Tag: FD

  • आज भी सबसे भरोसेमंद निवेश विकल्प है FD…. जानें कहां मिलेगा अच्छा रिटर्न?

    आज भी सबसे भरोसेमंद निवेश विकल्प है FD…. जानें कहां मिलेगा अच्छा रिटर्न?


    नई दिल्ली।
    अगर आप अपने पैसे को सुरक्षित रखते हुए अच्छा रिटर्न (Good Return) कमाना चाहते हैं, तो फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit- FD) आज भी सबसे भरोसेमंद निवेश विकल्पों (Most Reliable Investment Options) में से एक माना जाता है। खासकर वरिष्ठ नागरिकों के लिए FD एक ऐसा निवेश है, जहां जोखिम कम होता है और तय ब्याज के साथ नियमित आय की सुविधा मिलती है। हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा है। इसके बावजूद देश के बड़े बैंक ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए आकर्षक FD ब्याज दरें ऑफर कर रहे हैं।


    SBI बैंक की FD ब्याज दर

    देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की बात करें तो यह सामान्य ग्राहकों को 3.05% से 6.45% तक और वरिष्ठ नागरिकों को 3.55% से 6.90% तक ब्याज दे रहा है। SBI की लोकप्रिय अमृत वृष्टि योजना भी निवेशकों के बीच काफी पसंद की जा रही है।


    HDFC बैंक की FD ब्याज दर

    निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंकों में शामिल HDFC Bank अपने ग्राहकों को 2.75% से 6.50% तक और वरिष्ठ नागरिकों को 3.25% से 7% तक ब्याज दे रहा है। बैंक की सबसे ज्यादा ब्याज दर 3 साल 1 दिन से लेकर 4 साल 7 महीने से कम अवधि वाली FD पर मिल रही है। ऐसे में लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह एक अच्छा विकल्प माना जा सकता है।

    वहीं ICICI Bank वरिष्ठ नागरिकों को सबसे आकर्षक दरों में से एक ऑफर कर रहा है। बैंक सामान्य ग्राहकों को 2.75% से 6.50% और वरिष्ठ नागरिकों को 3.25% से 7.10% तक ब्याज दे रहा है। 3 साल 1 दिन से 5 साल की अवधि वाली FD पर यह सबसे ज्यादा रिटर्न दे रहा है।


    PNB बैंक की FD ब्याज दर

    अगर पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की बात करें तो बैंक सामान्य ग्राहकों को 3% से 6.60% और वरिष्ठ नागरिकों को 3.50% से 7.10% तक ब्याज दे रहा है। खास बात यह है कि PNB की 444 दिनों की FD स्कीम पर सबसे ज्यादा ब्याज मिल रहा है, जो निवेशकों को आकर्षित कर रही है।


    BoB बैंक की FD ब्याज दर

    सरकारी क्षेत्र के एक और बड़े बैंक Bank of Baroda भी ग्राहकों को बेहतर रिटर्न दे रहा है। बैंक सामान्य ग्राहकों को 3.50% से 6.45% और वरिष्ठ नागरिकों को 4% से 6.95% तक ब्याज ऑफर कर रहा है। यहां भी 444 दिनों की FD पर सबसे अधिक ब्याज दर उपलब्ध है।

    एक्सपर्ट का मानना है कि मौजूदा समय में ब्याज दरें आकर्षक स्तर पर बनी हुई हैं। इसलिए जिन निवेशकों को शेयर बाजार की अस्थिरता से बचते हुए सुरक्षित निवेश करना है, उनके लिए FD एक बेहतर विकल्प हो सकती है। हालांकि, निवेश से पहले अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरों और अवधि की तुलना जरूर कर लेनी चाहिए, ताकि अधिकतम रिटर्न प्राप्त किया जा सके।

    SBI, HDFC Bank, ICICI Bank, PNB और बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) जैसी बड़ी बैंकें इस समय FD पर 7% से अधिक तक ब्याज दे रही हैं। ऐसे में यह समय FD निवेशकों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।

  • FD Scheme: एफडी कराने की सोच रहे हैं तो पत्नी के नाम से कराएं, हो जाएंगे मालामाल

    FD Scheme: एफडी कराने की सोच रहे हैं तो पत्नी के नाम से कराएं, हो जाएंगे मालामाल


    नई दिल्ली। जैसे जैसे निवेश के नए नए तरीके सामने आ रहे हैं वैसे वैसे लोग उन्हें अपनाते जा रहे है। हालांकि एक वर्ग ऐसा भी है जो आज भी एफड़ी और आरडी जैसे पारंपरिक निवेशों में यकीन रखता है। आमतौर पर देखा जाता है कि नौकरीपेशा लोग अपने नाम से एफडी कराते हैं। लेकिन अगर आप अपने बजाय अपनी पत्नी के नाम से एफडी कराएं तो आप न सिर्फ मोटा रिटर्न कमा सकते हैं बल्कि काफी पैसे भी बचा सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे?

    FD से मिले ब्याज पर 10% कटौती
    अगर कोई व्यक्ति एक लेखा वर्ष में एफडी पर 50 हजार रुपये से ज्यादा का ब्याज प्राप्त करता है तो उसे उस राशि पर 10 प्रतिशत TDS देय होता है। जबकि किसी व्यक्ति के पास पैन नंबर नहीं है तो इस राशि का प्रतिशत दोगुना हो जाता है यानी 20 प्रतिशत। ऐसी स्थिति में अगर आपकी पत्नी टैक्स ब्रैकेट से बाहर हैं या हाउसवाइफ हैं तो आपकी यह राशि एकमुश्त बच सकती है।

    पत्नी के नाम पर FD कराने से होगी बंपर बचत
    नए टैक्स सिस्टम में जिन लोगो की कुल टैक्सेबल इनकम 4 लाख रुपये से कम है और पुराने टैक्स सिस्टम में जिन लोगों की इनकम 2.5 लाख रुपये से कम है उन्हें एफड़ी पर TDS देय नहीं होता है। उन्हें TDS से छूट दी जाती है। लिहाजा अगर आपकी पत्नी हाउस वाइफ हैं तो स्वभाविक है कि वह टैक्स के दायरे से बाहर होंगी इसलिए उनके नाम से एफडी करवाने से आप TDS की पूरी पूरी बचत कर सकते हैं।

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    इसके अलावा, अगर आप जॉइंट एफडी कराते हैं और अपनी पत्नी को फर्स्ट होल्डर बनाते हैं तो ऐसी स्थिति में भी आप काफी बचत कर सकते हैं। बताते चलें कि ये फायदा सिर्फ उन लोगों को मिल सकता है, जिनकी पत्नी जॉब नहीं करती हैं।

  • FD की सुरक्षा, EMI का खर्च, SIP की ताकत: 20 साल बाद किसका पलड़ा भारी?

    FD की सुरक्षा, EMI का खर्च, SIP की ताकत: 20 साल बाद किसका पलड़ा भारी?


    नई दिल्ली। आज के समय में निवेश के लिए लोगों के पास तीन बड़े रास्ते हैंFD, EMI और SIP। FD को सुरक्षित माना जाता है, EMI से लोग अपनी जरूरतें पूरी करते हैं, जबकि SIP धीरे-धीरे पैसा बढ़ाने का काम करता है। लेकिन सवाल यह है कि 20 साल बाद कौन आपको अमीर बना सकता है? अगर आप आज अपनी कमाई का एक हिस्सा इन तीनों में से किसी भी रास्ते पर लगाते हैं, तो 20 साल बाद आपकी स्थिति कैसी होगी?
    चलिए एक आसान कैलकुलेशन के जरिए समझते हैं कि FD की सीमा क्या है, EMI का नुकसान कितना भारी है और SIP की कंपाउंडिंग पावर कितनी मजबूत है।

    सबसे पहले FD की बात करें। FD को भारत में भरोसे और सुरक्षा का दूसरा नाम माना जाता है।  20 साल बाद आपका फंड लगभग ₹52 लाख तक पहुंच सकता है। लेकिन अगर आप महंगाई को भी ध्यान में रखें, तो 20 साल बाद उस पैसे की असली वैल्यू लगभग ₹15-20 लाख के आसपास ही रह सकती है।

    इसका मतलब FD आपके पैसे को बचाती है, लेकिन महंगाई के हिसाब से बढ़ा नहीं पाती। FD में रिटर्न कम होने के कारण आपका पैसा “सुरक्षित” जरूर रहता है, लेकिन वह अमीर नहीं बनाता।

    अब EMI की बात करें। EMI आमतौर पर लोगों को तुरंत सुख देती है, लेकिन लंबे समय में यह आपके लिए भारी पड़ सकती है। जब आप किसी पर्सनल लोन या लग्जरी कार के लिए 20 साल तक ₹10,000 EMI भरते हैं, तो आप कुल मिलाकर लगभग ₹24 लाख तो दे ही देते हैं, साथ ही बैंक को ब्याज में लगभग ₹15-20 लाख अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता है। 20 साल बाद आपके पास केवल एक पुरानी चीज बचती है जिसकी वैल्यू काफी कम हो चुकी होती है।

    EMI असल में आपकी फ्यूचर की कमाई को आज ही खर्च कर देती है और आपके लिए एक लंबा ब्याज का बोझ छोड़ जाती है। इसलिए EMI आपको अमीर नहीं बनाती, बल्कि बैंक को अमीर बनाती है।

    तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण विकल्प SIP है। SIP में आप छोटे-छोटे निवेश करते हैं और कंपाउंडिंग की ताकत से लंबे समय में बड़ा फंड बनाते हैं। अगर आप हर महीने ₹10,000 की SIP करते हैं और औसतन 12% रिटर्न मानें, तो 20 साल बाद आपका निवेश लगभग ₹24 लाख होकर करीब ₹1 करोड़ से ज्यादा बन सकता है। और अगर रिटर्न 15% रहे तो यह राशि ₹1.5 करोड़ तक भी पहुंच सकती है।

    SIP का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह बाजार के उतार-चढ़ाव को अपने पक्ष में इस्तेमाल करता है। शुरुआती सालों में मार्केट गिरती है तो units ज्यादा मिलते हैं, और बाद में जब मार्केट बढ़ता है तो वही units ज्यादा लाभ देती हैं।

    अब 20 साल की जंग में किसका पलड़ा भारी है? FD सुरक्षित है, लेकिन महंगाई के हिसाब से अमीर नहीं बनाती। EMI आपको तुरंत सुविधा देती है, लेकिन लंबी अवधि में यह आपकी कमाई को खा जाती है और ब्याज के बोझ से आपकी संपत्ति घटती है।

    वहीं SIP में जोखिम जरूर है, लेकिन लंबे समय में यह कंपाउंडिंग के जरिए सबसे ज्यादा फायदा देता है। अगर आपका लक्ष्य 20 साल में “वेल्थ” बनाना है और आप निवेश को समय के साथ बढ़ते देखना चाहते हैं, तो SIP सबसे बेहतर विकल्प माना जा सकता है।
    (नोट: यह लेख केवल जानकारी के लिए है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।)
  • मार्केट चले ऊपर या नीचे, इन्वेस्टर रहें बेफिक्र! जानें 5 सबसे सुरक्षित निवेश विकल्प

    मार्केट चले ऊपर या नीचे, इन्वेस्टर रहें बेफिक्र! जानें 5 सबसे सुरक्षित निवेश विकल्प


    नई दिल्ली । शेयर बाजार की चाल कभी स्थिर नहीं रहती-कभी तेज़ी तो कभी भारी गिरावट देखने को मिलती है। ऐसे हालात में हर कोई ऐसे इन्वेस्टमेंट की तलाश करता है, जो बिना जोखिम के स्थिर और भरोसेमंद रिटर्न दे सके। अच्छी इन्वेस्टमेंट प्लानिंग में मार्केट-लिंक्ड और सेफ दोनों तरह के विकल्प शामिल होने चाहिए, ताकि रिस्क बैलेंस रहे और रिटर्न भी आता रहे।

    अगर आप भी मार्केट के उतार-चढ़ाव से घबराते हैं, तो PPF, FD, NSC, SCSS और NPS जैसी सरकारी व सुरक्षित स्कीमें आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती हैं। ये योजनाएं न सिर्फ स्थिर रिटर्न देती हैं, बल्कि टैक्स बचत भी कराती हैं। आइए इन 5 बेस्ट सुरक्षित निवेश विकल्पों को विस्तार से समझते हैं।

    क्यों जरूरी है सुरक्षित निवेश?

    पिछले कुछ समय से शेयर बाजार में भारी अस्थिरता देखने को मिली है। जोखिम बढ़ने के कारण कई निवेशक फिर से सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न वाली स्कीमों की ओर लौट रहे हैं। सरकारी योजनाओं और RBI समर्थित स्कीमों में निवेश सबसे सुरक्षित माना जाता है क्योंकि इनमें पैसा काफी हद तक सुरक्षित होता है।

    1. पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF)

    सबसे भरोसेमंद लॉन्ग-टर्म सुरक्षित योजना

    अवधि: 15 साल

    न्यूनतम निवेश: 500

    अधिकतम निवेश: 1.5 लाख प्रति वर्ष

    ब्याज दर: 7% से अधिक (सरकार द्वारा तय)

    टैक्स लाभ: ब्याज और मैच्योरिटी पूरी तरह टैक्स-फ्री

    7 साल बाद आंशिक निकासी की सुविधा

    PPF उन लोगों के लिए बेस्ट है जो लंबी अवधि के लिए सेविंग करना चाहते हैं। रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए यह एक शानदार विकल्प है क्योंकि इसमें सुरक्षित और टैक्स-फ्री रिटर्न मिलता है।

    2. फिक्स्ड डिपॉजिट (FD)

    सबसे आसान और लोकप्रिय सेफ इन्वेस्टमेंट

    अवधि: 1 साल से 5 साल

    ब्याज दर: लगभग 6.5%–7.5%

    सीनियर सिटीजन को अतिरिक्त ब्याज

    5 साल की टैक्स सेविंग FD पर 80C का लाभ

    डीआईसीजीसी इंश्योरेंस के तहत 5 लाख तक सुरक्षित

    FD उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है जो तय समय पर फिक्स्ड रिटर्न चाहते हैं। जरूरत पड़ने पर FD पर लोन भी मिल जाता है।

    3. नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)

    पोस्ट ऑफिस की भरोसेमंद योजना

    लॉक-इन अवधि: 5 साल

    मिनिमम निवेश: 100

    ब्याज दर: लगभग 7.7%

    80C में टैक्स छूट

    बच्चों और छोटे निवेशकों के लिए उपयुक्त

    NSC पूरी तरह मार्केट से अलग योजना है। जिन लोगों को निश्चित रिटर्न चाहिए और ज्यादा जोखिम नहीं लेना, उनके लिए यह बेहतर विकल्प है।

    4. सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS)

    वरिष्ठ नागरिकों के लिए सबसे सुरक्षित और हाई रिटर्न स्कीम

    पात्रता: 60 वर्ष से ऊपर

    अधिकतम निवेश: 30 लाख

    ब्याज: 8% से अधिक

    ब्याज तिमाही आधार पर मिलता है

    5 साल लॉक-इन, 3 साल का एक्सटेंशन संभव

    रिटायर लोगों के लिए यह सबसे अच्छी इनकम सोर्स है, जिसमें सुरक्षा, नियमित आय और अच्छा ब्याज-all in one मिलता है।

    5. नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)

    भविष्य की पेंशन प्लानिंग के लिए बेस्ट

    न्यूनतम निवेश: 1,000 प्रति वर्ष

    इक्विटी + डेब्ट का संतुलित मिश्रण

    टैक्स लाभ: 80C के अलावा 50,000 अतिरिक्त छूट

    60 साल पर पेंशन + एकमुश्त राशि

    NPS युवाओं और नौकरीपेशा लोगों के लिए शानदार है, क्योंकि यह कम खर्च में लॉन्ग-टर्म रिटर्न और पेंशन दोनों देता है।

    निवेश कैसे शुरू करें?

    बैंक या पोस्ट ऑफिस जाएं

    आधार-पैन के साथ KYC पूरी करें

    PPF, NSC, SCSS आदि ऑनलाइन भी ओपन हो सकते हैं

    अधिकांश स्कीमें बैंक ऐप और सरकारी पोर्टल पर उपलब्ध हैं

    टैक्स लाभ क्या मिलते हैं?

    PPF, NSC, टैक्स सेविंग FD और SCSS पर 80C के तहत छूट

    NPS पर अतिरिक्त 50,000 की छूट

    PPF और NSC का ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री

    FD और SCSS का ब्याज टैक्स के दायरे में

    सुरक्षित निवेश = सुरक्षित भविष्य

    बाजार की चाल चाहे कितनी भी तेज या कमजोर क्यों न हो, ये पांच सुरक्षित स्कीमें हमेशा स्थिर और भरोसेमंद रिटर्न देती हैं। सही उम्र और लक्ष्य के अनुसार इनमें निवेश करके आप अपना वित्तीय भविष्य मजबूत बना सकते हैं।