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  • आमिर खान की तीसरी शादी पर धार्मिक विवाद गहराया, गैर-मुस्लिम जीवनसाथी से विवाह को लेकर शाही चीफ मुफ्ती की आपत्ति

    आमिर खान की तीसरी शादी पर धार्मिक विवाद गहराया, गैर-मुस्लिम जीवनसाथी से विवाह को लेकर शाही चीफ मुफ्ती की आपत्ति

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान अपनी तीसरी शादी के बाद एक नए विवाद के केंद्र में आ गए हैं। गैर-मुस्लिम गौरी स्प्रैट से उनके विवाह को लेकर मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ्ता के शाही चीफ मुफ्ती मौलाना इब्राहिम हुसैन ने सार्वजनिक रूप से आपत्ति जताई है। उन्होंने इस्लामी शरीयत की अपनी व्याख्या के आधार पर कहा है कि किसी मुस्लिम पुरुष का गैर-मुस्लिम महिला से विवाह करना तब तक स्वीकार्य नहीं माना जाता, जब तक संबंधित महिला इस्लाम धर्म स्वीकार न कर ले। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया और सार्वजनिक विमर्श में इस विषय पर चर्चा तेज हो गई है।

    मौलाना इब्राहिम हुसैन का कहना है कि इस्लामी धार्मिक नियमों के अनुसार मुस्लिम पुरुष के लिए गैर-मुस्लिम महिला से विवाह करना उचित नहीं है। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में उन्होंने इसे शरीयत के विरुद्ध बताते हुए कहा कि ऐसा विवाह धार्मिक दृष्टि से मान्य नहीं माना जाता। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग ऐसे विवाह करते हैं, उन्हें अपने धार्मिक कर्तव्यों और मान्यताओं के प्रति उत्तरदायी होना चाहिए। उनके बयान को कई माध्यमों में फतवा जारी किए जाने के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

    मौलाना ने अपने वक्तव्य में केवल अंतरधार्मिक विवाह ही नहीं, बल्कि बार-बार विवाह और तलाक के मुद्दे पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति वैवाहिक जिम्मेदारियों का निर्वहन सही तरीके से नहीं कर सकता, तो उसे बार-बार विवाह करने से बचना चाहिए। हालांकि उन्होंने अपने बयान में सीधे तौर पर आमिर खान का नाम नहीं लिया, लेकिन हाल ही में एक फिल्म अभिनेता द्वारा गैर-मुस्लिम महिला से तीसरी शादी किए जाने का उल्लेख किया, जिसे आमिर खान से जोड़कर देखा जा रहा है।

    इस पूरे घटनाक्रम के बीच आमिर खान या उनकी टीम की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है। इसलिए इस विवाद पर अभिनेता का पक्ष सामने आना बाकी है। वहीं सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और कानूनी अधिकार का विषय बता रहे हैं, जबकि कुछ धार्मिक दृष्टिकोण से इस पर अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं।

    जानकारी के अनुसार आमिर खान ने 5 जुलाई 2026 को गौरी स्प्रैट से स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत निजी समारोह में रजिस्टर्ड विवाह किया था। गौरी स्प्रैट बेंगलुरु की रहने वाली हैं और ब्यूटी एवं वेलनेस क्षेत्र से जुड़ा व्यवसाय संचालित करती हैं। उनकी पिछली शादी से एक पुत्र भी है। स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत भारत में अलग-अलग धर्मों के वयस्क नागरिक कानूनी रूप से विवाह कर सकते हैं।

    आमिर खान के निजी जीवन की बात करें तो यह उनका तीसरा विवाह है। उन्होंने पहला विवाह वर्ष 1986 में रीना दत्ता से किया था, जिनसे उनके दो बच्चे हैं। दोनों का वर्ष 2002 में तलाक हो गया। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2005 में फिल्म निर्माता किरण राव से विवाह किया। दोनों का एक पुत्र है और वर्ष 2021 में उन्होंने आपसी सहमति से अलग होने का निर्णय लिया था। अब गौरी स्प्रैट के साथ उनका नया वैवाहिक जीवन चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल धार्मिक टिप्पणी और सार्वजनिक बहस के बीच सभी की नजर आमिर खान की संभावित प्रतिक्रिया और आगे के घटनाक्रम पर बनी हुई है।

  • भोपाल: प्रोस्टेट बीमारी में इमामत नहीं कर सकते, फतवे में कहा – पेशाब टपकने जैसी बीमारी हो तो खुद पढ़े, लोगों को पढ़ाएं नहीं

    भोपाल: प्रोस्टेट बीमारी में इमामत नहीं कर सकते, फतवे में कहा – पेशाब टपकने जैसी बीमारी हो तो खुद पढ़े, लोगों को पढ़ाएं नहीं



    भोपाल। राजधानी भोपाल में जामे एहतमाम मसाजिद कमेटी के दारुल इफ्ता द्वारा जारी फतवा सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद का विषय बन गया है। फतवा प्रोस्टेट की बीमारी से पीड़ित व्यक्ति की इमामत (नमाज पढ़ाने) क्षमता पर केंद्रित है।दस्तावेज में कहा गया है कि जिस व्यक्ति को लगातार पेशाब टपकने जैसी बीमारी हो, उसे शरियत में ‘माजूर’ माना जाता है।

    ऐसी स्थिति में वह व्यक्ति खुद नमाज पढ़ सकता है, लेकिन इमाम बनकर लोगों को नमाज नहीं पढ़ा सकता।यदि कोई व्यक्ति ऐसे इमाम के पीछे फर्ज़ नमाज पढ़ ले, तो उसे दोबारा पढ़ने की जरूरत नहीं।

    जरूरी जानकारी

    फतवा 9 मार्च 2026 को नायब मुफ़्ती सैयद अहमद खान कासमी की ओर से जारी किया गया।मुफ़्ती-ए-शहर भोपाल की मुहर भी लगी है।सवाल भोपाल के पीरगेट निवासी सहेल अली ने पूछा था।पूरे दस्तावेज में भोपाल के वर्तमान शहर काज़ी का नाम नहीं है।बावजूद इसके, सोशल मीडिया पर इसे सीधे शहर काजी से जोड़कर वायरल किया गया, जिससे भ्रम फैल गया।

    धार्मिक जानकारों की राय:

    इस तरह के फतवे आमतौर पर शरई नियम स्पष्ट करने के लिए दिए जाते हैं।यह जरूरी नहीं कि फतवा किसी खास व्यक्ति के खिलाफ हो।

    आगामी कदम:

    ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने फतवे को लेकर अहम बैठक बुलाई है।बैठक में मुस्लिम धर्म गुरु और संगठनों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।समिति के संरक्षक शमशुल हसन ने कहा कि बैठक में शहर काजी की बीमारी और नमाज को लेकर फतवा पर चर्चा होगी।

    विशेष टिप्पणी:

    यह फतवा केवल धार्मिक नियम स्पष्ट करने के लिए जारी किया गया है।

    सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले दावे भ्रम पैदा कर सकते हैं, इसलिए सटीक दस्तावेज देखें।

  • BJP का कांग्रेस पर हमला: थरूर की गंभीर की तारीफ पर फिर उठे ‘फतवे’ के सवाल

    BJP का कांग्रेस पर हमला: थरूर की गंभीर की तारीफ पर फिर उठे ‘फतवे’ के सवाल



    नई दिल्ली। नागपुर में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 से पहले कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारतीय क्रिकेट कोच गौतम गंभीर के साथ सेल्फी शेयर की और उनकी तारीफ की, जिसके बाद भाजपा ने कांग्रेस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। BJP का आरोप है कि थरूर की यह प्रतिक्रिया कांग्रेस की राजनीति के खिलाफ है और अब उन्हें पार्टी से ‘फतवा’ मिल सकता है।

    भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस को थरूर की नागपुर यात्रा, गंभीर से मुलाकात या उनकी प्रशंसा में से कौन सी बात ज्यादा खलती है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या थरूर के खिलाफ एक और “कांग्रेस फतवा” जारी होने वाला है।

    थरूर ने गंभीर को “प्रधानमंत्री मोदी के बाद सबसे कठिन काम करने वाला इंसान” बताया और कहा कि लाखों लोग उनके फैसलों पर सवाल उठाते हैं, फिर भी वह शांत रहते हैं और आगे बढ़ते हैं। उन्होंने गंभीर की नेतृत्व क्षमता की तारीफ करते हुए उन्हें सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

    गंभीर ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि जब समय आएगा, तब कोच के कथित ‘असीमित अधिकार’ पर सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने लिखा कि खुद के खिलाफ खड़ा देखकर उन्हें हंसी आ रही है।

    यह विवाद राजनीतिक स्तर पर बढ़ता जा रहा है, क्योंकि थरूर की आलोचना और प्रशंसा दोनों ही पक्षों के बीच नई बहस का कारण बन गई है।