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  • 8 घंटे की नींद के बाद भी सुबह थकान रहती है तो इन स्वास्थ्य समस्याओं को नजरअंदाज न करें, जानें प्रमुख कारण

    8 घंटे की नींद के बाद भी सुबह थकान रहती है तो इन स्वास्थ्य समस्याओं को नजरअंदाज न करें, जानें प्रमुख कारण

    नई दिल्ली ।सुबह आंख खुलने के बाद शरीर भारी महसूस होना, बिस्तर से उठने का मन न करना और रातभर सोने के बावजूद तरोताजा महसूस न होना कई लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। आमतौर पर पर्याप्त नींद के बाद शरीर को आराम और ऊर्जा महसूस होनी चाहिए, लेकिन अगर हर दिन सुबह उठने के बाद थकान बनी रहती है तो इसके कारणों पर ध्यान देना जरूरी है।

    कभी-कभार देर रात तक जागने, पर्याप्त नींद न लेने या तनाव के कारण सुबह कमजोरी और सुस्ती महसूस हो सकती है। खान-पान में गड़बड़ी और नियमित व्यायाम की कमी भी शरीर की ऊर्जा को प्रभावित कर सकती है। लेकिन पर्याप्त समय सोने के बाद भी लगातार थकान रहना केवल नींद की कमी का परिणाम नहीं माना जाना चाहिए।

    शरीर में आयरन की कमी या एनीमिया सुबह की थकान का एक कारण हो सकता है। एनीमिया की स्थिति में शरीर की ऑक्सीजन पहुंचाने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इसके कारण व्यक्ति को कमजोरी और लगातार थकान के साथ सांस फूलने या दिल की धड़कन तेज महसूस होने जैसी परेशानियां हो सकती हैं। यदि सामान्य काम करने पर भी जल्दी थकान होने लगे तो इस समस्या पर ध्यान देना जरूरी है।

    थायरॉइड से जुड़ी समस्या भी लगातार थकान और ऊर्जा की कमी का कारण बन सकती है। हाइपोथायरॉइडिज्म में थायरॉइड हार्मोन का स्तर कम होने से शरीर की कई सामान्य प्रक्रियाएं प्रभावित हो सकती हैं। इसके साथ वजन बढ़ना, सामान्य से अधिक ठंड लगना, कब्ज और ध्यान लगाने में परेशानी जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।

    डायबिटीज में भी लंबे समय तक थकान बनी रह सकती है। इसलिए अगर सुबह की कमजोरी लगातार बनी हुई है और इसके साथ अन्य असामान्य बदलाव भी महसूस हो रहे हैं तो इसे केवल उम्र, ज्यादा काम या नींद की कमी से जोड़कर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

    नींद की गुणवत्ता भी सुबह की थकान का महत्वपूर्ण कारण हो सकती है। कुछ लोगों को पर्याप्त घंटे बिस्तर पर रहने के बावजूद गहरी और लगातार नींद नहीं मिल पाती। स्लीप एपनिया जैसी स्थिति में सोते समय सांस लेने में रुकावट आ सकती है। इसके कारण नींद बार-बार टूट सकती है और व्यक्ति को सुबह उठने के बाद भी ऐसा लग सकता है कि रातभर पर्याप्त आराम नहीं मिला।

    तनाव और मानसिक दबाव भी नींद और ऊर्जा के स्तर को प्रभावित कर सकते हैं। इसी तरह असंतुलित खान-पान और शारीरिक गतिविधि की कमी से भी दिनभर सुस्ती और थकान महसूस हो सकती है। इसलिए लगातार बनी रहने वाली थकान के पीछे केवल एक कारण मान लेना उचित नहीं है।

    अगर सुबह उठने के बाद नियमित रूप से थकान रहती है तो इसके साथ दिखाई देने वाले दूसरे लक्षणों पर भी ध्यान देना चाहिए। बार-बार पेशाब आना, वजन में बदलाव, अत्यधिक ठंड लगना, सांस फूलना, कमजोरी या नींद के दौरान घुटन और हांफने जैसी समस्या किसी अंतर्निहित स्वास्थ्य स्थिति की ओर संकेत कर सकती है।

    कभी-कभार होने वाली थकान सामान्य हो सकती है, लेकिन अगर यह समस्या लगातार बनी हुई है और रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगे हैं तो चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है। डॉक्टर लक्षणों और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर आवश्यक जांच की सलाह दे सकते हैं। एनीमिया, थायरॉइड और अन्य संभावित कारणों की पहचान होने पर समस्या के अनुसार उपचार और जीवनशैली में बदलाव किए जा सकते हैं।

    सुबह की थकान को लंबे समय तक नजरअंदाज करने के बजाय नींद की गुणवत्ता, खान-पान, तनाव और शारीरिक गतिविधि पर ध्यान देना भी जरूरी है। पर्याप्त नींद लेने के बावजूद लगातार ऊर्जा की कमी बनी रहे तो इसके पीछे छिपे स्वास्थ्य कारणों की जांच कराना समस्या को समझने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

  • बिना काम के पूरे दिन थकान अनदेखा न करें हो सकती है इस विटामिन की कमी

    बिना काम के पूरे दिन थकान अनदेखा न करें हो सकती है इस विटामिन की कमी


    नई दिल्ली । काम के बाद थकान होना स्वाभाविक होता है लेकिन अगर इसका अहसास पूरे दिन बना रहता है तो इसे नजरअंदाज न करें। थकान के पीछे कई कारण हो सकते हैं लेकिन बार-बार होने वाली थकान कमजोरी की निशानी है जो पूरे शरीर को बेजान बना देती है। शरीर की कमजोरी विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की कमी का संकेत देती है।

    विटामिन बी कॉम्प्लेक्स बाकी विटामिन की तरह ही हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है। विटामिन बी कॉम्प्लेक्स में एक नहीं बल्कि आठ अलग-अलग तरह के विटामिन होते हैं जिनमें विटामिन बी-1 बी-2 बी-3 बी-5 बी-6 बी-7 बी-9 और बी-12 होते हैं जो पूरे शरीर का ऊर्जा हाउस है। हर विटामिन शरीर के अलग-अलग हिस्सों को ऊर्जा देने का काम करता है।

    अगर इसमें से किसी भी विटामिन की कमी शरीर में होती है तो थकान बाल झड़ना चक्कर आना मस्तिष्क की नसों का कमजोर होना याददाश्त की समस्या स्किन से जुड़ी परेशानी हाथ-पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन एनीमिया आंखों की रोशनी कमजोर होना डिप्रेशन रक्त वाहिकाओं में अत्याधिक जोर पड़ना और मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित होते हैं।

    विटामिन बी कॉम्प्लेक्स हमारे भोजन को ऊर्जा में बदलने का काम करता है। ये पानी में घुलनशील विटामिन हैं जो शरीर को तेजी से ऊर्जा देने का काम करते हैं। अगर भोजन ऊर्जा में नहीं बदल पाता तो शरीर में बाकी पोषक तत्वों की कमी होती है। ऐसे में मन और तन दोनों की थकान महसूस होती है।

    अब सवाल आता है कि विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की कमी को कैसे पूरा किया जा सकता है। आहार में बहुत कम ही विटामिन बी कॉम्प्लेक्स पाया जाता है। शाकाहारी भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां साबुत अनाज दूध दही और कुछ फलों में ही विटामिन बी कॉम्प्लेक्स पाया जाता है जबकि मांसाहारी भोजन में मांस मछली चिकन और अंडे में पाया जाता है।

    शरीर में विटामिन बी कॉम्प्लेक्स का अवशोषण सही तरीके से हो सकता है। इसके लिए चाय और कॉफी का सेवन कम करें। डिब्बा बंद उत्पादों का सेवन भी करने से बचें और अगर फिर भी विटामिन की पूर्ति नहीं होती है तो डॉक्टर की सलाह के बाद सप्लीमेंट भी ले सकते हैं।