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  • तीन तेज गेंदबाज और ऑलराउंडर की मौजूदगी, प्रिंस के लिए जगह बनाना चुनौती

    तीन तेज गेंदबाज और ऑलराउंडर की मौजूदगी, प्रिंस के लिए जगह बनाना चुनौती


    नई दिल्ली। जसप्रीत बुमराह को आराम दिए जाने के बाद भी भारत की तेज गेंदबाजी लाइन-अप कमजोर नहीं हुई है। जिम्मेदारी अब मोहम्मद सिराज के कंधों पर होगी, जिनके साथ अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा जैसे विकल्प मौजूद हैं। हर्षित राणा की खासियत यह है कि वह गेंदबाजी के साथ-साथ निचले क्रम में बल्लेबाजी भी कर सकते हैं, जिससे उनकी प्लेइंग-11 में दावेदारी और मजबूत हो जाती है।

    प्रिंस यादव के लिए चुनौती क्यों बढ़ी?
    प्रिंस यादव ने आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 14 मैचों में 16 विकेट लिए थे। उन्होंने एक यादगार स्पेल में विराट कोहली को भी क्लीन बोल्ड कर सुर्खियां बटोरी थीं। इसके बावजूद टीम में पहले से ही स्थापित तेज गेंदबाज मौजूद हैं, जिससे प्रिंस को सीधे प्लेइंग-11 में जगह मिलना मुश्किल लग रहा है।

    ऑलराउंडर्स ने भी बढ़ाई प्रतिस्पर्धा
    टीम में नीतीश कुमार रेड्डी और शिवम दुबे जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं, जो गेंद और बल्ले दोनों से योगदान दे सकते हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट अक्सर ऐसे खिलाड़ियों को प्राथमिकता देता है जो अतिरिक्त बैलेंस प्रदान करते हैं।

    क्या सिर्फ एक-दो मैच का मौका मिलेगा?
    सूत्रों के अनुसार, अगर प्रिंस यादव को मौका मिलता भी है, तो वह संभवतः आयरलैंड के खिलाफ शुरुआती मैचों तक सीमित रह सकता है। क्योंकि इस दौरे पर भारत को सिर्फ दो टी20 मुकाबले आयरलैंड के खिलाफ खेलने हैं।

    चयन पर भी उठ रहे सवाल
    विशेषज्ञों का मानना है कि अगर प्रिंस को लगातार मैच खेलने का मौका नहीं मिलता, तो उन्हें भारत ए या किसी अन्य डेवलपमेंट सीरीज में भेजना ज्यादा उपयोगी हो सकता था, जहां उन्हें नियमित गेम टाइम मिलता।

    टीम इंडिया की तेज गेंदबाजी यूनिट इस समय बेहद प्रतिस्पर्धी है, और यही वजह है कि प्रिंस यादव के लिए प्लेइंग-11 में जगह बनाना आसान नहीं दिख रहा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम मैनेजमेंट उन्हें मौका देकर भविष्य का निवेश मानता है या नहीं।

  • 2025 में नहीं चला सूर्यकुमार यादव का बल्ला, तेज गेंदबाजों के खिलाफ हुए बुरी तरह फेल

    2025 में नहीं चला सूर्यकुमार यादव का बल्ला, तेज गेंदबाजों के खिलाफ हुए बुरी तरह फेल


    नई दिल्ली।
    सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) के लिए टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट (T20 International Cricket) में तेज गेंदबाजों को मारना उनके बाएं हाथ का खेल होता था। वे एक ही गेंद को किसी भी दिशा में बाउंड्री के पार भेजने का दम रखते थे, लेकिन 2025 में ऐसा नहीं है। जिन तेज गेंदबाजों के खिलाफ वे टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट (T20 International Cricket) में आसानी चौके-छक्के लगाते थे, उन्हीं तेज गेंदबाजों के खिलाफ अब रन बनाने में भी इस न्यू मिस्टर 360 कहे जाने वाले सूर्यकुमार यादव की हवा टाइट हो गई है। ये हम नहीं कह रहे, बल्कि उनके आंकड़े इस तरह की गवाही दे रहे हैं, जो उनके साथ-साथ टी20 वर्ल्ड कप 2026 को ध्यान में रखते हुए टीम इंडिया के लिए भी चिंता का विषय है।

    दरअसल, सूर्यकुमार यादव ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 2025 में तेज गेंदबाजों के खिलाफ 18 पारियों में बल्लेबाजी की है। आप जानकर हैरान हो जाएंगे कि वे इन 18 पारियों में सिर्फ 122 रन ही बना पाए हैं। 106 गेंदों का सामना इस साल उन्होंने पेसर्स का किया है। इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात ये है कि 18 में 14 बार वे तेज गेंदबाजों के ही खिलाफ आउट हुए हैं। उनका औसत 8.71 का है, जबकि स्ट्राइक रेट 115.09 का है। वहीं, डॉट बॉल पर्सेंटेज 50.9 का है। यानी दाएं हाथ ये बल्लेबाज दो में से एक गेंद को तेज गेंदबाजों को खिलाफ खाली जाने दे रहा है।

    सूर्या से पेसर्स खौफ खाते थे, क्योंकि वे जिस गेंद पर ऑफ साइड में छक्का लगाने की काबिलियत रखते थे, उसी गेंद को फाइन लेग से लॉन्ग ऑन तक बाउंड्री के पार भेज देते थे। हालांकि, 2025 में ऐसा नहीं हैं और इस बात को सूर्यकुमार यादव कबूल नहीं कर पा रहे हैं। वे इस बात को मान ही नहीं रहे हैं कि वे आउट ऑफ फॉर्म हैं। सूर्या बार-बार एक ही चीज दोहरा रहे हैं कि वे आउट ऑफ फॉर्म नहीं, बल्कि आउट ऑफ रन्स हैं। क्रिकेट में आउट ऑफ रन्स को ही आउट ऑफ फॉर्म माना जाता है, लेकिन सूर्या इस चीज को कबूल नहीं कर पा रहे हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले ये चिंता का कारण है, क्योंकि वे टीम के कप्तान भी हैं।