Tag: Farmers’ Demands

  • एनओसी के लिए किसान का अनोखा प्रदर्शन: बैंक में ढोल बजाकर किया डांस, अधिकारियों के उड़े होश

    एनओसी के लिए किसान का अनोखा प्रदर्शन: बैंक में ढोल बजाकर किया डांस, अधिकारियों के उड़े होश

    धार। जिले में एक किसान ने बैंक की कार्यप्रणाली से परेशान होकर विरोध का ऐसा तरीका अपनाया जिसने सभी को चौंका दिया। ग्राम आहू के पास चंदवाडा के किसान विजय पाटीदार अपने परिवार और ढोल के साथ आईडीएफसी बैंक पहुंचे और बैंक के अंदर ही ढोल बजाकर जमकर डांस करने लगे। अचानक हुए इस घटनाक्रम से बैंक कर्मचारी और अधिकारी हैरान रह गए।

    डेढ़ महीने से एनओसी के लिए भटक रहा किसान

    किसान विजय पाटीदार ने बताया कि उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड के तहत करीब 13 लाख रुपये का लोन लिया था जिसे उन्होंने लगभग डेढ़ महीने पहले चुका दिया है। इसके बावजूद बैंक की ओर से अब तक उन्हें एनओसी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया है।उनका आरोप है कि वे पिछले डेढ़ महीने से लगातार बैंक के चक्कर काट रहे हैं लेकिन हर बार अलग-अलग कारण बताकर उन्हें टाल दिया जाता है जिससे वे काफी परेशान हो चुके हैं।

    ढोल बजाकर सुनाई अपनी परेशानी
    किसान का कहना है कि जब बार-बार शिकायत के बावजूद उनकी बात नहीं सुनी गई तो उन्होंने यह अनोखा तरीका अपनाया। वह ढोल लेकर बैंक पहुंचे और अंदर ही प्रदर्शन करते हुए डांस करने लगे ताकि अधिकारियों का ध्यान उनकी समस्या की ओर जाए। इस दौरान बैंक में मौजूद लोग और कर्मचारी यह नजारा देखकर हैरान रह गए।

    मैनेजर के आश्वासन पर शांत हुआ मामला

    काफी देर तक चले इस प्रदर्शन के बाद बैंक मैनेजर ने किसान को समझाइश दी और आश्वासन दिया कि उन्हें शाम तक एनओसी दे दी जाएगी। इसके बाद किसान शांत होकर बैंक से बाहर निकल गया।

    मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

    किसान विजय पाटीदार ने साफ कहा है कि यदि शाम तक उन्हें एनओसी नहीं मिलती है तो वे बैंक के बाहर धरने पर बैठकर आंदोलन शुरू करेंगे। उनका यह अनोखा विरोध अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे: किसानों की जीत, मुआवजे की लड़ाई जारी

    उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे: किसानों की जीत, मुआवजे की लड़ाई जारी


    नई दिल्ली। उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना को अब नॉर्मल हाईवे के रूप में स्वीकृति मिल गई है। यह फैसला प्रभावित 62 गांवों के करीब 400 किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। शनिवार देर रात किसानों ने भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर इस निर्णय के लिए उनका आभार जताया।

    किसानों ने मुख्यमंत्री से अपनी दो प्रमुख मांगों पर चर्चा की। पहली मांग थी कि हाईवे को एक्सेस कंट्रोल रोड के बजाय नॉर्मल हाईवे के रूप में बनाया जाए ताकि गांवों की कनेक्टिविटी और आवागमन प्रभावित न हो। मुख्यमंत्री ने इस मांग को स्वीकार कर किसानों को संतोष दिया।

    दूसरी और सबसे महत्वपूर्ण मांग थी भूमि अधिग्रहण के लिए वास्तविक बाजार मूल्य पर मुआवजा देने की। किसानों का आरोप है कि जिला प्रशासन द्वारा तय मुआवजा दरें बेहद कम हैं। 2024–25 की गाइडलाइन के अनुसार केवल 1,700 रुपये से 10,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, उज्जैन–इंदौर ग्रीनफील्ड रोड परियोजना में किसानों को कई जगह 45 लाख रुपये प्रति बीघा तक का मुआवजा मिला था। इसके मुकाबले उज्जैन–जावरा परियोजना में केवल 2–4 लाख रुपये प्रति बीघा का प्रस्ताव है, जिसे किसान अन्यायपूर्ण मान रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उचित मुआवजा दिया जाएगा और उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने किसानों से संयम और भरोसा बनाए रखने की अपील भी की।

    इस निर्णय से प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में हल्की राहत की स्थिति है, लेकिन मुआवजे को लेकर संघर्ष अभी जारी है।