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  • भोपाल की झुग्गी से अंतरराष्ट्रीय फैशन रैंप तक पहुंचने का सपना, 22 साल की प्रीति प्रजापति के लिए बहन ने सिले कपड़े, पिता बने ताकत

    भोपाल की झुग्गी से अंतरराष्ट्रीय फैशन रैंप तक पहुंचने का सपना, 22 साल की प्रीति प्रजापति के लिए बहन ने सिले कपड़े, पिता बने ताकत

    मध्य प्रदेश: की राजधानी भोपाल की एक झुग्गी बस्ती से निकलकर मॉडलिंग की दुनिया में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहीं 22 वर्षीय प्रीति प्रजापति की कहानी मेहनत, पारिवारिक सहयोग और बड़े सपने देखने के हौसले की मिसाल है। लहारपुर के रामेश्वरम एक्सटेंशन की तंग गलियों में रहने वाली प्रीति के परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य है। उनके पिता मिस्त्री का काम करते हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। इसके बावजूद परिवार ने प्रीति के सपनों को आगे बढ़ने से नहीं रोका। आज वह मॉडलिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ने और अंतरराष्ट्रीय फैशन रैंप पर अपनी प्रतिभा दिखाने का सपना देख रही हैं।

    प्रीति के पास शुरुआत में न तो मॉडलिंग के लिए कोई बड़ा स्टूडियो था और न ही महंगे डिजाइनर कपड़े खरीदने के पर्याप्त संसाधन। ऐसे में उन्होंने अपने घर के सामने की गली को ही अभ्यास का स्थान बना लिया। वहीं रैंप वॉक की तैयारी की और अपने वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने शुरू किए। धीरे-धीरे उनके वीडियो लोगों तक पहुंचने लगे और उनकी मेहनत को पहचान मिलने लगी। जिस गली में उन्होंने अपने मॉडलिंग सफर की शुरुआत की थी, वहां से आगे बढ़कर अब वह बड़े रैंप वॉक कार्यक्रमों में भी नजर आने लगी हैं।

    बहन ने अपने हुनर से पूरा किया बहन का सपना

    प्रीति की इस यात्रा में उनकी बहन रेखा प्रजापति का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। मॉडलिंग के लिए महंगे कपड़े खरीदना परिवार के लिए आसान नहीं था। ऐसे में रेखा ने अपनी सिलाई के हुनर का इस्तेमाल करते हुए प्रीति के लिए कपड़े तैयार किए। इससे प्रीति को अपने अभ्यास और कार्यक्रमों के लिए जरूरी परिधान मिल सके।

    रेखा का भी फैशन की दुनिया में अपनी पहचान बनाने का सपना है। वह फैशन डिजाइनर बनना चाहती हैं। इस तरह दोनों बहनें अपने-अपने हुनर के सहारे आगे बढ़ने की कोशिश कर रही हैं। एक बहन मॉडलिंग में अपनी जगह बनाने के लिए मेहनत कर रही है, जबकि दूसरी कपड़े सिलने की कला को फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र तक ले जाना चाहती है। उनका साथ दिखाता है कि सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार के भीतर मौजूद प्रतिभा और सहयोग बड़े सपनों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

    मिस्त्री पिता और गृहिणी मां ने बढ़ाया हौसला

    प्रीति के पिता मोतीलाल प्रजापति मिस्त्री का काम करते हैं और उनकी मां कलिंदा प्रजापति गृहिणी हैं। परिवार में दो भाई और तीन बहनें हैं। सभी तीन कमरों के छोटे से मकान में रहते हैं। आर्थिक परिस्थितियां सामान्य होने के बावजूद माता-पिता ने प्रीति की महत्वाकांक्षाओं पर पाबंदी नहीं लगाई।

    प्रीति की मां अपनी बेटी को आगे बढ़ते देखकर खुश हैं। वहीं पिता भी उसका पूरा सहयोग करते हैं और चाहते हैं कि वह अपनी मेहनत से परिवार का नाम रोशन करे। परिवार का यह समर्थन प्रीति के लिए आगे बढ़ने की प्रेरणा बना हुआ है।

    गली में अभ्यास से बड़े रैंप तक का सफर

    जब प्रीति घर के सामने की गली में रैंप वॉक का अभ्यास करती थीं, तब आसपास के लोग उनसे पूछते थे कि वह ऐसा क्यों कर रही हैं। उस समय उनके मॉडलिंग के सपने को लेकर लोगों के मन में सवाल थे। हालांकि, प्रीति ने अभ्यास जारी रखा और धीरे-धीरे अपनी पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ती रहीं। अब उनके प्रयासों को देखकर पड़ोसी भी उनकी तारीफ करते हैं।

    प्रीति ने पॉलिटिकल साइंस में स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। कोरोना काल में पढ़ाई प्रभावित होने के बाद उन्होंने मॉडलिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ने का फैसला किया। अब उनका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय फैशन मंचों पर रैंप वॉक करना और अपनी प्रतिभा को व्यापक पहचान दिलाना है।

    प्रीति के लिए यह सफर केवल मॉडल बनने तक सीमित नहीं है। वह अपने परिवार के सहयोग और अपनी मेहनत के दम पर आगे बढ़ना चाहती हैं। उनकी कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण अपने सपनों को पूरा करने में कठिनाई महसूस करते हैं।

  • सावन के त्योहारों में साड़ी के साथ ट्रेंडिंग बिंदी डिज़ाइन अपनाकर बनाएं अपना लुक और खास

    सावन के त्योहारों में साड़ी के साथ ट्रेंडिंग बिंदी डिज़ाइन अपनाकर बनाएं अपना लुक और खास

    नई दिल्ली । सावन का महीना भारतीय संस्कृति और पारंपरिक परिधानों के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दौरान महिलाएं और युवतियां पूजा, व्रत, पारिवारिक आयोजनों और त्योहारों में साड़ी पहनना पसंद करती हैं। हालांकि खूबसूरत साड़ी के साथ सही बिंदी का चयन भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। चेहरे के अनुरूप चुनी गई बिंदी न केवल पारंपरिक लुक को पूरा करती है, बल्कि पूरे व्यक्तित्व को भी अधिक आकर्षक और संतुलित बना देती है। इस सावन कई ऐसे बिंदी डिज़ाइन ट्रेंड में हैं, जिन्हें अलग-अलग तरह की साड़ियों के साथ आसानी से अपनाया जा सकता है।

    अगर आप सादगी और पारंपरिक अंदाज पसंद करती हैं तो गोल लाल बिंदी सबसे उपयुक्त विकल्प मानी जाती है। यह डिज़ाइन वर्षों से फैशन का हिस्सा रही है और लगभग हर रंग की साड़ी के साथ सहज रूप से मेल खाती है। विशेष रूप से हरे, पीले और लाल रंग की साड़ियों के साथ इसका संयोजन पारंपरिक सौंदर्य को और अधिक निखार देता है।

    सावन में हरे रंग का विशेष महत्व होने के कारण ग्रीन स्टोन बिंदी भी महिलाओं की पसंद बन रही है। यह डिज़ाइन सिल्क, कॉटन और जॉर्जेट जैसी विभिन्न प्रकार की साड़ियों के साथ आकर्षक दिखाई देता है। हल्के मेकअप और पारंपरिक आभूषणों के साथ इसका संयोजन संतुलित और सुरुचिपूर्ण लुक देता है।

    जो महिलाएं पारंपरिक पहनावे में थोड़ा अलग अंदाज चाहती हैं, उनके लिए लॉन्ग बिंदी एक अच्छा विकल्प हो सकती है। यह विशेष रूप से बनारसी और प्लेन साड़ियों के साथ बेहद आकर्षक लगती है। इसके साथ हल्के आभूषण पहनने से पूरा लुक संतुलित बना रहता है और चेहरे की खूबसूरती भी उभरकर सामने आती है।

    ब्लैक बिंदी को भी अब केवल आधुनिक परिधानों तक सीमित नहीं माना जाता। हल्के रंग की साड़ियों के साथ छोटी काली बिंदी एक अलग और स्टाइलिश प्रभाव पैदा करती है। वहीं यदि किसी धार्मिक आयोजन, पूजा या पारिवारिक समारोह में शामिल होना हो तो स्टोन वर्क बिंदी बेहतर विकल्प साबित हो सकती है। इसकी चमक चेहरे पर अलग ही आकर्षण जोड़ती है और पारंपरिक परिधान को उत्सव के अनुरूप बनाती है।

    इन दिनों लीफ शेप बिंदी भी तेजी से लोकप्रिय हो रही है। सावन के प्राकृतिक और हरियाली से जुड़े माहौल के कारण यह डिज़ाइन काफी पसंद किया जा रहा है। हरे या सुनहरे बॉर्डर वाली साड़ियों के साथ इसका मेल बेहद आकर्षक दिखाई देता है। इसके अलावा मल्टीकलर बिंदी भी उन महिलाओं के लिए उपयुक्त है, जिनकी साड़ी में एक से अधिक रंग शामिल हों। यह पारंपरिक लुक में आधुनिकता का हल्का स्पर्श जोड़ती है।

    फैशन विशेषज्ञों का मानना है कि बिंदी का चुनाव केवल ट्रेंड देखकर नहीं, बल्कि चेहरे के आकार, साड़ी के रंग और आभूषणों के अनुसार करना चाहिए। यदि आभूषण भारी हों तो साधारण बिंदी अधिक संतुलित लगती है, जबकि हल्की ज्वेलरी के साथ स्टोन या डिजाइनर बिंदी पूरे लुक को अधिक प्रभावशाली बना सकती है। सही आकार, रंग और डिज़ाइन की बिंदी न केवल चेहरे की सुंदरता बढ़ाती है, बल्कि पारंपरिक पहनावे को भी संपूर्ण और आकर्षक रूप प्रदान करती है। इस सावन यदि साड़ी के साथ बिंदी का चयन सोच-समझकर किया जाए, तो बिना किसी अतिरिक्त प्रयास के भी आपका उत्सवी लुक और अधिक निखर सकता है।

  • बॉलीवुड में ग्लैमर का ट्रेंड सेट करने वाली हेलेन का खुलासा, गानों को खास बनाने पेरिस-लंदन से लाती थीं एक्सेसरीज

    बॉलीवुड में ग्लैमर का ट्रेंड सेट करने वाली हेलेन का खुलासा, गानों को खास बनाने पेरिस-लंदन से लाती थीं एक्सेसरीज

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा में अपने लाजवाब कैबरे डांस और बोल्ड स्क्रीन प्रेजेंस से पहचान बनाने वाली अभिनेत्री और डांसर हेलेन ने अपनी आइकॉनिक कॉस्ट्यूम्स को लेकर कई दिलचस्प खुलासे किए हैं। टीवी रिएलिटी शो ‘इंडियाज बेस्ट डांसर’ में बतौर खास मेहमान पहुंचीं हेलेन ने बताया कि फिल्मों में अपने डांस नंबरों को सबसे अलग और विजुअली शानदार बनाने के लिए वे केवल स्थानीय एक्सेसरीज पर निर्भर नहीं रहती थीं। अपने दौर में वक्त से आगे रहने के लिए वे खुद विदेश यात्राएं करती थीं और लंदन व पेरिस जैसे शहरों से अपने स्टाइल स्टेटमेंट का सामान चुनकर लाती थीं।

    अपनी डांस पोशाकों और लुक के पीछे की मेहनत का जिक्र करते हुए हेलेन ने कहा कि वे हमेशा अपने किरदारों में नयापन और विशिष्टता चाहती थीं। उन्होंने बताया कि वे लंदन से खास पलकें (आईलैशेज) और हरे-नीले रंग के आई लेंस खरीदकर लाती थीं। इसके अलावा, अपने गानों की पहचान बने सिर पर पहने जाने वाले हेडगियर्स वे अपनी हेयर ड्रेसर से तैयार करवाती थीं। अपनी कॉस्ट्यूम्स में इस्तेमाल होने वाले असली पंख (फैदर्स) लेने के लिए वे विशेष रूप से पेरिस गई थीं। बड़ी-बड़ी ज्वैलरी, सनग्लासेज और अनोखी एक्सेसरीज वे खुद चुनती थीं ताकि उनका लुक स्क्रीन पर सबसे अलग नजर आए।

    1951 में फिल्म ‘आवारा’ से बतौर बैकग्राउंड डांसर अपने करियर की शुरुआत करने वाली हेलेन को 1954 की फिल्म ‘अलिफ लैला’ में पहला सोलो ब्रेक मिला था। इसके बाद उन्होंने ‘कारवां’ का ‘पिया तू अब तो आजा’, ‘शोले’ का ‘महबूबा महबूबा’, ‘डॉन’ का ‘ये मेरा दिल’, ‘तीसरी मंजिल’ का ‘ओ हसीना जुल्फों वाली’ और ‘अनामिका’ का ‘आज की रात कोई आने को है’ जैसे दर्जनों सदाबहार और आइकॉनिक गाने दिए। उनके इन गानों में उनकी अनोखी व ग्लैमरस कॉस्ट्यूम्स ने गानों की लोकप्रियता में अहम भूमिका निभाई और हिंदी सिनेमा में ग्लैमर के मायने बदल दिए।

    कार्यक्रम के दौरान शो के जज जावेद जाफरी और अभिनेत्री करिश्मा कपूर ने हेलेन के बॉलीवुड में योगदान की जमकर सराहना की। जावेद जाफरी ने कहा कि हेलेन के बोल्ड और एलिगेंट अंदाज ने उस दौर में स्क्रीन प्रेजेंस और फैशन के नए ट्रेंड सेट किए थे। वहीं करिश्मा कपूर ने अपनी मां के हवाले से बताया कि सेट पर हेलेन का दर्जा इतना ऊंचा था कि उनके आते ही हर कोई सम्मान में शांत हो जाता था। उनके अभिनय, स्टाइल और अनुशासन ने उन्हें भारतीय सिनेमा में एक सदाबहार डांसर और अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया।

  • लखनऊ से कान्स तक चमकीं गरिमा जग्गी, उर्वशी रौतेला के ग्लैमरस लुक्स ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बटोरी सुर्खियां

    लखनऊ से कान्स तक चमकीं गरिमा जग्गी, उर्वशी रौतेला के ग्लैमरस लुक्स ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बटोरी सुर्खियां

    नई दिल्ली ।  देशभर में फैशन और ब्यूटी इंडस्ट्री से जुड़ी प्रतिभाओं के उभरने के बीच इस बार अंतरराष्ट्रीय मंच कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 में भारतीय टैलेंट की खास चमक देखने को मिली है, जहां बॉलीवुड अभिनेत्री उर्वशी रौतेला के ग्लैमरस और आकर्षक लुक्स ने रेड कार्पेट पर खूब सुर्खियां बटोरीं। इन चर्चित लुक्स के पीछे लखनऊ की मेकअप आर्टिस्ट गरिमा जग्गी का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिन्होंने अपनी कला और प्रोफेशनल विशेषज्ञता से अभिनेत्री के व्यक्तित्व को और अधिक निखारा।

    कान्स जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में काम करना किसी भी आर्टिस्ट के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है और इस बार गरिमा जग्गी ने इस मंच पर अपनी पहचान दर्ज कराई है। उन्होंने उर्वशी रौतेला के विभिन्न रेड कार्पेट लुक्स को डिजाइन किया, जिनमें सॉफ्ट ग्लॉसी मेकअप, नैचुरल स्किन फिनिश और एलिगेंट स्टाइलिंग का बेहतरीन मेल देखने को मिला। इन लुक्स ने न केवल फैशन जगत का ध्यान खींचा बल्कि सोशल मीडिया पर भी व्यापक चर्चा का विषय बन गए।

    कान्स में आयोजित प्रमुख इवेंट्स में उर्वशी रौतेला का सफेद गाउन लुक विशेष रूप से चर्चा में रहा, जिसमें गरिमा जग्गी द्वारा किया गया मेकअप उनके व्यक्तित्व को और अधिक प्रभावशाली बनाता दिखाई दिया। इसी तरह ब्लैक-गोल्डन आउटफिट में भी उनका रेड कार्पेट लुक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया, जहां मेकअप और स्टाइलिंग का संयोजन बेहद संतुलित और आकर्षक नजर आया।

    गरिमा जग्गी ने लखनऊ से अपने करियर की शुरुआत कर मुंबई तक का सफर तय किया और अब अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचकर भारतीय ब्यूटी इंडस्ट्री का प्रतिनिधित्व किया है। उनकी यह उपलब्धि उन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत मानी जा रही है जो फैशन और मेकअप के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। कठिन परिश्रम, निरंतर अभ्यास और रचनात्मकता के दम पर उन्होंने खुद को एक सफल प्रोफेशनल आर्टिस्ट के रूप में स्थापित किया है।

    फैशन इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय सहयोग भारतीय टैलेंट को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कान्स जैसे मंच पर भारतीय आर्टिस्ट का काम करना यह दर्शाता है कि देश की क्रिएटिव इंडस्ट्री लगातार आगे बढ़ रही है और वैश्विक मानकों पर अपनी उपस्थिति मजबूत कर रही है। गरिमा जग्गी की यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सफलता है बल्कि भारतीय ब्यूटी इंडस्ट्री के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है।

  • अदिति राव हैदरी का कान्स 2026 लुक वायरल, हाई स्लिट गाउन में बिखेरा ग्लैमर

    अदिति राव हैदरी का कान्स 2026 लुक वायरल, हाई स्लिट गाउन में बिखेरा ग्लैमर


    नई दिल्ली । कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 के रेड कार्पेट पर इस बार भी भारतीय सितारों ने अपनी मौजूदगी से खास पहचान बनाई है। इसी बीच अभिनेत्री अदिति राव हैदरी ने अपने बेहद ग्लैमरस और स्टाइलिश लुक से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। पहले दिन पारंपरिक साड़ी में नजर आने के बाद, अदिति ने अपने दूसरे लुक में ऐसा अंदाज अपनाया जिसने रेड कार्पेट पर फैशन प्रेमियों को प्रभावित कर दिया।

    अदिति राव हैदरी इस बार नियॉन मेटैलिक ग्रीन वन-शोल्डर गाउन में नजर आईं, जो अपनी डिजाइन और चमकदार फिनिश के कारण तुरंत चर्चा में आ गया। हाई स्लिट डिजाइन वाले इस गाउन ने उनके लुक में बोल्डनेस और एलिगेंस का बेहतरीन संतुलन पेश किया। वहीं पीछे लगी लंबी केप ने उनके पूरे लुक को रॉयल टच दिया, जिससे उनका अंदाज और भी प्रभावशाली नजर आया।

    यह खास आउटफिट मशहूर डिजाइनर के स्प्रिंग और समर कलेक्शन का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसे रेड कार्पेट की भव्यता को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया था। गाउन का मेटैलिक टोन और अनोखा कट अदिति के व्यक्तित्व के साथ पूरी तरह मेल खा रहा था, जिससे उनका लुक फोटोग्राफर्स और दर्शकों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया।

    अदिति के इस लुक को देखकर सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे पुराने हॉलीवुड ग्लैमर से जोड़कर देखा। हालांकि उन्होंने इस ग्लैमर को आधुनिक फैशन टच के साथ पेश किया, जिससे उनका स्टाइल और भी यूनिक बन गया। उनके इस अवतार में आत्मविश्वास और सादगी दोनों का सुंदर मिश्रण देखने को मिला, जिसने फैशन प्रेमियों को काफी प्रभावित किया।

    स्टाइलिंग के मामले में अदिति ने अपने लुक को काफी संतुलित रखा। उन्होंने भारी ज्वेलरी की बजाय एक सादे और एलिगेंट डायमंड नेकलेस को चुना, जिससे उनका गाउन और अधिक उभरकर सामने आया। हल्का मेकअप और गोल्डन फुटवियर ने उनके पूरे लुक को परफेक्ट फिनिश दिया, जिससे वह रेड कार्पेट पर एक रॉयल अपीयरेंस देती नजर आईं।

    सोशल मीडिया पर अदिति राव हैदरी के इस लुक की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। फैंस उनके फैशन सेंस, ग्रेस और एलिगेंस की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई लोगों ने उनके देसी और वेस्टर्न दोनों लुक्स को सराहा, जो उन्होंने इस इवेंट में पेश किए।

    कान्स फिल्म फेस्टिवल में अदिति का यह अंदाज एक बार फिर साबित करता है कि वह न सिर्फ एक बेहतरीन अभिनेत्री हैं, बल्कि फैशन के मामले में भी एक मजबूत पहचान रखती हैं। उनका यह ग्रीन गाउन लुक लंबे समय तक कान्स 2026 के यादगार फैशन मोमेंट्स में शामिल रहेगा।

  • कान्स रेड कार्पेट पर छाईं आलिया भट्ट, दुपट्टा लहराती रहीं लेकिन फोटोग्राफर्स का ध्यान नहीं खींच पाईं

    कान्स रेड कार्पेट पर छाईं आलिया भट्ट, दुपट्टा लहराती रहीं लेकिन फोटोग्राफर्स का ध्यान नहीं खींच पाईं


    नई दिल्ली ।कान्स फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट पर इस बार बॉलीवुड एक्ट्रेस Alia Bhatt अपने स्टाइलिश और ग्लैमरस अंदाज में नजर आईं। पीच कलर के खूबसूरत गाउन और साथ में दुपट्टा लहराते हुए उनका लुक काफी रॉयल और एलीगेंट दिखाई दे रहा था। जैसे ही उन्होंने रेड कार्पेट पर एंट्री की, उनका आत्मविश्वास और फैशन सेंस साफ तौर पर देखने को मिला।

    हालांकि इस बार माहौल थोड़ा अलग नजर आया। जहां आमतौर पर बड़े स्टार्स को रेड कार्पेट पर लगातार कैमरों और फोटोग्राफर्स का ध्यान मिलता है, वहीं इस मौके पर आलिया को वह खास फोकस नहीं मिला जिसकी उम्मीद की जाती है। वह कई पोज देती रहीं और अपने अंदाज से ध्यान खींचने की कोशिश करती नजर आईं, लेकिन कैमरा फ्लैश उतने सक्रिय नहीं दिखे।

    इस पूरे दृश्य ने सोशल मीडिया पर भी चर्चा बढ़ा दी है। कुछ लोगों ने इसे सामान्य घटना बताया, तो कुछ ने इसे रेड कार्पेट के बदलते ट्रेंड से जोड़कर देखा। कई बार बड़े इवेंट्स में फोटोग्राफर्स का फोकस अलग-अलग सेलेब्रिटीज पर शिफ्ट हो जाता है, जिससे कुछ सितारे अपेक्षित ध्यान से चूक जाते हैं।

    इसके बावजूद आलिया का लुक पूरी तरह से सुर्खियों में बना रहा। उनके आउटफिट की डिजाइनिंग, मेकअप और ओवरऑल प्रेजेंस को फैशन लवर्स ने काफी सराहा। दुपट्टे के साथ उनका वॉक और स्टाइलिश पोज देने का अंदाज एक बार फिर यह साबित करता है कि वह इंटरनेशनल इवेंट्स में भी अपनी मजबूत फैशन पहचान रखती हैं।

  • युवाओं पर कोरियन कल्चर का रंग, ग्लास स्किन से के-पॉप तक बढ़ा क्रेज

    युवाओं पर कोरियन कल्चर का रंग, ग्लास स्किन से के-पॉप तक बढ़ा क्रेज


    नई दिल्ली । देशभर में कोरियन कल्चर का प्रभाव तेजी से बढ़ता जा रहा है। संगीत, खान-पान, फैशन और जीवनशैली में कोरिया के नए ट्रेंड युवाओं में खासे लोकप्रिय हो गए हैं। राजधानी और बड़े शहरों में युवाओं की पसंद में के-पॉप म्यूजिक, ग्लास स्किन मेकअप, स्टाइलिश पहनावे और कोरियन फूड का क्रेज नजर आ रहा है।

    डिजिटल दुनिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की वजह से युवा पीढ़ी कोरियन कल्चर के करीब आ रही है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर के-पॉप वीडियो, कोरियन वेब सीरीज, ब्यूटी और फैशन टिप्स को बहुत देखा और अपनाया जा रहा है। इस प्रवृत्ति ने न केवल मेकअप और कपड़ों पर असर डाला है, बल्कि खाने-पीने की आदतों और लाइफस्टाइल में भी बदलाव लाए हैं।

    हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस ट्रेंड का असर कुछ मामलों में नकारात्मक भी हो सकता है। हाल ही में गाजियाबाद में तीन बहनों द्वारा आत्महत्या की दुखद घटना ने सवाल उठाए कि कोरियन कल्चर की लगातार आदत और डिजिटल दुनिया के दबाव का युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ रहा है। यह घटना यह संकेत देती है कि डिजिटल और ग्लोबल ट्रेंड्स के साथ संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

    फैशन और मेकअप के क्षेत्र में खासकर ग्लास स्किन और के-पॉप स्टार्स की स्टाइलिंग का क्रेज सबसे अधिक देखा जा रहा है। युवा अपनी पहचान और स्टाइल को कोरियन ट्रेंड्स के साथ जोड़ रहे हैं। खान-पान में भी कोरियन फूड जैसे किमची, त्तोकबॉकी और कोरियन स्नैक्स की मांग बढ़ रही है। शहरों में कोरियन रेस्टोरेंट्स और कैफे इस ट्रेंड का फायदा उठा रहे हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि कोरियन कल्चर की लोकप्रियता तकनीक, ग्लोबल कनेक्टिविटी और डिजिटल कंटेंट की वजह से बढ़ी है। हालांकि, यह जरूरी है कि युवा अपने स्थानीय और पारंपरिक मूल्यों के साथ इस ट्रेंड का संतुलित अनुभव करें।

    देश के अलग-अलग हिस्सों में कोरियन कल्चर की लोकप्रियता यह दर्शाती है कि ग्लोबल कल्चर और डिजिटल दुनिया युवा पीढ़ी के जीवन पर तेजी से असर डाल रही है। यह प्रवृत्ति फैशन, म्यूजिक और फूड तक ही सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं की सोच और सामाजिक व्यवहार में भी असर डाल रही है।