागसेवनियाअशिमा मॉलएम्स रोड और जंबूरी मैदान के आसपास यातायात का दबाव अधिक रहने की संभावना है। नागरिकों से अपील की गई है कि गैर-जरूरी यात्रा से बचें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करेंताकि जाम की स्थिति न बने।

    भारत भवन में आयोजित भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल का आज फिनाले है। समापन दिवस पर संविधानइतिहासपर्यावरणवैश्विक राजनीतिसिनेमा और समकालीन साहित्य जैसे विषयों पर केंद्रित सत्र होंगे। देश के प्रख्यात लेखकचिंतक और कलाकार अपने विचार साझा करेंगे। इसके साथ ही कविता पाठसंवाद सत्र और आर्ट परफॉर्मेंस के जरिए सांस्कृतिक रंग भी बिखरेंगे। साहित्य प्रेमियों के लिए यह दिन विचारों के उत्सव जैसा रहेगा।शहर में आज अन्य सांस्कृतिक गतिविधियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। जनजातीय संग्रहालय में दोपहर 12 बजे शलाका चित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ होगाजिसमें पारंपरिक और समकालीन कला का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। वहीं भेल स्थित चंद्रप्रभु जैन मंदिर परिसर में जैन शिरोज भोपाल द्वारा कार्निवाल 3.0 की शुरुआत होगीजहां सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ फूड फेस्टटैलेंट हंट और महिला उद्यमिता से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

    इसी बीच राज्य सरकार किसानों को समर्पित कृषक कल्याण वर्ष 2026 की शुरुआत भी आज करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कोकता बायपास स्थित आरटीओ कार्यालय के पास लगभग 1101 ट्रैक्टरों की रैली को हरी झंडी दिखाएंगे। यह रैली जंबूरी मैदान पहुंचेगीजहां राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित होगा। मुख्यमंत्री किसानों को वर्ष भर चलने वाली योजनाओंनवाचारों और कृषि रोडमैप की जानकारी देंगे। सरकार का फोकस उद्यानिकीपशुपालनडेयरीमत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण पर रहेगाताकि खेती को तकनीक आधारितरोजगारोन्मुख और अधिक लाभकारी बनाया जा सके।

    उधरभोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के चुनाव को लेकर भी आज सरगर्मी तेज रहेगी। अध्यक्ष पद के लिए नामांकन की आज अंतिम तिथि है। पूर्व अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पालीवरिष्ठ नेता गोविंद गोयल और आकाश गोयल के मैदान में उतरने से मुकाबला रोचक हो गया है। आने वाले दिनों में नामांकन जांच और नाम वापसी के बाद तस्वीर और साफ होगी।

    कुल मिलाकर आज का दिन भोपाल के लिए विचारसंस्कृतिकिसान शक्ति और सियासी हलचल से भरा हुआ रहने वाला है।